<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>maharastra Archives - The CSR Journal</title>
	<atom:link href="https://thecsrjournal.in/tag/maharastra/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://thecsrjournal.in/tag/maharastra</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Tue, 01 Sep 2026 06:18:53 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	

<image>
	<url>https://thecsrjournal.in/wp-content/uploads/2025/03/cropped-thecsrjournal-favicon-32x32.png</url>
	<title>maharastra Archives - The CSR Journal</title>
	<link>https://thecsrjournal.in/tag/maharastra</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Maharastra: नंगे पांव दौड़ी 47 साल की मां, बेटियों की पढ़ाई के लिए जीती मैराथन रेस; ₹3000 की इनामी राशि बनी उम्मीद की किरण</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharastra-beed-mother-wins-barefoot-marathon-for-daughters-education-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 05:00:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=285697</guid>

					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के बीड जिले में एक मां की कहानी ने सभी के दिलों को छू लिया है। 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने नंगे पांव मैराथन में हिस्सा लेकर न सिर्फ प्रतियोगिता जीती, बल्कि अपने दो बेटियों के भविष्य के लिए एक नया रास्ता भी खोला है। इस मैराथन में उन्हें ₹3000 की इनामी राशि मिली, [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharastra-beed-mother-wins-barefoot-marathon-for-daughters-education-hindi">Maharastra: नंगे पांव दौड़ी 47 साल की मां, बेटियों की पढ़ाई के लिए जीती मैराथन रेस; ₹3000 की इनामी राशि बनी उम्मीद की किरण</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>महाराष्ट्र के बीड जिले में एक मां की कहानी ने सभी के दिलों को छू लिया है। 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने नंगे पांव मैराथन में हिस्सा लेकर न सिर्फ प्रतियोगिता जीती, बल्कि अपने दो बेटियों के भविष्य के लिए एक नया रास्ता भी खोला है। इस मैराथन में उन्हें ₹3000 की इनामी राशि मिली, जो उनकी बेटियों की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।</h5>
<h2>पिता का सपना पूरा करने का प्रयास</h2>
<h5>रमाबाई, जो कि अंबाजोगाई की निवासी हैं, ने अपने पति को एक हादसे में खो दिया था। इसके बाद से उन्होंने अपने दो बेटियों की परवरिश का जिम्मा खुद पर लिया। उनका सपना है कि उनकी बेटियां अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और आत्मनिर्भर बनें। इस विजयी रेस के जरिए उन्हें अपनी रोटी कमाने का एक नया संसाधन मिला है।</h5>
<h2>शहर में रेस का आयोजन</h2>
<h5>यह मैराथन रेस स्थानीय एकेडमी द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। रमाबाई ने प्रतियोगिता में न केवल अपने समर्पण का परिचय दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि मुश्किल हालातों में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उनकी इस जीत से ना सिर्फ उनके परिवार को सहारा मिला, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी यह एक प्रेरणा बन गई है।</h5>
<h2>बेटियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी</h2>
<h5>किसी समय में रमाबाई ने अपने पति के साथ मिलकर अपने परिवार का भरण-पोषण किया। अब, उन्होंने यह जिम्मेदारी खुद ली है। उनके अनुसार, इस ₹3000 की प्रोत्साहन राशि का उपयोग उनकी बेटियों की शिक्षा में किया जाएगा। यह राशि उनके लिए एक उम्मीद की किरण बनकर आई है।</h5>
<h2>सकारात्मकता और संघर्ष के प्रतीक</h2>
<h5>इस कहानी ने सभी को यह सिखाया है कि कठिनाइयों के बावजूद, अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। रमाबाई की तरह कई मांएं अपनी बेटियों के भविष्य के लिए समर्पण के साथ काम कर रही हैं। उनकी यह जीत न सिर्फ व्यक्तिगत है, बल्कि समाज में सकारात्मकता फैला रही है।</h5>
<h2>समाज को प्रेरित करती यह कहानी</h2>
<h5>रमाबाई ने साबित कर दिया है कि केवल सपना देखने से काम नहीं चल सकता, उसे पूरा करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। उनका यह संघर्ष और जीत कई लोगों के लिए एक मिसाल बन चुकी है, जो अपने सपनों को सच करना चाहते हैं। ऐसे में इस प्रकार की कहानियां समाज में एक अलग संजीवनी शक्ति का काम करती हैं।</h5>
<h2>एक नई शुरुआत की ओर</h2>
<h5>अब रमाबाई की बातें केवल उनकी बेटियों के भविष्य तक सीमित नहीं हैं। उनकी यह जीत सभी माता-पिता को यह संदेश देती है कि कठिनाइयों का सामना करते हुए भी अपने बच्चों के सपनों को साकार किया जा सकता है। यही तो है एक सच्ची मां की पहचान।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharastra-beed-mother-wins-barefoot-marathon-for-daughters-education-hindi">Maharastra: नंगे पांव दौड़ी 47 साल की मां, बेटियों की पढ़ाई के लिए जीती मैराथन रेस; ₹3000 की इनामी राशि बनी उम्मीद की किरण</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बेटी की फीस के लिए साड़ी पहनकर दौड़ी 47 साल की मां, चप्पल फिसली तो नंगे पैर जीत ली मैराथन</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/beed-47-year-old-mother-wins-marathon-for-daughters-education-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 18:16:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Women Empowerment]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Inspirational Women]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<category><![CDATA[marathon]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=285577</guid>

					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगाई से मां के संघर्ष और जज्बे की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए आयोजित मैराथन में हिस्सा लिया और बिना किसी विशेष तैयारी के प्रथम स्थान हासिल कर लिया। रमाबाई जब प्रतियोगिता [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/beed-47-year-old-mother-wins-marathon-for-daughters-education-hindi">बेटी की फीस के लिए साड़ी पहनकर दौड़ी 47 साल की मां, चप्पल फिसली तो नंगे पैर जीत ली मैराथन</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 class="isSelectedEnd">महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगाई से मां के संघर्ष और जज्बे की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए आयोजित मैराथन में हिस्सा लिया और बिना किसी विशेष तैयारी के प्रथम स्थान हासिल कर लिया। रमाबाई जब प्रतियोगिता में पहुंचीं तो उन्होंने साड़ी पहन रखी थी और पैरों में चप्पल थी। दूसरी ओर कई युवा प्रतिभागी ट्रैकसूट और स्पोर्ट्स शूज के साथ दौड़ में शामिल हुए थे। लेकिन रमाबाई के पास महंगे जूते नहीं, बल्कि अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य का सपना था।</h5>
