दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने हत्या करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी रखी। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद और कथित साजिशकर्ता की पहचान का था। अमर उजाला की 25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस दिशा में पुलिस को 19 दिन तक पूछताछ और जांच करनी पड़ी। इस दौरान सुब्रत, उसकी बहन शुभांगी, मां पुनीता, जेल में बंद शालू और फर्म के कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए गए।
150 सवालों के बाद सामने आया सुब्रत का नाम
पुलिस ने 6 अगस्त को विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। विशाल की ओर से शालू का नाम सामने आया, लेकिन पुलिस को हत्या की पूरी साजिश और उसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, सुब्रत को थाने और पुलिस कमिश्नर कार्यालय बुलाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने उसकी फर्म पर जाकर कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई। दुकान में चोरी और पिता-पुत्र के बीच विवाद से जुड़ी बातें जांच का हिस्सा बनीं। बुधवार को पुलिस ने सुब्रत की 24 घंटे की कस्टडी रिमांड ली। इसी दौरान सुब्रत और विशाल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, इस पूछताछ में विशाल की ओर से सुब्रत का नाम सामने आया। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि 150 सवालों के जरिए हत्या के पीछे की वजह और कथित साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश की गई।
5 सितंबर की रात फ्लैट में क्या हुआ?
पुलिस की जांच के अनुसार, 5 सितंबर की रात 9:38 बजे शालू और सुब्रत पार्टी के लिए घर से निकले थे। रात 9:46 बजे दोनों आरोपी फ्लैट में पहुंचे। विशाल ड्राइंग रूम में रहा, जबकि राजकिशोर दंपती के कमरे में छिप गया। दोनों ने चार बार मोबाइल पर बातचीत की। इसके बाद विशाल भी उसी कमरे में छिप गया। पुलिस के मुताबिक, लाइट जलती देखकर विनीत कमरे में पहुंचे। उनके चीखने पर राजकिशोर ने हाथ पकड़ा और विशाल ने चाकुओं से हमला किया। सुबह 4:23 बजे शालू और सुब्रत अपने बेटे के साथ पार्टी से लौटे। 4:32 बजे अपार्टमेंट का गार्ड पहुंचा और पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विनीत के पेट, सिर और गले पर चोटों के 17 घाव मिलने की बात सामने आई।
हत्या के पीछे क्या था मकसद?
मामले से जुड़ी रिपोर्टों में सुब्रत पर करीब 40 लाख रुपये के कर्ज और पिता के कथित निजी संबंधों से जुड़े विवाद का उल्लेख किया गया है। पुलिस की जांच में दुकान की चोरी और पिता-पुत्र के बीच मतभेदों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई। हालांकि, हत्या के वास्तविक मकसद और आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से होगी। पुनीता के संबंध में रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने शालू को आरोपी मानने की बात कही थी और बाद में बेटे सुब्रत को बचाने के लिए वकीलों के संपर्क में होने का उल्लेख किया गया। परिवार के किसी सदस्य का बयान या कानूनी सहायता लेना अपने आप में अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करता।
क्या है इस मामले का महत्व?
विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी से आगे बढ़कर कथित साजिश और मकसद तक पहुंचने पर केंद्रित रही। 19 दिन की पूछताछ और रिमांड के बाद पुलिस के अनुसार सुब्रत का नाम सामने आया। अब इस मामले में पुलिस के दावों, उपलब्ध साक्ष्यों और अदालत की कार्यवाही के आधार पर आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
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