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	<title>delhi news Archives - The CSR Journal</title>
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	<title>delhi news Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>जामिया के बाद Delhi की JNU में ग्रैफिटी को लेकर विवाद, दीवारों पर लिखे विवादित नारे</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/jnu-graffiti-controversy-political-slogans-increase-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Oct 2026 08:23:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
		<category><![CDATA[Jawaharlal Nehru University]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दिल्ली की प्रमुख यूनिवर्सिटीज में दीवारों पर लिखे नारों को लेकर विवाद गहरा रहा है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाद अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में भी इसी तरह के राजनीतिक नारों ने हलचल मचा दी है। यहाँ दीवारों पर ‘Free Umar Khalid’ और ‘Long Live Naxalbari’ जैसे नारे लिखे गए हैं। इस पर अखिल [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>दिल्ली की प्रमुख यूनिवर्सिटीज में दीवारों पर लिखे नारों को लेकर विवाद गहरा रहा है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाद अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में भी इसी तरह के राजनीतिक नारों ने हलचल मचा दी है। यहाँ दीवारों पर ‘Free Umar Khalid’ और ‘Long Live Naxalbari’ जैसे नारे लिखे गए हैं। इस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने मांग की है कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें सजा दी जाए।</h5>
<h2>ABVP की आपत्ति और प्रशासन की कार्रवाई</h2>
<h5>ABVP ने आरोप लगाया है कि इस तरह के नारे लिखने से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है। संगठन ने यह भी कहा कि परिसर में वीर सावरकर की तस्वीर के पास आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं। JNU प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक नारे लिखने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। यह स्थिति विश्वविद्यालय के लिए चिंताजनक है।</h5>
<h2>जामिया में भी तनाव का माहौल</h2>
<h5>JNU में ग्रैफिटी को लेकर विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भी छात्रों के प्रदर्शन को लेकर तनाव बना हुआ है। जामिया के छात्र लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं। 24 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव की घटनाएँ भी सामने आई थीं। इस टकराव के बाद से विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कोर्स की क्लासेज को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।</h5>
<h2>ऑनलाइन क्लासेज का निर्णय</h2>
<h5>जामिया प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी कक्षाओं को तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन करने का फैसला किया है। प्रशासन के आदेश के अनुसार, अगले निर्देश तक कक्षाएं ऑनलाइन ही चलेंगी। इससे छात्रों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। जामिया परिसर की दीवारों पर ‘Free Kashmir’ और ‘Free Sharjeel Imam’ जैसे नारे लिखे जाने के बाद विवाद और भी बढ़ गया है।</h5>
<h2>छात्रों की प्रतिक्रिया</h2>
<h5>छात्रों का मानना है कि विश्वविद्यालयों में इस तरह के नारों का लिखना उनकी अभिव्यक्ति का अधिकार है। कई छात्रों ने कहा कि यह उनकी राजनीतिक विचारधारा का हिस्सा है और इसे दबाना गलत है। दूसरी ओर, ABVP का कहना है कि इस तरह के नारे विश्वविद्यालय के माहौल को खराब कर रहे हैं। छात्रों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस चल रही है।</h5>
<h2>क्या होगा आगे?</h2>
<h5>अब देखना यह है कि JNU प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या वह नारे लिखने वालों की पहचान कर उन्हें सजा देगा या फिर इस मुद्दे को नजरअंदाज करेगा? छात्रों के प्रदर्शन और नारों के बीच यह विवाद और भी गहरा सकता है। दिल्ली की यूनिवर्सिटीज में इस तरह के विवादों का बढ़ना चिंताजनक है और इससे शिक्षा का माहौल प्रभावित हो सकता है।</h5>
<h2>सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव</h2>
<h5>इस विवाद का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। छात्र संगठनों के बीच की खाई और भी बढ़ सकती है। यदि प्रशासन इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई नहीं करता है, तो इससे छात्रों के बीच असंतोष बढ़ सकता है। इस स्थिति में, विश्वविद्यालयों को एक संतुलित और सुरक्षित माहौल प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि शिक्षा का स्तर बना रहे।</h5>
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			</item>
		<item>
		<title>Delhi के सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा ने खुद को लगाई आग, परिजन को शक, कहा- परिवार को देरी से दी गई सूचना</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/delhi-school-student-suicide-investigation-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Oct 2026 03:06:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पूर्वी दिल्ली के शाहदरा में एक सरकारी स्कूल में एक 12वीं कक्षा की छात्रा ने शनिवार को खुद को आग लगा ली। पुलिस को शक है कि यह आत्महत्या का मामला है। घटनास्थल से एक नोट भी मिला है, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है। छात्रा की उम्र 18 वर्ष थी और उसे बुरी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>पूर्वी दिल्ली के शाहदरा में एक सरकारी स्कूल में एक 12वीं कक्षा की छात्रा ने शनिवार को खुद को आग लगा ली। पुलिस को शक है कि यह आत्महत्या का मामला है। घटनास्थल से एक नोट भी मिला है, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है। छात्रा की उम्र 18 वर्ष थी और उसे बुरी हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से एक खाली बोतल और छात्रा का स्कूल बैग भी बरामद किया है।</h5>
