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	<title>Maratha Reservation Protest Archives - The CSR Journal</title>
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	<title>Maratha Reservation Protest Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>मराठा आरक्षण आंदोलन पर हाईकोर्ट हुआ सख्त, &#8216;मुंबई की सड़कें ख़ाली करें,&#8217; फड़नवीस फंसे मुश्किल में </title>
		<link>https://thecsrjournal.in/bombay-highcourt-direct-maratha-reservation-protestors-vacate-mumbai-roads-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anju Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Sep 2025 05:48:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
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		<category><![CDATA[Maharashtra CM Devendra Fadnavis]]></category>
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		<category><![CDATA[Manoj Jarange Patil]]></category>
		<category><![CDATA[Maratha Reservation Protest]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने आंदोलनकारियों को फटकार लगाते हुए आदेश दिया कि आजाद मैदान को छोड़कर मुंबई की सभी रोड कल दोपहर तक खाली करें। महाराष्ट्र सरकार को कोर्ट का आदेश- प्रदर्शनकारियों पर कसें लगाम जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अनखड़ की बेंच ने [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/bombay-highcourt-direct-maratha-reservation-protestors-vacate-mumbai-roads-hindi/">मराठा आरक्षण आंदोलन पर हाईकोर्ट हुआ सख्त, &#8216;मुंबई की सड़कें ख़ाली करें,&#8217; फड़नवीस फंसे मुश्किल में </a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div class="adn ads" data-message-id="#msg-f:1842125094144508470" data-legacy-message-id="19908b035c510236">
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<h5>महाराष्ट्र में मनोज जरांगे के नेतृत्व में <a href="https://thecsrjournal.in/history-of-maratha-reservation-maharashtra-hindi/">मराठा आरक्षण आंदोलन</a> पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने आंदोलनकारियों को फटकार लगाते हुए आदेश दिया कि आजाद मैदान को छोड़कर मुंबई की सभी रोड कल दोपहर तक खाली करें।</h5>
<h2>महाराष्ट्र सरकार को कोर्ट का आदेश- प्रदर्शनकारियों पर कसें लगाम</h2>
<h5>जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अनखड़ की बेंच ने कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं है। हाईकोर्ट की बिल्डिंग को घेर लिया गया है। जजों और वकीलों के एंट्री गेट तक बंद हैं। आज तो हाईकोर्ट के जजों की कारों को रोककर उन्हें कोर्ट आने से रोका गया। बेंच ने कहा, “मुंबई शहर लगभग ठप हो गया है। <wbr />आम आदमी का जीवन बहाल करने की जरू<wbr />रत है। शहर को रोका नहीं जा सकता<wbr />। गणेश उत्सव भी है। कल शाम 4 बजे तक सड़कें खाली करवा ली जाएं।” कोर्ट ने कहा कि आंदोलनकारियों को महाराष्ट्र सरकार नवी मुंबई में दूसरी जगह दे सकती है। अगर और आंदोलनकारी मुंबई आने की कोशिश करें तो राज्य सरकार उचित कदम उठाकर उन्हें रोके।</h5>
<h5>दरअसल, मनोज जरांगे 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे हैं। वे अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। समर्थकों का दावा है कि उन्होंने सोमवार से पानी पीना बंद कर दिया है।</h5>
<h2>कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा</h2>
<h5>कोर्ट ने सीएसटी, मरीन ड्राइव, फ्लोरा फाउंटेन और दक्षिण मुंबई के अन्य इलाकों से आंदोलनकारियों को हटाने का आदेश राज्य सरकार को दिया गया। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार कल होने वाली सुनवाई में बताए कि क्या एक्शन लिया गया। सरकारी वकील वीरेंद्र सराफ ने कोर्ट को बताया कि आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन की अनुमति केवल 29 अगस्त तक दी गई थी। जरांगे और उनके समर्थकों ने हर नियम का उल्लंघन किया है।बेंच ने कहा कि जरांगे का पुलिस को दिया गया यह आश्वासन कि वह जनसभा, आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के नियमों में निर्धारित सभी शर्तों का पालन करेंगे, केवल &#8220;दिखावटी&#8221; है।</h5>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">The Bombay High Court, in a special hearing, has strongly criticized the ongoing Maratha quota protest led by activist Manoj Jarange, stating that it has &#8220;brought the entire city to a standstill.&#8221; The court noted that the protest is not peaceful and has violated all the… <a href="https://t.co/e7rCrKY3YB">pic.twitter.com/e7rCrKY3YB</a></p>
