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	<title>गर्मी Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>Explained High Temperature: गर्मी बढ़ी या हमारी सहनशक्ति घटी?</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/explained-high-temperature-in-india-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 09:05:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National News]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>हर साल जैसे ही मई का महीना आता है, गर्मी से सभी परेशान हो जाते हैं। बढ़ता तापमान तनाव पैदा करता है। ऐसा लगता है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। लेकिन क्या मौसम विभाग की रिकॉर्ड्स यही बताते हैं? हमने जाने का प्रयास किया है कि क्या सच में तापमान बढ़ रहा है, या हमारी सहनशक्ति कम हो रही है। हर साल मई का समय आते ही गर्मी की चर्चा शुरू हो जाती है। क्या सूरज देवता साल दर साल आग बरसा रहे हैं? ये सवाल हर नागरिक के मन में उठते हैं। बिजली जाने पर गर्मी का एहसास और भी ज्यादा होता है।</h5>
<h2>मौसम विभाग का आंकड़ा</h2>
<h5>भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हाल ही में 43.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यह टेम्परेचर लोगों में त्राहिमाम पैदा कर रहा है। कोई भी भले ही एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करे, लेकिन वह प्राकृतिक ठंडक का विकल्प नहीं ले सकता। पिछले सालों की तुलना में लोगों में गर्मी को लेकर बेचैनी बढ़ी है। कुछ लोग इसका जिम्मेदार तकनीकी सुविधाओं को मानते हैं।</h5>
<h2>आधुनिक जीवनशैली की समस्या</h2>
<h5>क्या आप जानते हैं कि आजकल लोग चाहे महानगर में रहें या छोटे शहरों में, आधुनिक सुविधाएं उनके जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी हैं? मौसम विभाग की माने तो पिछले कुछ सालों में मई से जुलाई के बीच तापमान में ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है। फिर भी, हम हर साल इस समय गर्मी के बढ़ने की अनुभूति कर रहे हैं। यह एक बड़ा सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? इस समस्या के पीछे हमारे जीवनशैली में बदलाव का बड़ा हाथ है।</h5>
<h2>एसी की आदत और उसके परिणाम</h2>
<h5>दिल्ली समेत कई छोटे शहरों की सघन कॉलोनियों में बिजली चले जाने पर लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। पहले के समय में, लोग डीटीसी की बसों में सफर करते थे। अब घर, कार और दफ्तरों में एयर कंडीशनर की सुविधा है। लेकिन किस कीमत पर? जैसे ही गर्म हवा में थोड़ा भी तापमान बढ़ता है, लोग घबरा जाते हैं। यह गर्मी हमारी सहनशक्ति को प्रभावित कर रही है।</h5>
<h2>स्वास्थ्य पर पड़ता प्रभाव</h2>
<h5>हमारी इम्युनिटी में गिरावट आ रही है क्योंकि हम प्राकृतिक धूप और हवा के बजाय आर्टिफिशियल ठंडक पर निर्भर होते जा रहे हैं। इससे केवल हमारी उत्पादकता में वृद्धि हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव हो सकता है। गर्मियों में एयर कंडीशनर के बिना रहना बहुत मुश्किल हो रहा है। लेकिन इसी के साथ हमारी स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं।</h5>
<h2>अपने जीवनशैली में लाएं बदलाव</h2>
<h5>गर्मी के इस मौसम में, तापमान सामान्य से ऊपर जा रहा है, और यह बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है। एसी का ज्यादा इस्तेमाल एक ओर जहां हमें राहत देता है, वहीं दूसरी ओर हमें उसके दुष्प्रभावों का भी सामना करना होगा। यह न केवल हमारे शरीर पर असर डाल रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इसलिए जरूरी है कि हम अपने जीवनशैली में बदलाव लाएं और अधिकतम प्राकृतिक उपायों को अपनाएं।</h5>
