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February 18, 2026

बांग्लादेश में हिंदू पुलिस अधिकारी हत्या का आरोपी अहमद रज़ा दिल्ली में पुर्तगाल जाने की तैयारी कर रहा है

The CSR Journal Magazine
एक विवादास्पद नेता, जो बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हमलों और एक पुलिस ऑफिसर की हत्या में शामिल रहने का आरोपित है, हाल ही में भारत आया है। इस नेता का नाम अहमद रज़ा हसन मेहदी है, जो दिल्ली में नजर आया। जानकारी के अनुसार, वह पुर्तगाल जाने का प्लान बना रहा है। अब तक, बांग्लादेश की पुलिस इस मामले की जांच में निष्क्रियता दिखाने के चलते आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।

हिंदुओं पर हमले और पुलिस अधिकारी की हत्या

अहमद रज़ा पर आरोप है कि उसने 2024 में बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अफसर संतोष शर्मा की हत्या की। पिछले साल जुलाई में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसने देश की स्थिति को और खराब कर दिया। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में हुई इस हिंसा की जड़ें शेख हसीना के प्रति जन असंतोष में हैं। हिंसा के असामाजिक तत्वों को अब तक सजा नहीं मिली है।

वीजा और संभावित फरारी

सूत्रों के मुताबिक, अहमद रज़ा हसन मेहदी ने दिल्ली पहुंचने के बाद पुर्तगाल के लिए वीजा आवेदन किया है। यह कदम उसके खिलाफ बढ़ती सख्ती और बांग्लादेश में हो रहे जांचों से बचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उसे दिल्ली में वीजा की प्रक्रिया करते हुए देखा गया है, जिससे उसकी योजना से जुड़ी चिंताएं बढ़ गई हैं।

पुलिस हत्या का खौफनाक मंजर

बांग्लादेश में पिछले साल हुई पुलिस हत्या के समय, सैकड़ों पुलिसकर्मी एक अराजक माहौल में फंसे हुए थे। एक चश्मदीद ने बताया कि हमला करने वाले समूह ने पहले सभी पुलिसवालों को मारने की कोशिश की थी, लेकिन सेना की मदद से कई पुलिसकर्मियों को बचा लिया गया। फिर भी, एक उप-निरीक्षक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

जुलाई 2024 की हिंसा का प्रभाव

जुलाई 2024 में, नेशनल स्टूडेंट्स मूवमेंट की अगुवाई में शुरू हुए आंदोलन ने हिंसक रूप धारण कर लिया। इसका दमन करने के लिए बांग्लादेशी पुलिस ने अत्यधिक बल का प्रयोग किया। एक UN रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 5 अगस्त के बीच करीब 1400 लोग मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चों सहित घायल भी थे। इस हिंसा का नाम “जुलाई क्रांति” रखा गया, जिसने बांग्लादेश की राजनीति में व्यापक असर डाला।

अल्पसंख्यकों पर भयानक गंभीर हमला

इस खतरनाक स्थिति में, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर भी हमले हो रहे थे। हिंसा का दंश झेल रहे हिंदू समुदाय के लोग अभी भी असुरक्षित हैं, और उनके खिलाफ वारदातों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। बांग्लादेश की सरकार के खिलाफ जन आक्रोश ने देश की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।

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