<p>— The CSR Journal (@thecsrjournal) <a href="https://twitter.com/thecsrjournal/status/1962511707999478028?ref_src=twsrc%5Etfw">September 1, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/manoj-jarange-maratha-reservation-protest-enters-day-four-mumbaikar-faces-traffic-chaos-hindi/">दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक जाम</a></h2>
<h5>30 अगस्त को मुंबई में सीएसएमटी और आसपास के इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। सोमवार को चौथे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। भारी भीड़ के कारण डीएन रोड, जेजे मार्ग और महापालिका मार्ग जैसे मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति रही, जबकि सीएसएमटी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को प्लेटफार्मों पर अत्यधिक भीड़ का सामना करना पड़ा। दफ्तर जाने वालों ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बेस्ट बसों सहित कई वाहनों को रोकने की कोशिश की, जिससे देरी हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने Bombay Stock Exchange में घुसने की कोशिश की, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने के लिए मनाने में जूझती रही। प्रदर्शनकारी शौचालय, पानी और शेल्टर जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती की गई। मुंबई पुलिस ने भी 2000 से ज्यादा कर्मियों को तैनात किया है।</h5>
<h2>सुप्रिया सुले पर फूटा गुस्सा</h2>
<h5>रविवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले को आजाद मैदान में प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। अनशन कर रहे जरांगे के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचीं सुले की कार को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। वहां शरद पवार के खिलाफ नारे लगाए गए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सुले की गाड़ी पर पानी की बोतल भी फेंकीं।</h5>
<h2>चंद्रकांत पाटील और नितेश राणे समर्थन में</h2>
<h5>इससे पहले आज़ाद मैदान में लंबे समय तक प्रदर्शन के लिए अनुमति ना मिलने पर नाराज़ जरांगे ने कहा कि एक-एक दिन की अनुमति उन्हें नहीं चाहिए। आंदोलन के लिए एक साथ 8 दिन की अनुमति दी जाए। उधर, महाराष्ट्र के मंत्री व भाजपा नेता चंद्रकांत पाटील और नितेश राणे ने कहा है कि मराठा समुदाय को ओबीसी के रूप में वर्गीकृत करने के बजाय मौजूदा EWS कोटे का लाभ मिलना चाहिए। पाटील और राणे दोनों ही मराठा समुदाय से हैं। राणे ने एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार पर जरांगे के आंदोलन को आर्थिक मदद करने का भी आरोप लगाया।</h5>
<h2>मराठा आंदोलन ने फड़नवीस को मुश्किल में डाला</h2>
<h5>Maratha Reservation Protest: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के चुनावों से पहले मराठा आरक्षण आंदोलन को तेज करके मुंबई में जमे मनोज जरांगे पाटिल पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। वह लगातार सीएम फडणवीस पर निशाना साध रहे हैं। मुंबई में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर घिरे मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस बड़ी मुश्किल में घिर गए हैं। मनोज जरांगे पाटिल पहले से आजाद मैदान से हटने को तैयार नहीं है तो वहीं दूसरी तरफ बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठा प्रदर्शनकारियों को मंगलवार शाम 4 बजे तक मुंबई की सड़कें खाली करने का निर्देश दिए है। जाहिर है अगर कोर्ट के निर्देश को सुनिश्चित करने के लिए अगर कोई बल प्रयोग हुआ तो स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सीएम बने देवेंद्र फडणवीस पर सभी की नजरें टिकी हैं कि वे कैसे मराठा आंदोलन की चुनौती, हाईकोर्ट की निर्देश और ओबीसी को बिना नाराज किए हुए रास्ता निकालेंगे। गौरतलब हो कि पिछली बार एकनाथ शिंदे ने सीएम रहते हुए जरांगे को नवी मुंबई से लौटा दिया था। तब मुंबई जाम से बच गई थी।</h5>
