तेल की हर बूंद का हिसाब, 1 लीटर कच्चे तेल से कितना पेट्रोल-डीजल निकलता है

The CSR Journal Magazine
दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच यह सवाल फिर चर्चा में है कि आखिर 1 लीटर कच्चे तेल से कितना पेट्रोल, डीजल और मिट्टी का तेल बनता है। रिफाइनिंग की जटिल प्रक्रिया से गुजरकर कच्चा तेल कई उपयोगी उत्पादों में बदलता है। वहीं, Strait of Hormuz पर तनाव ने सप्लाई को प्रभावित कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में हलचल तेज हो गई है।

1 लीटर कच्चे तेल से कितना पेट्रोल निकलता है?

आसान भाषा में समझें तो 1 लीटर कच्चे तेल से औसतन 0.45 से 0.48 लीटर पेट्रोल निकलता है। यह मात्रा कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की तकनीक पर निर्भर करती है।
एक बैरल (करीब 159 लीटर) कच्चे तेल से लगभग 72–76 लीटर पेट्रोल बनाया जा सकता है।
हालांकि यह एक फिक्स आंकड़ा नहीं है, क्योंकि अलग-अलग देशों और रिफाइनिंग तकनीकों में उत्पादन का अनुपात बदल सकता है।

डीजल कैसे बनता है और कितनी मात्रा मिलती है?

डीजल कच्चे तेल का अपेक्षाकृत भारी हिस्सा होता है। रिफाइनिंग के दौरान यह टावर के बीच वाले हिस्से में अलग होता है।
औसतन 1 लीटर कच्चे तेल से 0.26 से 0.28 लीटर डीजल निकलता है। डीजल का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रक, बस, कृषि मशीनों और उद्योगों में होता है, इसलिए इसकी मांग हमेशा ज्यादा रहती है।

मिट्टी का तेल (केरोसिन) कैसे निकलता है?

मिट्टी का तेल या केरोसिन भी रिफाइनिंग का एक महत्वपूर्ण उत्पाद है। 1 लीटर कच्चे तेल से लगभग 0.10 से 0.12 लीटर केरोसिन निकलता है। यह घरेलू उपयोग (जैसे स्टोव, लैंप) और एविएशन सेक्टर (जेट फ्यूल) में भी काम आता है। रिफाइनरी में इसे अलग करने के लिए तापमान का विशेष नियंत्रण किया जाता है।

कच्चे तेल से उत्पाद कैसे अलग किए जाते हैं?

कच्चे तेल को सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे रिफाइनरी में  डिस्टिलेशन (आंशिक आसवन) और कैटेलिटिक क्रैकिंग जैसी तकनीकों से प्रोसेस किया जाता है।
इस प्रक्रिया में कच्चे तेल को 400°C या उससे अधिक तापमान पर गर्म किया जाता है यह भाप बनकर एक लंबी टावर में ऊपर उठता है| नीचे का हिस्सा गर्म और ऊपर ठंडा होता है हल्के अंश (पेट्रोल) ऊपर जाकर ठंडे होकर अलग हो जाते हैं मध्यम अंश (केरोसिन) बीच में भारी अंश (डीजल) नीचे रह जाते हैं इसके बाद अतिरिक्त प्रोसेस से गुणवत्ता सुधारी जाती है और प्रदूषण कम करने के लिए सल्फर जैसी अशुद्धियां हटाई जाती हैं।

सिर्फ ईंधन ही नहीं, और भी बहुत कुछ बनता है

कच्चा तेल केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं है। इससे कई जरूरी उत्पाद भी बनते हैं, जैसे
1. प्लास्टिक
2. दवाइयां
3. तारकोल (सड़क निर्माण)
4. लुब्रिकेंट्स
5. पेट्रोकेमिकल्स
दिलचस्प बात यह है कि रिफाइनिंग के बाद कुल उत्पादों का वॉल्यूम थोड़ा बढ़ भी सकता है, क्योंकि प्रोसेसिंग के दौरान कुछ केमिकल्स मिलाए जाते हैं।

वैश्विक तनाव और तेल की कीमतें

हाल ही में Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। खासकर Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग पर असर पड़ने से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो रही है। भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं, इस स्थिति से सीधे प्रभावित होते हैं। सप्लाई में कमी और मांग ज्यादा होने पर कीमतों में तेजी आना तय है।
कच्चा तेल एक बहुमूल्य संसाधन है, जिसकी हर बूंद का उपयोग किया जाता है। 1 लीटर कच्चे तेल से भले ही आधा लीटर के आसपास पेट्रोल बनता हो, लेकिन पूरी प्रक्रिया बेहद जटिल और तकनीकी होती है। वैश्विक राजनीति और सप्लाई चेन में थोड़ी सी हलचल भी आम आदमी की जेब पर असर डाल देती है।

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