ED ने पीयूष कॉलोनाइजर्स की 944 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच, 1500 से अधिक बायर्स फंसे

The CSR Journal Magazine
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने रियल एस्टेट कंपनी पीयूष कॉलोनाइजर्स लिमिटेड और उनके प्रमोटर्स पर शिकंजा कसते हुए 944 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी तौर पर अटैच कर लिया है. एजेंसी की जांच में सामने आया है कि इस कंपनी से जुड़ी कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं, जिससे 1500 से अधिक बायर्स फंस गए हैं. इन बायर्स का आरोप है कि पैसे तो लिए गए, लेकिन प्रोजेक्ट पूरा करने में कोई भी कदम नहीं उठाया गया.

अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियां

ED की कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत की गई है. अटैच की गई संपत्तियों में विभिन्न प्रोजेक्ट की जमीन, फ्लैट्स, कृषि भूमि और कमर्शियल स्पेस शामिल हैं, जो हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी और भिवाड़ी में स्थित हैं. उदाहरण के लिए, पलवल में 63 एकड़, भिवाड़ी में 62 एकड़, और फरीदाबाद में 19,000 स्क्वायर फीट का कमर्शियल स्पेस शामिल है. ये सारे संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की गई रकम से जुड़ी हुई हैं.

चार्जशीट में कई आरोपियों के नाम

31 मार्च 2026 को ED ने गुरुग्राम स्थित विशेष PMLA कोर्ट में एक चार्जशीट पेश की है, जिसमें पीयूष कॉलोनाइजर्स के पूर्व प्रमोटर अमित गोयल समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. जांच की शुरुआत हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और CBI द्वारा दर्ज शिकायतों के आधार पर हुई थी. आरोप है कि कंपनी के प्रमोटर्स ने साजिश रचकर खरीददारों से बड़ा धनराशि एकत्र की लेकिन समय पर फ्लैट्स का निर्माण नहीं किया.

फंसे हुए बायर्स की समस्या

खबरों के अनुसार, पीयूष ग्रुप के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में 1500 से ज्यादा बायर्स फंसे हुए हैं. कंपनियों के प्रमोटर्स ने खरीदारों से मिले पैसों को प्रोजेक्ट्स के बजाय दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया. ऐसे में पुराने प्रोजेक्ट अधूरे रह गए और बायर्स को अब तक अपने घर नहीं मिल पाए. स्थिति यह है कि कंपनी के प्रमोटर्स ने परिवार के सदस्यों के नाम पर शेयर ट्रांसफर करके प्रोजेक्ट की संपत्तियों को अपने कब्जे में दिखाने की कोशिश की है.

विफल दिवालिया प्रक्रिया

पीयूष कॉलोनाइजर्स लिमिटेड के खिलाफ पिछले दो साल से दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) चल रही है, लेकिन अब तक इसका कोई समाधान प्लान मंजूर नहीं हो पाया है. इससे बायर्स की परेशानियाँ बढ़ती जा रही हैं. ED इस मुद्दे पर आगे की जांच जारी रखे हुए है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि और अधिक खुलासे हो सकते हैं. यह मामला बायर्स की चिंता और नाउम्मीदी को और बढ़ा सकता है.

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