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		<title>Heatwave Advisory UP: यूपी में भीषण गर्मी का अलर्ट जारी, हीट वेव से बचाव की ये है गाइडलाइन</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/up-government-heat-wave-advisory-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 May 2025 10:41:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश में गर्मी और लू (Heatwave in UP) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भीषण लू चलने की चेतावनी दी है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राहत और स्वास्थ्य विभाग को प्रदेशवासियों को सतर्क करने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>उत्तर प्रदेश में गर्मी और लू (Heatwave in UP) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भीषण लू चलने की चेतावनी दी है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राहत और स्वास्थ्य विभाग को प्रदेशवासियों को सतर्क करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने UP Government Heat Wave Advisory जारी की है, जिसमें नागरिकों को लू और गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। How to protect from Loo पोस्टर, पर्चों और मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।</h5>
<h2>दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से न निकलें, ढके रहें, पानी पीते रहें</h2>
<h5>मुख्य सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा के अनुसार, तेज धूप में दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर न निकलें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर और शरीर को पूरी तरह ढकें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और छाता या चश्मा जरूर लगाएं। लोगों को लगातार पानी, नींबू पानी, शिकंजी, नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। घर और कार्यस्थल पर धूप से बचाव के लिए पर्दे या शेड लगाने को कहा गया है। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।</h5>
<h2>Heat Stroke के लक्षण: इन संकेतों को न करें नजरअंदाज</h2>
<h5>स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टरों के माध्यम से हीट स्ट्रोक (Heat Stroke Symptoms) के लक्षणों की जानकारी भी साझा की है। Heat Stroke Symptoms यदि किसी व्यक्ति को नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत प्राथमिक उपचार करें और डॉक्टर से संपर्क करें: शरीर का तापमान 40 डिग्री से अधिक, लाल और सूखी त्वचा, मांसपेशियों में कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, घबराहट या उल्टी ऐसे में व्यक्ति को छायादार जगह पर लाएं, ठंडा पानी पिलाएं, ठंडे पानी से नहलाएं और 108 नंबर पर एम्बुलेंस बुलाएं।</h5>
<h2>Summer Safety Tips India: श्रमिकों, बच्चों के लिए विशेष गाइडलाइन</h2>
<h5>Construction Workers और श्रमिकों के लिए कहा गया है कि उन्हें दोपहर की लू में काम न कराया जाए। उन्हें ठंडी और छायादार जगह में विश्राम का मौका मिले और उनके लिए पीने के पानी की व्यवस्था हो। वहीं बच्चों को दोपहर में खेलने से रोका जाए, उन्हें ढीले-ढाले कपड़े पहनाएं और पर्याप्त पानी पिलाएं। हीटवेव (Heatwave Safety Measures) से श्रमिकों को बचाने के लिए योगी सरकार ने &#8220;मित्र प्रणाली&#8221; लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत मजदूर आपस में एक-दूसरे की सेहत पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार देंगे। गर्म मशीनों को इन्सुलेट करने और बच्चों के लिए कूल शेड की व्यवस्था के भी आदेश दिए गए हैं।</h5>
<h2>108 पर करें कॉल, Heatwave में न बरतें लापरवाही</h2>
<h5>राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि लू और गर्मी के प्रति सतर्क रहें। यदि किसी को गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं या एम्बुलेंस सेवा 108 पर कॉल करें। उत्तर प्रदेश में गर्मी का कहर बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। सरकार द्वारा जारी की गई हीटवेव गाइडलाइन का पालन करना बेहद जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और श्रमिकों के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। Heatwave in UP को हल्के में लेना जानलेवा हो सकता है। इसलिए सावधानी ही बचाव है।</h5>
