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	<title>Crash Axe Archives - The CSR Journal</title>
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	<title>Crash Axe Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>फ्लाइदुबई विमान हादसा: क्या होते हैं विमानन क्षेत्र के 7500, 7600 और 7700 कोड?</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/flydubai-flight-attack-understanding-aviations-emergency-squawk-codes-7500-7600-7700-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anju Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 08:48:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Aviation]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आसमान में जीवन और मृत्यु का गुप्त संकेत: जानिए क्या है विमानों के आपातकालीन &#8216;स्क्वॉक कोड&#8217; 7500, 7600 और 7700 का पूरा सच हवाई यात्रा के दौरान जब कोई विमान हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर होता है, तब पायलट और जमीन पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच लगातार संचार बेहद महत्वपूर्ण [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h2>आसमान में जीवन और मृत्यु का गुप्त संकेत: जानिए क्या है विमानों के आपातकालीन &#8216;स्क्वॉक कोड&#8217; 7500, 7600 और 7700 का पूरा सच</h2>
<h5>हवाई यात्रा के दौरान जब कोई विमान हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर होता है, तब पायलट और जमीन पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच लगातार संचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। लेकिन क्या हो अगर कॉकपिट में अचानक कोई बड़ी मुसीबत आ जाए, कोई अपराधी विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश करे या रेडियो सिस्टम पूरी तरह ठप हो जाए? ऐसी किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) ने कुछ गुप्त कोड निर्धारित किए हैं, जिन्हें स्क्वॉक कोड (Squawk Codes) कहा जाता है। हाल ही में दुबई से तेल अवीव जा रही <a href="https://thecsrjournal.in/flydubai-flight-safe-landing-in-saudi-arabia-after-hijack-scare-sparks-international-drama-hindi">फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुए एक भयानक कॉकपिट हमले</a> के दौरान जब पायलट ने 7700 और 7500 कोड का उपयोग किया, तो पूरी दुनिया की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं। विमानन क्षेत्र में 7500 का मतलब विमान अपहरण (Hijack), 7600 का मतलब संचार विफलता (Radio Failure), और 7700 का मतलब सामान्य आपातकाल (General Emergency) होता है। ये चार अंकों के कोड विमान में लगे ट्रांसपोंडर उपकरण के जरिए एटीसी के रडार स्क्रीन पर सीधे भेजे जाते हैं, जिससे बिना एक भी शब्द बोले जमीन पर मौजूद कंट्रोलर्स को स्थिति की गंभीरता का पता चल जाता है।</h5>
<h2>फ्लाईदुबई FZ1073 हादसा: हवा में जब पायलट पर हुआ जानलेवा हमला</h2>
<h5>30 सितंबर 2026 की सुबह फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 ने लगभग 170 यात्रियों के साथ दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इजरायल के तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। विमान जब सऊदी अरब और जॉर्डन की सीमा के करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट के भीतर एक अप्रत्याशित और हिंसक घटना घटी। रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे क्रैश करने की कोशिश करने लगा। इस खूनी संघर्ष के दौरान विमान महज एक मिनट में 4,000 मीटर (लगभग 13,000 से 15,000 फीट) नीचे आ गिरा। ऐसी गंभीर स्थिति में जब कैप्टन गंभीर रूप से घायल थे और रेडियो पर विस्तार से बात करना असंभव था, उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए विमान के ट्रांसपोंडर पर आपातकालीन कोड दर्ज किए। विमान ने पहले 05:28 UTC पर सामान्य आपातकाल का संकेत देने वाला कोड 7700 भेजा और उसके कुछ ही मिनटों बाद इसे बदलकर 7500 कर दिया, जो कि विमान में किसी भी प्रकार के अवैध हस्तक्षेप या अपहरण का वैश्विक कोड है।<br />