<h2>सुसाइड नोट की जांच</h2>
<h5>पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता हर पहलू की जांच कर रहे हैं। छात्रा के शैक्षणिक रिकॉर्ड, पारिवारिक हालात और किसी संभावित रिश्ते की भी जांच की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सुसाइड नोट के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया है और कहा कि इसकी असलियत का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। यह मामला अब पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया है।</h5>
<h2>पानी-पीने कहकर निकली थी छात्रा</h2>
<h5>जानकारी के मुताबिक, छात्रा क्लास के बाद यह कहकर बाहर निकली थी कि वह पानी पीने जा रही है। कुछ ही मिनटों बाद चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं और वह पानी की टंकी के पास बुरी हालत में मिली। पुलिस ने बताया कि यह घटना कैसे हुई, इस पर अभी भी स्पष्टता नहीं है।</h5>
<h2>ज्वलनशील पदार्थ का शक</h2>
<h5>पुलिस को शक है कि छात्रा अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ लेकर आई थी। क्राइम टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 11:58 बजे सूचना मिली कि स्कूल के अंदर एक छात्रा ने खुद को आग लगा ली। जब दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे, तो छात्रा पानी की टंकी के पीछे झुलसी हुई हालत में मिली थी।</h5>
<h2>परिवार का बयान</h2>
<h5>लड़की की बड़ी बहन ने बताया कि वह और उनकी भतीजी, लड़की को स्कूल छोड़कर आए थे और वह खुश लग रही थी। बड़ी बहन ने रोते हुए कहा कि जब वह अंदर गई, तो वह हंस रही थी। परिवार को दोपहर करीब 12:40 बजे स्कूल से फोन आया, जिसमें बताया गया कि कुछ गंभीर हो गया है।</h5>
<h2>चाचा का शक</h2>
<h5>लड़की के चाचा ने गड़बड़ी होने का शक जताया और सवाल उठाया कि स्कूल बैग की जांच क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लड़की के माता-पिता उसकी नानी के निधन के बाद झारखंड के कोडरमा गए हुए थे। चाचा ने कहा कि यह मुमकिन नहीं है कि उसने खुद को आग लगा ली हो, क्योंकि वह एक अच्छी छात्रा थी।</h5>
<h2>CCTV पर उठे सवाल</h2>
<h5>चाचा ने यह भी सवाल किया कि स्कूल में CCTV कैमरे और स्टाफ की मौजूदगी के बावजूद किसी को इस घटना का पता कैसे नहीं चला। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार को बहुत देर से सूचना दी गई और मांग की कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि कहीं इसमें कोई और व्यक्ति तो शामिल नहीं है।</h5>
<h2>शिक्षा मंत्री का बयान</h2>
<h5>शिक्षा मंत्री आशीष सूद, जिन्होंने स्कूल का दौरा किया, ने कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है और स्कूल उन्हें पूरा सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा, &#8220;यह एक बेहद दुखद घटना है। स्कूल ने सभी जरूरी सबूत पुलिस को सौंप दिए हैं। हम जांच आगे बढ़ाने के लिए कुछ समय चाहते हैं।&#8221; इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।</h5>
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		<item>
		<title>दिल्ली के स्कूल में 12वीं की छात्रा का जला हुआ शव बरामद, इलाके में सनसनी</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/delhi-school-student-suicide-case-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Twinkle Mishra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Oct 2026 11:22:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
		<category><![CDATA[student suicide]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>परिजनों का बुरा हाल, मिली सुसाइड नोट नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के एक स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने बताया कि छात्रा ने स्कूल में आत्महत्या की है। मौके से तीन पन्नों का सुसाइड नोट और छात्रा का बैग भी बरामद हुआ है। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h2>परिजनों का बुरा हाल, मिली सुसाइड नोट</h2>
<h5>नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के एक स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने बताया कि छात्रा ने स्कूल में आत्महत्या की है। मौके से तीन पन्नों का सुसाइड नोट और छात्रा का बैग भी बरामद हुआ है। हालांकि, परिजनों और स्थानीय लोगों ने छात्रा के आत्महत्या के कारणों पर सवाल उठाए हैं। मृत छात्रा की भाभी ने रोते हुए कहा कि वह मेरी ननद थी और मुझे किसी ने उसके बारे में जानकारी नहीं दी।</h5>
<h2>स्कूल में छात्रा की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल</h2>
<h5>छात्रा की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का बुरा हाल हो गया। मृत छात्रा की भाभी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उसकी उम्र 17 साल थी। वह रोज की तरह स्कूल आई थी, लेकिन अचानक क्या हुआ, यह हमें नहीं बताया गया। मैंने खुद उसे ढूंढते हुए स्कूल आई। जब एक बज गए, तो मैं स्कूल पहुंची और यहां आकर मुझे उसके शव की जानकारी मिली।</h5>
