धारावी का नया अवतार: 22,500 वर्ग फुट के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ में दिखा भविष्य का घर, 3D मॉडलों से समझें पूरी योजना
एशिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक बस्तियों में शुमार मुंबई के धारावी के कायाकल्प की योजना अब कागजों से निकलकर धरातल पर जीवंत रूप लेती दिखाई दे रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के पास पीएमजीपी कॉलोनी (H ब्लॉक) में अत्याधुनिक ‘धारावी एक्सपीरियंस सेंटर’ (Dharavi Experience Centre) का भव्य उद्घाटन किया है। यह सेंटर करीब 22,500 वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसका मुख्य उद्देश्य धारावी के निवासियों को उनके भविष्य के सपनों के घरों, आधुनिक टाउनशिप और पुनर्वास योजना की वास्तविक और पारदर्शी झलक दिखाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने धारावी को समर्पित एक विशेष एंथम (गीत) और इसकी समृद्ध संस्कृति को दर्शाती एक ‘कॉफी-टेबल बुक’ भी जारी की।
3D मॉडलों और लाइफ-साइज सैंपल फ्लैट्स से खुली भविष्य की खिड़की
इस नवनिर्मित एक्सपीरियंस सेंटर का सबसे बड़ा आकर्षण वहां तैयार किए गए 3D वॉकथ्रू और वास्तविक आकार (लाइफ-साइज) के नमूना घर (सैंपल फ्लैट्स) हैं। सालों से तंग और अंधेरे कमरों में रह रहे धारावी के निवासियों के लिए ये मॉडल किसी सुनहरे भविष्य की खिड़की की तरह हैं। इस आधुनिक केंद्र में आकर लोग खुद अपनी आंखों से देख सकते हैं कि पुनर्विकास के बाद उनकी झुग्गियां किस तरह बहुमंजिला और विश्वस्तरीय इमारतों में तब्दील हो जाएंगी। परियोजना के तहत पात्र परिवारों को 350 वर्ग फुट के आधुनिक आवास दिए जाएंगे। ये घर आज के मौजूदा कमरों की तुलना में काफी बड़े और व्यवस्थित होंगे। इन फ्लैट्स की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:
• बेहतर वेंटिलेशन: घरों को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक हवा और रोशनी आ सके।
• आधुनिक किचन: हर फ्लैट में एक सुसज्जित और आधुनिक रसोईघर (किचन) का स्थान दिया गया है।
• दो टॉयलेट्स: सबसे महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला बदलाव यह है कि हर 350 वर्ग फुट के फ्लैट में 2 टॉयलेट्स (शौचालय) दिए जा रहे हैं, जो स्वच्छता के लिहाज से एक बड़ा कदम है।
• 10 साल तक मुफ्त मेंटेनेंस: निवासियों को राहत देते हुए इस टाउनशिप में अगले 10 वर्षों तक सोसाइटी मेंटेनेंस पूरी तरह से मुफ्त रहेगा।
2029 तक पहले चरण में मिलेंगे 10,000 घर
धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) को गति देने के लिए सरकार और डेवलपर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, परियोजना का पहला चरण अगले कुछ वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है और वर्ष 2029 तक पहले चरण के तहत करीब 10,000 पात्र परिवारों को उनके नए घरों की चाबियां सौंप दी जाएंगी। पूरी परियोजना को जनवरी 2032 तक अंतिम रूप देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। यह मेगा प्रोजेक्ट 95,790 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाया जा रहा है। इसमें अडाणी समूह की स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) कंपनी ‘नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड’ (NMDPL) 80% हिस्सेदारी के साथ वित्तीय और जमीनी निष्पादन संभाल रही है, जबकि महाराष्ट्र सरकार के स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) की इसमें 20% हिस्सेदारी है।
सिर्फ झुग्गी नहीं, धारावी है ‘आर्थिक इंजन’: आजीविका का रखा जाएगा ध्यान