<h2>चप्पल फिसली तो नंगे पैर दौड़ पड़ीं</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">दौड़ शुरू होने के कुछ देर बाद रमाबाई की चप्पल पैरों से फिसलने लगी। इससे उनकी रफ्तार प्रभावित होने लगी। उन्होंने हार मानने के बजाय चप्पल उतार दी और उसे हाथ में लेकर नंगे पैर दौड़ना शुरू कर दिया। सड़क पर पड़े कंकड़-पत्थरों और साड़ी संभालने की मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अपनी रफ्तार कम नहीं होने दी। देखते ही देखते उन्होंने कई युवा धावकों को पीछे छोड़ दिया और सबसे पहले फिनिशिंग लाइन पार कर ली।</h5>
<h2>बेटी की फीस के लिए जीते ₹3,000</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">रमाबाई ने &#8216;अमृत दौड़&#8217; मैराथन में पहला स्थान हासिल किया। जीत के बाद उन्हें पुरस्कार के तौर पर ₹3,000 मिले। रमाबाई ने बताया कि इस रकम का इस्तेमाल वह अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए करेंगी। रिपोर्टों के मुताबिक रमाबाई की दो बेटियां हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के बीच वह अपनी बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए मेहनत कर रही हैं। एक बेटी बीएससी की पढ़ाई कर रही है, जबकि दूसरी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही है। रमाबाई अंबाजोगाई में एक अकादमी में रसोइए के तौर पर काम करती हैं।</h5>
<h2>अमृत दौड़ में दिखा मां का अदम्य हौसला</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">अंबाजोगाई में भारतीय शिक्षण प्रसारक संस्था के खोलेश्वर शैक्षणिक संकुल के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर &#8216;अमृत दौड़&#8217; का आयोजन किया गया था। दौड़ छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से शुरू होकर भाग्यनगर चौक तक आयोजित की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया। रमाबाई की जीत के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। उनके लिए यह सिर्फ मैराथन की जीत नहीं थी, बल्कि अपनी बेटियों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए किए जा रहे संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत थी।</h5>
<h2>मां की जीत ने दिया बड़ा संदेश</h2>
<h5>रमाबाई रणवीर की कहानी बताती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, मजबूत इरादा इंसान को मंजिल तक पहुंचा सकता है। साड़ी, चप्पल और नंगे पैर दौड़ते हुए हासिल की गई उनकी जीत आज मां के संघर्ष, बेटियों की शिक्षा और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल बन गई है।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/beed-47-year-old-mother-wins-marathon-for-daughters-education-hindi">बेटी की फीस के लिए साड़ी पहनकर दौड़ी 47 साल की मां, चप्पल फिसली तो नंगे पैर जीत ली मैराथन</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बॉम्बे हाई कोर्ट ने IAS तुकाराम मुंढे को लगाई फटकार, जानें वजह</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/tukaram-mundhe-bombay-high-court-reprimand-fda-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 30 Aug 2026 16:01:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Bombay High Court]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<category><![CDATA[Tukaram Mundhe]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=284711</guid>

					<description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में काम कर रहे महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा कि क्या तुकाराम मुंढे को लगता है कि वह भगवान हैं, जो कानून से ऊपर हैं? यह सवाल उठाते हुए कोर्ट ने अधिकारी की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/tukaram-mundhe-bombay-high-court-reprimand-fda-hindi">बॉम्बे हाई कोर्ट ने IAS तुकाराम मुंढे को लगाई फटकार, जानें वजह</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में काम कर रहे महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा कि क्या तुकाराम मुंढे को लगता है कि वह भगवान हैं, जो कानून से ऊपर हैं? यह सवाल उठाते हुए कोर्ट ने अधिकारी की कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई।</h5>
<h2>कोर्ट की तीखी टिप्पणी</h2>
<h5>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंढे और उनकी टीम के कामकाजी ढंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों को आम जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी को अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह स्पष्ट संकेत था कि प्रशासन में पारदर्शिता और नैतिकता की आवश्यकता है।</h5>
<h2>रेगुलेटर के कदमों में बदलाव</h2>
<h5>दूसरे बड़े मामले में, कोर्ट की फटकार के बाद एफडीए को अपने कुछ फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी कार्रवाई सही तरीके से और कानून के तहत की जानी चाहिए। इससे पहले, एफडीए ने कुछ ऐसे कदम उठाए थे जो विवाद में रहे थे। अब, उन्हें अपने फैसलों को सही ठहराने में मशक्कत करनी पड़ रही है।</h5>
<h2>समाज में बढ़ रही चिंता</h2>
<h5>यह घटना समाज में बढ़ती हुई निराशा और सरकारी तंत्र की निष्क्रियता को उजागर करती है। लोग अब न्यायपालिका पर भरोसा रख रहे हैं कि वह उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करेगी। तुकाराम मुंढे की कार्यशैली पर सवाल उठने से लोगों में यह चिंता बढ़ गई है कि क्या अधिकारियों को अपने पद का दुरुपयोग करने की छूट मिल गई है।</h5>
<h2>भविष्य में संभावित परिवर्तन</h2>
<h5>अब यह देखना होगा कि इस फटकार के बाद तुकाराम मुंढे और उनकी टीम कैसे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हैं। कोर्ट का यह कदम न केवल तुकाराम मुंढे के लिए बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक चेतावनी के रूप में साबित होगा। क्या अब अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे? यह सवाल अब सभी के मन में है।</h5>
