एक शरीर-दो सिर: Odisha के कंधमाल में जन्मा 2.6 किलो का अनोखा बच्चा

The CSR Journal Magazine
ओडिशा के कंधमाल जिले में एक अद्भुत घटना हुई है, जहां एक दो सिर वाला बच्चा जन्मा है। यह बच्चा ब्रह्मपुर स्थित महाराजा कृष्ण चंद्र गजपति मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 10 अक्टूबर को सीजेरियन ऑपरेशन के जरिए आया। इस नवजात के एक ही शरीर से दो सिर जुड़े हुए हैं, जिसे देखकर सभी हैरान हैं। यह बच्चा जिंदा है और सांस ले रहा है, लेकिन मेडिकल साइंस के लिए यह एक चुनौती बन गया है।

विशेष चिकित्सा टीम की निगरानी

बच्चे को तुरंत बहरामपुर के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया। जटिलताओं को देखते हुए इसे एम्स भुवनेश्वर भेजा गया है, जहां एक विशेष टीम उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। इस बच्चे का वजन 2.6 किलोग्राम है और यह समय से पहले पैदा हुआ है।
इस अनोखे बच्चे के माता-पिता त्रिलोचन माझी (22) और रूनी (21) हैं, जो तुमुडीबांधा ब्लॉक के तिदिपाड़र गांव के निवासी हैं। यह उनके लिए पहली संतान है। पिता दैनिक मजदूरी करते हैं, जबकि मां को विशेष देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डॉक्टरों की राय

बच्चे के सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. मानस रंजन दास ने बताया कि इस स्थिति को पैरापैगस ट्विन्स कहा जाता है, जो बेहद दुर्लभ है। यह स्थिति लगभग तीन लाख में से एक मामले में होती है। डॉक्टरों ने बताया कि इस स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में डाइसेफेलिक पैरापैगस कहा जाता है, जिसमें दो सिर और गर्दन एक ही शरीर से जुड़े होते हैं।

जुड़े हुए जुड़वां बच्चों का जन्म

डॉक्टरों के अनुसार, जॉइंट ट्विन्स या जुड़े हुए जुड़वां बच्चों का जन्म बहुत ही दुर्लभ होता है। अनुमान के मुताबिक, हर तीन लाख बच्चों में से सिर्फ एक ऐसा मामला देखने को मिलता है। हालांकि, इन बच्चों को बचाए रखने में मेडिकल साइंस के सामने कई जटिलताएं आती हैं।

अगले कदम क्या होंगे?

इस मामले में डॉक्टर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि शिशु को किस तरह की देखभाल या सर्जरी की जरूरत है। विशेष चिकित्सा टीम ने बच्चे की देखभाल के लिए सभी आवश्यक उपकरण और संसाधन जुटा लिए हैं। बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर सभी चिंतित हैं और हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
इस अद्भुत घटना ने स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बना दिया है। लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक मेडिकल डिसऑर्डर के रूप में देख रहे हैं। बच्चे के जन्म के बाद से ही गांव में कई तरह की बातें हो रही हैं।
इस बच्चे के भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या यह बच्चा सामान्य जीवन जी पाएगा? क्या उसे सर्जरी की जरूरत पड़ेगी? इन सभी सवालों के जवाब अभी भी अनिश्चित हैं। डॉक्टर लगातार बच्चे की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और उसके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos