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February 15, 2026

अखिलेश यादव ने भाजपा पर फॉर्म 7 के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका questioned की

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी मुस्लिम वोट काटने के लिए चुनाव आयोग के सहयोग से ‘फॉर्म 7’ का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह प्रश्न उठाया कि जब SIR हो चुका है और वोटर लिस्ट को रिवाइज कर दिया गया है, तो फिर फॉर्म 7 की जरूरत क्यों है।

भाजपा की भ्रष्ट कार्यशैली

अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह एक निजी कंपनी के साथ मिलकर काम कर रही है जिससे कि वोट काटने की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को चाहिए कि वह अधिक से अधिक वोट बनाने की कोशिश करे, ताकि किसी का भी वोट न छूटे या न कटे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक बड़ी कंपनी को नियुक्त किया है जो चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोटों में हेरा-फेरी कर रही है।

BLO का धन्यवाद

अखिलेश यादव ने BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) का भी धन्यवाद किया, जिनकी मेहनत से पता चला कि कितने वोट कटे। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वोटों का कटना एक गंभीर समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि जिनके दस्तखत कराए गए हैं, उनमें से एक मजदूर है जिसे जबर्दस्ती दस्तखत कराए गए हैं और भाजपा ने उसे केवल फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया है।

बजट पर भी किया हमला

बुधवार को उत्तर प्रदेश के विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर भी अखिलेश यादव ने हमला बोला। उन्होंने इसे भाजपा का विदाई बजट कहा और आरोप लगाया कि यह केवल आंकड़ों की बाजीगरी है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा प्रस्तुत 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपए का बजट को अखिलेश ने जनता की भलाई के लिए निरर्थक बताया।

बजट की वास्तविकता

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि यह बजट आकार में तो बड़ा है, लेकिन इससे गरीब जनता, किसानों और नौजवानों को क्या फायदा मिल रहा है? उन्होंने आंकड़ों में खेल करने की बजाए वास्तविक काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसका स्पष्ट मतलब है कि सरकार के दावों में कोई सच्चाई नहीं है, और जनता को राहत देने की दिशा में कुछ नहीं किया गया है।

सार्वजनिक चौंकाने वाली बातें

अखिलेश यादव ने कहा कि बजट केवल दिखावा है और इसमें जनता के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने और भी उदाहरण दिए कि कैसे भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में कामयाबी हासिल करने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का हनन किया है। ऐसे में, यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश की जनता अब इस प्रकार के झूठे वायदों से सावधान हो गई है।

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