<h2>राजनीतिक दखल का मुद्दा</h2>
<h5>इस मामले पर राजनीतिक दलों की भी नजर है। कुछ नेताओं ने इसे प्रशासनिक सुधार के लिए एक सुनहरी मौका बताया है। ऐसे में यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इस मुद्दे को सिरे से उठाएगी या चुप्पी साधेगी। आम जनता की नजर अब न केवल तुकाराम मुंढे पर है, बल्कि भविष्य में होने वाले प्रशासनिक बदलावों पर भी है।</h5>
<h2>निष्कर्ष के बिना खत्म</h2>
<h5>बॉम्बे हाई कोर्ट का यह निर्णय निश्चित रूप से सरकारी अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। अब सभी की निगाहें तुकाराम मुंढे और उनके कार्यों पर हैं। देखना होगा कि क्या यह फटकार प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगी।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/tukaram-mundhe-bombay-high-court-reprimand-fda-hindi">बॉम्बे हाई कोर्ट ने IAS तुकाराम मुंढे को लगाई फटकार, जानें वजह</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>GST केस निपटाने के लिए मांगे 1.50 करोड़, 40 लाख में तय हुई रिश्वत, CBI की कार्रवाई के बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी को बताया अवैध</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/raigad-cgst-bribery-case-cbi-40-lakh-gst-royalty-case-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Aug 2026 00:53:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[bribery case]]></category>
		<category><![CDATA[CBI Raid]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=283842</guid>

					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के रायगढ़ में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में CGST के दो अधिकारियों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है। मामला एक पत्थर खनन कंपनी से जुड़े GST और रॉयल्टी विवाद को निपटाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है। CBI के मुताबिक, CGST सुपरिंटेंडेंट [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/raigad-cgst-bribery-case-cbi-40-lakh-gst-royalty-case-hindi">GST केस निपटाने के लिए मांगे 1.50 करोड़, 40 लाख में तय हुई रिश्वत, CBI की कार्रवाई के बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी को बताया अवैध</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 class="isSelectedEnd">महाराष्ट्र के रायगढ़ में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में CGST के दो अधिकारियों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है। मामला एक पत्थर खनन कंपनी से जुड़े GST और रॉयल्टी विवाद को निपटाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है। CBI के मुताबिक, CGST सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा पर आरोप है कि उन्होंने मामले को निपटाने के बदले शिकायतकर्ता से 1.50 करोड़ रुपये की अनुचित रकम मांगी थी। बातचीत के बाद यह रकम घटाकर 40 लाख रुपये कर दी गई।</h5>
<h2>निजी व्यक्ति के जरिए ली जानी थी रकम</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">आरोप है कि रिश्वत की रकम सीधे सरकारी अधिकारियों को देने के बजाय एक निजी व्यक्ति को माध्यम बनाया गया था। शिकायतकर्ता को उसी व्यक्ति के जरिए रकम देने के लिए कहा गया। CBI ने शिकायत की जांच के बाद जाल बिछाया। एजेंसी के मुताबिक, निजी व्यक्ति नरेंद्र राजपूत को 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद CGST के दोनों अधिकारियों की भूमिका की जांच की गई।</h5>
<h2>CGST के एडिशनल कमिश्नर समेत तीन गिरफ्तार</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">CBI ने इस मामले में विनय कुमार कन्हेटी, एडिशनल कमिश्नर CGST, राकेश कुमार सिन्हा, सुपरिंटेंडेंट CGST और निजी व्यक्ति नरेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया। CBI के अनुसार, 40 लाख रुपये की रकम स्वीकार किए जाने की जानकारी दोनों CGST अधिकारियों तक पहुंची थी। एजेंसी ने 26 अगस्त को मामला दर्ज किया था और 27 अगस्त को गिरफ्तारियां की गईं।</h5>
<h2>तलाशी में 43 लाख रुपये नकद और आभूषण मिले</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के अनुसार, इस दौरान 43 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। इसके अलावा करीब 90 लाख रुपये मूल्य के आभूषण भी मिलने की बात सामने आई है। CBI ने इन बरामद चीजों को जांच का हिस्सा बनाया है और मामले की आगे जांच जारी है।</h5>
<h2>फिर कोर्ट ने गिरफ्तारी पर उठाया सवाल</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">मामले में बाद में बड़ा मोड़ आया। ठाणे की विशेष CBI अदालत ने तीनों आरोपियों की आगे की हिरासत की CBI की मांग खारिज कर दी और गिरफ्तारियों को कानूनी रूप से उचित नहीं माना। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी रिकॉर्ड में आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार और कारण ठीक तरीके से बताए जाने की बात साबित नहीं हुई। अदालत ने यह भी माना कि आरोपियों के परिजनों को लिखित रूप से सूचना नहीं दी गई थी।</h5>
<h2>तीनों आरोपियों को बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">अदालत ने तीनों आरोपियों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। उन्हें 15-15 हजार रुपये के PR बॉन्ड और इतनी ही राशि की जमानत देने को कहा गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रिश्वत मामले की जांच खत्म हो गई है। अदालत ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है और CBI की आगे की जांच जारी रहेगी।</h5>
<h2>अब जांच में क्या सामने आएगा?</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">इस पूरे मामले में दो अलग-अलग पहलू सामने हैं। एक तरफ CBI का आरोप है कि GST और रॉयल्टी विवाद खत्म करने के लिए पहले 1.50 करोड़ रुपये मांगे गए और बातचीत के बाद 40 लाख रुपये में सौदा हुआ। दूसरी तरफ अदालत ने गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तीनों को रिहा कर दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि रिश्वत मांगने और लेने के आरोपों से जुड़े सबूत किस तरह सामने आते हैं।</h5>
