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	<title>अदाणी ग्रुप Archives - The CSR Journal</title>
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	<title>अदाणी ग्रुप Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>Mother Son Inspiration: मां की हिम्मत, बेटे की उड़ान, वंश ने नासा में रचा इतिहास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 Aug 2025 13:41:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>Mother Son Inspiration: दिल्ली से नासा तक की उड़ान, एक मां-बेटे की मार्मिक कहानी साल 2021…जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, तब दिल्ली की पूजा सक्सेना की जिंदगी भी अचानक ठहर गई। महामारी की लहर ने उनके पति विवेक कुमार को उनसे छीन लिया। Adani Group Support विवेक, अदाणी सीमेंट में 23 साल [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h2>Mother Son Inspiration: दिल्ली से नासा तक की उड़ान, एक मां-बेटे की मार्मिक कहानी</h2>
<h5>साल 2021…जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, तब दिल्ली की पूजा सक्सेना की जिंदगी भी अचानक ठहर गई। महामारी की लहर ने उनके पति विवेक कुमार को उनसे छीन लिया। Adani Group Support विवेक, अदाणी सीमेंट में 23 साल तक हेड ऑफ एनवायरनमेंट एंड हॉर्टिकल्चर के रूप में कार्यरत थे। उनके जाने के बाद पूजा अकेली रह गईं एक किशोर बेटे वंश की ज़िम्मेदारी के साथ। वो दौर ऐसा था, जब न कोई राह दिख रही थी, न ही कोई सहारा। मन टूटा हुआ था, भविष्य धुंधला था, लेकिन मां का कर्तव्य और बेटे की आंखों में छुपी उम्मीद ने पूजा को फिर से खड़ा किया।</h5>
<h2>Mother Son Inspiration: अदाणी समूह बना जीवन का सहारा</h2>
<h5>Adani Group: पर्यावरण विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट पूजा बीते कुछ वर्षों से घरेलू जिम्मेदारियों में व्यस्त थीं। पति के निधन के बाद, अदाणी समूह ने उनकी योग्यता को पहचाना और उन्हें संगठन में एक नई भूमिका दी। यह नौकरी पूजा के लिए सिर्फ आमदनी का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का नया आधार बन गई। पूजा कहती हैं, “मैं सिर्फ जी नहीं रही थी, मैं अपने बेटे का भविष्य बना रही थी। अदाणी समूह ने मेरे पति की सेवाओं को याद रखा और मुझे फिर से जिंदगी से जोड़ दिया।”</h5>
<h2>वंश की दुनिया, कोड, कंप्यूटर और जिम्मेदार हैकिंग</h2>
<h5>उधर, पूजा का बेटा वंश, जो उस समय महज 14-15 साल का था, अपने कमरे में एक अलग ही संघर्ष में जुटा था। बचपन से कंप्यूटर का दीवाना वंश, घंटों सिस्टम्स में डूबा रहता था। समय के साथ उसकी रुचि &#8220;एथिकल हैकिंग&#8221; यानी सुरक्षा के मकसद से तकनीकी कमजोरियां ढूंढ़ने की ओर बढ़ी। वंश बताता है, “मेरे लिए हैकिंग किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सिस्टम को और बेहतर बनाना है। टेक्नोलॉजी डर नहीं, भरोसा बननी चाहिए।”</h5>
<h2>NASA से मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान</h2>
<h5>वंश ने अमेरिका की प्रतिष्ठित स्पेस एजेंसी NASA की एक वेबसाइट में गंभीर तकनीकी खामी (बग) खोज निकाली। ये कोई सामान्य बात नहीं थी। नासा ने न केवल इस कमी को स्वीकार किया, बल्कि वंश का नाम अपने &#8220;हॉल ऑफ फ़ेम&#8221; में दर्ज किया। वंश के लिए यह पल अविश्वसनीय था। “मैं कई दिनों से उस सिस्टम को देख रहा था, जब स्क्रीन पर वो बग नजर आया, तो कुछ देर तक यकीन ही नहीं हुआ,” वंश याद करता है। पूजा के लिए ये सिर्फ सम्मान नहीं, एक मां के संघर्ष की जीत थी। “वो सिर्फ नासा का हॉल ऑफ फ़ेम नहीं था, वो मेरी तपस्या और वंश की मेहनत का पुरस्कार था,” पूजा भावुक होकर कहती हैं। Ethical Hacking</h5>
<h2>वंश की नजर में मां ही असली हीरो</h2>
