कर्नाटक में सांप काटने से मौतों की संख्या सर्वाधिक, ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित

The CSR Journal Magazine
कर्नाटक राज्य सांप के काटने से होने वाली मौतों में देश में पहले स्थान पर है। पिछले तीन वर्षों में यहाँ 277 लोगों की सांप के काटने से जान गई है। ग्रामीण इलाकों के लोग और कृषि श्रमिक इस समस्या के सबसे ज्यादा शिकार बने हैं। समय पर उपचार के अभाव और हर्बल चिकित्सा पर निर्भरता इन मौतों का मुख्य कारण बनी है।

ग्रामीण इलाकों में समस्या अधिक गंभीर

कर्नाटक में सांप के काटने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में। आंकड़ों के अनुसार, 2023 से 2026 के बीच सबसे ज्यादा सांप काटने की घटनाएँ दर्ज की गई हैं। कृषि मजदूर और खेतों में काम करने वाले लोग इस त्रासदी का मुख्य शिकार बने हैं। अक्सर ये घटनाएँ देर रात या अंधेरे में होती हैं।

स्वास्थ्य विभाग की चिंता

विशेषज्ञों ने चेताया है कि समय पर विषनाशक दवा (antivenom) की अनुपलब्धता मौतों की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण है। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि लोगों को सांप के काटने पर प्राथमिक चिकित्सा और निकटतम सरकारी अस्पताल जाने की जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। ऐसा न करने की वजह से लोग प्राकृतिक उपचार पर निर्भर रहते हैं, जो कि अक्सर अपर्याप्त साबित होता है।

जानकारी का अभाव

21 मार्च, 2023 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, लोगों को इस बात की जानकारी देनी चाहिए कि सांप के काटने पर कैसे प्राथमिक उपचार करें। इसके अलवा, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए उपाय भी सुझाए गए हैं। राज्य में वन क्षेत्र और विषैले सांपों की प्रजातियों का घनत्व अधिक है। सुरक्षा के उपायों को तत्काल लागू करने की आवश्यकता है।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

कर्नाटका में सांप काटने से मौतों की संख्या के मामले में बेलगाम, मैसूर, तुमकुर और शिवमोग्गा जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहाँ के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। यदि प्राथमिक उपचार संबंधित जागरूकता बढ़ाई जाए, तो इन घटनाओं को सीमित किया जा सकता है।

आवश्यक कदम उठाने की जरुरत

स्वास्थ्य विभाग ने जोर दिया है कि लोगों के बीच सांपों के काटने से जुड़ी जानकारी फैलाना बहुत जरूरी है। सही समय पर उपचार और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से जान बचाई जा सकती है।

समस्या का दीर्घकालिक समाधान

कर्नाटका में सांप काटने से होने वाली मौतों की समस्या एक दीर्घकालिक समाधान की मांग करती है। लोगों को इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। गाँवों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और जागरूकता सत्रों के आयोजन के माध्यम से इसे संभव बनाया जा सकता है।

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