<h2>मामले की जांच अभी जारी</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">रायगढ़ का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें CGST के वरिष्ठ अधिकारी का नाम सामने आया है और कथित रिश्वत की रकम लाखों रुपये में है। CBI ने 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत के अलावा तलाशी में नकदी और आभूषण भी बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और अदालत के आदेश के बाद आरोपी बाहर हैं। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/raigad-cgst-bribery-case-cbi-40-lakh-gst-royalty-case-hindi">GST केस निपटाने के लिए मांगे 1.50 करोड़, 40 लाख में तय हुई रिश्वत, CBI की कार्रवाई के बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी को बताया अवैध</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महंगाई ने फिर बढ़ाया घर का बजट, मुंबई में दूध के दाम में ₹9 का इजाफा</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/inflation-pushes-up-household-budgets-again-milk-prices-mumbai-rise-rs-9-per-litre</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Aug 2026 17:27:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Mumbai]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<category><![CDATA[Milk Price Rise]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=283806</guid>

					<description><![CDATA[<p>देश में महंगाई की मार से लोग अब और परेशान हो गए हैं। हाल ही में मुंबई के स्थानीय दूध उत्पादकों ने दूध के दामों में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी 1 सितंबर, 2026 से लागू होगी और इससे लोगों के घरेलू बजट पर और दबाव पड़ेगा। अभी हाल [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/inflation-pushes-up-household-budgets-again-milk-prices-mumbai-rise-rs-9-per-litre">महंगाई ने फिर बढ़ाया घर का बजट, मुंबई में दूध के दाम में ₹9 का इजाफा</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>देश में महंगाई की मार से लोग अब और परेशान हो गए हैं। हाल ही में मुंबई के स्थानीय दूध उत्पादकों ने दूध के दामों में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी 1 सितंबर, 2026 से लागू होगी और इससे लोगों के घरेलू बजट पर और दबाव पड़ेगा। अभी हाल ही में चीनी के दामों में भी बढ़ोतरी हुई थी, जिससे लोग पहले से ही चिंतित हैं। अब दूध की कीमतें बढ़ने से लोगों को और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।</h5>
<h2>बाजार पर महंगाई का असर</h2>
<h5>दूध, जो भारतीय households में एक महत्वपूर्ण किराना सामग्री है, की कीमत में वृद्धि से कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह बदलाव न केवल ब्रेड और पनीर जैसी दूसरी खाद्य सामग्री के दामों को प्रभावित करेगा, बल्कि सामान्य उपभोक्ताओं के बजट को भी भारी नुकसान पहुंचाएगा। महंगाई की इस स्थिति में खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि से चिंतित लोग अब अपनी आवश्यकताओं को भी सीमित करने पर विचार कर रहे हैं।</h5>
<h2>इतर खाद्य पदार्थों की कीमतें भी हो रहीं हैं प्रभावित</h2>
<h5>दूध की बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर अन्य खाद्य उत्पादों पर भी पड़ सकता है। जैसे-जैसे दूध की कीमतें बढ़ती हैं, वैसे-वैसे दही, घी और पनीर जैसी चीजों की कीमतें भी बढ़ती हैं। इससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। इस समय देश पहले से ही महंगाई के तीव्र दौर से गुजर रहा है, और ऐसे में दूध की कीमतों में हुईी इस वृद्धि ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है।</h5>
<h2>सरकार का दखल जरूरी</h2>
<h5>आम जनता की मुश्किलों को देखते हुए, सरकार से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह इस मामले पर ध्यान देगी और किसी तरह की उपाय योजना निकालेगी। यदि दूध के दाम और बढ़ते हैं, तो परिवारों की बजट योजना और भी गड़बड़ाएगी। दूध उत्पादकों का कहना है कि उनका कच्चा माल महंगा हुआ है, जिससे उन्हें कीमतें बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है। हालांकि, इससे उपभोक्ताओं को लंबा समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।</h5>
<h2>आगामी समय में महंगाई से निपटने के उपाय</h2>
<h5>महंगाई की चुनौती से निपटने के लिए उपभोक्ताओं को अपने बजट में बदलाव करने की जरूरत हो सकती है। लोग अब अपने खर्चों पर अधिक ध्यान देने के लिए मजबूर हो गए हैं। मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, जिनका महीने का खर्च पहले ही बढ़ चुका है। इसलिए, परिवारों को अपनी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने के लिए तैयार रहना होगा।</h5>
<h2>समाज में फैलती चिंता</h2>
<h5>महंगाई की बढ़ती दरों से समाज में असंतोष भी फैलने लगा है। लोग कई आवश्यक चीजों की कमी की आशंका से चिंतित हैं। दूध का यह नया दाम सिर्फ एक उत्पाद की कीमत है, लेकिन इसके साथ कई अन्य चीजों की कीमतें भी प्रभावी होंगी। ऐसे में आम जनमानस की आवाज उठाने की जरूरत है, ताकि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा सके।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/inflation-pushes-up-household-budgets-again-milk-prices-mumbai-rise-rs-9-per-litre">महंगाई ने फिर बढ़ाया घर का बजट, मुंबई में दूध के दाम में ₹9 का इजाफा</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MPSC पेपर लीक: गर्लफ्रेंड को पास कराने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर का बड़ा खुलासा</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/mpsc-paper-leak-drug-inspector-exam-case-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Aug 2026 04:52:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<category><![CDATA[Paper Leak]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=282805</guid>

					<description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस ने बुधवार, 26 अगस्त को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) परीक्षा के पेपर लीक मामले में कार्रवाई की। इस खुलासे में छह लोगों की गिरफ्तारी की गई है, जिसमें से तीन अधिकारी MPSC के भी हैं। ये गिरफ्तारियां उस समय की गईं जब एग्जाम में धांधली का मामला तूल [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mpsc-paper-leak-drug-inspector-exam-case-hindi">MPSC पेपर लीक: गर्लफ्रेंड को पास कराने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर का बड़ा खुलासा</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>मुंबई पुलिस ने बुधवार, 26 अगस्त को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) परीक्षा के पेपर लीक मामले में कार्रवाई की। इस खुलासे में छह लोगों की गिरफ्तारी की गई है, जिसमें से तीन अधिकारी MPSC के भी हैं। ये गिरफ्तारियां उस समय की गईं जब एग्जाम में धांधली का मामला तूल पकड़ने लगा। कोर्ट ने इन आरोपियों को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।</h5>
