पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नवरात्र की अष्टमी पर उन्होंने कन्याओं के हाथों धर्म रथ का विधि-विधान से पूजन कराया। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने कन्या पूजन भी किया और रथ का निरीक्षण किया। यह यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन उज्जैन से शुरू होगी, जिसका उद्देश्य सत्य, सद्भाव और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देना है।
950 किलोमीटर का सफर
यात्रा का कार्यक्रम लगभग 70 दिनों तक चलेगा और यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से गुजरेगा। यात्रा का समापन अयोध्या में होगा। रूट में उज्जैन, तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान शामिल हैं। इसके बाद यात्रा तालबेहट, जेरोन, ओरछा, चिरगांव, उरई, कालपी और कानपुर देहात के रास्ते अयोध्या की ओर बढ़ेगी।
धार्मिक आस्था का जिक्र, नर्मदा परिक्रमा का जिक्र
धर्म रथ पूजन के दौरान दिग्विजय सिंह ने अपनी धार्मिक आस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वे द्वीपपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के दीक्षित शिष्य हैं और भगवान शिव उनके आराध्य हैं। उन्होंने महाकाल की नगरी उज्जैन से यात्रा शुरू करने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि वे नियमित रूप से एकादशी का व्रत करते हैं और पैदल नर्मदा परिक्रमा भी पूरी कर चुके हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि उनमें से कितने नेताओं ने पैदल नर्मदा परिक्रमा की है। यह सवाल भाजपा के नेताओं के लिए एक चुनौती बन गया है।
भाजपा पर आरोप
दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अफवाह फैलाते हैं। उन्होंने मंदिरों के चंदे और चढ़ावे में कथित भ्रष्टाचार पर भी टिप्पणी की। अपने पैतृक किले में सात मंदिर होने और उनमें से चार में अखंड ज्योत जलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपनी धार्मिक परंपराओं की जानकारी दी।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व, समर्थकों का उत्साह
इस यात्रा का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व भी है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता और सद्भावना का संदेश भी देगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। दिग्विजय सिंह के समर्थक इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक होगी। यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं का अनुभव हो सके।
यात्रा की तैयारियों में जुटे कार्यकर्ता, अयोध्या में यात्रा का समापन
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की तैयारियों में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। दिग्विजय सिंह के समर्थक इस यात्रा को लेकर उत्साहित हैं और इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा मानते हैं। यात्रा का समापन अयोध्या में होगा, जहां दिग्विजय सिंह विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। यह यात्रा न केवल उनके लिए बल्कि उनके समर्थकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। यात्रा के दौरान अनेक धार्मिक स्थलों का दर्शन होगा, जो श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!