<h2>पुलिस का बयान, आत्महत्या की पुष्टि</h2>
<h5>दिल्ली पुलिस ने बताया कि लड़की ने आत्महत्या की है। अतिरिक्त DCP शाहदरा, गीतांजलि खंडेलवाल ने कहा कि हमें एक PCR कॉल मिली थी कि सर्वोदय बाल विद्यालय, कृष्णा नगर में एक बच्ची ने खुद को आग लगा ली है। जब मैं वहां पहुंची, तो देखा कि एक छात्रा जली हुई अवस्था में पाई गई। तुरंत ही छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।</h5>
<h2>क्राइम टीम कर रही है जांच</h2>
<h5>अतिरिक्त DCP ने बताया कि वह बारहवीं कक्षा की छात्रा थी और उसकी उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच थी। क्राइम टीम सभी सबूत इकट्ठा कर रही है, उसके बाद ही हम कुछ बता पाएंगे। इस घटना ने पूरे स्कूल में हड़कंप मचा दिया है।</h5>
<h2>विधायक का बयान, यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है</h2>
<h5>शाहदरा के स्कूल में 17 साल की लड़की के कथित तौर पर आग लगाकर आत्महत्या करने की घटना पर विधायक अनिल गोयल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि छात्रा ने क्यों आत्महत्या की, यह जांच का विषय है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।</h5>
<h2>मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी</h2>
<h5>पुलिस ने बताया कि शनिवार को कृष्णा नगर पुलिस स्टेशन को एक स्कूल से आग लगने की PCR कॉल प्राप्त हुई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जहां 12वीं कक्षा की लगभग 18 वर्षीय छात्रा स्कूल के गार्ड रूम के पीछे जली हुई हालत में मिली। घटनास्थल से कुछ सामग्री और छात्रा का स्कूल बैग बरामद किया गया।</h5>
<h2>छात्रा की मौत पर स्थानीय लोगों में गुस्सा</h2>
<h5>मृत छात्रा के परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल ने इस मामले में पूरी जानकारी नहीं दी। छात्रा की भाभी ने कहा कि हमें यह जानने का हक था कि उसकी मौत कैसे हुई। छात्रा के दोस्तों ने भी कहा कि वह हमेशा खुश रहती थी और किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं कर रही थी।</h5>
<h2>आगे की कार्रवाई और जांच की प्रगति</h2>
<h5>पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सभी सबूतों को इकट्ठा करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने न केवल स्कूल में बल्कि पूरे इलाके में चिंता का माहौल बना दिया है। सभी लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिरकार इस दुखद घटना के पीछे का सच क्या है।</h5>
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			</item>
		<item>
		<title>Delhi में वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए Amit Shah की कार्यशैली की मांग</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/amit-shah-pollution-solution-delhi-air-quality-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Oct 2026 01:45:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Air Pollution]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>देश के गृहमंत्री अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा के कई मुद्दों पर अपनी कार्यशैली से लोगों को प्रभावित किया है। उन्होंने नक्सलवाद और नशे के कारोबार के खिलाफ स्पष्ट समयसीमा तय की है। अब दिल्ली और उत्तर भारत की जनता चाहती है कि इसी तरह की दृढ़ता पॉल्यूशन के खिलाफ भी दिखाई जाए। हर साल [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>देश के गृहमंत्री अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा के कई मुद्दों पर अपनी कार्यशैली से लोगों को प्रभावित किया है। उन्होंने नक्सलवाद और नशे के कारोबार के खिलाफ स्पष्ट समयसीमा तय की है। अब दिल्ली और उत्तर भारत की जनता चाहती है कि इसी तरह की दृढ़ता पॉल्यूशन के खिलाफ भी दिखाई जाए। हर साल अक्टूबर-नवंबर में दिल्ली की हवा गैस चैंबर जैसी हो जाती है, और लोगों को लगता है कि समस्या जस की तस बनी हुई है।</h5>
<h2>पॉल्यूशन का जटिल मुद्दा</h2>
<h5>दिल्ली की वायु प्रदूषण समस्या केवल एक राज्य की नहीं है। यह एक बहुस्रोतीय, मौसमी और अंतर-राज्यीय समस्या है। प्रदूषण के कई कारण हैं जैसे वाहनों की बढ़ती संख्या, निर्माण कार्य, खुले में कचरा जलाना और पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुआं। बच्चे, बुजुर्ग और सांस की बीमारी से ग्रस्त लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में, जनता की मांग है कि कोई नेता सार्वजनिक रूप से समयसीमा दे और जिम्मेदारी ले।</h5>
<h5>पॉल्यूशन नक्सलवाद या नशीले पदार्थों के कारोबार की तरह नहीं है। नक्सलवाद में स्पष्ट दुश्मन होते हैं, जबकि पॉल्यूशन एक जटिल समस्या है जिसमें कई कारक शामिल होते हैं। केंद्र, दिल्ली सरकार और पड़ोसी राज्यों के बीच समन्वय की आवश्यकता है। हालांकि, जब राजनीतिक इच्छाशक्ति और जवाबदेही तय होती है, तो प्रशासनिक मशीनरी भी काम करना शुरू कर देती है।</h5>
<h2>अमित शाह की कार्यशैली</h2>
<h5>अमित शाह की कार्यशैली का मतलब केवल घोषणाएं करना नहीं है, बल्कि मापने योग्य लक्ष्य, जिम्मेदार अधिकारी और नियमित समीक्षा करना है। पॉल्यूशन के मामले में भी ऐसा संभव है। जैसे कि पराली प्रबंधन के लिए मशीनों की उपलब्धता, किसानों को समय पर भुगतान और सख्त निगरानी के लिए समयसीमा तय की जा सकती है।</h5>
