मणिपुर में तीन लोगों की हत्या के बाद हंगामा, सीएम आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन

The CSR Journal Magazine

जंगल में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे लोग

इंफाल। मणिपुर में सोमवार को एक दुखद घटना में तीन लोगों की हत्या कर दी गई। ये लोग जंगल में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे, तभी उग्रवादियों ने उन पर गोलीबारी की। इस हमले में तीन अन्य लोग घायल भी हुए हैं। घटना इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर हुई, जहां स्थानीय लोग सुबह करीब 7 बजे लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। इस हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है।

स्थानीय लोगों का उग्र प्रदर्शन

घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने वहां दो शव रख दिए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने घायलों से मुलाकात की, लेकिन मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया। स्थानीय लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि राज्य में पिछले कुछ महीनों से जारी हिंसा के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

घायलों की स्थिति

इस हमले में मारे गए लोगों में अरुबम रोनिल (35) और लैरेनलाकपम इनाओबी (51) शामिल हैं, जो मौके पर ही दम तोड़ गए। तीसरे व्यक्ति, क्षेत्रिमायुम सुशील (32) ने इलाज के दौरान अस्पताल में अंतिम सांस ली। घायलों में एन सूरज (19), मेइसनाम सोमेंद्रो (53) और के बोसन (45) शामिल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। ये सभी लोग उस समूह का हिस्सा थे, जो लकड़ी इकट्ठा करने गए थे।

पुलिस की कार्रवाई

प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) ले जाया गया। मुख्यमंत्री आवास और वहां जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने खुराई लमलॉन्ग में एक सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

व्यापार और बाजार पर असर

इस घटना के बाद पूरे इंफाल में बाजार और दुकानें बंद रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक सरकार इस मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाएगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। महिलाओं के एक समूह ने इंफाल के एमा केइथेल में भी विरोध प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

राज्य में बढ़ती हिंसा पर चिंता

मणिपुर में मई 2023 से जारी हिंसा ने पूरे राज्य को प्रभावित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें निर्दोष लोग मारे गए हैं। इस बार की घटना ने लोगों को और भी गुस्से में ला दिया है।

मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल

मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें इस गंभीर मुद्दे पर खुलकर बात करनी चाहिए। मुख्यमंत्री आवास के बाहर शवों को देखकर यह साफ है कि स्थानीय लोग सरकार के प्रति कितने नाराज हैं।

आगे की स्थिति

मणिपुर में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का गुस्सा और बढ़ रहा है, और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। सरकार को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा स्थिति और भी बिगड़ सकती है। मणिपुर की शांति और सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले।

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