<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Mandate CCTV In Schools Archives - The CSR Journal</title>
	<atom:link href="https://thecsrjournal.in/tag/mandate-cctv-in-schools/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://thecsrjournal.in/tag/mandate-cctv-in-schools</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Tue, 23 Sep 2025 08:59:43 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	

<image>
	<url>https://thecsrjournal.in/wp-content/uploads/2025/03/cropped-thecsrjournal-favicon-32x32.png</url>
	<title>Mandate CCTV In Schools Archives - The CSR Journal</title>
	<link>https://thecsrjournal.in/tag/mandate-cctv-in-schools</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>दिल्ली के स्कूलों में नहीं है बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त उपाय, जानिए क्या कहता है कानून</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/every-parent-india-wondering-how-safe-are-our-kids-schools-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anju Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Sep 2025 08:59:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CSR Education and Skill Training]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Presidium School]]></category>
		<category><![CDATA[Mandate CCTV In Schools]]></category>
		<category><![CDATA[School Safety Rules]]></category>
		<category><![CDATA[Student Safety In Schools]]></category>
		<category><![CDATA[Tanishka Sharma Death]]></category>
		<category><![CDATA[Woman And Child Wefare]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=95124</guid>

					<description><![CDATA[<p>नोएडा के प्रेसीडियम स्कूल, सेक्टर 31 में कक्षा 6 की छात्रा तनिष्का शर्मा (आयु लगभग 10 वर्ष) की मौत से जुड़ी घटना ने स्थानीय समाज में गहरी नाराज़गी और शोक की लहर पैदा कर दी है। घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, और परिवार ने स्कूल प्रशासन से उत्तर देने की मांग की है। 10 वर्षीय छात्रा की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/every-parent-india-wondering-how-safe-are-our-kids-schools-hindi">दिल्ली के स्कूलों में नहीं है बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त उपाय, जानिए क्या कहता है कानून</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="adn ads" data-message-id="#msg-f:1844042726544061261" data-legacy-message-id="19975b16f24d334d">
<div class="gs">
<div class="">
<div id=":nf" class="ii gt">
<div id=":ng" class="a3s aiL ">
<h5>नोएडा के प्रेसीडियम स्कूल, सेक्टर 31 में कक्षा 6 की छात्रा तनिष्का शर्मा (आयु लगभग 10 वर्ष) की मौत से जुड़ी घटना ने स्थानीय समाज में गहरी नाराज़गी और शोक की लहर पैदा कर दी है। घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, और परिवार ने स्कूल प्रशासन से उत्तर देने की मांग की है।</h5>
<h2>10 वर्षीय <a href="https://thecsrjournal.in/delhi-government-new-safety-guidelines-schools-upsc-aspirants-death-coaching-centre/">छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत </a></h2>
<h5>घटना दिनांक 4 सितंबर, 2025 की है। दोपहर के लंच ब्रेक के बाद तनिष्का वॉशरूम के बाहर निकलते समय सीढ़ियों के पास अचानक बेसुध हो गई।  छठी कक्षा की छात्रा तनिष्‍का शर्मा की मौत हो गई। स्कूल जाने से पूर्व छात्रा पूरी तरह स्वस्थ थी और उसे उस दिन शिक्षक दिवस के कार्यक्रमों में भाग लेना था। बताया जा रहा है कि लंच ब्रेक के दौरान खाने का एक टुकड़ा उसकी ग्रास नली में फंस गया। स्कूल प्रशासन उसे कैलाश अस्पताल ले गया, लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। स्कूल अधिकारियों ने बताया कि लंच के दौरान कुछ भोजन का टुकड़ा उसकी भोजन नली में अटक गया था, जिससे चोकिंग हुई हो सकती है। उसे प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद कैंपस के मेडिकल रूम में कुछ समय रखा गया, लेकिन बाद में उसे करीब 2 किमी दूरस्थित कैलाश अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।</h5>