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		<title>सीएसआर से लगेंगे 500 नये हैंडपंप, दूर होगी पानी की समस्या</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/up-hand-pumps-drinking-water-to-installed-through-csr-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Mar 2024 10:27:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मार्च शुरू होते ही समूचे देश में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है, जैसे-जैसे वक़्त बढ़ेगा चैलचिलाती गर्मी की वजह से हाल बेहाल हो जायेगा। ऐसे में गर्मी में होने वाली पानी की किल्लत से काफी हद तक निजात मिलेगी। क्योंकि लोगों को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>मार्च शुरू होते ही समूचे देश में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है, जैसे-जैसे वक़्त बढ़ेगा चैलचिलाती गर्मी की वजह से हाल बेहाल हो जायेगा। ऐसे में गर्मी में होने वाली पानी की किल्लत से काफी हद तक निजात मिलेगी। क्योंकि लोगों को<a href="https://thecsrjournal.in/corporate-social-responsibility-csr-news-piramal-foundation-and-standard-chartered-bank-provide-safe-drinking-water-to-5-lakh-beneficiaries-in-rural-communities/"> पीने का पानी</a> मुहैया कराने के लिए उत्तर प्रदेश के <a href="https://siddharthnagar.nic.in/">सिद्धार्थनगर</a> जिले में 500 हैंडपंप लगाए जाएंगे। लगभग पांच साल से बंद हो चुकी हैंडपंप लगाने की योजना को सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत संजीवन मिली है। इससे गर्मी में होने वाली पेयजल की समस्या दूर होगी। दो महीने के भीतर ही सभी हैंडपंप लगा दिए जाएंगे। करीब सवा तीन करोड़ की लागत से हैंडपंप लगाने का काम किया जायेगा। नेपाल बॉर्डर से लगने वाले बढ़नी, शोहरतगढ़ और आंशिक रूप से बर्डपुर ब्लॉक का इलाका गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से जूझता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में गर्मी में होने वाली पेयजल की किल्लत को देखते हुए सीएसआर प्रोजेक्ट से सांसद जगदंबिका पाल के प्रयास से 500 इंडिया मार्क-टू हैंडपंप लगाने की स्वीकृत हुई है। CSR in Uttar Pradesh</h5>
<h2>Water Handpump पर निर्भर है बड़ी आबादी, सीएसआर से दूर होगी समस्या</h2>
<h5>इससे गर्मी में होने वाली पेयजल की समस्या (Drinking Water Problem) से लोगों को निजात मिलेगा। जल निगम में लगभग पांच साल पहले सरकारी हैंडपंपों के सर्वे में जिले में 32 हजार हैंडपंप लगा होना पाया गया था। इसमें लगभग 22 हजार चलते हाल में मिले थे। मौजूदा समय में 10 हजार से अधिक हैंडपंप रिबोर और अन्य वजह से खराब पड़े हैं। हर घर पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत ओवरहैड टैंक से जलापूर्ति के लिए काम चल रहा है। जिले में 629 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। लेकिन उसके सुचारू रूप से शुरू होने में लगभग दो साल का वक्त लगेगा। कारण कहीं पर टैंक नहीं बना है तो कहीं पर पानी डालने का काम बाकी है। ऐसे में अगर 500 हैंडपंप लग जाएंगे तो लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। मौजूदा समय में जिले की आबादी तकरीबन 29 लाख के आसपास है। इसमें 40 फीसदी आबादी ऐसी है जिसके पास खुद का हैंडपंप, समरसेबल आदि की व्यवस्था है। या फिर आरओ का पानी खरीदकर पानी पीते हैं। 30 फीसदी आबादी के पास अभी भी पारंपरिक नल है। वहीं 30 फीसदी आबादी ऐसी है जो आज भी सरकारी हैंडपंप या फिर दूसरे घर पर लगे हैंडपंप से प्यास बुझाती है।</h5>
<h2>खराब पड़े हैंडपंप को सीएसआर फंड से ठीक किया जायेगा</h2>
<h5>वही जब The CSR Journal की स्थानीय टीम ने लोगों से बात की तो डुमरियागंज नगर पंचायत के सुभाष नगर वार्ड में सुनील कुमार वर्मा के घर के सामने लगे हैंडपंप पिछले तीन वर्ष से खराब है। हैंडपंप बनवाने के लिए उन्होंने सभासद से कई बार कहा। लेकिन अब तक नहीं बना है। इसके साथ ही वार्ड नंबर नौ में केनरा बैंक के सामने एक हैंडपंप लगा है। लेकिन वह करीब एक साल से खराब है। हैंडपंप सही होता तो गर्मी में बहुत लोगों को लाभ मिलता। 500 हैंडपंप लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत यह हैंडपंप लग रहे हैं। जल्द ही हैंडपंप लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। ऐसे में भर गर्मी के महीने में सीएसआर की मदद से लोगों को पीने का पानी मिलने वाला है।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/up-hand-pumps-drinking-water-to-installed-through-csr-hindi/">सीएसआर से लगेंगे 500 नये हैंडपंप, दूर होगी पानी की समस्या</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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