जैसे ही ये कोड ATC के रडार स्क्रीन पर चमके, इजरायली वायुसेना ने तुरंत अपने लड़ाकू विमानों को हवा में उतार दिया और सऊदी अरब की सरकार भी सतर्क हो गई। कॉकपिट में यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने मिलकर हमलावर को काबू में किया और घायल कैप्टन की मदद से विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर डायवर्ट कर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आसमान में ये तीन जादुई अंक किसी भी बड़े हादसे को टालने में कितने निर्णायक साबित हो सकते हैं।</h5>
<h2>क्या होते हैं स्क्वॉक कोड और यह प्रणाली कैसे काम करती है?</h2>
<h5>सरल शब्दों में कहें तो स्क्वॉक कोड चार अंकों के ऐसे ट्रांसपोंडर कोड होते हैं जिनका उपयोग पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ संवाद करने के लिए करते हैं। प्रत्येक कोड में 0 से 7 तक के अंकों का उपयोग किया जाता है, जिससे कुल 4,096 संभावित संयोजन बनते हैं। जब कोई विमान सामान्य उड़ान पर होता है, तो एटीसी उसे एक विशिष्ट कोड (जैसे 1200 या कोई अन्य रैंडम नंबर) आवंटित करता है ताकि रडार पर उस विमान की अलग से पहचान की जा सके। लेकिन आपातकालीन स्थितियों के लिए तीन विशेष कोड पूरी दुनिया में मानकीकृत (Standardized) किए गए हैं। जब पायलट इन तीन कोडों में से किसी एक को ट्रांसपोंडर में डायल करता है, तो एटीसी के रडार स्क्रीन पर उस विमान का सिंबल एक अलग चमकीले रंग में ब्लिंक करने लगता है और वहां एक अलार्म बज उठता है। इससे विमान क्षेत्र का सुरक्षा तंत्र बिना किसी देरी के सक्रिय हो जाता है।</h5>
<h2>कोड 7500: अवैध हस्तक्षेप और अपहरण (Hijacking / Unlawful Interference)</h2>
<h5>विमानन जगत में कोड 7500 को सबसे खतरनाक और संवेदनशील माना जाता है। यह कोड तब एक्टिवेट किया जाता है जब विमान के नियंत्रण या सुरक्षा में कोई बाहरी या आंतरिक अवैध हस्तक्षेप हो रहा हो, जैसे कि विमान का अपहरण।<br />
• कब उपयोग होता है: यदि कोई आतंकी या अपराधी कॉकपिट में घुस जाए, पायलट को बंधक बना ले, या फ्लाईदुबई की घटना की तरह कोई व्यक्ति विमान को जबरन क्रैश करने की कोशिश करे।<br />
• इसके बाद क्या होता है: कोड 7500 के एक्टिवेट होते ही एटीसी पायलट से रेडियो पर बार-बार सवाल नहीं पूछता, क्योंकि इससे अपहरणकर्ता सतर्क हो सकता है। एटीसी चुपचाप सुरक्षा एजेंसियों, सेना और संबंधित देशों के रक्षा मंत्रालयों को सूचित करता है। वायुसेना के लड़ाकू विमान तुरंत उस यात्री विमान को घेर लेते हैं और उसे किसी सुरक्षित जगह पर उतारने की रणनीति बनाई जाती है।</h5>
<h2>कोड 7600: संचार विफलता (Radio Communication Failure / NORDO)</h2>
<h5>यह कोड तब उपयोग किया जाता है जब विमान के दो-तरफा रेडियो संचार उपकरण पूरी तरह से खराब हो जाते हैं। इसका मतलब यह होता है कि विमान यांत्रिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन पायलट न तो एटीसी की आवाज सुन पा रहा है और न ही अपनी आवाज वहां तक पहुंचा पा रहा है।<br />
• कब उपयोग होता है: बिजली के फेल होने, हेडसेट खराब होने या रेडियो फ्रीक्वेंसी में तकनीकी खराबी आने पर।<br />
• इसके बाद क्या होता है: इस कोड को देखने के बाद एटीसी समझ जाता है कि पायलट को निर्देश बोलकर नहीं दिए जा सकते। ऐसी स्थिति में विमान पहले से तय रूट और नियमों (Avenue FMEA या स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल) के तहत आगे बढ़ता है। जब विमान एयरपोर्ट के नजदीक पहुंचता है, तो एटीसी टावर से विशेष &#8216;लाइट गन&#8217; के जरिए लाल, हरी और सफेद रंग की रोशनी फेंककर पायलट को लैंडिंग के संकेत दिए जाते हैं।</h5>
<h2>कोड 7700: सामान्य आपातकाल (General Emergency / Distress)</h2>
<h5>यह एक व्यापक आपातकालीन कोड है जो विमान या यात्रियों की सुरक्षा को तत्काल खतरा होने पर इस्तेमाल किया जाता है। यह किसी एक विशिष्ट समस्या को नहीं दर्शाता, बल्कि यह बताता है कि विमान को तुरंत प्राथमिकता के आधार पर मदद की जरूरत है।<br />
• कब उपयोग होता है: विमान के इंजन में खराबी आने, केबिन का दबाव अचानक कम होने, विमान में आग लगने, गंभीर तकनीकी खराबी होने या किसी यात्री को दिल का दौरा पड़ने जैसी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी होने पर पायलट 7700 डायल करते हैं।<br />
