Delhi में एक दिन में 303 चालान, जानिए कौन सी गलती आपको महंगी पड़ सकती है?

The CSR Journal Magazine
दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के साथ, नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को रोहिणी जोन में 303 चालान काटे गए, जो कि गाड़ियों के बजाय प्रदूषण फैलाने से जुड़े नियमों के खिलाफ थे। खुला कचरा जलाना, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण की कमी और सड़कों पर जमा धूल जैसी गतिविधियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।

चालानों की संख्या में तेजी

MCD की रिपोर्ट के अनुसार, रोहिणी जोन में 4 नवंबर को सबसे ज्यादा चालान काटे गए। 2 नवंबर को यहां 160 चालान हुए थे, जो 3 नवंबर को बढ़कर 199 हो गए। एक ही दिन में 303 चालान काटने का यह आंकड़ा इस जोन में सबसे अधिक है। इस जोन में दिन की गश्त के लिए तैनात 94 कर्मचारियों में से 91 मौजूद थे, जिससे कार्रवाई को प्रभावी बनाया गया।

अन्य जोनों में भी कार्रवाई

रोहिणी के अलावा, अन्य जोनों में भी प्रदूषण से संबंधित उल्लंघनों पर कार्रवाई की गई। सेंट्रल नॉर्थ जोन में 221, वेस्ट जोन में 210 और साउथ ईस्ट जोन में 147 चालान काटे गए। साउथ जोन में 155 और साउथ वेस्ट जोन में 105 चालान दर्ज किए गए। यह स्पष्ट है कि MCD प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए गंभीर है।

क्या हैं चालान कटने के कारण?

दिल्ली में कई गतिविधियाँ हैं जो प्रदूषण फैलाने का कारण बन रही हैं। निर्माण कार्य के दौरान धूल रोकने के लिए आवश्यक उपाय नहीं किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर मलबा खुले में फेंका जा रहा है और कूड़ा जलाने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। सड़कों पर जमा धूल भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है। MCD इन उल्लंघनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।

प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान

MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया कि निगम ने दिल्ली में 48 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है। इन हॉटस्पॉट्स का दायरा लगभग 3 से 3.5 किलोमीटर है। यहां सड़क की धूल, अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में 66 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें काम कर रही हैं, जिनकी शिफ्ट 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है।

कचरा जलाने पर रोक

खुले में कचरा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए MCD ने 125 टीमें बनाई हैं, जो दो शिफ्ट में काम कर रही हैं। लोगों को कचरा न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा, पानी के छिड़काव, एंटी स्मॉग गन और जेटिंग मशीनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। सड़कों पर पड़े कचरे को उठाने के लिए लिटर पिकर भी तैनात किए गए हैं।

नए तकनीकी उपाय

MCD टोल पॉइंट पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक वाले कैमरे लगा रही है। इनकी मदद से BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों पर लगे प्रतिबंध को लागू करने में सहायता मिलेगी। अगले हफ्ते से इनकी टेस्टिंग शुरू होने की उम्मीद है, जिससे वाहनों का डेटा दिल्ली पुलिस के साथ साझा किया जाएगा।

दिल्ली का AQI खतरे के स्तर पर

बुधवार को दिल्ली का औसत AQI 377 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। शहर के 22 निगरानी केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गई थी। ऐसे में MCD की कार्रवाई के बावजूद कई इलाकों में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां जारी हैं।

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