app-store-logo
play-store-logo
February 15, 2026

AndhraPradesh के अमरावती में खुलने वाला देश का पहला AI विश्वविद्यालय, स्कूल से पीएचडी तक पढ़ाई

The CSR Journal Magazine
जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बनता जा रहा है, हमें ऐसी शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता महसूस हो रही है जो AI पर आधारित हो। इसी को ध्यान में रखते हुए, आंध्र प्रदेश सरकार ने अमरावती में देश की पहली AI विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना बनाई है। इस विश्वविद्यालय की आधारशिला 19 फरवरी को रखी जाएगी, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स के भाग लेने की भी संभावना है।

एनवीडिया का तकनीकी सहयोग

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एनवीडिया, जो दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर चिप निर्माता कंपनी है, आंध्र सरकार को तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। एनवीडिया न केवल यहां सिलेबस और AI कोर्स किट तैयार करवाएगा, बल्कि GPU आधारित कंप्यूटिंग संसाधन भी उपलब्ध कराएगा। आंध्र सरकार विश्वविद्यालय का इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी उपलब्ध कराएगी। वर्तमान में 65 एकड़ जमीन पर काम शुरू हो चुका है।

कक्षा 8 से ही AI की पढ़ाई

इस विश्वविद्यालय में कक्षा 8 से ही छात्रों को AI की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसकी अनुमति सिर्फ ग्रेजुएट स्तर पर नहीं होगी, बल्कि पीएचडी तक पहुंचने का अवसर भी दिया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव भास्कर कटमनेनी के अनुसार, यह विश्वविद्यालय IIT और IIIT से अलग होगा। यहां स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा। 2028 तक विश्वविद्यालय का काम पूरा हो जाएगा, और 2029 से प्रवेश शुरू होंगे।

भविष्य के AI मॉडल का विकास

इस विश्वविद्यालय में देश का पहला स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) विकसित किया जाएगा, जो चैटजीपीटी और अन्य AI मॉडल्स से आगे रहेगी। यह मॉडल भारतीय भाषाओं, संस्कृति और सामाजिक जरूरतों के अनुकूल होगा। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय देश-दुनिया के 500 AI स्टार्टअप्स को भी सहयोग प्रदान करेगा। रतन टाटा इनोवेशन हब के माध्यम से छात्रों को लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा।

अमरावती का शैक्षणिक महत्व

अमरावती को AI विश्वविद्यालय के लिए चुने जाने के पीछे कई कारण हैं। यह क्षेत्र पहले से ही एक बड़ा शैक्षणिक केंद्र है, जहां VIT, SRM, और BITs जैसे संस्थान मौजूद हैं। ये संस्थान छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण जानकारी और प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर प्रदान करते हैं।

AI सिलेबस का अनोखा ढांचा

भास्कर कटमनेनी के अनुसार, इस विश्वविद्यालय का सिलेबस छात्रों को AI से समाधान खोजने के लिए प्रशिक्षित करेगा। पहला स्तर स्कूल के छात्रों के लिए होगा, जिसमें उन्हें AI की बुनियादी शिक्षा दी जाएगी। दूसरे स्तर पर, कॉलेज में प्रैक्टिकल्स पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जहां छात्र अपने-अपने विषयों में AI मॉडलों का विकास करेंगे। तीसरा स्तर पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी होगा, जिसमें गहन शोध पर जोर दिया जाएगा।

भविष्य की चुनौतियों का सामना

इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं है, बल्कि भविष्य में AI पेशेवरों की कमी को दूर करना भी है। इससे एआई इंडस्ट्री में कुशल मानव संसाधन तैयार किए जाएंगे जो विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार कर सकें। अमरावती में AI विश्वविद्यालय की स्थापना का यह कदम भारत के तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates
App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos