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सीएसआर की मदद से दिव्यांगों के लिए वैक्सीन ऑन व्हील्स

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सीएसआर की मदद से दिव्यांगों के लिए वैक्सीन ऑन व्हील्स
 
इसमें कोई दो राय नहीं है कि अगर आपको कोरोना से बचना है तो वैक्सीन लगवाना पड़ेगा। लेकिन विश्व के सबसे बड़े और मुफ्त वैक्सीनेशन ड्राइव में कई दिक्कतें आ रही है। पहले तो अफवाहों की वजह से लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहें हैं। तो वही अगर जो लोग वैक्सीन लेना भी चाह रहे है उन्हें वैक्सीन की कमी से मिल नहीं पा रहा है। अब ये भी दिक्कत है कि ग्रामीण व दूरदराज इलाकों से लोग वैक्सीन सेंटर तक पहुंच ही नहीं पा रहे है। ऐसे में कई जगह ऐसे भी पहल किये गए है कि Corona Vaccination Drive को आपके दहलीज पर लाया जा सके वो भी CSR (Corporate Social Responsibility) की मदद से।

सीएसआर फंड से वैक्सीन पहल को मिल रहा है बल

देश की तमाम कॉरपोरेट्स अपने सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड्स से ना सिर्फ अपने कर्मचारियों के लिए विशेष वैक्सीन की पहल कर रही है बल्कि आम नागरिकों को भी वैक्सीन लगवा रही है। इसी कड़ी में आईआईएफएल फाउंडेशन ‘काइंडनेस ऑन व्हील्स’ टीकाकरण अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों का टीकाकरण करना है। इस पहल के माध्यम से विशेष रूप से सक्षम लोगों के दरवाजे पर सुरक्षित और स्वच्छ ऑटो रिक्शा सेवा प्रदान की जाती है। इन ऑटो रिक्शा के ड्राइवर का टीकाकरण पहले ही हुआ होता है। आईआईएफएल फाउंडेशन ‘काइंडनेस ऑन व्हील्स’ टीकाकरण अभियान के पहल से मुंबई के करीब एक हजार दिव्यांग लोगों के लाभान्वित होने की संभावना है।

ताकि दिव्यांगों को भी लग सके सीएसआर से वैक्सीन

इसमें दृष्टिहीन, कम दृष्टि, श्रवण दोष, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, मल्टीपल स्केलेरोसिस और मल्टीपल डिसेबिलिटी से प्रभावित लोगों को शामिल किया गया है। इस अभियान में कुष्ठ रोग से ठीक हुए लोगों को भी शामिल किया गया है। यह अभियान सोहम फाउंडेशन और रेनोवेट इंडिया के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा है। इस पहल के लिए टीकाकरण केंद्रों के साथ नेटवर्किंग, ऑटो रिक्शा में सवार होना, रिक्शा आवंटित करना और जानकारी साझा करना, दिव्यांगजनों के टीकाकरण के लिए पिकअप और ड्रॉप शामिल है। भारत में अधिकांश दिव्यांग नागरिकों को COVID-19 का ज्यादा जोखिम है क्योंकि वे सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करने में असमर्थ हैं और उन्हें निरंतर देखभाल और समर्थन की आवश्यकता होती है।

पीएम मोदी ने दिया फिर से मंत्र, टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट और टीका पर दें ज्यादा ज़ोर

हम आपको बता दें कि आज ही के दिन 16 जनवरी को भारत में वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुआत हुई थी, देश में वैक्सीनेशन के छह महीने पूरे हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आकड़ों की मानें तो इन छह महीनों में कुल 39 करोड 53 लाख 43 हजार 767 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 3 करोड़ 95 लाख 20 हजार 85 लोगों का टीकाकरण किया गया है जबकि दूसरे नंबर पर 3 करोड़ 82 लाख 68 हजार 323 टीके लगाकर महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर कायम है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। पीएम मोदी ने केरल, महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की। पीएम ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को लेकर एक बार फिर चेताया और टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट और टीका पर ज्यादा ज़ोर देने की बात कही।