एक्सपीरियंस सेंटर का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि धारावी को केवल एक झुग्गी बस्ती के चश्मे से नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह मुंबई का एक बहुत बड़ा ‘आर्थिक इंजन’ है। धारावी के भीतर कुंभारवाड़ा के मिट्टी के बर्तनों का उद्योग, चमड़े (लेदर) का कारोबार, गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग जैसे हजारों लघु व मध्यम उद्योग (MSMEs) चलते हैं, जिनका सालाना कारोबार करीब 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है। नई पुनर्विकास योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें घर और रोजगार (आजीविका) के बीच के सदियों पुराने पारंपरिक संबंध को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। एक्सपीरियंस सेंटर में दिखाए गए 3D मॉडल के अनुसार:
• व्यापारियों और कारीगरों के लिए आधुनिक और बेहतर व्यावसायिक स्थान (कमर्शियल स्पेस) विकसित किए जाएंगे।
• स्थानीय कुटीर उद्योगों को औपचारिक रूप देकर उन्हें आवश्यक बुनियादी ढांचा जैसे बिजली, पानी और गैस कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे।
• क्षेत्र को एक एकीकृत ‘ट्रांजिट-ओरिएंटेड अर्बन जोन’ बनाया जा रहा है, जिससे यहां तैयार होने वाले माल की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को रफ्तार मिलेगी।
पर्यावरण और बुनियादी ढांचे का वैश्विक मॉडल
3D मॉडलों के जरिए दिखाई गई नई टाउनशिप में न केवल कंक्रीट की इमारतें होंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी पूरा खाका खींचा गया है। इस मास्टर प्लान के तहत:
1. हरित क्षेत्र (Green Spaces): पूरे पुनर्विकास क्षेत्र में करीब 40,000 नए पेड़ लगाए जाएंगे ताकि प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके।
2. मीठी नदी का कायाकल्प: प्रदूषित हो चुकी मीठी नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा और इसके किनारे 3.3 किलोमीटर लंबा शानदार सार्वजनिक रिवरफ्रंट विकसित किया जाएगा।
3. 15-मिनट सिटी का कॉन्सेप्ट: निवासियों को उनके घर से महज 15 मिनट की दूरी पर स्कूल, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं, अस्पताल, धार्मिक स्थल, पार्क और सामुदायिक केंद्र उपलब्ध होंगे।
4. मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब: परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक ऐसा हब बनाया जाएगा जो मौजूदा उपनगरीय रेलवे, आगामी मेट्रो लाइनों और हवाई अड्डे से सीधा संपर्क स्थापित करेगा।
अफवाहों और गलतफहमियों पर लगेगा लगाम
कई दशकों से धारावी के पुनर्विकास की कोशिशें स्थानीय विरोध, जमीन की कमी और पारदर्शिता के अभाव के कारण अधूरी रह जाती थीं। इस बार सरकार ने निवासियों का विश्वास जीतने के लिए इस ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ को सूचना और सहायता के एक पारदर्शी केंद्र के रूप में स्थापित किया है। सेंटर के भीतर डिजिटल स्क्रीन, संवादात्मक प्रदर्शनियां (Interactive Exhibits) और सहायता काउंटर बनाए गए हैं। यहां धारावी के आम लोग आकर अपनी पात्रता, सर्वे की स्थिति, आवश्यक दस्तावेजों की सूची और पुनर्वास से जुड़े हर जटिल सवाल का सीधा और सटीक जवाब पा सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से पुनर्विकास को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और गलतफहमियों का अंत होगा और निवासियों के भीतर सुरक्षा व भरोसे का माहौल बनेगा। निश्चित रूप से, धारावी एक्सपीरियंस सेंटर का यह डिजिटल और भौतिक स्वरूप मुंबई के इस ऐतिहासिक पड़ोस को एक नया और गौरवशाली जीवन देने की दिशा में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
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