खराब मौसम या तकनीकी खराबी: झारखंड में एयर एंबुलेंस के क्रैश की जांच में नई जानकारी

The CSR Journal Magazine
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा झारखंड के चतरा में हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी ICAO, अमेरिका के NTSB और कनाडा के TSB को प्रारंभिक सूचना भेज चुकी है। टीम ने स्थिति का तत्कालीन आकलन करते हुए आवश्यक सबूत इकट्ठा किए हैं, जिससे दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।

दुर्घटना स्थल की अहम जांच

AAIB की टीम ने दुर्घटना स्थल का दौरा कर विमान के मलबे की गहन जांच की। महत्वपूर्ण इंजन और अन्य पुर्जों को विस्तृत परीक्षण के लिए मुख्यालय भेजा गया है। मलबा सुरक्षित स्थान पर रखकर आगे की जांच जारी है। इसके अलावा, प्रत्यक्षदर्शियों, एयरलाइन ऑपरेटर और ग्राउंड स्टाफ से भी बातचीत की गई है।

फ्यूल सैंपल का टेस्ट

जांच में शामिल अधिकारियों ने रांची में भरे गए ईंधन का सैंपल भी लैब में भेजा है। साथ ही, विमान की रखरखाव और संचालन से जुड़े रिकॉर्ड भी इकट्ठे किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रियाओं का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है, और जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जानकारी जुटाई गई

जांच दल ने रांची और कोलकाता के एयर ट्रैफिक कंट्रोल केंद्रों का दौरा भी किया है। इससे जरूरी दस्तावेज और जानकारी प्राप्त की गई है। मौसम से जुड़ी जानकारी पटना, रायपुर और कोलकाता एयरपोर्ट के आईएमडी कार्यालयों से लेकर विशेष रूप से विश्लेषित की जा रही है।

अन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की भी जांच

एयर एंबुलेंस के अलावा, 24 फरवरी को अंडमान क्षेत्र में हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था। इस हेलीकॉप्टर में 7 लोग सवार थे, जिसमें एक नवजात भी शामिल था। इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना की भी AAIB द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ चुकी है। समुद्र से मलबा निकालने में प्रगति हुई है और महत्वपूर्ण उपकरणों को सुरक्षित रखकर जांच की जा रही है।

सुरक्षा उपायों की सिफारिशें

जांच रिपोर्ट में DGCA को कुछ सुझाव दिए गए हैं। पवन हंस हेलीकॉप्टरों में यात्रियों के सीट बेल्ट और लाइफ जैकेट के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, पायलटों को पानी पर उतरने की स्थिति में फ्लोट सिस्टम के उपयोग से जागरूक करने के लिए निर्देश जारी करने की सिफारिश की गई है।

विभिन्न एजेंसियों का सहयोग

AAIB को फ्रांस की BEA एजेंसी से तकनीकी सलाहकारों का सहयोग भी मिल रहा है। यह सहयोग जांच की धार को और भी मजबूत करने में सहायक होगा। सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर इस घटना की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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