INS तारागिरी आज नेवी में शामिल, ब्रह्मोस मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम के साथ

The CSR Journal Magazine
आज, INS तारागिरी भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल हो जाएगा। इस महत्वपूर्ण समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहेंगे। यह युद्धपोत मझगांव डॉक शिप बिल्डिंग लिमिटेड द्वारा प्रोजेक्ट 17-ए के तहत तैयार किया गया है। तारागिरी, नीलगिरि-क्लास का चौथा युद्धपोत है, जो आगे आने वाली समुद्री चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है।

उन्नत तकनीकों से लैस

नई तारागिरी, 1980 से 2013 तक सेवा देने वाले पुराने युद्धपोत का एडवांस्ड वर्जन है। इसमें हाईटेक स्टेल्थ तकनीक के साथ-साथ बेहतर मारक क्षमता, अत्याधुनिक ऑटोमेशन और मजबूत सर्वाइवेबिलिटी शामिल है। यह सभी विशेषताएँ इसे एक प्रभावी युद्ध प्रणाली बनाती हैं। वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किए गए इस युद्धपोत में अधिक आधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम शामिल किए गए हैं।

ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की ताकत

INS तारागिरी में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, एमएफस्टार रडार, मीडियम रेंज सर्फेस टु एयर मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम, 76 मिमी गन, 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन सिस्टम के साथ पनडुब्बी रोधी रॉकेट और टॉरपीडो भी शामिल हैं। इस युद्धपोत की क्षमताएँ इसे समुद्री शांति और सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बनाती हैं।

समय के साथ बेहतर निर्माण प्रक्रिया

पिछले 11 महीनों में नौसेना को प्रोजेक्ट 17-ए का यह चौथा जहाज मिला है। पहले दो जहाजों के अनुभव के कारण ‘तारागिरी’ का निर्माण समय घटाकर 81 महीने कर दिया गया है, जबकि पहले जहाज ‘नीलगिरि’ के निर्माण में 93 महीने लगे थे। यह समय की बचत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

भविष्य की योजनाएँ

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रोजेक्ट के बाकी तीन जहाज 2026 के अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से नौसेना को सौंपे जाएंगे। इस परियोजना में 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसमें 200 से अधिक एमएसएमई जुड़े हैं। यह हमें आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम समझा जा सकता है।

INS तारागिरी का महत्व

INS तारागिरी का शामिल होना भारतीय नौसेना की ताकत को और भी बढ़ाता है। इसके साथ, भारत के पास सुरक्षित समुद्री सीमाओं की रक्षा का एक और सशक्त मंच होगा। इस तरह के उच्च तकनीकी युद्धपोत का निर्माण न केवल सैन्य क्षमता बढ़ाता है, बल्कि हमारे राष्ट्र की सुरक्षा को भी सुदृढ़ करता है।

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