केंद्रीय बजट 2026–27 में राजस्थान को केंद्रीय करों से पिछले वर्ष की तुलना में 6505 करोड़ रुपये अधिक मिलेंगे। हालांकि कुल हिस्सेदारी की राशि बढ़ी है, लेकिन राज्य के प्रतिशत हिस्से में हल्की कटौती हुई है। बजट की सबसे अहम घोषणा प्रदेश के सभी 41 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की है, जिसे महिला शिक्षा और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय करों से राजस्थान को कितना मिला लाभ
केंद्रीय बजट 2026–27 में राजस्थान को केंद्रीय करों से कुल 90,445 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी मिलेगी। यह राशि पिछले बजट की तुलना में 6505.40 करोड़ रुपये अधिक है। बीते वर्ष राजस्थान को 84,487.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिन्हें संशोधित कर 83,940.45 करोड़ रुपये कर दिया गया था।
इस बढ़ोतरी से साफ है कि केंद्र सरकार ने राज्यों को कर हिस्सेदारी के रूप में अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया है, जिससे राजस्थान को विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय ताकत मिलेगी।
बढ़ी राशि, लेकिन घटा प्रतिशत
हालांकि कुल फंड में इजाफा हुआ है, लेकिन राजस्थान की प्रतिशत हिस्सेदारी में कमी दर्ज की गई है। पिछले बजट में केंद्रीय करों में राजस्थान की हिस्सेदारी 6.026 प्रतिशत थी, जो इस बार घटकर 5.926 प्रतिशत रह गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कटौती वित्त आयोग के फॉर्मूले और अन्य राज्यों की तुलना में बदलते जनसंख्या व आर्थिक संकेतकों का परिणाम हो सकती है। इसके बावजूद कुल राशि बढ़ना राज्य सरकार के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स से सबसे ज्यादा फायदा
राजस्थान को 2026–27 में इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स से सबसे अधिक राजस्व मिलने वाला है। इनकम टैक्स से: 32,187.25 करोड़ रुपये
कॉर्पोरेट टैक्स से: 26,550.56 करोड़ रुपये
इन दोनों मदों से मिलने वाला फंड राज्य के कुल कर हिस्से का बड़ा हिस्सा बनेगा। इससे राज्य सरकार को बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाओं में निवेश बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल महिला शिक्षा के लिए ऐतिहासिक फैसला
केंद्रीय बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक है देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने का निर्णय। राजस्थान में वर्तमान में 41 जिले हैं—पुराने और नए मिलाकर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा के अनुसार अब राजस्थान के सभी जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनेगा।
इन जिलों में जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन, दूदू, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और फलौदी जैसे नए जिले भी शामिल हैं।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना डर और अतिरिक्त खर्च के उच्च शिक्षा हासिल कर सकें।
नेताओं की प्रतिक्रिया
राजनीतिक स्तर पर भी बजट की सराहना हुई है। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने इसे 145 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाला बताया, जबकि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बजट को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर मजबूत कदम बताया।
केंद्रीय बजट 2026–27 राजस्थान के लिए मिश्रित लेकिन सकारात्मक संकेत लेकर आया है। जहां एक ओर प्रतिशत हिस्सेदारी में हल्की गिरावट है, वहीं बढ़ी हुई राशि और हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल जैसी घोषणाएं राज्य के सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई गति देने वाली साबित होंगी।
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