<h2>पुलिस ने कैसे खोला राज?</h2>
<h5>पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये लीक तब हुआ जब एक ड्रग इंस्पेक्टर ने अपनी गर्लफ्रेंड को पास कराने के लिए पेपर उपलब्ध कराया। यह मामला तब सामने आया जब परीक्षा में कुछ छात्रों ने अजीब तरह के सवालों की शिकायत की। जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि पेपर को लीक करने का संकेत इस इंस्पेक्टर ने दिया था। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए कई गिरफ्तारियां की गईं।</h5>
<h2>शिक्षा प्रणाली में खामियां उजागर</h2>
<h5>MPSC की परीक्षा में इस तरह की धांधली ने शिक्षा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो परीक्षा में धोखाधड़ी को सही समझते हैं। ऐसी कार्रवाइयों से छात्रों के भविष्य पर बुरा असर पड़ता है। पुलिस ने कहा है कि वे सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।</h5>
<h2>आगे की कार्रवाई की रूपरेखा</h2>
<h5>पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य शिक्षण संस्थानों में भी इसी तरह की धांधली की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के अलावे इस प्रकरण में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी संभव हैं।</h5>
<h2>छात्रों में आक्रोश, परीक्षा रद्द</h2>
<h5>इस घटना के बाद, छात्रों में काफी आक्रोश फैल गया है। छात्र अपनी मेहनत के फल को इस तरह बर्बाद होते नहीं देखना चाहते। MPSC ने इस परीक्षा को तुरंत रद्द कर दिया है। छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के कारण उनके भविष्य के सामने खतरा मंडरा रहा है।</h5>
<h2>भविष्य की योजना क्या है?</h2>
<h5>MPSC ने छात्रों के लिए भविष्य की परीक्षाओं की योजना को फिर से जांचने का वादा किया है। ऐसा माना जा रहा है कि आयोग अब परीक्षा संचालन में अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा पर ध्यान देगा। इसके लिए तकनीकी उपायों को अपनाने का भी संकेत दिया गया है।</h5>
<h2>सामाजिक प्रभाव और जिम्मेदारी</h2>
<h5>इस मामले ने समाज के विभिन्न तबकों में चर्चा का विषय बना दिया है। कई लोग इसे एक गंभीर समस्या मानते हैं, जो शिक्षा के मूल सिद्धांतों को प्रभावित कर सकती है। इस पर समाज और सरकारी संस्थाओं के बीच संवाद होना आवश्यक है। छात्रों की मेहनत का सही मूल्यांकन करने के लिए यह कदम उठाना वक्त की ज़रूरत बन गई है।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mpsc-paper-leak-drug-inspector-exam-case-hindi">MPSC पेपर लीक: गर्लफ्रेंड को पास कराने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर का बड़ा खुलासा</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महाराष्ट्र में मौखिक नियुक्तियां रद्द, 10 सितंबर तक मूल विभाग लौटेंगे अधिकारी-कर्मचारी</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharashtra-cancels-oral-appointments-ministers-offices-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Aug 2026 19:26:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<category><![CDATA[Ministers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=281895</guid>

					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों के कार्यालयों और मंत्रालय के विभिन्न विभागों में नियमों को दरकिनार कर की गई नियुक्तियों पर बड़ा फैसला लिया है। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया है। इनमें प्रतिनियुक्ति, उधार के आधार पर और केवल मौखिक आदेश से [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-cancels-oral-appointments-ministers-offices-hindi">महाराष्ट्र में मौखिक नियुक्तियां रद्द, 10 सितंबर तक मूल विभाग लौटेंगे अधिकारी-कर्मचारी</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="504" data-end="902">महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों के कार्यालयों और मंत्रालय के विभिन्न विभागों में नियमों को दरकिनार कर की गई नियुक्तियों पर बड़ा फैसला लिया है। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया है। इनमें प्रतिनियुक्ति, उधार के आधार पर और केवल मौखिक आदेश से की गई नियुक्तियां शामिल हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि ऐसे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 10 सितंबर 2026 तक उनके मूल कार्यालय या विभाग में वापस भेजा जाए। यानी अब उन्हें मंत्रियों के दफ्तर या मंत्रालय में काम करने की अनुमति नहीं होगी।</h5>
<h2 data-section-id="eyyowm" data-start="1112" data-end="1153">जरूरी मंजूरी के बिना हुईं नियुक्तियां</h2>
<h5 data-start="1155" data-end="1397">सरकार के मुताबिक, कई मामलों में नियुक्ति से पहले संबंधित मूल विभाग, अपर मुख्य सचिव, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री की जरूरी मंजूरी नहीं ली गई। इसके बावजूद दूसरे विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्रियों के कार्यालयों में तैनात कर दिया गया। परिपत्र में बताया गया है कि ऐसी नियुक्तियों में डॉक्टर, स्टेनोग्राफर, शिक्षक और इंजीनियर जैसे तकनीकी कर्मचारी भी शामिल थे। इनमें से कई के पास मंत्रालय के कामकाज के लिए जरूरी प्रशिक्षण या अनुभव नहीं था। सरकार का कहना है कि इससे मंत्रालय की सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।</h5>
<h2 data-section-id="1iasswq" data-start="1728" data-end="1769">मूल विभागों में भी बढ़ रही थी परेशानी</h2>
<h5 data-start="1771" data-end="1974">सरकार ने कहा कि जब कर्मचारी अपने मूल विभाग से हटकर मंत्री कार्यालय में काम करने लगते हैं, तो उनके विभाग में पद खाली रह जाते हैं। इससे वहां काम प्रभावित होता है और खाली पदों को भरने में भी परेशानी आती है। इसके अलावा मूल विभागों में कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण और उनकी विशेषज्ञता भी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रही थी। सरकार ने इसी वजह से ऐसी अनियमित नियुक्तियों को खत्म करने का फैसला लिया है।</h5>
