हर की पौड़ी में पानी गायब, पुराने कपड़ों का ढेर, पर्यटकों में निराशा

The CSR Journal Magazine
अक्टूबर का महीना हरिद्वार और ऋषिकेश जाने का समय होता है। लेकिन इस बार जो लोग हर की पौड़ी जाने का मन बना रहे हैं, उन्हें निराशा का सामना करना पड़ सकता है। हर की पौड़ी का पानी गायब हो चुका है और वहां सिर्फ गंदे कपड़े, पॉलीथीन बैग और कचरा ही कचरा फैला हुआ है। हरिद्वार के घाट इस समय किसी कूड़ेदान में तब्दील हो गए हैं। ऐसे में अगर आप गंगा स्नान का प्लान बना रहे हैं, तो इसे टाल दें।

गंग नहर की सफाई के चलते पानी की कमी

हर साल दशहरा से लेकर दीवाली के बीच गंग नहर को सफाई और मरम्मत के लिए बंद किया जाता है। इस साल भी गंग नहर को 18 दिनों के लिए बंद किया गया है, जिसके कारण हर की पौड़ी से गंगा का पानी गायब हो गया है। गंग नहर को फिर से 7 नवंबर की मध्यरात्रि को खोला जाएगा। इस स्थिति ने हरिद्वार के घाटों को कचरे के ढेर में बदल दिया है।

कचरे का बढ़ता ढेर और प्रदूषण

गंगा जल की वजह से घाट पर कचरा दिखाई नहीं देता था, लेकिन अब नहर बंद होने के कारण सारा कचरा घाट के ऊपर आ गया है। गंगा की सतह और रेलिंग पर जगह-जगह कपड़े, प्लास्टिक और पॉलीथीन नजर आ रही है। यह न केवल गंगा जल को प्रदूषित कर रहा है, बल्कि जलीय जीवों के लिए भी हानिकारक साबित हो रहा है।

समाजसेवी संस्थाओं की सफाई मुहिम

हर साल बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आते हैं, लेकिन वे नदी को दूषित करके चले जाते हैं। स्थानीय और समाजसेवी संस्थाएं गंगा की सफाई और मेंटेनेंस के लिए जुटी हुई हैं। इस दौरान घाट पर पुराने कपड़ों का ढेर गंगा की सफाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

स्थानीय लोगों की अपील

एक स्थानीय निवासी महेंद्र ने कहा, “गंगा स्नान के बाद लोग अपने पुराने कपड़े नदी में छोड़ जाते हैं, जिससे यहां कपड़ों का ढेर जमा हो गया है। हम सभी से अपील करते हैं कि गंगा में पुराने गंदे कपड़े छोड़कर ना जाएं। मां गंगा को मोक्षदायिनी और जीवनदायिनी माना जाता है।” हर साल लोगों से गंगा को गंदा ना करने की अपील की जाती है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।

हरिद्वार के आसपास की खूबसूरत जगहें

हरिद्वार के पास कई खूबसूरत जगहें हैं, जिन्हें आप अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं। ऋषिकेश, राजाजी नेशनल पार्क, नीलकंठ महादेव मंदिर, कुंजापुरी मंदिर और चिल्ला वन्यजीव अभ्यारण्य जैसी जगहें पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन जगहों पर जाकर आप प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं।

गंगा की सफाई पर उठते सवाल

हरिद्वार में गंगा की सफाई का मुद्दा हमेशा चर्चा में रहता है। घाटों पर जमा कचरा और पुराने कपड़े इस बात का संकेत हैं कि पर्यटकों को गंगा की पवित्रता का ध्यान रखना चाहिए। गंगा जल को स्वच्छ रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।

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