बंगाल की मुख्यमंत्री के ‘कॉकरोचों’ वाले बयान पर विवाद, लोगों से सतर्क रहने की अपील

The CSR Journal Magazine

सुवेंदु अधिकारी ने की पीएम मोदी का समर्थन करने की अपील

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को एक विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और ‘कॉकरोचों’ को पनपने न देने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े रहें। यह बयान उन्होंने तमलुक में भाजपा के पार्टी कार्यालय के भूमि पूजन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन बुराइयों के खिलाफ एकजुट रहें।

कॉकरोचों का जिक्र: क्या है इसका मतलब?

सुवेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में कॉकरोचों का जिक्र करते हुए कहा कि ये बुराइयाँ कोरोना वायरस की तरह फैलने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने इसे खत्म करने के लिए कीटनाशक स्प्रे ‘हिट’ का उदाहरण दिया। यह बयान उन्होंने रविवार को रामनगर में भी दिया था, जहां उन्होंने कहा था कि ऐसी बुराइयों को पनपने नहीं देना चाहिए।

बंगाल की विरासत को बचाने की बात

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ने बंगाल की विरासत और संस्कृति को मिटाने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राज्य को ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ में बदलने की योजना बना रही थीं। उनका कहना था कि 34 साल तक वामपंथियों और 15 साल तक टीएमसी सरकार ने लोगों की संस्कृति को नुकसान पहुँचाया है।

NCC में छात्रों का नामांकन रोकने का आरोप

सुवेंदु ने यह भी कहा कि टीएमसी सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) में छात्रों के नामांकन को रोकने की कोशिश की। इसके स्थान पर ‘जय हिंद वाहिनी’ की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि NCC में शामिल होने से छात्रों को सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में चयन में मदद मिल सकती थी।

कॉकरोच पार्टी का विरोध: क्या है मामला?

सुवेंदु अधिकारी के निशाने पर ‘कॉकरोच पार्टी’ क्यों है, इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन किया है। वे अक्टूबर 2026 में कई बार विरोध प्रदर्शन का आह्वान कर चुके हैं।

36 दिन का प्रदर्शन और भूख हड़ताल

दूसरा कारण यह है कि कॉकरोच पार्टी ने NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए 20 जून से 25 जुलाई तक 36 दिन तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। यह प्रदर्शन तब समाप्त हुआ जब 25 जुलाई को प्रधान ने इस्तीफा दिया।

खड़गे के खिलाफ शिकायत: मोदी पर अपशब्द कहने का मामला

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ पीएम मोदी को अपशब्द कहने पर शिकायत दर्ज कराई गई है। खड़गे ने पटना में कहा था कि ‘मोदी का बाप भी जाएगा’। यह बयान भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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