<h2>फड़नवीस के अगले कदम पर टिकी निगाहें</h2>
<h5>महाराष्ट्र राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक़ अब तक के सियासी सफर में देवेंद्र फडणवीस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है। मुंबई की सड़कों पर हजारों की संख्या में मराठा की मौजूदगी है। ऐसे में सरकार का अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। जरांगे ओबीसी में शामिल कुनबी के तहत ही मराठाओं को आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो ओबीसी की नाराजगी नया सिरदर्द बन सकती है। ऐसे में सरकार के सामने अगर कुआं हैं तो पीछे खाई है। जरांगे को आजाद मैदान में आने देने का फैसला &#8216;आ बैल मुझे मार जैसा है।’ जरांगे के तेवर देखकर लगता नहीं है कि वे किसी आश्वासन पर जालना लौटने को राजी होंगे।</h5>
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		<title>मनोज जरांगे के मराठा आंदोलन ने रोकी मुंबई की रफ्तार </title>
		<link>https://thecsrjournal.in/manoj-jarange-maratha-reservation-protest-enters-day-four-mumbaikar-faces-traffic-chaos-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anju Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Sep 2025 10:29:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
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		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra CM Devendra Fadnavis]]></category>
		<category><![CDATA[Manoj Jarange Patil]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मनोज जरांगे ने कहा कि मराठा आरक्षण मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार समय बर्बाद करने की रणनीति अपना रही है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशनरत मनोज जरांगे ने चौथे दिन से पानी पीना बंद कर दिया है। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि सरकार समाधान पर काम कर रही है जो अदालत में [&#8230;]</p>
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<h5>मनोज जरांगे ने कहा कि मराठा आरक्षण मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार समय बर्बाद करने की रणनीति अपना रही है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशनरत मनोज जरांगे ने चौथे दिन से पानी पीना बंद कर दिया है। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि सरकार समाधान पर काम कर रही है जो अदालत में टिक सके। मनोज जरांगे ने समर्थकों से शांति बनाए रखने और हंगामा, उपद्रव न करने की अपील की।</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/mumbai-maratha-morcha-traffic-advisory-manoj-jarange-hindi/">मुंबई पहुंचे मराठा आंदोलन से थमी शहर की रफ़्तार </a></h2>
<h5>मुंबई में मराठा आंदोलन के चौथे दिन मुंबईकरों की चिंता बढ़ गई है कि यदि हल नहीं निकला तो मुंबई में क्या होगा क्यूंकि इस मुंबई में इस समय गणेशोत्सव के त्योहार के चलते एक ओर जहां सड़कें पंडालों और विसर्जन के चलते व्यस्त हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर मराठा आंदोलनकारियों की भीड़ भी है। आजाद मैदान में मराठा नेता मनोज जरांगे के आंदोलन के चलते दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने सोमवार को कहा कि सरकार मराठा आरक्षण मुद्दे के समाधान के लिए काम कर रही है जो अदालत में सही साबित होगा।</h5>
<h2>मनीज जरांगे ने छोड़ा पानी</h2>
<h5>दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अनशन कर रहे <a href="https://thecsrjournal.in/maratha-quota-manoj-jarange-launches-hunger-strike-in-mumbai-traffic-disrupted/">सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे</a> ने मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के तहत आरक्षण देने की अपनी मांग को लेकर अपने आंदोलन के चौथे दिन सोमवार से पानी पीना बंद करने का संकल्प लिया है। मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग कर रहे जरांगे ने रविवार को कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। जरांगे ने कहा, &#8216;सोमवार से मैं पानी पीना बंद कर दूंगा, क्योंकि सरकार मेरी मांगें नहीं मान रही है। बिना आरक्षण मैं वापस नहीं जाऊंगा। हमारी मांग संवैधानिक रूप से वैध है।’ मनोज जरांगे ने कहा कि सरकार के<wbr /> पास ऐसे रिकॉर्ड हैं जो दर्शा<wbr />ते हैं कि कुनबी और मराठा एक ही<wbr /> जाति के हैं। उन्होंने 29 अगस्त<wbr /> को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शु<wbr />रू की थी और आज उनका विरोध प्रदर्शन चौथे दिन में प्रवेश कर गया है।</h5>
