app-store-logo
play-store-logo
February 11, 2026

दिल्ली के रोहिणी में खुले मैनहोल में गिरने से 32 वर्षीय मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।

The CSR Journal Magazine
दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में मंगलवार को एक खुला मैनहोल मजदूर बिरजू कुमार राय (32) की जान ले गया। पुलिस के अनुसार, बिरजू की लाश रोहिणी सेक्टर-32 में स्थित डीडीए के खाली प्लॉट में मिली। यह घटना मंगलवार दोपहर को सामने आई जब उसके दोस्त अमीर हुसैन ने पुलिस को सूचित किया। बिरजू सोमवार शाम से लापता था, और उसके साथी बुधन दास ने बताया कि दोनों सोमवार रात शराब पीकर लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि करीब 7.30 बजे बिरजू मैनहोल में गिर गया था।

शराब के नशे में लापरवाही

पुलिस ने बताया कि बुधन इस समय काफी नशे में था और उसने घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। जब बुधन को अगले दिन होश आया, तब उसने अमीर को इस संबंध में बताया। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। इस भयानक घटना से बचे दोस्त सुनील कुमार ने सरकारी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर मैनहोल ढका होता, तो शायद बिरजू की जान बच सकती थी। सुनील ने यह भी कहा कि उन्हें मैनहोल के अंदर बिरजू की चप्पल भी मिली थी।

दूसरा मामला: गड्ढे में गिरकर युवक की मौत

इसी प्रकार का एक और दुःखद मामला 5 फरवरी को जनकपुर इलाके में देखने को मिला। कमल ध्यानी (25) की मौत एक 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से हुई। परिवार ने पूरी रात कमल की तलाश की और सुबह 6 फरवरी को उनका शव गड्ढे में मिला। पुलिस ने बताया कि घटना से पहले कमल की तलाश कर रहे परिवार को इसकी जानकारी मिली।

सरकारी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

पुलिस के अनुसार, कमल की हादसे की FIR में कहा गया है कि निर्माण क्षेत्र में कोई चेतावनी संकेत, बैरिकेड या लाइटिंग नहीं थी। गड्ढे के आसपास कोई सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं किया गया था। इस सबने इस हादसे को और गंभीर बना दिया। परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग गड्ढे को ऐसी स्थिति में खुला छोड़ने के लिए सरकार की आलोचना कर रहे हैं।

दूसरे दुखद मामलों की ओर ध्यान

दिल्ली में यह एकमात्र मामला नहीं है। एक और भयावह घटना में, नोएडा में एक इंजीनियर घने कोहरे के कारण दलदल में गिरकर मरा। वह लगभग 80 मिनट तक पिता को कॉल कर चिल्लाता रहा कि वह मरना नहीं चाहता। इस तरह की घटनाएं हम सबको सोचने पर मजबूर करती हैं।

क्या है समाधानों का स्वरूप?

इन घटनाओं ने हमें सुरक्षा उपायों की महत्ता का एहसास कराया है। क्या जवाबदेही तय की जाएगी? यह समाज के लिए एक बड़ा सवाल है। क्या सरकारी एजेंसियाँ भविष्य में इस तरह की लापरवाहियों को खत्म करने के लिए कदम उठाएंगी? ये घटनाएँ इसी तरह के कठोर सवाल उठाने की जरूरत बताती हैं।

Latest News

Popular Videos