<h5>वंश कहता है, “जब पापा गए, मैं टूट गया था। लेकिन मां कभी नहीं टूटीं। उन्होंने मुझे कभी महसूस नहीं होने दिया कि हम अकेले हैं। मां ने ही मुझे सिखाया कि हार मानना कोई विकल्प नहीं होता।” पूजा और वंश की यह कहानी बताती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, उम्मीद कभी नहीं मरती। ये सिर्फ एक लड़के की नासा तक पहुंचने की कहानी नहीं है, ये उस मां की कहानी है जिसने अकेले अपने बेटे को पंख दिए और उसकी उड़ान को आसमान तक पहुंचाया।” वंश और पूजा की यह कहानी लाखों भारतीयों के लिए एक प्रेरणा है कि अगर हिम्मत हो, तो हर ग़म को उम्मीद में बदला जा सकता है। मां की ममता और बेटे की लगन जब एक साथ होती है, तो चमत्कार होते हैं — ठीक वैसे ही, जैसे वंश ने भारत का नाम नासा के हॉल ऑफ फ़ेम में दर्ज कर दिया।</h5>
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<h5></h5>
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		<title>SBTi की मान्यता से सजी अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी की नेट-ज़ीरो यात्रा, भारत की अग्रणी सीमेंट कंपनियों ने रचा इतिहास</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/ambuja-acc-net-zero-targets-sbti-recognition-2025-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Jun 2025 09:42:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>भारत की प्रमुख सीमेंट कंपनियों अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी ने एक बड़ी पर्यावरणीय उपलब्धि हासिल की है। इन दोनों कंपनियों के निकट-अवधि (Near-Term) और नेट-ज़ीरो (Net-Zero) उत्सर्जन लक्ष्यों को Science Based Targets initiative (SBTi) से आधिकारिक मान्यता प्राप्त हो गई है। यह मान्यता उन्हें भारत के डीकार्बनाइजेशन मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने में समर्थ बनाएगी। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>भारत की प्रमुख सीमेंट कंपनियों अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी ने एक बड़ी पर्यावरणीय उपलब्धि हासिल की है। इन दोनों कंपनियों के निकट-अवधि (Near-Term) और नेट-ज़ीरो (Net-Zero) उत्सर्जन लक्ष्यों को Science Based Targets initiative (SBTi) से आधिकारिक मान्यता प्राप्त हो गई है। यह मान्यता उन्हें भारत के डीकार्बनाइजेशन मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने में समर्थ बनाएगी। SBTi का Corporate Net-Zero Standard पूरी दुनिया में कॉर्पोरेट जलवायु लक्ष्यों की वैज्ञानिक रूप से मान्य रूपरेखा मानी जाती है। यह मान्यता सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी का प्रतीक है — कि कंपनियां अब वैश्विक तापमान को 1.5°C के भीतर बनाए रखने के पेरिस समझौते के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ठोस प्रयास करेंगी।</h5>
<h2>जलवायु संकट के दौर में एक मजबूत प्रतिबद्धता</h2>
<h5>अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी इस मान्यता को हासिल करने वाली भारत की पहली सीमेंट कंपनियां बन गई हैं। यह उपलब्धि उन्हें भारत सरकार की कार्बन क्रेडिट और ट्रेडिंग योजना के तहत अनुपालन में और कार्बन बाजारों में भागीदारी में भी सहायक होगी।</h5>
<h2>“विकास और पर्यावरण साथ चल सकते हैं” — अदाणी समूह</h2>
<h5>अदाणी समूह के सीमेंट व्यवसाय के सीईओ विनोद बाहेती ने इस मौके पर कहा कि “SBTi से मान्यता मिलना यह साबित करता है कि विकास और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व साथ-साथ चल सकते हैं। हम दुनिया के नौवें सबसे बड़े सीमेंट निर्माता हैं और अब Cemex, Heidelberg और Holcim जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की सूची में शामिल हैं। यह यात्रा अभी रुकी नहीं है, यह एक और कदम है एक सतत और डेकार्बोनाइज विश्व की ओर।”</h5>
