भूटान में 40 हजार लोगों ने बनाए 108 स्तूप, 76वां PM मोदी को समर्पित

The CSR Journal Magazine
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने हाल ही में एक पवित्र बौद्ध स्तूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया। यह स्तूप भारत और भूटान के बीच गहरे दोस्ताना रिश्तों को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस समर्पण को भारत के लिए एक बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि और भारत-भूटान की मित्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मान्यता देने वाला है।

समारोह का भव्य आयोजन, पवित्र स्तूप का महत्व

1 नवंबर को भूटान के गेलेफू में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर 40 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक, बौद्ध भिक्षु और कारीगरों ने मिलकर छह घंटे में 108 स्तूप बनाए। यह कार्य आधी रात के बाद शुरू हुआ और इसे ल्हाबाब दुचेन के पावन पर्व के अवसर पर आयोजित किया गया। इस पर्व का महत्व भगवान बुद्ध के स्वर्ग से धरती पर लौटने की स्मृति में मनाना है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बताया कि बौद्ध धर्म में स्तूप केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि यह बुद्ध के ज्ञान और चेतना का भौतिक प्रतीक है। उन्होंने राजा जिग्मे खेसर का आभार व्यक्त किया। इस समारोह में भूटान के राजा, प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।

भूटान के प्रधानमंत्री की प्रशंसा, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम

समारोह के दौरान पारंपरिक दुंगचेन वाद्ययंत्र बजाए गए, जो इस आयोजन की आध्यात्मिकता को और बढ़ाते हैं। 108 स्तूपों का निर्माण और 76वें स्तूप का समर्पण एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक घटना है, जो भारत और भूटान के बीच के संबंधों को और मजबूत करता है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने इस अवसर पर प्रार्थना की और दोनों देशों के बीच सहयोग की भावना को प्रकट किया। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात की। उन्होंने इस मौके पर भारत-भूटान के रिश्तों की मजबूती को लेकर चर्चा की। भूटान के प्रधानमंत्री ने भारत को अपना सबसे करीबी और भरोसेमंद मित्र बताया। यह बातचीत दोनों देशों के बीच के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत-भूटान की साझेदारी का प्रतीक

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि 108 स्तूपों का निर्माण और 76वें स्तूप का समर्पण भारत और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच की गहरी दोस्ती को भी दर्शाता है। इस आयोजन के बाद, भारत और भूटान के बीच सहयोग की नई संभावनाएं खुल सकती हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। भूटान में इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि भारत के साथ संबंधों को भी मजबूती मिलती है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos