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	<title>किड़नी Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>रेलवे में पहली बार दूरबीन विधि से सफलतापूर्वक ख़राब किडनी को निकाला गया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 10:15:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>रेलवे ने मेडिकल फील्ड में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेलवे में पहली बार ऐसा हुआ है कि दूरबीन विधि से सफलतापूर्वक ख़राब किडनी को निकाला गया है। दरअसल केंद्रीय अस्पताल, नार्थ सेंट्रल रेलवे, प्रयागराज में 57 वर्षीय चंदा देवी प्रतापगढ़ निवासी जिसका एक किडनी बहुत बड़ी पथरी और बार-बार इंफेक्शन के कारण पूरी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>रेलवे ने मेडिकल फील्ड में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेलवे में पहली बार ऐसा हुआ है कि दूरबीन विधि से सफलतापूर्वक ख़राब किडनी को निकाला गया है। दरअसल केंद्रीय अस्पताल, नार्थ सेंट्रल रेलवे, प्रयागराज में 57 वर्षीय चंदा देवी प्रतापगढ़ निवासी जिसका एक किडनी बहुत बड़ी पथरी और बार-बार इंफेक्शन के कारण पूरी तरह ख़राब हो गया था। जिसकी वजह से महिला असहनीय दर्द और बुखार से पीड़ित थी I इस मरीज का सफल ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक तरीके से किया गया। यह ऑपरेशन डॉ. अभिषेक शुक्ला और  डॉ. संजय कुमार, वरिष्ठ सर्जन (उत्तर मध्य रेलवे)  द्वारा किया गया।</h5>
<h2>Laparoscopic Surgery कर निकाला किडनी, 90 मिनट में सफल सर्जरी</h2>
<h5>खास बात ये है कि यह ऑपरेशन बिना चीरफाड़ के दूरबीन विधि (Laparoscopic Surgery) से बहुत छोटे छेदों के द्वारा ख़राब किडनी को 90 मिनट में बाहर निकाल दिया गया। यह ऑपरेशन रेलवे हॉस्पिटल में दूरबीन विधि के द्वारा पहली बार सफलतापूर्वक किया गया I लेप्रोस्कोपिक सर्जरी पारंपरिक ओपन सर्जरी के तुलना में कई लाभ प्रदान करती है जैसे कम दर्द, जल्दी रिकवरी, छोटा निशान, हॉस्पिटल में कम समय तक रहना, कम रक्त स्राव, जल्दी अपने रूटीन काम पर लौटनाI</h5>
<h2>सही निदान और सही इलाज से ठीक हो सकता है किडनी की समस्या</h2>
<h5>मरीज को काफी समय से गुर्दे में पथरी (Kidney Stone) की समस्या थी जिसके लिए किसी डाक्टर को न दिखा कर गाव में झाड़, फुक और झोला छापो के चकरो में फंसी थी और इलाज में काफी समय ओर पैसा बर्बाद किया। सर्जन डॉ अभिषेक शुक्ला ने बताया कि गुर्दे और उसकी पथरी के समय पर और उचित इलाज के लिए क्वालिफाइड डाक्टर से संपर्क करना ही सही रहता है अन्यथा कई बार अज्ञानता या इलाज में लापरवाही के वजह से मरीज को अपना गुर्दा गवाना पड़ता है। इस ऑपरेशन की सफलता से चंदा देवी के परिवार को बहुत राहत मिली है।</h5>
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		<title>सीएसआर से पूर्वोत्तर राज्यों में मिलेंगी 130 डायलिसिस मशीनें</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/fairfax-india-iocl-northeast-130-haemodialysis-machines-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Nov 2024 10:30:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (North East India) में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, फेयरफैक्स इंडिया चैरिटेबल फाउंडेशन ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और असम, मिज़ोरम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम की राज्य सरकारों के साथ साझेदारी की है। इस पहल से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div id=":1s0" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" contenteditable="true" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":28c" aria-controls=":28c" aria-expanded="false">