• इसके बाद क्या होता है: कोड 7700 मिलते ही एटीसी उस विमान को हवा में सबसे पहली प्राथमिकता (Priority Handling) देता है। आसपास के सभी अन्य विमानों को रोक दिया जाता है या उनका रास्ता बदल दिया जाता है। जमीन पर रनवे को तुरंत खाली करा लिया जाता है और एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा आपदा प्रबंधन की टीमों को रनवे पर तैनात कर दिया जाता है ताकि लैंडिंग के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू किया जा सके।</h5>
<h2>याद रखने का आसान फॉर्मूला और विमानन सुरक्षा</h2>
<h5>दुनिया भर के पायलटों को उनके प्रशिक्षण के दौरान इन कोडों को कंठस्थ कराया जाता है। इसे याद रखने के लिए विमानन उद्योग में एक प्रसिद्ध अंग्रेजी मुहावरा या तुकबंदी भी प्रचलित है:<br />
• &#8220;75 &#8211; Stay Alive (हाईजैक से जिंदा बचना)&#8221;<br />
• &#8220;76 &#8211; Radio Sick (रेडियो का खराब होना)&#8221;<br />
• &#8220;77 &#8211; Going to Heaven (गंभीर आपातकाल या संकट)&#8221;<br />
फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन द्वारा समय रहते सूझबूझ दिखाने और ट्रांसपोंडर के सटीक उपयोग ने 170 से अधिक मासूम जिंदगियों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया। यह घटना दर्शाती है कि विमानन तकनीक में भले ही कितने भी आधुनिक बदलाव आ जाएं, लेकिन दशकों पुरानी यह चार अंकों की &#8216;स्क्वॉक कोड&#8217; प्रणाली आज भी आसमान में सुरक्षा की सबसे मजबूत दीवार बनी हुई है।</h5>
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		<title>फ्लाईदुबई हादसा: क्या है क्रैश एक्स और क्यों हर पैसेंजर फ्लाइट में अनिवार्य होती है कुल्हाड़ी</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/why-do-planes-have-axes-shocking-flydubai-cockpit-attack-explained-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anju Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 08:28:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Aviation]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला, नेतन्याहू का बड़ा खुलासा; जानें विमान में क्यों रखी जाती है कुल्हाड़ी आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे एक यात्री विमान के भीतर जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो तबाही का मंजर क्या हो सकता है, इसकी एक भयावह बानगी फ्लाईदुबई की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/why-do-planes-have-axes-shocking-flydubai-cockpit-attack-explained-hindi">फ्लाईदुबई हादसा: क्या है क्रैश एक्स और क्यों हर पैसेंजर फ्लाइट में अनिवार्य होती है कुल्हाड़ी</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2>भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला, नेतन्याहू का बड़ा खुलासा; जानें विमान में क्यों रखी जाती है कुल्हाड़ी</h2>
<h5>आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे एक यात्री विमान के भीतर जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो तबाही का मंजर क्या हो सकता है, इसकी एक भयावह बानगी<a href="https://thecsrjournal.in/flydubai-flight-indian-captain-averts-major-crisis-hindi"> फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073</a> में देखने को मिली। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहे इस बोइंग 737 मैक्स 8 विमान में उस समय एक अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया, जब कॉकपिट के अंदर सह-पायलट (को-पायलट) ने मुख्य पायलट (कैप्टन) पर जानलेवा हमला कर दिया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को इस घटना को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि फ्लाइट के कॉकपिट के भीतर भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ही साथी ओमानी सह-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश एक्स (Crash Axe) यानी कुल्हाड़ी से हमला किया था, ताकि विमान को क्रैश किया जा सके।</h5>
<h2>भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का अदम्य साहस</h2>