<h2>Net Zero का रोडमैप, 2030 से 2050 तक का सफर</h2>
<h5>निकट-अवधि लक्ष्य (Near-Term Targets): 2030 तक उत्सर्जन में भारी कटौती। नेट-ज़ीरो लक्ष्य (Net-Zero Targets): 2050 तक पूरी तरह से कार्बन न्यूट्रल बनना। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कंपनियां कई क्षेत्रों में काम कर रही हैं, जैसे: ग्रीन एनर्जी (Green Energy), वैकल्पिक ईंधन और कच्चा माल (AFR), ऊर्जा की बचत और नवाचार, वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम (WHRS), ग्रीन इनिशिएटिव में अग्रणी भूमिका। हम आपको बता दें कि अंबुजा सीमेंट्स IRENA द्वारा संचालित Alliance for Industry Decarbonization की पहली भारतीय सदस्य सीमेंट कंपनी। World Economic Forum की Transitioning Industrial Clusters Initiative की सदस्य है। और रही बात ACC की तो ये लगातार अपने परिचालन में सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी को अपना रही है। जलवायु संकट को लेकर व्यापक रणनीतियों पर काम कर रही है।</h5>
<h2>अदाणी समूह की सहयोगी भूमिका</h2>
<h5>अदाणी समूह भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्य को पूरा करने के लिए पहले ही 100 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रतिबद्धता व्यक्त कर चुका है। 2030 तक समूह 50 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित करेगा। ग्रीन हाइड्रोजन पर केंद्रित एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करेगा। इस सहयोग के तहत अंबुजा सीमेंट्स का लक्ष्य है कि 2028 तक अपनी कुल बिजली जरूरत का 60% ग्रीन और नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जाए:<br />
1 गीगावाट सौर और पवन ऊर्जा, 376 मेगावाट वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम, जिसमें से 299 मेगावाट और 186 मेगावाट पहले ही स्थापित हो चुके हैं।</h5>
<h2>नेट-जीरो की दिशा में भारत की उम्मीद</h2>
<h5>भारत ने 2070 तक नेट-ज़ीरो बनने की प्रतिबद्धता जताई है। ऐसे में अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी जैसी कंपनियों की भागीदारी निर्णायक साबित हो सकती है। इनकी पहल न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक जलवायु-उत्तरदायी राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित करने में भी सहायक होगी। यह मान्यता केवल एक मील का पत्थर नहीं, बल्कि एक दिशा है एक ऐसे भविष्य की ओर, जो सस्टेनेबल, हरित और जीवाश्म ईंधन मुक्त हो। अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी ने साबित कर दिया है कि पर्यावरण के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता रखने वाली कंपनियां ही आने वाले दशक की लीडरशिप तय करेंगी। भारत में Net Zero के सफर की यह शुरुआत है, और यह यहीं नहीं रुकती।</h5>
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		<title>भारतीयों के जीवन में सकारात्मक बदलाव को दिखाएगा अदाणी समूह</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/adani-campaign-positive-changes-indian-csr-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Dec 2024 10:56:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>लाखों लोगों की जिंदगियों में प्रभाव डालने वाली कंपनी अदाणी ग्रुप ने &#8220;हम करके दिखाते हैं&#8221; के अपने कैंपेन को एक नए रूप में प्रस्तुत करने की घोषणा की है। ये कैंपेन अदाणी की प्रोजेक्ट से लाखों भारतीयों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है। पहली फिल्म, &#8220;पहले पंखा फिर बिजली&#8221;, ओगिल्वी इंडिया [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/adani-campaign-positive-changes-indian-csr-hindi">भारतीयों