<h2>छात्रा की मां का छलका दर्द</h2>
<h5>तनिष्का की मां ने बताया कि, ‘ स्कूल से खबर मिलते ही मैं तुरंत कैलाश अस्पताल पहुंची। वहां डॉक्टरों ने मुझे बताया कि मेरी बेटी की मौत हो गई है। ये सुनते ही मैं बुरी तरह टूट गई। मेरी फूलों जैसी बेटी थी, मैंने उसे परियों की तरह पाला था। मैंने अपने हाथों से उसका अंतिम संस्कार किया है। जो दर्द मैं महसूस कर रही हूं, उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। आज मेरी बेटी को गए हुए 20 दिन हो गए हैं। मैंने उसे स्कूल छोड़ा था। वही स्कूल, जो बच्चों के लिए सेकेंड होम की तरह होता है, जहां हम ये सोचकर बच्चों को भेजते हैं कि वह सुरक्षित रहेंगे। उसी स्कूल में उसकी मौत हुई है।’</h5>
<h2>तृप्ता ने कहा- “मुझे सच जानना है”</h2>
<h5>तनिष्का की मां आगे कहती हैं कि मेरी बेटी अब वापस तो नहीं आएगी, लेकिन मेरी बेटी के साथ आखिरी के मिनटों में क्या हुआ, ये जानने का हक मुझे है। सच सबके सामने आना चाहिए। मैं सिर्फ अपनी बेटी के लिए न्याय चाहती हूं और मुझे सिर्फ सच जानना है।’</h5>
<h2>परिवार ने लगाए स्कूल प्रशासन पर आरोप</h2>
<h5>परिवार का कहना है कि स्कूल द्वारा घटना के बारे में विभिन्न और विरोधाभासी बयानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शुरू में कहा गया कि ‘भोजन करते-करते छात्रा बेहोश हुई’, फिर बताया गया कि ‘सीढ़ियों से उतरते समय गिर गई’। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल ने आपातकालीन प्रतिक्रिया में देरी की। पहले मेडिकल रूम में उपचार करने की कोशिश हुई, अस्पताल पहुंचाने में समय गंवाया गया। छात्रा की मां त्रिप्ता शर्मा ने सोशल मीडिया और वीडियो में भावुकता से सच्चाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि “मेरी बेटी को आखिरी समय में क्या हुआ, उसे जानना मेरा हक है।”</h5>
<h2>पोस्टमार्टम रिपोर्ट में External Injuries के नहीं मिले निशान</h2>
<h5>पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि तनिष्का के शरीर पर कोई बाह्य चोटें (Exturnal Injuries) नहीं मिली हैं। मृत्यु का कारण भी अभी स्पष्ट नहीं है। शव विच्छेदन (viscera) के नमूने फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। नोएडा पुलिस ने कहा है कि अभी तक कोई आरोप-प्रत्यारोप या आपराधिक foul play की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन मामले की जांच जारी है। जिला स्कूल निरीक्षक (DIOS), जिला शिक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि जहां तनिष्का गिरी थी, उस स्थान पर CCTV कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। यानी सीढ़ियों के पास और गलियारे में सुरक्षात्मक निगरानी अधूरी थी।</h5>
<h2>परिवार ने की न्याय की मांग</h2>
<h5>परिवार ने स्कूल प्रबंधन से सभी सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। एक FIR दर्ज करने की भी मांग की गई है, जिस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर न्याय की अपील कर रहे हैं। विशेषकर यह जानने के लिए कि क्या स्कूल मेंपर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम थे, या नहीं!</h5>
<h2>स्कूलों की कानूनी ज़िम्मेदारियों पर क्या कहती है भारतीय दंड संहिता (IPC)</h2>
<h5>धारा 304A: लापरवाही से मृत्यु का कारण बनने पर अभियोजन।</h5>
<h5>धारा 336–338: लापरवाही से मानव जीवन को खतरे में डालना।</h5>
<h5>जुवेनाइल जस्टिस (JJ) अधिनियम, 2015</h5>