<h5>गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस, असाधारण वीरता और सूझबूझ का परिचय देते हुए न केवल हमलावर सह-पायलट का डटकर मुकाबला किया, बल्कि कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बाहर मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स को अंदर आने का मौका दिया। इस सूझबूझ के चलते 174 यात्रियों और क्रू सदस्यों की जान बाल-बाल बच गई। इस घटना के बाद विमान की सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग (इमरजेंसी लैंडिंग) कराई गई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया भर के नेताओं ने भारतीय पायलट को &#8216;सच्चा हीरो&#8217; करार दिया है।</h5>
<h2>आसमान में मौत का तांडव: 14,000 फीट नीचे गिरा विमान</h2>
<h5>फ्लाइट डेटा और विमानन सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए सामान्य रूप से उड़ान भरी थी। विमान में सवार अधिकांश यात्री इजरायली नागरिक थे। उड़ान के करीब दो घंटे बाद जब विमान आसमान में करीब 33,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी अचानक कॉकपिट के भीतर दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। जांच रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी मूल के सह-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला बोल दिया। उसने कॉकपिट के भीतर सुरक्षा और आपातकालीन आपात स्थिति के लिए रखी गई &#8216;क्रैश एक्स&#8217; (Crash Axe) यानी कुल्हाड़ी उठा ली और कैप्टन की गर्दन और सिर पर ताबड़तोड़ वार करने लगा।</h5>
<h2>9/11 जैसे हमले की नापाक कोशिश</h2>
<h5>सह-पायलट का इरादा विमान पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर उसे हवा में ही नष्ट करने या किसी आत्मघाती हमले (9/11 जैसी त्रासदी) को अंजाम देने का था। हमले के दौरान विमान का नियंत्रण असंतुलित हो गया और फ्लाइटट्रैकर24 के डेटा के मुताबिक, विमान महज एक मिनट के भीतर 33,000 फीट की ऊंचाई से घटकर सीधे 17,000 फीट पर आ गया। यानी विमान करीब 14,000 से 16,000 फीट की बेहद तेज और खतरनाक ढलान (Rapid Descent) पर आ गया। विमान के भीतर चीख-पुकार मच गई, बच्चे रोने लगे और यात्रियों को लगा कि अब उनकी मौत निश्चित है।</h5>
<h2>लहूलुहान कैप्टन का पराक्रम और यात्रियों का हस्तक्षेप</h2>
<h5>नेतन्याहू के प्रवक्ता और इजरायली अधिकारियों द्वारा जारी विवरण के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो चुके थे और उनके शरीर से तेजी से खून बह रहा था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और विमान का कंट्रोल पूरी तरह हमलावर के हाथ में जाने से रोके रखा। एक तरफ वह अपनी जान बचाने के लिए जूझ रहे थे, तो दूसरी तरफ विमान को स्थिर करने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंककर कॉकपिट का लॉक्ड डोर (सुरक्षित दरवाजा) अंदर से रिलीज कर दिया और चिल्लाकर मदद मांगी। दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद यात्री और ऑफ-ड्यूटी चल रहे चालक दल के सदस्य कॉकपिट की तरफ भागे। यानिव हायून नामक एक इजरायली यात्री ने बताया कि उसने जैसे ही कॉकपिट का नजारा देखा, वह सन्न रह गया। कैप्टन खून से सने फर्श पर पड़े थे। यानिव और कुछ अन्य यात्रियों ने तुरंत हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया। यात्री ने हमलावर को चोकहोल्ड (गला दबाकर काबू करना) में लिया और उसे खींचकर कॉकपिट से बाहर फेंक दिया। इसके बाद फ्लाइट में सफर कर रहे फ्लाईदुबई के ही दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान के कंट्रोल्स को अपने हाथ में लिया और तेजी से नीचे गिर रहे विमान को नियंत्रित किया। विमान से तुरंत &#8216;अनलॉफुल इंटरफेरेंस&#8217; (विमान अपहरण या अवैध हस्तक्षेप) का इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड 7500 और 7700 एक्टिव किया गया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर तबूक के हवाई अड्डे की तरफ मोड़ दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।</h5>
<h2>आखिर प्लेन के कॉकपिट में क्यों रखी जाती है कुल्हाड़ी?</h2>
<h5>इस घटना के सामने आने के बाद दुनिया भर के आम लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि कड़े सुरक्षा घेरे और एयरपोर्ट पर सघन चेकिंग के बावजूद विमान के भीतर कुल्हाड़ी जैसा खतरनाक हथियार कैसे पहुंच गया? क्या सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई थी? उड्डयन विशेषज्ञों और पूर्व कमर्शियल पायलटों ने इस पर से पर्दा उठाया है। अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों (International Aviation Laws) के तहत, दुनिया के हर बड़े वाणिज्यिक यात्री विमान (Commercial Aircraft) के कॉकपिट में एक विशेष प्रकार की कुल्हाड़ी रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसे विमानन की भाषा में &#8216;क्रैश एक्स&#8217; (Crash Axe) या फायर एक्स कहा जाता है।<br />