के जीवन में सकारात्मक बदलाव को दिखाएगा अदाणी समूह</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>लाखों लोगों की जिंदगियों में प्रभाव डालने वाली कंपनी अदाणी ग्रुप ने &#8220;हम करके दिखाते हैं&#8221; के अपने कैंपेन को एक नए रूप में प्रस्तुत करने की घोषणा की है। ये कैंपेन अदाणी की प्रोजेक्ट से लाखों भारतीयों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है। पहली फिल्म, &#8220;पहले पंखा फिर बिजली&#8221;, ओगिल्वी इंडिया द्वारा बनाई गई है। यह एक छोटे से लड़के की दिल छू लेने वाली कहानी बताती है, जो सभी बाधाओं और उपहास का सामना करते हुए यह विश्वास करता है कि एक पंखा उसके गांव में बिजली ला सकता है। उसका यह अटूट विश्वास तब साकार होता है जब वह अदाणी के एक विंडमिल जनरेटर को अपने गांव में स्वच्छ ऊर्जा से बिजली लाते हुए देखता है। यह कहानी न केवल मानव विश्वास की ताकत को उजागर करती है, बल्कि अदाणी की सभी के लिए उज्ज्वल भविष्य बनाने की प्रतिबद्धता को भी दिखाती है।</h5>
<h2>देश में सकारात्मक बदलाव को फिल्म के जरिये दिखायेगा <a href="https://thecsrjournal.in/detailed-csr-report-of-adani-group-corporate-social-responsibility-hindi/">अदाणी</a> समूह</h2>
<h5>यह फिल्म तो एक सीरीज की शुरुआत है जिसे कई ब्रॉडकास्ट, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लॉन्च किया जाएगा। इन कहानियों में अदाणी के प्रयासों के प्रभाव को दिखाते हुए प्रेरणादायक संदेश दिए जाएंगे। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रणव अदाणी ने कहा,”यह कैंपेन वास्तव में Adani Group की मूल भावना को दर्शाता है। हालांकि हमें आकार, गति और पैमाने के लिए पहचाना जाता है, लेकिन इस पहल की खासियत इसका दिलों को छूने वाले एहसास है। यह दिखाता है कि कैसे हमारा इन्फ्रास्ट्रक्चर लाखों भारतीयों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम बनता है। यह अभियान हमारे बिजनेस के साथ उसकी मानवीय कहानियों को सामने लाकर, गहरे भावनात्मक जुड़ाव बनाने का प्रयास करता है। हमारा लक्ष्य लाखों भारतीयों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।&#8221;</h5>
<h2>अदाणी अपने <a href="https://www.adanifoundation.org/">सीएसआर</a> से समाज की भलाई और सतत विकास को बढ़ावा देता है</h2>
<h5>यह फिल्म उपभोक्ताओं को मिलने वाले एक महत्वपूर्ण लाभ की एक भावुक कहानी को दर्शाती है। यह अदाणी समूह की तकनीकी विशेषज्ञता का दिखावा नहीं है, बल्कि अदाणी के &#8216;ह्यूमन-फर्स्ट&#8217; की सोच को प्रदर्शित करती है। गौरतलब है कि अडानी ग्रुप भारत के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते व्यवसायिक समूहों में से एक है। यह लॉजिस्टिक्स (बंदरगाह, हवाई अड्डे, शिपिंग, रेल), पावर उत्पादन और वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा, गैस और इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रो (खाद्य तेल, खाद्य उत्पाद, अनाज भंडारण), रियल एस्टेट, सार्वजनिक परिवहन, कंज्यूमर फाइनेंस, डिफेंस और अन्य क्षेत्रों में काम करती है। ग्रुप की सफलता का आधार इसकी मूल फिलॉसफी &#8216;राष्ट्र निर्माण&#8217; और &#8216;विकास के साथ भलाई&#8217; है, जो स्थायी विकास का मार्गदर्शक सिद्धांत है। अडानी ग्रुप पर्यावरण संरक्षण और समुदायों के सुधार के लिए अपने सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से सतत विकास, विविधता और साझी मूल्यों को बढ़ावा लगातार देता रहा है।</h5>
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		<title>10 करोड़ पेड़ लगाने के संकल्प को पूरा करने के लिए अदाणी ग्रुप देगा 10 लाख पौधे</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/environment-conservation-adani-group-11-lakh-saplings-mp-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jul 2024 10:07:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Adani Foundation]]></category>