<h5>भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (<a href="https://mdoner.gov.in/about-north-east">North East India</a>) में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, फेयरफैक्स इंडिया चैरिटेबल फाउंडेशन ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और असम, मिज़ोरम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम की राज्य सरकारों के साथ साझेदारी की है। इस पहल से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP) के तहत 130 नई हेमोडायलिसिस मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। <a href="https://thecsrjournal.in/indian-oil-csr-dialysis-centre-ayodhya-up-hindi/">IndianOil Corporation Limited</a> के CSR &#8211; Corporate Social Responsibility की मदद से ये पहल की जा रही है।  इस पहल से North East के सभी राज्यों के किडनी के मरीजों को बड़े पैमाने पर मदद मिलने जा रही है।</h5>
<h2>क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के लिए राहत, सीएसआर से मिलेगी डायलिसिस मशीनें</h2>
<h5>भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) एक गंभीर समस्या बनी हुई है। आकड़ों की मानें तो भारत में 13 लाख मरीजों को हर हफ्ते 2-3 बार डायलिसिस की जरुरत होती है। लेकिन देश भर में करीब 35,000 डायलिसिस मशीनें उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता 2 लाख से अधिक की है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में डायलिसिस मशीनें नहीं होने की वजह से मरीजों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि डायलिसिस का सालाना खर्च लगभग ₹2.4 लाख होता है। इसके अलावा, मरीजों को इलाज के लिए शहरों तक आने-जाने में आर्थिक और शारीरिक दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है।</h5>
<h2>सीएसआर से पूर्वोत्तर राज्यों की स्वास्थ्य चुनौतियों को किया जा रहा है हल</h2>
<h5>पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। कई जिलों में डायलिसिस केंद्र नहीं हैं, और जहां हैं, वहां मांग अत्यधिक है। ऐसे में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए शहरों तक आना पड़ता है जिससे उनका आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ जाता है। IOCL के सीएसआर पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में डायलिसिस सेवाओं को पहुंचाकर मरीजों की यात्रा और उपचार से संबंधित कठिनाइयों को कम करना है। इसके साथ ही, यह पहल क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी और मरीजों की समय पर इलाज तक पहुंच सुनिश्चित करेगी।</h5>
<h2>पूर्वोत्तर राज्यों में सीएसआर से इंडियन ऑयल देगी 130 डायलिसिस मशीनें</h2>
<h5>इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मुख्य महाप्रबंधक (HRD और ER) उदित जैन ने इस मौके पर बताया कि यह साझेदारी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सहयोग की शक्ति को दर्शाती है। हम Dialysis सेवाओं का विकेंद्रीकरण करके, दूर-दराज के इलाकों में जीवन रक्षक उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडियन ऑयल ने 130 हेमोडायलिसिस मशीनें उपलब्ध कराकर इस पहल को साकार किया। यह कदम उन समुदायों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आएगा, जिनके पास अब तक इस जीवन रक्षक सेवा का कोई विकल्प नहीं था।</h5>
<h2>फेयरफैक्स ने अब तक 1200 Dialysis मशीनें लगा चुका है</h2>
<h5>फेयरफैक्स इंडिया चैरिटेबल फाउंडेशन ने अब तक 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1200 से अधिक डायलिसिस मशीनें स्थापित की हैं। इनमें से 260 मशीनें पूर्वोत्तर राज्यों में पहले से संचालित हैं। इस नई पहल के तहत 130 और मशीनें जोड़ी जाएंगी, जिससे कुल संख्या 390 हो जाएगी। फेयरफैक्स इंडिया चैरिटेबल फाउंडेशन फेयरफैक्स ग्रुप ने की है जो देश के वंचित समुदायों के बीच सकारात्मक सामाजिक प्रभाव पैदा करने के लिए कार्यरत है। यह पहल पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का एक बड़ा कदम है, जो न केवल Life Saving उपचार उपलब्ध कराएगा बल्कि एक सशक्त स्वास्थ्य तंत्र भी तैयार करेगा।</h5>
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<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/fairfax-india-iocl-northeast-130-haemodialysis-machines-hindi/">सीएसआर से पूर्वोत्तर राज्यों में मिलेंगी 130 डायलिसिस मशीनें</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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