छत्तीसगढ़ में हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसमें 6,412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे केवल एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव बताया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के जोड़ों ने अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री का अभूतपूर्व प्रयास
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में इस विवाह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने गरीब परिवारों के लिए बेटी के विवाह के तनाव को समाप्त कर दिया है। अब यह एक सम्मान और भरोसे का विषय बन गया है। उनकी उपस्थिति में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद दिया गया, जबकि अन्य पारिवारिक जोड़े वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
विविध धार्मिक परंपराओं में विवाह
इस भव्य आयोजन में पूरे राज्य से जोड़े शामिल हुए। रायपुर सहित सात जिलों के 1,400 जोड़ों के विवाह ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता का नया अध्याय लिखा। यह नदियों, पहाड़ों और सदियों पुरानी परंपराओं के बीच एक अद्वितीय क्षण था, जिसने सभी धर्मों को एक साथ लाया।
आर्थिक सहायता से नवविवाहितों की मदद
सामूहिक विवाह समारोह में शामिल प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की गई। इस पहल ने संबंधित परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है। इस आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत सरगुजा और बस्तर संभाग के आठ जिलों में की गई है। उन्होंने इस परियोजना की सफलता के लिए समाज की भागीदारी को आवश्यक बताया और कहा कि इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा।
सरकार की अन्य योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है और सरकार ने पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों, भूमिहीन मजदूरों और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम में विशेष उपस्थित
इस ऐतिहासिक आयोजन में कई विधायक और सरकारी अधिकारी भी मौजूद थे। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में हुई थी। इस योजना के माध्यम से सरकार लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।