<h5>बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी हर शैक्षणिक संस्था की होती है। <a href="https://ncpcr.gov.in/about-ncpcr">राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)</a> स्कूल में बच्चों की सुरक्षा पर नियम तय करता है। यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है, तो स्कूल प्रबंधन व जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है।</h5>
<h2>स्कूलों की ज़िम्मेदारियां</h2>
<h5>कानून और शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूलों की प्रमुख जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं।</h5>
<h5><a href="https://www.cbse.gov.in/cbsenew/documents/Amendments_Chapter_4_21072025.pdf"><strong>CCTV निगरानी</strong>&#8211;</a> परिसर के हर संवेदनशील हिस्से (सीढ़ियां गलियारे, वॉशरूम के बाहर) में कार्यशील कैमरे होना अनिवार्य है।</h5>
<h5><strong>आपातकालीन मेडिकल सुविधा</strong>&#8211; प्रशिक्षित नर्स/कंपाउंडर, फर्स्ट एड किट और एम्बुलेंस सुविधा हर समय उपलब्ध होनी चाहिए।</h5>
<h5><strong>डिसास्टर मैनेजमेंट ड्रिल</strong>&#8211; साल में कम से कम 2 बार मॉक-ड्रिल और CPR/प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण।</h5>
<h5><strong>तुरंत सूचना</strong>&#8211; किसी भी घटना पर अभिभावकों और स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचित करना।</h5>
<h5><strong>बच्चों के अधिकार</strong>&#8211; छात्रों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना स्कूल की संवैधानिक जिम्मेदारी है।</h5>
<h2>तनिष्का मामले से उठे सवाल</h2>
<h5>10 वर्षीय मासूम छात्रा तनिष्का की मौत के बाद स्कूल प्रशासन सवालों के घेरे में है। क्या स्कूल ने घटना के बाद समुचित समय पर मेडिकल प्रतिक्रिया दी? क्या CCTV फुटेज पूरी तरह उपलब्ध है? क्या छात्रा को अस्पताल पहुंचने में अनावश्यक देरी हुई? क्या प्रशासन ने अभिभावकों को समय पर सत्य सूचना दी? इन सवालों के जवाब अभी भी अस्पष्ट हैं और इसी कारण परिवार तथा समाज “सच्चाई” की मांग कर रहा है।</h5>
<h2>बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त नियमों की ज़रूरत</h2>
<h5><strong>सख्त नियम</strong>: हर स्कूल को शिक्षा विभाग को सालाना सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी चाहिए।</h5>
<h5><strong>तकनीकी व्यवस्था</strong>: <a href="https://thecsrjournal.in/cbse-directive-schools-mandatory-cctv-cameras-strengthen-security-hindi/">AI Enabled Smart Camera</a> और इमरजेंसी अलार्म सिस्टम लगाए जाएं।</h5>
<h5><strong>अभिभावकों की भागीदारी</strong>: पैरेंट्स कमेटी को सुरक्षा रिपोर्ट की समीक्षा का अधिकार मिले।</h5>
<h5><a href="https://dmnewdelhi.delhi.gov.in/helpline/"><strong>आपातकालीन हेल्पलाइन</strong></a>: हर स्कूल में बच्चों के लिए 24&#215;7 सुरक्षा हेल्पलाइन स्थापित हो।</h5>
<h5><strong>जवाबदेही तय हो:</strong> किसी भी घटना में प्रबंधन को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराने का प्रावधान लागू हो।</h5>
<h2>तनिष्का की मौत पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चेतावनी</h2>
<h5>तनिष्का शर्मा की मृत्यु केवल एक छात्रा की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चेतावनी है। यह केस बताता है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है। पारदर्शिता और समय पर कार्रवाई ही अभिभावकों का भरोसा वापस ला सकती है। कानूनी जिम्मेदारियां तभी असरदार होंगी जब उन्हें कड़ाई से लागू किया जाए।यह घटना केवल एक दुखद मृत्यु नहीं है। यह शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा, आपात-चर्या, निगरानी और पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाती है। जब तनिष्का जैसी एक नन्ही बच्ची के जीवन से जुड़े आखिरी क्षण अस्पष्ट हों, तो समाज के हर हिस्से को आवाज़ उठानी चाहिए, ताकि दोषियों को जिम्मेदार ठहराया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।</h5>
