Chhatishgarh: अमित जोगी को जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा, High Court का बड़ा फैसला

The CSR Journal Magazine
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 2007 के फैसले को पलटते हुए अमित को बरी करने वाला निर्णय गलत मानते हुए उन्हें दोषी ठहराया। इस मामले में कुल 28 अन्य आरोपियों को भी दोषी पाया गया था, जिससे राज्य की राजनीत में उथल-पुथल मच गई है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने कहा कि अमित को प्रकरण में दी गई क्लीन चिट कानूनी दृष्टि से गलत थी।

मर्डर केस की गंभीरता

यह मामला 4 जून, 2003 को शुरू हुआ, जब NCP के वरिष्ठ नेता रामअवतार जग्गी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले ने उस समय राजनीतिक हलचल मचा दी थी। 2007 में रायपुर कोर्ट ने 28 लोगों को दोषी करार दिया था, जबकि अमित के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले थे, इसलिए उन्हें बरी कर दिया गया था। जग्गी के बेटे, सतीश जग्गी ने इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

पुनः खोला गया केस

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाई कोर्ट ने केस को दोबारा खोला। इस बार अदालत के सामने सबूतों की मजबूती के कारण अमित जोगी को मर्डर और क्रिमिनल साजिश के आरोप में दोषी ठहराया गया। उन्हें 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। कोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार 28 अन्य आरोपियों को दोषी पाया गया, उस मुकाम पर अमित को बरी करना उचित नहीं था।

संभव नई कानूनी लड़ाई

अमित जोगी की लीगल टीम ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) फाइल कर दी है, जिससे यह प्रदर्शित होता है कि इस मामले में आगे और विकास की संभावना है। पिछले हफ्ते, कोर्ट ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया। यह फैसला राज्य की कानूनी प्रणाली पर एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा करता है।

अमित जोगी की प्रतिक्रिया

अमित जोगी ने हाई कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बिना सुनवाई के उन्हें दोषी ठहराया गया है। अमित ने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट में उन्हें न्याय मिलेगा। उनकी यह लेखिनी ने उन्हें खुद को और अधिक मजबूत बनाने का एक अवसर दिया।

सतीश जग्गी के शब्द

इस बीच, सतीश जग्गी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अंततः उनके परिवार को न्याय मिला है। उन्होंने ज्यूडिशियरी पर अपने विश्वास को दर्शाया और कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। उन्होंने CBI और अदालत को धन्यवाद भी दिया। राजनितिक परिवेश में यह मामला आगे भी चर्चा का विषय बना रहेगा।

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