<h2>सरकार मराठा आरक्षण समाधान के लिए चर्चा करेगी</h2>
<h5>मराठा आरक्षण मुद्दे पर कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख विखे पाटील ने रविवार रात स्थिति पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। मंत्री ने कहा कि हम इस मुद्दे को सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं। मैं मानता हूं कि इसमें समय लग रहा है, लेकिन, समाधान ऐसा होना चाहिए जो अदालतों में टिक सके। राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मुंबईवासियों की दिनचर्या प्रभावित नहीं हो क्योंकि इससे उनके आंदोलन की छवि धूमिल होगी। गतिरोध खत्म करने की सरकार की योजना पर चर्चा के लिए सीएम फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शरद पवार से मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि OBC श्रेणी के तहत मराठों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे जरांगे ने सरकार से उपलब्ध रिकॉर्ड पर आधारित आरक्षण के आधार पर सरकारी आदेश (जीआर) जारी करने की मांग की है।</h5>
<h2>जरांगे-फड़नवीस सरकार आमने- सामने</h2>
<h5>महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठा आरक्षण की लड़ाई पेचीदा होती जा रही है। मनोज जरांगे पाटिल को मुंबई पुलिस ने सोमवार को आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दे दी है। जरांगे ने रविवार को मांग रखी कि सीएम देवेंद्र फडणवीस उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मराठा आरक्षण के लिए सरकारी आदेश जारी करें। एक तरफ जरांगे जहां पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, वहीं फडणवीस सरकार में मंत्री और राज्य में OBC के बड़े नेता छगन भुजबल भी एक्टिव हो गए हैं। उन्होंने मनोज जरांगे पाटिल के मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच सोमवार को OBC नेताओं की बैठक बुलाई है, क्योंकि <a href="https://services.india.gov.in/service/detail/maharashtra-maratha-caste-certificate-1">अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)</a> श्रेणी के तहत मराठा समुदाय के लोग आरक्षण की मांग कर रहे हैं। भुजबल की अगुवाई में यह बैठक आज सोमवार को होगी। भुजबल ने कहा कि उनके नेतृत्व वाली समता परिषद और अन्य ओबीसी संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।</h5>
<h2>मनोज जरांगे बनाम छगन भुजबल</h2>
<h5>भुजबल ने राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार द्वारा मराठों के लिए कुछ नहीं किए जाने की आलोचना पर कहा कि कालेलकर आयोग और बाद में मंडल आयोग ने मराठों को पिछड़े समुदाय में शामिल नहीं किया है। एक मुख्यमंत्री आयोग की सिफारिशों को लागू कर सकता है लेकिन अपनी मर्जी से जातियों को शामिल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यहां तक कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि कुनबी और मराठा एक समान नहीं हैं। जरांगे की मांग है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के तहत मराठों के लिए 10 प्रतिशत कोटा दिया जाए। इसके लिए वह मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए जो एक कृषि प्रधान जाति है और ओबीसी श्रेणी में शामिल है, जिससे वे सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के पात्र बनेंगे।</h5>
<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560">
<p dir="ltr" lang="mr"><a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A4%BE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#मराठा</a> एक व्यवस्था आहे. त्याची व्याप्ती, व्याख्या याचा कधीच कोणास अंदाज लागणार नाही, येणार नाही.<a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A4%BE%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#मराठाआरक्षण</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A4%BE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#मराठा</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A4%BE_%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#मराठा_आरक्षण</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/maratha?