<h2 data-section-id="yf7k10" data-start="2176" data-end="2211">सेवा रिकॉर्ड की जांच पर भी सवाल</h2>
<h5 data-start="2213" data-end="2435">सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में जरूरी जांच नहीं होने को लेकर भी चिंता जताई है। ऐसे मामलों में ईमानदारी प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, गोपनीय रिपोर्ट और विभागीय जांच जैसे सेवा रिकॉर्ड का पर्याप्त सत्यापन नहीं हो रहा था। सरकार का कहना है कि मंत्रियों के कार्यालयों का काम संवेदनशील होता है, इसलिए वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सेवा पृष्ठभूमि और रिकॉर्ड की पूरी जांच जरूरी है।</h5>
<h2 data-section-id="1a3ypdl" data-start="2635" data-end="2673">वापस नहीं लौटे तो रुक सकता है वेतन</h2>
<h5 data-start="2675" data-end="2921">सरकार ने अधिकारियों को मूल विभाग में वापस भेजने के साथ इसकी निगरानी की जिम्मेदारी भी तय की है। संबंधित कार्यालय प्रमुखों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को 15 सितंबर तक रिपोर्ट देनी होगी कि सभी कर्मचारी अपने मूल कार्यालय में वापस पहुंच गए हैं। अगर कोई कर्मचारी तय समय में मूल कार्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। वहीं संबंधित विभागों को आगे की रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय में जमा करनी होगी।</h5>
<h2 data-section-id="h7mvkx" data-start="3160" data-end="3201">अब नियुक्ति के लिए तय प्रक्रिया जरूरी</h2>
<h5 data-start="3203" data-end="3520">सरकार ने भविष्य की नियुक्तियों को लेकर भी साफ निर्देश जारी किए हैं। मंत्रियों के कार्यालयों में अधिकारी या कर्मचारी नियुक्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की तय प्रक्रिया का पालन करना होगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पद बनाने या पदों के ढांचे में बदलाव के प्रस्ताव भी निर्धारित प्रक्रिया से मंजूरी के लिए भेजने होंगे। साथ ही, अधीनस्थ कार्यालयों के कर्मचारियों को अब उधार के आधार पर या सिर्फ मौखिक आदेश से मंत्रियों के कार्यालयों में नियुक्त नहीं किया जा सकेगा। भविष्य में ऐसी अनियमित नियुक्ति दोबारा होने पर महाराष्ट्र सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।</h5>
<h2 data-section-id="ljmcmn" data-start="3824" data-end="3843">अब क्या बदलेगा?</h2>
<h5 data-start="3845" data-end="4114">इस फैसले के बाद मंत्रालय और मंत्रियों के कार्यालयों में बिना तय प्रक्रिया के काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की वापसी होगी। सरकार का कहना है कि इससे प्रशासन में नियम, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी और कर्मचारियों की नियुक्ति निर्धारित व्यवस्था के तहत ही की जाएगी।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-cancels-oral-appointments-ministers-offices-hindi">महाराष्ट्र में मौखिक नियुक्तियां रद्द, 10 सितंबर तक मूल विभाग लौटेंगे अधिकारी-कर्मचारी</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महाराष्ट्र में 6.36 लाख किसानों को 5,086 करोड़ की कर्जमाफी, फडणवीस ने जारी किया दूसरा चरण</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharashtra-farmer-loan-waiver-5086-crore-636036-farmers-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 21:23:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CM FADNAVIS]]></category>
		<category><![CDATA[farmer loan]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=281062</guid>

					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में किसानों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना के दूसरे चरण का लाभ जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 24 अगस्त को 6,36,036 पात्र किसानों के लिए 5,086 करोड़ रुपये की कर्जमाफी ऑनलाइन वितरित की। अब तक 12.58 लाख किसानों को राहत सरकार के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-farmer-loan-waiver-5086-crore-636036-farmers-hindi">महाराष्ट्र में 6.36 लाख किसानों को 5,086 करोड़ की कर्जमाफी, फडणवीस ने जारी किया दूसरा चरण</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 class="isSelectedEnd">महाराष्ट्र में किसानों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना के दूसरे चरण का लाभ जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 24 अगस्त को 6,36,036 पात्र किसानों के लिए 5,086 करोड़ रुपये की कर्जमाफी ऑनलाइन वितरित की।</h5>
<h2>अब तक 12.58 लाख किसानों को राहत</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">सरकार के मुताबिक, योजना के तहत अब तक 12,58,243 किसानों को कुल 10,115 करोड़ रुपये की कर्जमाफी का लाभ मिल चुका है। पात्र किसानों को लाभ देने की प्रक्रिया अभी जारी है और लाभार्थियों की संख्या लगातार अपडेट की जा रही है। सरकार ने कर्ज खातों के आधार प्रमाणीकरण पर भी जोर दिया है। अब तक 13.70 लाख कर्ज खातों का आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है। सरकार का कहना है कि योजना की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चलाई जा रही है।</h5>
<h2>छत्रपति संभाजीनगर के किसानों को सबसे ज्यादा लाभ</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">दूसरे चरण में सबसे ज्यादा कर्जमाफी छत्रपति संभाजीनगर संभाग के किसानों को मिली। यहां 3,02,273 किसानों को 2,284 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया। वहीं अमरावती संभाग में 1,45,808 किसानों को 1,208 करोड़ रुपये और नासिक संभाग में 84,813 किसानों को 756 करोड़ रुपये की कर्जमाफी मिली। पुणे संभाग के 49,224 किसानों को 417 करोड़ रुपये, नागपुर संभाग के 44,864 किसानों को 366 करोड़ रुपये और कोकण संभाग के 9,054 किसानों को 54 करोड़ रुपये का लाभ मिला।</h5>
<h2>मुख्यमंत्री फडणवीस ने ऑनलाइन किया वितरण</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">दूसरे चरण के लाभ का ऑनलाइन वितरण मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथि गृह से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार के अनुसार, पात्र किसानों तक कर्जमाफी का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। योजना के तहत लाभार्थियों की जानकारी लगातार अपडेट की जा रही है।</h5>
