20 साल का राज: जितेंद्र आव्हाड के आरोपों से महाराष्ट्र में हड़कंप

The CSR Journal Magazine
महाराष्ट्र विधानसभा में विधायक जितेंद्र आव्हाड ने अशोक खरात मामले पर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि खरात की जान को खतरा है और उसकी सुरक्षा के लिए उसे लगातार सीसीटीवी निगरानी में रखा जाना चाहिए। आव्हाड का कहना है कि खरात के पास पिछले 20 सालों की राजनीति का अहम डाटा है, जिसमें 38 विधायकों के नाम शामिल हैं।

गहरी साजिश की आशंका

आव्हाड ने जोर देकर कहा कि खरात की जान को खतरा है और जैसे जेफरी एपस्टीन का मामला सुर्खियों में रहा, वैसे ही खरात के खिलाफ भी कोई बड़ी साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि खरात की जान सुरक्षित रहे, ताकि उसके पास मौजूद महत्वपूर्ण जानकारियों का कोई दुरुपयोग न हो सके।

राजनीतिक पक्ष की बात

आव्हाड ने यह भी बताया कि राज्य के 38 विधायक खरात के संपर्क में थे और कथित तौर पर अनुष्ठान करने जाते थे। उन्होंने कहा कि उन विधायकों की सूची उनके पास है और यह सूची समय आने पर सार्वजनिक की जाएगी। इस बात से राजनीतिक हलचल और भी बढ़ गई है।

पुराने हत्याकांड का जिक्र

विधानसभा में जारी बयान में आव्हाड ने 2007 में पत्रकार बालू तुपे की हत्या की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि खरात का नाम उस मामले में भी आया था, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह सवाल उठता है कि क्या सुरक्षा एजेंसियों को पहले से जानकारी थी और फिर भी क्या कारण था कि कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस पर आरोप

आव्हाड ने यह भी कहा कि इस मामले में कुछ पुलिस अधिकारी संदेहातीत हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे के लेन-देन की आशंका जताई। यह उनके लिए चौंकाने वाला बयान था, क्योंकि इससे पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और कम हो सकता है।

राजनीतिक साजिश का इशारा

आव्हाड ने आरोप लगाया कि कुछ नेता अशोक खरात के जरिए राजनीतिक साजिश स्थापित कर रहे थे। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को पहले से इस बात की जानकारी थी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह एकतरफा खेल है, जिसमें किसी को फायदा लेने की कोशिश की जा रही है।

एनकाउंटर की आशंका

कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने सुझाव दिया कि खरात का एनकाउंटर भी हो सकता है, जैसा की बदलापुर बलात्कार के आरोपी अक्षय शिंदे के मामले में हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार पहले खरात से जानकारी निकालेगी और फिर उसे ब्लैकमेल करने के लिए उपयोग कर सकती है। ऐसी स्थिति में खरात की जान को खतरा है।

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