India’s First LNG Train: गुजरात से चली देश की पहली LNG ट्रेन, डीजल की खपत में 40% तक कमी का दावा

The CSR Journal Magazine
India’s-First LNG Train: गुजरात से भारतीय रेलवे ने वैकल्पिक ईंधन की दिशा में एक बड़ी शुरुआत की है। देश की पहली LNG-डीजल दोहरे ईंधन वाली DEMU ट्रेन को साबरमती से रवाना किया गया। 27 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन एक ही इंजन में LNG यानी द्रवीकृत प्राकृतिक गैस और डीजल दोनों का इस्तेमाल कर सकती है।

India’s First LNG Train: एक ही इंजन, दो तरह का ईंधन

इस ट्रेन की सबसे खास बात इसकी दोहरे ईंधन वाली तकनीक है। सामान्य डीजल इंजन की तरह केवल डीजल पर निर्भर रहने के बजाय इसमें LNG का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ईंधन की उपलब्धता के अनुसार ट्रेन LNG और डीजल के बीच संचालन कर सकती है। इससे रेलवे को वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल का व्यावहारिक विकल्प मिलता है। बीजेपी ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि इस तकनीक से डीजल की खपत करीब 40 फीसदी तक कम हो सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत परिचालन परिस्थितियों, LNG के इस्तेमाल के अनुपात और ट्रेन के संचालन जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।

India’s First LNG Train: 8 कोच की है ट्रेन

रिपोर्ट के मुताबिक नई LNG-डीजल DEMU ट्रेन में 8 गैर-वातानुकूलित कोच हैं। इसे चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने विकसित किया है। इसका डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि ट्रेन पूरी तरह LNG पर निर्भर न रहे और जरूरत के मुताबिक डीजल पर भी चल सके। यह प्रयोग ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय रेलवे अपने ऊर्जा इस्तेमाल को ज्यादा टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। रेलवे के मुताबिक जुलाई 2026 तक देश के करीब 99.6 फीसदी ब्रॉडगेज नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका था। साथ ही रेलवे के ट्रैक्शन में डीजल की खपत भी पिछले वर्षों में काफी कम हुई है।

LNG से क्यों बदलेगा रेलवे का ईंधन मॉडल?

LNG को डीजल के मुकाबले कम उत्सर्जन वाले ईंधन विकल्पों में गिना जाता है। ऐसे में LNG-डीजल तकनीक का इस्तेमाल उन रेल मार्गों पर खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जहां तत्काल विद्युतीकरण संभव नहीं है या जहां वैकल्पिक ईंधन के प्रयोग की जरूरत है। भारतीय रेलवे पहले भी CNG और अन्य वैकल्पिक ईंधनों के साथ दोहरे ईंधन वाली तकनीक पर काम कर चुका है। अब LNG के साथ यह प्रयोग रेलवे के ऊर्जा परिवर्तन की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

इलेक्ट्रिक रेलवे के बीच LNG ट्रेन क्यों?

भारत में रेलवे का तेजी से विद्युतीकरण हो रहा है, लेकिन सभी ट्रेनों और सभी परिस्थितियों के लिए एक ही ऊर्जा समाधान पर्याप्त नहीं होता। ऐसे में LNG जैसी तकनीक को संक्रमणकालीन वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाशना रेलवे के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। साबरमती से शुरू हुई यह ट्रेन इसलिए भी खास है क्योंकि यह केवल नई ट्रेन सेवा नहीं, बल्कि रेलवे के पारंपरिक डीजल इंजन को वैकल्पिक ईंधन से जोड़ने का तकनीकी प्रयोग है। आने वाले समय में इसके परिचालन अनुभव से यह पता चलेगा कि LNG तकनीक बड़े पैमाने पर रेलवे के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है।
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