WhatsApp पर NO लिखने से कैसे खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, समझिए पूरा खेल

The CSR Journal Magazine
हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के पास एक फर्जी मैसेज आया, जिसमें कहा गया कि उनके बैंक खाते से 90 हजार रुपये कट गए हैं। जब उन्होंने जवाब में NO लिखा, तो उनके दो खातों से कुल 1 लाख 70 हजार रुपये की ठगी हो गई। यह मामला दर्शाता है कि साइबर ठग अब नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। बिना ओटीपी शेयर किए या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करवाए ही, सिर्फ एक WhatsApp मैसेज के जरिए लोगों के बैंक खाते खाली किए जा सकते हैं।

पुलिस की चेतावनी

हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वी. सी. सज्जनार ने इस धोखाधड़ी के बारे में लोगों को चेतावनी दी है। सज्जनार के अनुसार, ठग अनजान या अंतरराष्ट्रीय नंबरों से मैसेज भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि व्यक्ति के बैंक खाते से पैसे कट गए हैं। इसके बाद एक और मैसेज आता है, जिसमें कहा जाता है कि अगर यह ट्रांजैक्शन आपने नहीं किया है तो जवाब में NO लिखकर भेजें। यह एक खतरनाक खेल है, जिसे समझना बेहद जरूरी है।

क्या है पूरा खेल?

तेलुगु भाषा में किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस कमिश्नर ने इस धोखाधड़ी को ऑटो-एग्जीक्यूशन फाइल अटैक बताया है। एक पीड़ित ने अपने बैंक खाते के सारे पैसे तब गंवा दिए जब उसने व्हाट्सएप पर आए एक संदेश का जवाब सिर्फ NO लिखकर दिया। यह मामला और भी गंभीर है क्योंकि पीड़ित ने न तो अपनी कोई बैंकिंग जानकारी दी, न ही कोई ओटीपी शेयर किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया।

कैसे काम करता है ये स्कैम?

इस तरह की धोखाधड़ी आमतौर पर कई चरणों में होती है। सबसे पहले, पीड़ितों को एक संदेश मिलता है जिसमें दावा किया जाता है कि उनके बैंक खाते से पैसे कट गए हैं। फिर एक दूसरा संदेश आता है, जिसमें उनसे कहा जाता है कि अगर उन्होंने यह ट्रांजैक्शन नहीं किया है तो वे NO लिखकर जवाब दें। जैसे ही वे जवाब देते हैं, कुछ छिपे हुए हानिकारक स्क्रिप्ट सक्रिय हो जाते हैं। इसके बाद साइबर अपराधी पीड़ित के डिवाइस तक पहुंच बना सकते हैं और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे बचें इस धोखाधड़ी से?

पुलिस आयुक्त ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अज्ञात नंबरों से आने वाले संदिग्ध संदेशों का जवाब YES या NO में न दें। भेजने वाले को ब्लॉक करें और तुरंत चैट डिलीट कर दें। लेन-देन की पुष्टि केवल आधिकारिक बैंकिंग ऐप्स, वेबसाइटों या कस्टमर-केयर चैनलों के जरिए ही करें। अनौपचारिक WhatsApp अकाउंट से भेजे गए लेन-देन अलर्ट को अनदेखा करें।

अगर शिकार हो जाएं तो क्या करें?

सज्जनार ने नागरिकों को याद दिलाया कि असली बैंक आमतौर पर ग्राहकों से व्हाट्सएप पर आए किसी रैंडम मैसेज के जरिए ट्रांजैक्शन वेरिफाई करने के लिए नहीं कहते हैं। यदि किसी को साइबर फ्रॉड का शक हो, तो उसे तुरंत नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना चाहिए या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने और बैंकिंग से जुड़े किसी भी संदेश पर कोई कदम उठाने से पहले आधिकारिक माध्यमों से उसकी पुष्टि करने का आग्रह किया है।

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