<div class="adn ads" data-message-id="#msg-f:1843593982722557015" data-legacy-message-id="1995c2f5a239c457">
<div class="gs">
<div class="">
<div id=":nx" class="ii gt">
<div id=":nw" class="a3s aiL ">
<div>
<div>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</div>
<div>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540&amp;source=gmail&amp;ust=1758604130288000&amp;usg=AOvVaw17P2V1E-PCcLe7-FPjcfom">https://apps.apple.com/in/<wbr />app/newspin/id6746449540</a></div>
<div>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://play.google.com/store/apps/details?id%3Dcom.inventifweb.newspin%26pcampaignid%3Dweb_share&amp;source=gmail&amp;ust=1758604130288000&amp;usg=AOvVaw18cBFKlGbRuG3Ec0R3xN-5">https://play.google.com/store/<wbr />apps/details?id=com.<wbr />inventifweb.newspin&amp;<wbr />pcampaignid=web_share</a></div>
<div class="yj6qo"></div>
<div class="adL"></div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/every-parent-india-wondering-how-safe-are-our-kids-schools-hindi">दिल्ली के स्कूलों में नहीं है बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त उपाय, जानिए क्या कहता है कानून</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CBSE ने बढ़ाई स्कूलों में सुरक्षा, अब चप्पे-चप्पे पर रहेगी CCTV की पैनी नज़र </title>
		<link>https://thecsrjournal.in/cbse-directive-schools-mandatory-cctv-cameras-strengthen-security-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anju Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Jul 2025 14:32:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CSR Women & Child Welfare]]></category>
		<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CBSC Board]]></category>
		<category><![CDATA[Mandate CCTV In Schools]]></category>
		<category><![CDATA[NCPCR]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=86872</guid>

					<description><![CDATA[<p>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड ने अपने उप-नियमों में बदलाव करते हुए सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसरों में हाई-रेज़ोल्यूशन CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाएं, जिनमें ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/cbse-directive-schools-mandatory-cctv-cameras-strengthen-security-hindi">CBSE ने बढ़ाई स्कूलों में सुरक्षा, अब चप्पे-चप्पे पर रहेगी CCTV की पैनी नज़र </a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="adn ads" data-message-id="#msg-f:1838356633926973598" data-legacy-message-id="1983279e57b3389e">
<div class="gs">
<div class="">
<div id=":ri" class="ii gt">
<div id=":rj" class="a3s aiL ">
<h5>केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड ने अपने उप-नियमों में बदलाव करते हुए सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसरों में हाई-रेज़ोल्यूशन CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से लगाएं, जिनमें ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा उपलब्ध हो। इस एडवांस्ड कैमरे के जरिए स्कूल परिसर में सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी। सीसीटीवी की मदद से पूरे स्कूल पर नजर रखी जाएगी और बच्चों की सुरक्षा और कड़ी होगी। सरकार ने सभी स्कूलों को आदेश देते हुए कहा कि स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा। और इस नियम का पालन सभी स्कूल परिसर को करना पड़ेगा।</h5>