<h5>दिल्ली-एनसीआर की प्रदूषण समस्या का समाधान केवल दिल्ली सरकार के हाथ में नहीं है। केंद्र की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि समन्वय और धनराशि दोनों की जरूरत होती है। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार को स्थानीय स्रोतों पर नियंत्रण मजबूत करना होगा। जनता चाहती है कि कोई नेता स्पष्ट रूप से कहे कि अगले तीन साल में AQI को खराब श्रेणी से ऊपर नहीं जाने दिया जाएगा।</h5>
<h2>जनता की उम्मीदें</h2>
<h5>पिछले वर्षों में कई योजनाएं बनीं, कई बैठकें हुईं, लेकिन स्थिति में कोई निर्णायक बदलाव नहीं दिखता। लोग नक्सलवाद और कश्मीर जैसे जटिल मुद्दों पर दिखी दृढ़ता को याद करते हैं और पूछते हैं कि वायु प्रदूषण जैसी रोजमर्रा की समस्या पर वही दृढ़ता क्यों नहीं दिखती। स्वास्थ्य का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से कम महत्वपूर्ण नहीं है।</h5>
<h5>पॉल्यूशन को खत्म करने के लिए शाह जैसी कार्यशैली की जरूरत है। इसका मतलब है कि तारीखें, जवाबदेही और निरंतर निगरानी पूरी तरह तय होगी। यह तभी संभव होगा जब सभी पक्ष इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर रखकर देखें। केंद्र, राज्य सरकारें, स्थानीय निकाय और जनता को मिलकर काम करना होगा।</h5>
<h2>घोषणाएं और परिणाम</h2>
<h5>घोषणाएं आसान होती हैं, लेकिन परिणाम कठिन। दिल्ली की हवा साफ करने का वादा करने वाला कोई भी नेता अगर समयसीमा दे और जिम्मेदारी ले, तो जनता उस पर भरोसा करने को तैयार है। समस्या तकनीकी और प्रशासनिक है, लेकिन समाधान राजनीतिक इच्छाशक्ति की मांग करता है। जब तक वह इच्छाशक्ति नहीं दिखेगी, हर साल वही कहानी दोहराई जाती रहेगी।</h5>
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			</item>
		<item>
		<title>Delhi में वोटर ID की गलती सुधारने का मौका! 25 अक्टूबर से हर रविवार भर सकेंगे फॉर्म, जानें किसके लिए कौन-सा फॉर्म जरूरी?</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/delhi-voter-id-correction-form-six-seven-eight-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 05:19:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
		<category><![CDATA[Voter ID]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दिल्ली के मतदाताओं के लिए वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने या पुरानी जानकारी में सुधार कराने का मौका मिलने जा रहा है। 25 अक्टूबर से दिल्ली के पोलिंग बूथों पर हर रविवार विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिक वोटर लिस्ट से जुड़े कामों के लिए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 जमा कर सकेंगे। [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>दिल्ली के मतदाताओं के लिए वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने या पुरानी जानकारी में सुधार कराने का मौका मिलने जा रहा है। 25 अक्टूबर से दिल्ली के पोलिंग बूथों पर हर रविवार विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिक वोटर लिस्ट से जुड़े कामों के लिए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 जमा कर सकेंगे। यह अभियान दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत चलाया जा रहा है।</h5>
<h2>वोटर लिस्ट में नाम और पते की गलती ऐसे होगी ठीक</h2>
<h5>इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना, अपात्र या गलत प्रविष्टियों पर कार्रवाई करना और मौजूदा रिकॉर्ड में सुधार करना है। जिन लोगों के वोटर ID में नाम की स्पेलिंग गलत है, पता बदल गया है या किसी दूसरी जानकारी में गलती है, वे संबंधित फॉर्म भर सकते हैं। इससे नागरिकों को मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।</h5>
<h5>शिविरों में पहले भी बड़ी संख्या में आवेदन जमा किए गए हैं। दक्षिणी दिल्ली में आयोजित एक शिविर में फॉर्म-6 के 210 और फॉर्म-8 के 90 आवेदन मिले थे। वहीं, 11 अक्टूबर को लगे शिविर में फॉर्म-6 के 195, फॉर्म-7 का एक और फॉर्म-8 के 72 आवेदन जमा हुए थे।</h5>
<h2>फॉर्म-6, 7 और 8 में क्या अंतर है?</h2>
<h5>फॉर्म-6: जिन योग्य नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे नया नाम जुड़वाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। पहली बार मतदाता बनने वाले पात्र नागरिक भी इसके जरिए आवेदन कर सकते हैं।</h5>
<h5>फॉर्म-7: मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराने या निर्धारित कारणों के आधार पर नाम हटवाने की प्रक्रिया में यह फॉर्म इस्तेमाल होता है। उदाहरण के लिए, मतदाता की मृत्यु होने या स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने की स्थिति में संबंधित आवेदन किया जा सकता है।</h5>
<h5>फॉर्म-8: वोटर लिस्ट में नाम, जन्मतिथि, फोटो या अन्य विवरण में सुधार कराने के लिए यह फॉर्म उपयोगी है। दिल्ली के भीतर घर बदलने पर नया पता दर्ज कराने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।</h5>
<h2>4 दिसंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची</h2>
<h5>निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी। इसके बाद 4 दिसंबर को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित किए जाने की जानकारी दी गई है। इच्छुक नागरिक 25 अक्टूबर से अपने नजदीकी पोलिंग बूथ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन का विकल्प भी उपलब्ध है। आवेदन करने से पहले जरूरी दस्तावेजों और पात्रता संबंधी शर्तों की जानकारी आधिकारिक निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से जरूर जांच लें।</h5>
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		<item>
