आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा सरकार के पास इतना पैसा और ऊर्जा है, तो उसे अपने राज्य की व्यवस्था सुधारने में लगाना चाहिए, न कि पंजाब में विधायकों को तोड़ने की कोशिश में। अनुराग ने आरोप लगाया कि हरियाणा की जनता के टैक्स का पैसा लोकतंत्र को अस्थिर करने में खर्च किया जा रहा है। यह बेहद शर्मनाक है।
हरियाणा की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं
अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा आज बेरोजगारी, नशे की समस्या, टूटी सड़कों और खिलाड़ियों की अनदेखी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। पिछले नौ महीनों से खिलाड़ियों को उनकी डाइट का पैसा नहीं मिला है। इसके साथ ही बुजुर्गों की पेंशन काटी जा रही है और महिलाओं की योजनाओं में कटौती की जा रही है। युवा नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं।
पंजाब में सफलता की मिसाल पेश की AAP ने
अनुराग ने बताया कि दूसरी ओर, पंजाब में भगवंत मान की अगुवाई में आम आदमी पार्टी की सरकार ने सिर्फ चार वर्षों में 62,000 से अधिक युवाओं को बिना सिफारिश और बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी के आधार पर शासन चलाया जा रहा है। यही वजह है कि भाजपा बौखला गई है और साजिशों का सहारा ले रही है।
AAP विधायक बिकाऊ नहीं
अनुराग ढांडा ने यह भी स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी के विधायक बिकाऊ नहीं हैं। वे ईमानदारी की राजनीति के प्रतीक अरविंद केजरीवाल की विचारधारा से प्रेरित सच्चे कार्यकर्ता हैं। उन्हें पैसे या पद का लालच देकर तोड़ा नहीं जा सकता। भाजपा और कांग्रेस की तरह आम आदमी पार्टी सत्ता के लिए सौदेबाजी की राजनीति नहीं करती।
सीएम को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए
अनुराग ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह को चेतावनी देते हुए कहा कि वे हरियाणा की जनता को जवाब दें। जब खिलाड़ी भूखे पेट अभ्यास कर रहे हैं, जब युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, तब उनकी प्राथमिकता पंजाब में साजिश क्यों है? यह सवाल हरियाणा की जनता के मन में है और जनता सब देख रही है। वे समय आने पर जवाब भी देंगी।
लोकतंत्र की खरीद-फरोख्त के खिलाफ AAP का रुख
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र की खरीद-फरोख्त की राजनीति को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। बेहतर होगा कि हरियाणा सरकार अपनी शेष अवधि जनता की सेवा में लगाए, न कि लोकतांत्रिक सरकारों को अस्थिर करने की नाकाम कोशिशों में।