यह कोई बाहरी हथियार नहीं है जिसे कोई यात्री या पायलट चोरी-छिपे तस्करी करके लाता है, बल्कि यह विमान के निर्माण के समय ही फैक्टरी में कॉकपिट के भीतर, आमतौर पर को-पायलट की सीट के ठीक पीछे एक सुरक्षित होल्डर में फिट की जाती है। हर उड़ान से पहले पायलटों की प्री-फ्लाइट चेकलिस्ट में इस कुल्हाड़ी की मौजूदगी और उसकी स्थिति की जांच करना अनिवार्य होता है।</h5>
<h2>विमान के भीतर क्रैश एक्स को रखने के कारण</h2>
<h5>• आपातकालीन निकास (Emergency Evacuation): यदि विमान की क्रैश लैंडिंग या आपातकालीन लैंडिंग होती है और विमान के मुख्य दरवाजे या कॉकपिट के दरवाजे जाम हो जाते हैं, तो पायलट इस कुल्हाड़ी का उपयोग करके कॉकपिट की खिड़कियों, फाइबर पैनल्स या विमान की बॉडी को काटकर बाहर निकलने का रास्ता बना सकते हैं।<br />
• आग बुझाने और केबिन पैनलों को तोड़ने में: यदि विमान के उड़ान भरने के दौरान कॉकपिट या केबिन के किसी आंतरिक इलेक्ट्रिकल पैनल के पीछे शॉर्ट सर्किट होता है या आग लग जाती है, तो वहां तक पहुंचने के लिए पायलट इस इंसुलेटेड कुल्हाड़ी से उन पैनल्स और दीवारों को तोड़ सकते हैं। इस कुल्हाड़ी का हैंडल इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि इसमें हाई-वोल्टेज बिजली के झटके (इलेक्ट्रिक शॉक) से बचाव हो सके।<br />
• सुरक्षा और जीवन रक्षा का उपकरण: विमानन इतिहास में इस उपकरण का उपयोग हमेशा यात्रियों और चालक दल के जीवन को बचाने के लिए आपातकालीन परिस्थितियों में किया गया है। उड्डयन सुरक्षा के इतिहास में यह शायद पहला ऐसा दुर्लभ और दुर्भाग्यपूर्ण मामला है, जहां जीवन रक्षक उपकरण &#8216;क्रैश एक्स&#8217; का इस्तेमाल खुद एक सह-पायलट ने अपने ही कैप्टन पर जानलेवा हमले और विमान को नष्ट करने के हथियार के रूप में कर दिया।</h5>
<h2>नेतन्याहू और ट्रंप ने बताया &#8216;सच्चा हीरो&#8217;, सऊदी अरब में जांच जारी</h2>
<h5>इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो संदेश और पोस्ट जारी कर कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर सराहना की। नेतन्याहू ने लिखा, &#8220;मैं असाधारण बहादुरी के लिए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को सलाम करता हूं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने लड़ाई लड़ी, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद की। उन्होंने 174 लोगों की जान बचाई और एक भीषण मिड-एयर त्रासदी को रोक दिया। वह एक सच्चे हीरो हैं।&#8221; नेतन्याहू ने बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उस यात्री यानिव हायून से भी मुलाकात की, जिसने हमलावर को काबू किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ की और कहा कि यह एक भयानक आतंकी हमला हो सकता था जिसे सूझबूझ से नाकाम कर दिया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन के परिवार से बात कर उन्हें हरसंभव मदद और सुरक्षा का भरोसा दिया है।</h5>
<h2>गिरफ्तार हमलावर से पूछताछ जारी</h2>
<h5>सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों ने तबूक हवाई अड्डे पर विमान के लैंड होते ही हमलावर ओमानी सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। इजरायली रक्षा मंत्रालय ने इसे एक &#8216;जिहादी आतंकी प्रयास&#8217; के रूप में देखने का संकेत दिया है, हालांकि आधिकारिक तौर पर हमले के सटीक कारणों और मंशा की जांच की जा रही है। भारतीय दूतावास ने बयान जारी कर बताया है कि कैप्टन स्मित मच्छार सऊदी अरब के तबूक शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी हालत अब स्थिर और खतरे से बाहर बताई गई है। इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा जगत में यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि कॉकपिट के भीतर के खतरों और पायलटों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को लेकर सुरक्षा नियमों को कितना सख्त किया जाना चाहिए।</h5>
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