		<title>दिल्ली के पार्क में सिगरेट पीने को लेकर विवाद, 20 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/delhi-park-stabbing-cigarette-dispute-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Twinkle Mishra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Oct 2026 12:56:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Central Park]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
		<category><![CDATA[Seelampur]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सिगरेट पीने को लेकर हुआ विवाद दिल्ली में चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में सीलमपुर इलाके के सेंट्रल पार्क में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। 20 साल के सुबहान को पार्क में सिगरेट पीने को लेकर हुए मामूली विवाद में चाकू मारा गया। यह घटना उस समय [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2>सिगरेट पीने को लेकर हुआ विवाद</h2>
<h5>दिल्ली में चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में सीलमपुर इलाके के सेंट्रल पार्क में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। 20 साल के सुबहान को पार्क में सिगरेट पीने को लेकर हुए मामूली विवाद में चाकू मारा गया। यह घटना उस समय हुई जब कुछ युवकों का एक समूह पार्क में पहुंचा और उन्होंने सुबहान और उसके दोस्तों को सिगरेट पीने से रोका।</h5>
<h2>गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती</h2>
<h5>इस विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने सुबहान पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सुबहान को तुरंत जग प्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे जीटीबी अस्पताल रेफर किया, लेकिन इलाज के दौरान सुबहान की मौत हो गई।</h5>
<h2>पुलिस ने शुरू की जांच</h2>
<h5>घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने अमान खान (21), अफजल खान (18) और शोएब मिर्जा (18) को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है।</h5>
<h2>दिल्ली में चाकूबाजी की बढ़ती घटनाएं</h2>
<h5>दिल्ली में चाकूबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में एक महिला की चाकूबाजी में मौत हो गई थी। उस घटना में एक महिला अपने बेटे को बचाने के दौरान घायल हो गई थी। यह घटनाएं समाज में बढ़ती हिंसा की ओर इशारा कर रही हैं।</h5>
<h2>आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई</h2>
<h5>पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह सुनिश्चित किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। सीसीटीवी फुटेज की मदद से और भी आरोपियों की पहचान की जा रही है।</h5>
<h2>सामाजिक सुरक्षा पर सवाल</h2>
<h5>इस घटना ने दिल्ली में सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। लोग अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। पार्क जैसे स्थानों पर इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं।</h5>
<h2>समाज में बढ़ती हिंसा का असर</h2>
<h5>समाज में बढ़ती हिंसा का असर युवाओं पर भी पड़ रहा है। ऐसे मामलों में युवाओं की भागीदारी चिंता का विषय बन गई है। पुलिस और प्रशासन को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।</h5>
<h2>आगे की कार्रवाई</h2>
<h5>पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है। समाज के सभी वर्गों को इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।</h5>
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		<item>
		<title>Delhi की 125 साल पुरानी रेसकोर्स मस्जिद पर डिमोलिशन का खतरा, इमाम ने सरकार से हस्तक्षेप की अपील की</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/delhi-racetrack-mosque-demolition-threat-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Oct 2026 06:28:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
		<category><![CDATA[demolition]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दिल्ली में पीएम आवास के पास स्थित 125 साल पुरानी रेसकोर्स मस्जिद पर डिमोलिशन का खतरा मंडरा रहा है। मस्जिद के इमाम मौलवी हारून ने बताया कि लैंड एंड डेवलपमेंट (L&#38;DO) ने मस्जिद को खाली करने के लिए 6 दिन का नोटिस दिया है। 7 अक्टूबर को मस्जिद का बिजली-पानी काट दिया गया है, जिससे [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>दिल्ली में पीएम आवास के पास स्थित 125 साल पुरानी रेसकोर्स मस्जिद पर डिमोलिशन का खतरा मंडरा रहा है। मस्जिद के इमाम मौलवी हारून ने बताया कि लैंड एंड डेवलपमेंट (L&amp;DO) ने मस्जिद को खाली करने के लिए 6 दिन का नोटिस दिया है। 7 अक्टूबर को मस्जिद का बिजली-पानी काट दिया गया है, जिससे मस्जिद फिलहाल खाली है। इस स्थिति को लेकर भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से दखल देने की मांग की है।</h5>
<h5>मौलवी हारून ने कहा कि यह मस्जिद वक्फ संपत्ति के रूप में रजिस्टर्ड है और उन्होंने अपील की है कि इस मस्जिद को न छेड़ा जाए। फिलहाल, मस्जिद जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है और L&amp;DO की तरफ से एक चेतावनी नोटिस भी लगाया गया है। नोटिस में लिखा है कि यह भूमि और विकास कार्यालय की संपत्ति है, जिस पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा या निर्माण कानूनन अपराध है।</h5>
<h2>लिखित आदेश की कमी</h2>
