युवा समाज में बदलाव की धुरी हैं, लेकिन उनकी आवाज़ शायद ही कभी सुनी जाती है। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए कोटड़ी गांव, अजमेर स्थित मंथन संस्था ने कॉम्यूटिनी द यूथ कलेक्टिव के सहयोग से और vartaLeap Coalition के समर्थन से रविवार को एक क्षेत्रीय संवाद का आयोजन किया “सही और गलत से परे युवा नेतृत्व बदल रहा है दुनिया की तस्वीर”।
इस संवाद में युवा, अभिभावक, शिक्षक और सामुदायिक नेता एक मंच पर आए और इस बात पर खुलकर चर्चा की कि युवा अपने लिए क्या चाहते हैं और समाज उनसे क्या अपेक्षा रखता है। इसका उद्देश्य उन खामोशियों को तोड़ना था जो पीढ़ियों के बीच गलतफहमियाँ पैदा करती हैं और ऐसी युवा-केन्द्रित नीतियों की राह बनाना था जो ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी हों।
कार्यक्रम की शुरुआत एक पारंपरिक कठपुतली प्रदर्शन से हुई, जिसने संवाद के लिए एक सहज माहौल बनाया। इसके बाद वरिष्ठ शिक्षाविद एवं मंथन संस्था के निदेशक तेजा राम माली ने संवाद का उद्घाटन किया। प्रतिभागियों से सबसे पहले यह साझा करने को कहा गया कि वे आज के युवाओं से क्या अपेक्षा रखते हैं। सभी समूहों में तीन बातें उभरकर आईं कौशल, संबंध और नेतृत्व। इसके बाद इस पर चर्चा हुई कि इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए युवाओं को किस तरह के समर्थन की ज़रूरत है।
रूमी की प्रसिद्ध पंक्तियों
“सही और गलत से परे एक मैदान है, मैं तुम्हें वहीं मिलूंगा” से प्रेरित यह संवाद निर्णय-मुक्त और सुरक्षित स्थान के रूप में आयोजित किया गया, जहाँ ईमानदार, सम्मानजनक और पीढ़ियों के बीच संवाद संभव हो सका।
संवाद के दौरान युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। एक युवा प्रतिभागी विमला ने कहा, “मैं चाहती हूं कि माता-पिता और शिक्षक मेरी बात सुनें, मुझ पर अपनी अपेक्षाएँ न थोपें।”
वहीं एक अभिभावक ने कहा कि वे चाहते हैं कि युवा बड़ों का सम्मान करें और उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़ें यह बातचीत आपसी समझ और संवाद की ज़रूरत को रेखांकित करती है।
मंथन संस्था के निदेशक और शिक्षाविद तेजा राम माली ने कहा, “सही और गलत से परे संवाद है, और संवाद से ही परिवर्तन जन्म लेता है। यहीं से युवा नेतृत्व की शुरुआत होती है।”
इस संवाद में यह भी स्वीकार किया गया कि आज युवाओं से पढ़ाई में उत्कृष्टता, ‘सही’ करियर चुनने और समाज के लिए योगदान देने की उम्मीद की जाती है, लेकिन उनके सपनों, डर और आकांक्षाओं के बारे में शायद ही कभी पूछा जाता है। यह मंच विभिन्न पीढ़ियों को एक-दूसरे को सुनने, समझने और मिलकर समाधान गढ़ने का अवसर बना।

मुख्य परिणाम
संवाद के दौरान एक सह-निर्मित मांग-पत्र (Charter of Demands) तैयार किया गया, जिसमें युवाओं के सार्थक नेतृत्व के लिए आवश्यक निवेश और संस्थागत समर्थन को रेखांकित किया गया — जैसे कौशल प्रशिक्षण, मेंटरशिप, सुरक्षित संवाद स्थल और निर्णय-निर्माण में भागीदारी।
साझेदारों का सम्मान
उन संगठनों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जो लगातार युवाओं के विकास और नेतृत्व को समर्थन दे रहे हैं।

राष्ट्रीय पहल का हिस्सा
मंथन कोटड़ी में आयोजित यह संवाद देश के 10 से अधिक राज्यों में चल रही एक राष्ट्रीय प्रक्रिया का हिस्सा है, जो युवाओं के विविध अनुभवों और वास्तविकताओं को सामने ला रही है। इन सभी संवादों से निकले निष्कर्षों के आधार पर एक राष्ट्रीय युवा रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसे 27 फ़रवरी 2026 को दिल्ली में होने वाले ‘Beyond Right & Wrong’ राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा।
यह क्षेत्रीय संवाद एक स्पष्ट संदेश देता है
जब युवाओं पर भरोसा किया जाता है, उन्हें सुना जाता है और समर्थन दिया जाता है, तो वे सिर्फ़ समाज में भाग नहीं लेते, बल्कि उसका नेतृत्व करते हैं।


