त्रेतायुग सी सजी अयोध्या: 56 घाटों पर दीपोत्सव की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू

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दिव्य अयोध्या, भव्य दीपोत्सव: सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीयों को सजाने का काम तेज; 2100 ड्रोन्स रचेंगे नया इतिहास

अयोध्या में 10वें भव्य दीपोत्सव (Deepotsav 2026) को लेकर सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये बिछाने का महा-अभियान युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आपसी समन्वय से इस बार एक नया वैश्विक रिकॉर्ड स्थापित करने की अभूतपूर्व तैयारी है। 7 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में मनेगा मुख्य उत्सव। सुरक्षा के कड़े इंतजाम और 13 प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू। पर्यटकों के लिए UPSTDC ने जारी किए विशेष पैकेज।

रामनगरी में महा-दीपोत्सव का शंखनाद

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मभूमि अयोध्या में इस वर्ष का दीपोत्सव अपने इतिहास के सबसे स्वर्णिम अध्याय को लिखने जा रहे है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, इस 10वें दीपोत्सव को एक वैश्विक सांस्कृतिक महाकुंभ का स्वरूप दिया गया है। राम की पैड़ी सहित सरयू नदी के कुल 56 घाटों पर इस बार 30 लाख पारंपरिक मिट्टी के दीयों को बिछाने और उन्हें सजाने की प्रक्रिया अत्यंत अनुशासित ढंग से शुरू कर दी गई है। अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह के सीधे निरीक्षण में लगभग 35,000 स्वयंसेवक (वॉलंटियर्स) कतारबद्ध होकर घाटों पर दीपों की श्रृंखला तैयार कर रहे हैं।

दीपोत्सव 2026: संपूर्ण कार्यक्रम एवं समय सारणी

रामनगरी में दीपोत्सव का औपचारिक काउंटडाउन शुरू हो चुका है. मुख्य आयोजन 5 नवंबर से लेकर 8 नवंबर तक विभिन्न चरणों में संपन्न होगा
 6 नवंबर (भव्य शोभा यात्रा): दीपोत्सव की शुरुआत साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली भव्य रामायण कालीन ‘सोलह शृंगार शोभा यात्रा’ (झांकी) से होगी। यह झांकी अयोध्या के मुख्य मार्गों से होती हुई रामकथा पार्क तक पहुंचेगी, जिसमें रामायण के सातों अध्यायों (बालकांड से उत्तरकांड तक) को सजीव दर्शाया जाएगा।
7 नवंबर (मुख्य दीपोत्सव एवं महाआरती): यह दीपोत्सव का मुख्य और सबसे बड़ा ऐतिहासिक दिन होगा। शाम 05:45 बजे: सरयू तट पर भव्य ‘सरयू महाआरती’ का आयोजन किया जाएगा। इस महाआरती में देश के कोने-कोने से आए 1,100 से अधिक संत, पुरोहित और बटुक हिस्सा लेंगे। शाम 06:30 से 07:15 बजे: इस 45 मिनट के समयांतराल में 56 घाटों पर एक साथ 30 लाख दीये प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसी दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम द्वारा दीपों की गणना की जाएगी।
शाम 07:30 बजे: राम की पैड़ी के आसमान में 2,100 स्वदेशी ड्रोन्स के माध्यम से एक अभूतपूर्व ‘मेगा एरियल शो’ और 3D होलोग्राफ प्रोजेक्शन शो की शुरुआत होगी, जो रामायण के प्रसंगों को आसमान में जीवंत करेगा।
8 नवंबर (दीपावली एवं राम मंदिर पूजन): मुख्य दीपावली के दिन नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में विशेष छप्पन भोग लगाया जाएगा और 1 लाख से अधिक विशेष दीयों से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठेगा।

यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन (Traffic Guidelines)

दीपोत्सव के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए अयोध्या पुलिस एवं प्रशासन ने यातायात का एक व्यापक और कड़ा मास्टर प्लान लागू किया है:
भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध: 6 नवंबर की रात 12 बजे से लेकर 8 नवंबर की रात तक अयोध्या की ओर आने वाले सभी भारी वाहनों (ट्रक, डीसीएम, ट्रैक्टर-ट्रॉली और मालवाहक गाड़ियां) का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
13 मार्गों पर रूट डायवर्जन: लखनऊ, गोरखपुर, गोंडा, बस्ती, सुल्तानपुर, रायबरेली और वाराणसी की तरफ से अयोध्या से होकर गुजरने वाले यातायात को 13 अलग-अलग वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट कर दिया गया है।
अति आवश्यक सेवाओं को छूट: एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, दूध, फल-सब्जी और दीपोत्सव के पास धारक वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
सीमित आंतरिक आवागमन: राम की पैड़ी और सरयू पुल के आसपास के क्षेत्रों में आम वाहनों के आने-जाने पर पाबंदी लगाई गई है, केवल पास धारकों और पैदल श्रद्धालुओं को ही प्रवेश मिलेगा। सरयू के पुराने पुल पर भी ग्रीन आतिशबाजी के प्रबंधों के चलते यातायात रोक दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम (Security Rules)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं दीपोत्सव की सुरक्षा समीक्षा की है और अधिकारियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। अयोध्या धाम को सुरक्षा के लिहाज से 5 कड़े स्तरों (5-Tier Security) में विभाजित किया गया है:
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती: जनपदीय पुलिस के अलावा पीएसी (PAC), आरएएफ (RAF) और केंद्रीय सुरक्षा बलों की कई कंपनियों ने मोर्चा संभाल लिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और एनएसजी (NSG) के कमांडो भी तैनात रहेंगे।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: पूरी अयोध्या और विशेषकर सरयू घाटों पर जल, थल और नभ से नजर रखी जा रही है। आधुनिक एआई (AI) क्षमता से लैस सीसीटीवी कैमरों से भीड़ नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
जल पुलिस मुस्तैद: सरयू नदी के भीतर किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए फ्लड यूनिट, जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) के गोताखोर चौबीसों घंटे नावों और स्टीमर्स के साथ गश्त कर रहे हैं।

बुकिंग कैसे करें

इच्छुक पर्यटक UPSTDC की आधिकारिक वेबसाइट UPSTDC Official Website पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।  इसके अलावा, पर्यटन विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर 83030 19844 भी जारी किया गया है, जहां सीधे कॉल करके सीटें आरक्षित की जा सकती हैं। यह पैकेज विशेष रूप से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे दूरदराज के राज्यों के पर्यटकों के लिए बेहद सुविधाजनक साबित हो रहा है।

सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक मंच

इस वर्ष का दीपोत्सव न केवल दीपों का त्योहार है, बल्कि यह वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक बड़ा माध्यम बन चुका है।  उत्सव के दौरान थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, त्रिनिदाद और टोबैगो सहित पांच देशों की अंतर्राष्ट्रीय रामलीला मंडलियां अपनी प्रस्तुतियां देंगी। धर्मपथ और राम पथ को ‘सोलह शृंगार’ की तर्ज पर फूलों और आधुनिक LED लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया है, जो आने वाले हर श्रद्धालु को त्रेतायुग की अयोध्या का अहसास करा रहा है। अयोध्या प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनें।

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