<h5>इमाम मौलवी हारून ने कहा कि मस्जिद के साथ कभी कोई विवाद नहीं रहा है। 7 अक्टूबर को झुग्गियों को तोड़ने के दौरान अधिकारियों ने उन्हें मौखिक रूप से मस्जिद खाली करने के लिए कहा था, लेकिन कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, &#8220;हमारे पास कोई लिखित आदेश नहीं है, और यह वक्फ की संपत्ति है।&#8221; उनका कहना है कि मस्जिद पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए और जो सच है, उस पर अमल किया जाना चाहिए।</h5>
<h2>सरकारी कार्रवाई पर सवाल</h2>
<h5>इमाम ने आगे कहा कि जब से यह मस्जिद बनी है, तब से ना L&amp;DO था, ना NDMC। उन्हें 40 साल से ज्यादा हो गए हैं इमामत करते हुए और कभी कोई शिकायत नहीं रही। उन्होंने कहा कि झुग्गियों को लेकर कार्रवाई की गई, लेकिन मस्जिद का इससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि दो बीघा कब्रिस्तान वक्फ बोर्ड में गजट है और वह वक्फ के इमाम हैं।</h5>
<h2>चंद्रशेखर आजाद की अपील</h2>
<h5>भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले पर सरकार से दखल देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पीएम आवास के पास स्थित 100 वर्ष से अधिक पुरानी ऐतिहासिक रेसकोर्स मस्जिद को खाली कराने के लिए नोटिस दिए जाने और बिजली-पानी की आपूर्ति बंद करने की खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से अपील की कि मस्जिद के संरक्षण और नमाज़ियों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।</h5>
<h2>मस्जिद की ऐतिहासिकता</h2>
<h5>मस्जिद का उल्लेख 1977 के दिल्ली गजट और NDMC की विरासत सूची में होने का दावा किया गया है। इमाम मौलवी हारून ने कहा कि मस्जिद पर ध्वस्तीकरण का खतरा मंडरा रहा है और नमाज़ियों को मस्जिद में नमाज़ अदा करने से रोका जा रहा है। उन्होंने अपील की कि सरकार इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।</h5>
<h2>नमाज़ियों की आवाजाही पर रोक</h2>
<h5>मौलवी हारून ने कहा कि नमाज़ियों के लिए मस्जिद का रास्ता बंद कर दिया गया है। कभी इजाजत मिलती है, कभी नहीं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने जनरेटर मंगवाया है ताकि नमाज़ियों को कोई परेशानी न हो। उनका कहना है कि एयरफोर्स भी उनके साथ है और पीएम आवास के पास होने के कारण उन्हें कोई शिकायत नहीं है।</h5>
<h2>सरकारी सर्वे की रिपोर्ट</h2>
<h5>एसडीएम चाणक्यपुरी गीता ग्रोवर ने सर्वे किया था, जिसमें मस्जिद का कोई जिक्र नहीं था। इसी सर्वे के आधार पर कार्रवाई की गई है। वक्फ बोर्ड ने भी L&amp;DO को लिखा है कि यह उनकी मस्जिद है। इस पूरे मामले में इमाम ने सरकार से गुजारिश की है कि अमन के साथ रहने दिया जाए और किसी भी तरह की कार्रवाई से बचा जाए।</h5>
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		<item>
		<title>Delhi में ई-रिक्शा के लिए नए नियम लागू, चार सवारी की सीमा और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/delhi-e-rickshaw-new-rules-passenger-safety-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 04:09:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
		<category><![CDATA[E-rickshaws]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों के लिए नए नियम लागू होने जा रहे हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा और उनके व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करेंगे। ट्रांसपोर्ट विभाग ने एक प्रस्तावित ई-रिक्शा स्कीम तैयार की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण शर्तें शामिल हैं। इन नियमों के तहत, चालकों को बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की मदद करनी [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>नई दिल्ली: दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों के लिए नए नियम लागू होने जा रहे हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा और उनके व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करेंगे। ट्रांसपोर्ट विभाग ने एक प्रस्तावित ई-रिक्शा स्कीम तैयार की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण शर्तें शामिल हैं। इन नियमों के तहत, चालकों को बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की मदद करनी होगी। इसके अलावा, यदि कोई महिला यात्री छेड़छाड़ का शिकार होती है, तो चालक को तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी।</h5>
<h2>कड़ी सुरक्षा और नियमों का पालन</h2>
<h5>नए नियमों के अनुसार, ई-रिक्शा को उन सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं होगी, जहां इनका संचालन प्रतिबंधित है। ट्रांसपोर्ट विभाग समय-समय पर इन प्रतिबंधित सड़कों की सूची में बदलाव कर सकता है। इसके अलावा, रिक्शा को ऐसे स्थानों पर पार्क करना होगा, जहां ट्रैफिक और पैदल चलने वालों की आवाजाही बाधित न हो। रिक्शा पर मालिक या संस्था का नाम, पता और फोन नंबर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।</h5>
<h2>गलत पार्किंग पर होगी कार्रवाई</h2>
<h5>गलत पार्किंग करने पर भी चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ई-रिक्शा चालकों को शराब, नशीले पदार्थों या साइकोट्रॉपिक पदार्थों के प्रभाव में वाहन नहीं चलाने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके अलावा, ज्वलनशील पदार्थ या खतरनाक रसायन ले जाने की भी अनुमति नहीं होगी। ड्यूटी के दौरान ऑडियो डिवाइस का उपयोग इस तरह से नहीं किया जा सकेगा कि जिससे दूसरों को परेशानी हो।</h5>
<h2>रजिस्ट्रेशन और बैटरी नियम</h2>
<h5>सभी ई-रिक्शा में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, रिक्शा के पीछे पीले रंग की रिफ्लेक्टिव पट्टी लगानी होगी। चालक की सीट पर किसी यात्री को बैठाने या खड़े होकर सफर करने की अनुमति नहीं होगी। अधिकतम चार यात्री और कुल 40 किलोग्राम सामान ही ले जाया जा सकेगा।</h5>
