यूपी में किसानों को दोगुनी सहायता, पशुओं की मौत पर भी बढ़ा मुआवजा

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और आम लोगों के लिए योगी सरकार ने राहत का बड़ा ऐलान किया है। अब बाढ़, सूखा, और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने पर किसानों को पहले से ज्यादा मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मौत पर उसके परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता भी दोगुनी कर दी गई है। पहले यह राशि 4 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 8 लाख रुपये कर दिया गया है।

नए मानक और राहत की उम्मीद

सरकार ने फसल, पशुधन, मकान और सार्वजनिक सुविधाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए नए मानक तय किए हैं। इस फैसले से प्रदेश के 10 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बारहमासी फसलों और कृषि वानिकी को भी इस राहत के दायरे में रखा गया है। अब नुकसान होने पर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी।

रेशम किसानों के लिए भी राहत, पशुधन के लिए बढ़ा मुआवजा

रेशम उत्पादन करने वाले किसानों के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई गई है। एरी, शहतूत और टसर रेशम उत्पादन में नुकसान होने पर अब 7,800 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे। मूगा रेशम उत्पादन में नुकसान पर सहायता राशि 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। इसके अलावा, कृषि भूमि से गाद हटाने के लिए मिलने वाली सहायता भी बढ़ाई गई है। प्राकृतिक आपदा में केवल फसलें ही नहीं, बल्कि किसानों का पशुधन भी प्रभावित होता है। इसे देखते हुए, सरकार ने पशुओं की मौत पर मिलने वाली सहायता राशि में भी इजाफा किया है। बड़े पशुओं की मौत पर अब 50 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि छोटे पशुओं की मौत पर यह राशि 5,500 रुपये कर दी गई है। मुर्गीपालन करने वालों को भी राहत दी गई है।

मकान क्षति पर आर्थिक मदद, तत्काल राहत की व्यवस्था

प्राकृतिक आपदा में मकान क्षतिग्रस्त होने पर प्रभावित परिवारों को मिलने वाली सहायता के मानक भी बदले गए हैं। मैदानी क्षेत्रों में मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर 1.85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में यह राशि 2.06 लाख रुपये निर्धारित की गई है। आपदा के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। अब आपदा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में 30 दिनों तक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सूखे की स्थिति में लोगों को 90 दिनों तक पेयजल सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत

आपदा में शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने पर भी सरकार आर्थिक सहायता देगी। प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत के लिए 15.50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। माध्यमिक विद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की मरम्मत के लिए 26 लाख रुपये तक की मदद मिल सकेगी।

नए मानक 1 अप्रैल से लागू

इस फैसले की एक खास बात यह है कि बढ़ी हुई सहायता राशि के नए मानक 1 अप्रैल 2026 से 4 नवंबर 2026 तक हुए नुकसान की भरपाई के लिए लागू होंगे। कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह फैसला प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और आम परिवारों के लिए बड़ी राहत का संदेश है।

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