<h2>स्कूल परिसर में CCTV लगाना अनिवार्य</h2>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/CBSE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#CBSE</a> Mandates Installation of High-Resolution <a href="https://twitter.com/hashtag/CCTV?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#CCTV</a> Cameras with Audio-Visual Recording in All Key School Areas for Enhanced Student Safety <a href="https://t.co/pZbIRny7kt">pic.twitter.com/pZbIRny7kt</a></p>
<p>— Hemprasad Jagat (@hemprasad_J) <a href="https://twitter.com/hemprasad_J/status/1947275073385369838?ref_src=twsrc%5Etfw">July 21, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h5>CBSE द्वारा जारी किए गए ताज़ा दिशानिर्देशों के मुताबिक, स्कूलों के मुख्य प्रवेश द्वार और निकास बिंदुओं के साथ-साथ गलियारों, सीढ़ियों, सभी कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कैंटीन, स्टोर रूम, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में कैमरे लगाए जाने चाहिए। हालांकि, छात्रों की निजता को ध्यान में रखते हुए शौचालय और वॉशरूम को इस प्रावधान से बाहर रखा गया है। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग रियल टाइम में होगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति या अनुचित गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। CBSE ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को एक सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल देना स्कूल प्रशासन की मूल जिम्मेदारियों में शामिल है। सुरक्षा को दो प्रमुख वर्गों में बांटा गया है। पहला, बाहरी असामाजिक तत्वों से सुरक्षा और दूसरा, छात्रों की आंतरिक भलाई सुनिश्चित करना, जिसमें बदमाशी (Bullying), मानसिक तनाव, और अन्य  खतरे शामिल हैं। इन दोनों स्तरों की सुरक्षा के लिए सतर्क और संवेदनशील स्टाफ के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी संसाधनों का होना बेहद आवश्यक है।</h5>
<h2>नियमित निगरानी और रख-रखाव भी अनिवार्य</h2>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">CBSE has directed all affiliated schools to install CCTV cameras in classrooms, corridors, labs, libraries, playgrounds, and other common areas—excluding toilets—to enhance student safety.</p>
<p>The cameras must record both audio and video in real-time. Schools are required to store… <a href="https://t.co/Rm6dLXxTsp">pic.twitter.com/Rm6dLXxTsp</a></p>
<p>— The CSR Journal (@thecsrjournal) <a href="https://twitter.com/thecsrjournal/status/1947572549363372150?ref_src=twsrc%5Etfw">July 22, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h5>CBSE का कहना है कि CCTV सिर्फ लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और तकनीकी रख-रखाव भी उतना ही जरूरी है। CBSE का निर्देश है कि सभी कैमरे वर्किंग कंडीशन में होने चाहिए और इनमें कम से कम 15 दिन की रिकॉर्डिंग रहनी चाहिए। इससे बच्‍चों को किसी भी तरह की शिकायत करने के लिए एक टाइम फ्रेम मिल जाएगा। स्‍कूल प्रशासन भी समय रहते मामलों की जांच कर पाएंगे। स्‍कूलों को ये भी निर्देश है कि वे खुद भी समय-समय पर CCTV कैमरे के फुटेज चेक करते रहें, ताकि स्‍कूल कैंपस में होने वाली किसी भी गड़बड़ी को समय रहते पकड़ा जा सके।</h5>