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#maratha</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/MarathaReservation?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#MarathaReservation</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/OBC?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#OBC</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/MumbaiProtest?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#MumbaiProtest</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%B2?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#मनोजजरांगेपाटील</a><a href="https://twitter.com/hashtag/ManojJarangePatil?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ManojJarangePatil</a><a href="https://twitter.com/hashtag/MarathaInMumbai?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#MarathaInMumbai</a><a href="https://twitter.com/hashtag/MarathaArakshan?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#MarathaArakshan</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Maharashtra?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Maharashtra</a> <a href="https://t.co/fJ37zqyghi">pic.twitter.com/fJ37zqyghi</a></p>
<p>— आनंदा पाटील (Ananda Patil) (@ANANDAPATIL76) <a href="https://twitter.com/ANANDAPATIL76/status/1962180768882675917?ref_src=twsrc%5Etfw">August 31, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>क्या है जरांगे की मांग</h2>
<h5>मनोज जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में अपनी भूख हड़ताल शुरू की। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग आजाद मैदान और आसपास एकत्रित हुए हैं। जरांगे की मांग है कि सभी मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल किया जाए ताकि उन्हें सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल सके। जरांगे ने कहा है कि अभी सरकार से बातचीत करना हमारा काम नहीं है। वे मराठा समुदाय को बर्बाद करना चाहते हैं। वे हमें आरक्षण नहीं देना चाहते। सरकार मराठा समुदाय को बर्बाद करना चाहती है। अगर वे एक दिन का परमिट दे सकते हैं तो वे स्थायी परमिट भी दे सकते हैं। पुलिस ने शनिवार तक के लिए उन्हें प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी, जबकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदर्शन चलता रहेगा, पुलिस परमिशन दे या न दे। जरांगे ने धमकी देते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में और लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। मैं अब पीछे नहीं हटूंगा। मैं मराठा आरक्षण के लिए गोली खाने को तैयार हूं। अगर मुझे सलाखों के पीछे डाला गया तो मैं जेल में भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखूंगा।</h5>
<h2>कौन हैं मनोज जरांगे पाटिल</h2>
<h5>मनोज जरांगे पाटिल मराठा आरक्षण के लिए जाने जाते हैं। वे मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले के मटोरी गांव के रहने वाले हैं। 15 साल पहले मराठा आरक्षण आंदोलन में हिस्सा लिया था। इसके बाद सितंबर 2023 में अंतरवाली-सारती गांव में उन्होंने भूख हड़ताल की थी, तब वे चर्चाओं में आए थे।</h5>
<h5>मनोज जरांगे की तीन बेटियां और एक बेटा है। वे अपने माता-पिता के साथ रहते हैं। उनके माता-पिता किसान हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में हुई। गरीब परिवार से होने के कारण कई बड़ी कठिनाइयों के बाद भी उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी। उनका कहना है कि अगर मराठा समुदाय के छात्रों को आरक्षण मिले तो मराठा छात्रों को अच्छी और कम फीस वाली शिक्षा मिल सकेगी। मनोज जरांगे पाटिल की मराठा हितों के लिए लड़ाई के कारण पहले भी महाराष्ट्र सरकार और सत्तारूढ़<wbr /> दलों को उनकी मांगों पर ध्यान <wbr />देने और टकराव से बचने के लिए अपने प्रतिनिधि भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हमेशा सफेद कपड़ों और केसरिया पटका पहने नजर आने वा<wbr />ले इस दुबले-पतले कार्यकर्ता की<wbr /> आक्रामक मुद्रा ने राजनीतिक दि<wbr />ग्गजों को सतर्क कर दिया है।</h5>
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