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February 14, 2026

हैदराबाद में अवैध सरोगेसी रैकेट में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, दंपतियों से लाखों रुपये की वसूली की गई

The CSR Journal Magazine
हैदराबाद में हाल ही में एक अवैध सरोगेसी रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। यह रैकेट लंबे समय से चालू था और दंपतियों से लाखों की वसूली की जाती थी। गिरफ्तार महिला डॉक्टर का नाम डॉ. अथुलुरी नम्रथा है, जो कि यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी एंड रिसर्च सेंटर का संचालन कर रही थीं। उन्हें पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका था। वर्तमान में उन्हें 26 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

फर्जीवाड़े की सफेद कॉलर धंधा

जांच में यह बात सामने आई है कि डॉक्टर नम्रथा का पूरा खेल न केवल सरोगेसी का था, बल्कि इसमें फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया जाता था। वह निःसंतान दंपतियों को सरोगेसी के जरिए बच्चा देने का वादा करती थीं, लेकिन असल में इस प्रक्रिया में गरीब परिवारों से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त होती थी।

सरोगेसी का नाटक और असली खेल

बताया जा रहा है कि दंपतियों से लड़का होने पर 4.5 लाख रुपये और लड़की होने पर 3.5 लाख रुपये वसूले जाते थे। दिखावे के लिए उनके गामेट्स लेकर एक प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता था, जिससे मामला संजीदा दिख सके। सच यह है कि नवजात बच्चों को आर्थिक तंगी झेल रहे परिवारों से लिया जाता था।

भ्रष्टाचार के लिए तैयार हुए गरीब परिवार

विफलता का सामना कर रहे परिवार, जो आर्थिक कारणों से अपने बच्चों की देखभाल नहीं कर पाने की स्थिति में थे, उन्हें पैसो का लालच देकर ये बच्चे सौंपने के लिए तैयार हो जाते थे। इस तरह, बहुत से गरीब परिवारों का शोषण किया गया।

जांच का आधार और गिरफ्तारियों की श्रृंखला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच कई FIRs के आधार पर प्रारंभ हुई, जिनमें गंभीर आरोप जैसे धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और बच्चों की तस्करी शामिल थे। इन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह रैकेट कितनी बड़ी और गंभीर थी।

आर्थिक लेन-देन और कमीशन की पूरी कड़ी

जांच में यह भी सामने आया कि दंपतियों से वसूली गई रकम में से एक हिस्सा एजेंटों और सब-एजेंटों को कमीशन के रूप में दिया जाता था। आगे जाकर, यह पैसा जैविक माता-पिता तक पहुंचाया जाता था, जिससे यह नेटवर्क और मजबूत होता गया।

कोर्ट में पेशी और न्यायिक हिरासत

डॉ. नम्रथा को पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद वह दोबारा ED की पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही थीं। हालांकि, सबूतों के आधार पर उन्हें फिर से गिरफ्तार किया गया। अब उन्हें नामपल्ली स्थित एमएसजे कोर्ट में पेश किया गया है।

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