<h5>बच्चों की सुरक्षा को लेकर <a href="https://ncpcr.gov.in/about-ncpcr">राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)</a> की गाइडलाइन के खंड 1(X) में भी इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि स्कूलों में CCTV की सतत निगरानी सुनिश्चित होनी चाहिए। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि स्कूल अपने पूरे परिसर की निगरानी के लिए चिन्हित बिंदुओं पर कैमरे स्थापित करें ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नजर रखी जा सके। CBSE ने इस नोटिस के अंत में सभी स्कूलों को चेतावनी दी है कि वे इस नए प्रावधान का पूर्ण रूप से पालन करें। छात्रों की सुरक्षा के लिए बनाए गए इन नियमों को लेकर कोई भी ढिलाई सहन नहीं की जाएगी।यह कदम न केवल छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा बल्कि माता-पिता के मन में भी भरोसा जगाएगा कि उनके बच्चे एक सुरक्षित शैक्षणिक माहौल में हैं।</h5>
<h2>NCPCR ने बताया इस फैसले के पीछे का कारण</h2>
<h5>यह निर्णय<a href="https://www.jansatta.com/national/" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://www.jansatta.com/national/&amp;source=gmail&amp;ust=1753279949886000&amp;usg=AOvVaw37l2TSYghgW7nqckg2xNMN"> </a>राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) द्वारा प्रकाशित स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षा पर आधारित मैन्युअल से लिया गया है, जो “स्कूल सुरक्षा” को बच्चों के लिए घर से स्कूल और वापस आने तक एक सुरक्षित और सहायक वातावरण सुनिश्चित करने के रूप में परिभाषित करता है। इसके दायरे में दुर्व्यवहार, हिंसा, आपदाओं, दुर्घटनाओं और बदमाशी जैसे मनोवैज्ञानिक तनावों से सुरक्षा शामिल है।</h5>
<h5>मैन्युअल इस बात पर ज़ोर देता है कि भावनात्मक सुरक्षा अक्सर अनदेखी रह जाती है और इसका पता लगाना मुश्किल होता है, जिससे व्यापक उपायों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है। इसलिए, स्कूलों का कर्तव्य है कि वे न केवल छात्रों की शारीरिक सुरक्षा करें, बल्कि भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित वातावरण को भी बढ़ावा दें।</h5>
<h2>बोर्ड के फैसले पर आ रही मिलीजुली प्रतिक्रिया</h2>
<h5>CBSC बोर्ड के इस फैसले को एक ओर कई पेरेंट्स सही ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि अब पेरेंट्स स्‍कूल भेजते समय बच्‍चे की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह निश्चिंत होना चाहते हैं। स्‍कूलों में बढ़ रही अपराध की घटनाएं पेरेंट्स के लिए परेशानी की बात है।</h5>
<h5>वहीं, कुछ टीचर्स और पेरेंट्स का कहना है कि इससे बच्‍चों और टीचर्स के नेचुरल बिहेवियर पर असर पड़ेगा। इससे ये मैसेज मिलेगा कि बच्‍चों की हर समय निगरानी की जा रही है।</h5>
<h2>CBSE के सभी स्‍कूलों पर लागू होगा निर्देश</h2>
<h5>CBSE का निर्देश सभी संबद्ध स्‍कूलों पर लागू होगा। देश में CBSE के 29 हजार स्‍कूल हैं जिसमें औसतन 40 लाख बच्‍चे पढते हैं। स्‍कूलों के सभी कॉमन एरियाज में HD कैमरे इंस्‍टाल किए जाएंगे। बोर्ड ने अभी इसकी समय सीमा तय नहीं की है।</h5>
<div>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</div>
<div></div>
<div>App Store &#8211; <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540&amp;source=gmail&amp;ust=1753263036195000&amp;usg=AOvVaw3VciiWtXD-gR_CJCBu7TMv">https://apps.apple.com/in/app/<wbr />newspin/id6746449540</a></div>
<div></div>
<div>Google Play Store &#8211; <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://play.google.com/store/apps/details?id%3Dcom.inventifweb.newspin%26pcampaignid%3Dweb_share&amp;source=gmail&amp;ust=1753263036195000&amp;usg=AOvVaw2js6tU63y-x83d5PyJb2AD">https://play.google.com/store/<wbr />apps/details?id=com.<wbr />inventifweb.newspin&amp;<wbr />pcampaignid=web_share</a></div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/cbse-directive-schools-mandatory-cctv-cameras-strengthen-security-hindi">CBSE ने बढ़ाई स्कूलों में सुरक्षा, अब चप्पे-चप्पे पर रहेगी CCTV की पैनी नज़र </a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