<h5>यदि कोई ई-रिक्शा चालक बिना वैध कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) के पकड़ा जाता है, तो उसे जब्त किया जा सकता है। जब्ती के 15 दिन के भीतर यदि ECC नहीं लिया गया, तो सक्षम अधिकारी निपटान की कार्रवाई शुरू कर सकता है। असुरक्षित बैटरी या अन्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर भी जब्ती का प्रस्ताव है।</h5>
<h2>महिलाओं और दिव्यांगों की सुरक्षा</h2>
<h5>महिला यात्रियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चालक को तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी और पीड़िता को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पीसीआर वैन या पुलिस पोस्ट तक ले जाना होगा। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को वाहन में चढ़ने-उतरने में मदद करनी होगी।</h5>
<h2>बैटरी प्रबंधन के नए दिशा-निर्देश</h2>
<h5>ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा समय-समय पर अधिसूचित बैटरी तकनीक का उपयोग अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, बैटरी का निपटान अधिकृत रिसाइक्लर के जरिए बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2022 के अनुसार किया जाएगा।</h5>
<h2>नए नियमों का उद्देश्य</h2>
<h5>इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करना है। ट्रांसपोर्ट विभाग का मानना है कि इन नियमों के लागू होने से सड़क पर सुरक्षा बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी।</h5>
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		<item>
		<title>Delhi में देसी घी की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल, 19 सैंपल फेल</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/delhi-ghee-quality-issues-festival-safety-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Yadav Jyoti]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Oct 2026 08:08:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
		<category><![CDATA[Ghee]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=318488</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: अगर आप इस त्योहार के मौसम में देसी घी से बनी मिठाइयाँ और अन्य उत्पाद खरीदने की सोच रहे हैं, तो जरा संभलकर रहें। खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में किए गए एक सर्वे में पाया कि करीब 39 फीसदी घी के सैंपल में खामियां पाई गई हैं। ऐसे में ऑनलाइन स्टोर्स [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>नई दिल्ली: अगर आप इस त्योहार के मौसम में देसी घी से बनी मिठाइयाँ और अन्य उत्पाद खरीदने की सोच रहे हैं, तो जरा संभलकर रहें। खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में किए गए एक सर्वे में पाया कि करीब 39 फीसदी घी के सैंपल में खामियां पाई गई हैं। ऐसे में ऑनलाइन स्टोर्स से सामान मंगवाने वाले उपभोक्ताओं को भी सावधान रहना चाहिए। जांच में यह भी सामने आया है कि कई ऑनलाइन कंपनियों के गोदामों में एक्सपायरी उत्पाद और गंदगी भी पाई गई है।</h5>
<h2>खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई</h2>
<h5>खाद्य सुरक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर मिलावट के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। विभाग ने विभिन्न ब्रांडों के 59 घी के नमूनों की जांच की, जिनमें से 19 नमूने खाने के लिए असुरक्षित पाए गए। इसके अलावा, चार नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस जांच के बाद, असुरक्षित घी बेचने वाले कारोबारियों के प्रतिष्ठान बंद करने और उनके लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।</h5>
<h2>दिल्ली के विभिन्न इलाकों से लिए गए सैंपल</h2>
<h5>खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिल्ली के नाहरपुर, पोसंगीपुर, लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, रामपुरा, टैगोर गार्डन, कल्याणपुरी, कृष्णा विहार और कोंडली जैसे इलाकों से घी के नमूने एकत्र किए। जांच में हरियाणा लाइट, हरियाणा सुप्रीम, आनंद गोल्ड, करतार और कई अन्य ब्रांड के नमूने असुरक्षित पाए गए।</h5>
<h2>एक्सपायरी उत्पादों की भरमार</h2>
<h5>जांच में यह भी सामने आया कि कई उत्पादों पर एक्सपायरी डेट नहीं थी। उत्तम नगर स्थित स्विगी इंस्टामार्ट के परिसर में एक्सपायरी पार कर चुकी फ्रोजन हरी मटर, ग्रीक योगर्ट और अन्य उत्पाद मिले। इसके अलावा, वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी गंदगी और कीटों की मौजूदगी पाई गई।</h5>
<h2>खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल</h2>
<h5>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करना या मिलावट के जरिए लोगों की सेहत को खतरे में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वे बाजारों और गोदामों पर सख्त निगरानी रखें।</h5>
<h2>गंदगी और कीटों की मौजूदगी</h2>
<h5>जांच में यह भी पाया गया कि कई स्टोर्स में मक्खियां, मच्छर और छिपकली जैसी गंदगी थी। झील खुरेजी स्थित जेप्टो के स्टोर में कॉकरोच और गंदगी के साथ-साथ उखड़ती दीवारें भी मिलीं। इस प्रकार की स्थिति उपभोक्ताओं के लिए बेहद चिंताजनक है।</h5>
<h2>उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी</h2>