<h2>किसानों के लिए बड़ी राहत</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों के लिए यह कर्जमाफी आर्थिक राहत के तौर पर देखी जा रही है। दूसरे चरण में एक साथ 5,086 करोड़ रुपये जारी किए जाने से बड़ी संख्या में किसानों को सीधा लाभ मिला है। सरकार का फोकस पात्र किसानों की पहचान, आधार प्रमाणीकरण और सीधे ऑनलाइन लाभ पहुंचाने पर है, ताकि कर्जमाफी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।</h5>
<h2>अब कर्जमाफी का लाभ जारी रहेगा</h2>
<h5>महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र किसानों को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जैसे-जैसे पात्र खातों का सत्यापन और आधार प्रमाणीकरण पूरा होगा, लाभार्थियों की संख्या भी अपडेट होती रहेगी।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-farmer-loan-waiver-5086-crore-636036-farmers-hindi">महाराष्ट्र में 6.36 लाख किसानों को 5,086 करोड़ की कर्जमाफी, फडणवीस ने जारी किया दूसरा चरण</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Modern schools in Maharashtra: महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था बदलेगी मिशन मोड में, डिप्टी सीएम शिंदे ने दिए बड़े निर्देश</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharashtra-education-system-reform-eknath-shinde-schools-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 20:08:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Department of School Education]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<category><![CDATA[Modern schools in Maharashtra]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=280077</guid>

					<description><![CDATA[<p>मुंबई में शनिवार को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब चार घंटे तक बैठक की। बैठक में राज्य की शिक्षा व्यवस्था, विभाग की योजनाओं और अब तक हुए काम की विस्तार से समीक्षा की गई। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से कहा कि [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-education-system-reform-eknath-shinde-schools-hindi">Modern schools in Maharashtra: महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था बदलेगी मिशन मोड में, डिप्टी सीएम शिंदे ने दिए बड़े निर्देश</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 class="isSelectedEnd">मुंबई में शनिवार को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब चार घंटे तक बैठक की। बैठक में राज्य की शिक्षा व्यवस्था, विभाग की योजनाओं और अब तक हुए काम की विस्तार से समीक्षा की गई। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से कहा कि अब शिक्षा विभाग को मिशन मोड में काम करना होगा, ताकि सरकार की योजनाओं और अच्छी पहलों का फायदा महाराष्ट्र के हर स्कूल और हर छात्र तक पहुंच सके। उन्होंने स्कूलों को आधुनिक बनाने और शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।</h5>
<h2>शिक्षकों की ट्रेनिंग और अच्छे काम को मिलेगा बढ़ावा</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">शिंदे ने कहा कि बच्चों की जरूरतें और उनके सपने बदल रहे हैं। ऐसे में स्कूलों को भी समय के साथ बदलना होगा। शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो बच्चों को आने वाले समय की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार कर सके। नई कार्ययोजना में शिक्षा विशेषज्ञों और अनुभवी शिक्षकों को जोड़ने, शिक्षकों की ट्रेनिंग मजबूत करने और उनके कौशल को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। बेहतर और नए तरीके से काम करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की व्यवस्था पर भी जोर रहेगा।</h5>
<h2>केंद्र की योजनाओं का समय पर मिले लाभ</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">डिप्टी सीएम ने शिक्षा विभाग को केंद्र सरकार की विभिन्न शिक्षा योजनाओं को महाराष्ट्र में प्रभावी और समय पर लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका फायदा राज्य के स्कूलों और छात्रों तक सही समय पर पहुंचना चाहिए।</h5>
<h2>पढ़ाई के साथ बच्चों की सेहत पर भी ध्यान</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">शिंदे ने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित रखने के बजाय बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक विकास पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने स्कूलों में नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण और मिड-डे मील योजना की समीक्षा के निर्देश दिए। साथ ही छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जरूरतों से जुड़े कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।</h5>
<h2>Modern schools in Maharashtra: स्कूलों से जुड़ेंगे अभिभावक और स्थानीय लोग</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">डिप्टी सीएम ने कहा कि स्कूलों के विकास में सिर्फ सरकार की भूमिका पर्याप्त नहीं है। अभिभावकों, पूर्व छात्रों और स्थानीय समुदाय को भी शिक्षा व्यवस्था का सक्रिय भागीदार बनाया जाना चाहिए। शिक्षा विभाग की अच्छी योजनाओं और स्कूलों में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए बेहतर प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।</h5>
<h2>विधायक और सांसद अपना सकते हैं स्कूल</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">सरकार अब विधायकों और सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी। उपलब्ध सरकारी फंड और स्थानीय संसाधनों की मदद से स्कूलों के विकास में योगदान देने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। शिंदे के मुताबिक, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ने से स्कूलों के विकास की रफ्तार तेज की जा सकती है।</h5>
<h2>कॉरपोरेट सेक्टर की भी ली जाएगी मदद</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">सरकार स्कूलों के आधुनिकीकरण में कॉरपोरेट और औद्योगिक क्षेत्र की विशेषज्ञता और संसाधनों का इस्तेमाल करने की तैयारी में है। आने वाले हफ्तों में डिप्टी सीएम कॉरपोरेट प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के लोगों के साथ बैठक करेंगे। इसमें सरकारी स्कूलों के लिए तकनीक, ट्रेनिंग, विशेषज्ञता, संसाधन और अन्य जरूरी सहयोग लेने पर चर्चा होगी।</h5>
