महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान क्रैश को लेकर रोहित पवार ने कई प्रमुख सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि समान्य सी बातें ऐसी नहीं हैं, जैसी दिखाई दे रही हैं। रोहित ने विमान कंपनी VSR की लापरवाही और इसकी जांच की कमी पर जोर दिया है। इसके चलते उन्होंने तत्काल जांच की मांग की है।
जला हुआ स्वेटर और कटी हुई घड़ी
रोहित पवार ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से अजित दादा का जला हुआ स्वेटर और उनकी घड़ी देखी है, जो 15 मिनट आगे चल रही थी। जब घड़ी बंद हुई, तब उसमें 9 बजे का समय था। यह जानकारी बेहद संवेदनशील है और इससे एयरक्राफ्ट की समय-सीमा के बारे में कई सवाल उठते हैं।
टेक ऑफ से पहले की अनियमितताएँ
रोहित ने घटना के समय वायुमार्ग संबंधी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि घटना के दिन विमान के स्टाफ ने टेक ऑफ के पहले विजिबिलिटी चेक किया था। इसके बाद विमान 8:10 बजे टेक ऑफ हुआ, और दुर्घटना 8:43 से 8:45 के बीच हुई। इस समय अंतराल में कई गंभीर खामियाँ हो सकती थीं।
विमान की तकनीकी स्थिति पर सवाल
अजित पवार के साथ हुई घटना को लेकर रोहित पवार ने यह भी चेतावनी दी कि क्या विमान का मैकेनिकल फेलियर हुआ था? उन्होंने सवाल किया कि टेक ऑफ से पहले विमान की उचित जांच हुई थी या नहीं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि VSR कंपनी पर कई तकनीकी ख़ामियों का आरोप लगाया गया है।
जांच रिपोर्ट की अनियमितता
रोहित ने यह भी कहा कि दो साल पहले मुंबई में हुई एक दुर्घटना की रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या ऐसी घटनाओं से सबक नहीं लिया जा रहा है? यदि रिपोर्ट उपलब्ध होती तो संभवतः अजित दादा को बचाया जा सकता था।
VSR कंपनी की गतिविधियाँ
रोहित ने कहा कि VSR कंपनी की गतिविधियों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। विदेशी एजेंसी EASA ने कंपनी से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन VSR ने इसे प्रस्तुत नहीं किया। इससे कंपनी की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगता है।
अधिसूचना और तकनीकी खामियाँ
रोहित ने यह भी सलाह दी कि MRO (मेन्टेनेंस, रिपेयर, ओवरहाल) कार्य को बाहर भेजने के बजाय इनेहाउस करने से कंपनी को आर्थिक लाभ होता है, लेकिन यह सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। प्रश्न यह उठता है कि क्या कम लागत बचाने के लिए तकनीकी प्रक्रियाओं से चूक हुई है।
भविष्य की सुरक्षा की चिंता
रोहित नेसमझाया कि ऐसे खतरे का सामना करने के लिए गंभीर दिशानिर्देश और निगरानी की जरूरत है। उन्हें इस बात की चिंता है कि वीआईपी यात्रा के लिए इस प्रकार की अनियमितताओं का सामना किया जा रहा है। इस स्थिति में सुधार लाने की तत्काल आवश्यकता है।