<h5>इस स्थिति में उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे खरीदारी करते समय सावधानी बरतें। किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट की जांच करना न भूलें। त्योहारों के समय में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में मिलावट और असुरक्षित उत्पादों से बचना बेहद जरूरी है।</h5>
<h2>खाद्य सुरक्षा विभाग की सतर्कता</h2>
<h5>खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले में सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। विभाग ने सभी संबंधित कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर वे गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।</h5>
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		<title>SC Permits Treatment for PFI Founder E Abubacker at Delhi Hospital</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/sc-permits-treatment-for-pfi-founder-e-abubacker-at-delhi-hospital</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Muskan Lodhi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Oct 2026 12:28:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[delhi news]]></category>
		<category><![CDATA[Popular Front of India (PFI)]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>The Supreme Court has granted permission for E Abubacker, the founding chairman of the Popular Front of India (PFI), to receive medical treatment at a hospital in Delhi. This decision comes following his arrest under the Unlawful Activities (Prevention) Act. The court&#8217;s ruling was reported by the Press Trust of India on Friday. In its [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h4>The Supreme Court has granted permission for E Abubacker, the founding chairman of the Popular Front of India (PFI), to receive medical treatment at a hospital in Delhi. This decision comes following his arrest under the Unlawful Activities (Prevention) Act. The court&#8217;s ruling was reported by the Press Trust of India on Friday.</h4>
<h4>In its order, the court imposed several conditions regarding Abubacker&#8217;s treatment. He is required to bear the expenses associated with both his medical care and police escort during his hospital stay. Additionally, the court has allowed one family member to accompany him throughout the treatment process.</h4>
<h4>A bench consisting of Justices MM Sundresh and PB Varale specified that Abubacker is to be treated at Max Super Speciality Hospital located in Saket. The court has instructed the hospital to provide a report detailing any further treatment needed and the anticipated duration of his stay.</h4>
<h1>Conditions Imposed by the Court</h1>
<h4>The Supreme Court has outlined specific conditions for Abubacker&#8217;s hospitalisation. The bench made it clear that the petitioner must cover all necessary charges for the police escort. Furthermore, the court emphasised that the accompanying family member must not carry any objectionable items into the hospital.</h4>
<h4>During the proceedings, Justice Sundresh remarked that the court needed to approach such matters with a degree of sympathy. The Additional Solicitor General, SV Raju, who represented the National Investigation Agency (NIA), indicated that Abubacker could be treated at the hospital for a duration of one week.</h4>
<h4>Raju also mentioned that no electronic devices would be allowed in the hospital room, and that no outsiders would be permitted to visit him during his stay. Abubacker&#8217;s request for bail had previously been denied by a Delhi court. He faces serious allegations related to a conspiracy aimed at overthrowing the Indian government and establishing an Islamic caliphate by the year 2047.</h4>
<h1>Background of the Case Against Abubacker</h1>
<h4>According to the NIA, the PFI, along with its office-bearers and members, is alleged to have conspired to gather funds for executing terrorist acts across various regions of India. The agency has also claimed that the organisation conducted training camps to indoctrinate and prepare its members for these activities.</h4>
<h4>Abubacker has stated that he is in his 70s, suffers from Parkinson&#8217;s disease, and has previously undergone surgery for cancer. He contended that he is entitled to bail based on the merits of his case, asserting that the NIA has failed to establish a strong case against him. His arrest took place on September 22, 2022, during a series of nationwide raids conducted as part of a multi-agency operation led by the NIA.</h4>
<h4>Numerous alleged PFI activists were detained or arrested across 11 states for purportedly supporting terrorist activities. Subsequently, on September 28, 2022, the government imposed a five-year ban on the PFI and several associated organisations under anti-terror legislation, citing connections to global terrorist groups, including ISIS.</h4>
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