<h2>हर सप्ताह होगी योजनाओं की समीक्षा</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">Modern schools in Maharashtra: शिक्षा सुधार की कार्ययोजना को जमीन पर लागू करने के लिए साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें काम की प्रगति देखी जाएगी, रास्ते में आ रही दिक्कतों की पहचान होगी और जरूरत के मुताबिक फैसले लेकर योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा।</h5>
<h2>अब शिक्षा सुधार की योजना पर होगा अमल</h2>
<h5>महाराष्ट्र सरकार का फोकस अब स्कूलों को आधुनिक बनाने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर है। शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक सेहत का ध्यान रखने, अभिभावकों व स्थानीय लोगों को जोड़ने और कॉरपोरेट सहयोग लेने की योजना से स्कूलों के कामकाज में व्यापक बदलाव की उम्मीद है। साप्ताहिक समीक्षा के जरिए यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि योजनाओं का असर जमीन पर दिखाई दे।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-education-system-reform-eknath-shinde-schools-hindi">Modern schools in Maharashtra: महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था बदलेगी मिशन मोड में, डिप्टी सीएम शिंदे ने दिए बड़े निर्देश</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Maharashtra PUC Charges Increased: महाराष्ट्र में PUC जांच महंगी, दोपहिया से डीजल वाहनों तक बढ़े शुल्क; नए दर लागू करने के निर्देश</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharashtra-puc-charges-increased-2026-new-fees-for-vehicles-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 17:01:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra PUC Charges Increased]]></category>
		<category><![CDATA[maharastra]]></category>
		<category><![CDATA[PUC Certificate Maharashtra]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=280005</guid>

					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में वाहनों के वायु प्रदूषण की जांच और Pollution Under Control (PUC) Certificate जारी कराने का शुल्क बढ़ा दिया गया है। महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त कार्यालय ने 17 अगस्त 2026 को जारी परिपत्रक के जरिए संशोधित दरों को मंजूरी दी है। नई दरों के तहत दोपहिया [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-puc-charges-increased-2026-new-fees-for-vehicles-hindi">Maharashtra PUC Charges Increased: महाराष्ट्र में PUC जांच महंगी, दोपहिया से डीजल वाहनों तक बढ़े शुल्क; नए दर लागू करने के निर्देश</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 class="isSelectedEnd">महाराष्ट्र में वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में वाहनों के वायु प्रदूषण की जांच और Pollution Under Control (PUC) Certificate जारी कराने का शुल्क बढ़ा दिया गया है। महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त कार्यालय ने 17 अगस्त 2026 को जारी परिपत्रक के जरिए संशोधित दरों को मंजूरी दी है। नई दरों के तहत दोपहिया वाहनों से लेकर डीजल वाहनों तक PUC जांच के लिए अब पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा।</h5>
<h2>किस वाहन के लिए कितना देना होगा?</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">Maharashtra PUC Charges Increased: परिवहन विभाग के मुताबिक दोपहिया वाहनों की PUC जांच का शुल्क अब 50 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये कर दिया गया है। पेट्रोल से चलने वाले तिपहिया वाहनों के लिए शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये किया गया है। वहीं पेट्रोल, CNG और LPG पर चलने वाले वाहनों के PUC जांच शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। इन वाहनों के लिए अब 140 रुपये देने होंगे, जबकि पहले शुल्क 125 रुपये था। डीजल से चलने वाले वाहनों का शुल्क 150 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये कर दिया गया है।</h5>
<h2>PUC केंद्र संचालकों की मांग के बाद फैसला</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">परिवहन विभाग के इस फैसले की पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र स्टेट PUC सेंटर ओनर्स एसोसिएशन की ओर से शुल्क बढ़ाने की मांग थी। एसोसिएशन ने मार्च 2025 में परिवहन विभाग को पत्र देकर PUC प्रमाणपत्र की मौजूदा दरों में बढ़ोतरी की मांग की थी। इसके बाद परिवहन विभाग ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दूसरे राज्यों में लागू PUC शुल्क का अध्ययन कराया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में अन्य राज्यों की दरों का अध्ययन कर सिफारिशें दीं। परिवहन विभाग ने इसके आधार पर शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।</h5>
<h2>हाईकोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई प्रक्रिया</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">इस मामले में मुंबई हाईकोर्ट के समक्ष भी याचिका दाखिल की गई थी। 4 मई 2026 को अदालत ने परिवहन विभाग को PUC केंद्र संचालकों के निवेदन पर विचार कर आदेश मिलने के चार महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद शासन ने राज्य में मोटर वाहनों की वायु प्रदूषण जांच के शुल्क में संशोधन को मंजूरी दी।</h5>
<h2> Maharashtra PUC Charges Increased: मनमानी वसूली पर होगी नजर</h2>
<h5 class="isSelectedEnd">परिवहन आयुक्त कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी PUC केंद्रों पर संशोधित शुल्क की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए। जनता को भी विभिन्न प्रचार माध्यमों से नई दरों की जानकारी देने को कहा गया है। इसके साथ ही PUC केंद्र संचालकों को निर्धारित शुल्क से अधिक रकम वसूलने की अनुमति नहीं होगी। परिवहन विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केंद्रों पर संशोधित दरों के मुताबिक शुल्क लिया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच की जाए। ज्यादा शुल्क वसूलने की शिकायतों पर भी विभाग की नजर रहेगी।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-puc-charges-increased-2026-new-fees-for-vehicles-hindi">Maharashtra PUC Charges Increased: महाराष्ट्र में PUC जांच महंगी, दोपहिया से डीजल वाहनों तक बढ़े शुल्क; नए दर लागू करने के निर्देश</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