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		<category><![CDATA[Priti G Adani]]></category>
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		<category><![CDATA[पर्यावरण संरक्षण]]></category>
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		<category><![CDATA[प्रीति अडानी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अदाणी ग्रुप लगातार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहा है। Environment Conservation के इस पहल को और बल देने के लिए Adani Group ने मध्य प्रदेश सरकार को 11 लाख पौधे देगा। ये पौधे मध्य प्रदेश के इंदौर में लगाए जायेंगे। ग्लोबल वार्मिंग और उसके दुष्परिणामों को देखते हुए सरकार  पर्यावरण संरक्षण के लिए [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>अदाणी ग्रुप लगातार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहा है। Environment Conservation के इस पहल को और बल देने के लिए Adani Group ने मध्य प्रदेश सरकार को 11 लाख पौधे देगा। ये पौधे मध्य प्रदेश के इंदौर में लगाए जायेंगे। ग्लोबल वार्मिंग और उसके दुष्परिणामों को देखते हुए सरकार  पर्यावरण संरक्षण के लिए काम तो कर ही रही है लेकिन इस मुहिम में Corporates भी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे है। इसी का नतीजा है कि अब अडानी ग्रुप मध्य प्रदेश सरकार को 11 लाख पौधे देगा।</h5>
<h2>2030 तक 10 करोड़ पेड़ लगाएगा <a href="https://thecsrjournal.in/adani-commits-rs-60000-cr-to-charity-healthcare-education-skill-development/">अदाणी ग्रुप</a></h2>
<h5>इस साल बढ़ते तापमान पर चिंता व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 5.5 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया था। यह देश भर में 140 करोड़ पेड़ लगाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का हिस्सा है। इंदौर (<a href="https://imcindore.mp.gov.in/">Indore</a>) में लगाए जाने वाले 51 लाख पेड़ों में से 11 लाख पौधे अदाणी समूह उपलब्ध कराएगा। ये पौधे 25 विभिन्न प्रजातियों के होंगे जो शहर के ग्रीन जोन में जैव विविधता (Biodiversity and Conservation) विकसित करने में मदद करेंगे।</h5>
<h2>Adani Group ने हरियाली को बनाया है अपना मिशन</h2>
<h5>स्वच्छता में सात बार से देश में सिरमौर बन रहे इंदौर ने आखिरकार एक दिन में सर्वाधिक पौधे रोपने का विश्व रिकॉर्ड भी बना लिया। हम आपको बता दें कि अदाणी समूह ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के “ट्रिलियन ट्रीज़ प्लेटफॉर्म” पर साल 2030 तक 10 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प किया है। ये संकल्प अब तक की गई सबसे महत्वाकांक्षी Corporate प्रतिबद्धताओं में से एक है। अडानी ग्रुप पहले ही करीब 3 करोड़ पेड़ लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प ले चुका है। अदाणी समूह का ये संकल्प भविष्य में नेट जीरो कार्बन के लक्ष्य को पूरा करेगा। गौरतलब है कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी अदाणी समूह लगातार प्रयास करता रहा है। हरियाली को भी अडानी ग्रुप ने मिशन बना रखा है। अब इसका फायदा देशवासियों को मिलेगा।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/environment-conservation-adani-group-11-lakh-saplings-mp-hindi">10 करोड़ पेड़ लगाने के संकल्प को पूरा करने के लिए अदाणी ग्रुप देगा 10 लाख पौधे</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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