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	<title>सीएसआर Archives - The CSR Journal</title>
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	<title>सीएसआर Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>Maharashtra में फिर से बनेगा CSR Cell, स्थानीय विकास को रफ्तार देने के लिए Devendra Fadnavis का बड़ा प्लान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:49:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CSR]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में स्थानीय विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने Corporate Social Responsibility (CSR) फंड के बेहतर उपयोग का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब CSR फंड को व्यवस्थित तरीके से स्थानीय विकास परियोजनाओं में लगाया जाएगा, ताकि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>महाराष्ट्र में स्थानीय विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने Corporate Social Responsibility (CSR) फंड के बेहतर उपयोग का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब CSR फंड को व्यवस्थित तरीके से स्थानीय विकास परियोजनाओं में लगाया जाएगा, ताकि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा सके। सरकार का मानना है कि CSR केवल कंपनियों की सामाजिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे विकास की मुख्यधारा से जोड़कर नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाने का माध्यम बनाया जाना चाहिए। इसी सोच के तहत कई महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तावित की गई हैं।</h5>
<h2>राज्य स्तर पर बनेगा CSR सेल</h2>
<h5>सरकार राज्य स्तर पर एक विशेष State CSR Cell स्थापित करने जा रही है। इसका उद्देश्य CSR फंड के उपयोग में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना होगा। अक्सर देखा जाता है कि CSR फंड अलग-अलग परियोजनाओं में बिखर जाता है, जिससे उसका अपेक्षित प्रभाव दिखाई नहीं देता। नया CSR सेल इस बात पर नजर रखेगा कि फंड का उपयोग प्राथमिकता वाले विकास कार्यों में हो और उसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।</h5>
<h2>स्थानीय निकायों को मिलेगा अधिक सहयोग</h2>
<h5>नई व्यवस्था के तहत CSR संसाधनों को नगर निगमों, नगर परिषदों और ग्राम पंचायतों जैसे Local Self-Government Bodies तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर सड़क, जल आपूर्ति, सार्वजनिक सुविधाएं, स्वच्छता और नागरिक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।</h5>
<h2>विकास कार्यों के लिए ब्याज मुक्त ऋण मॉडल पर विचार</h2>
<h5>राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए Interest-Free Loan Model पर भी विचार कर रही है। यह मॉडल केंद्र सरकार की कुछ योजनाओं की तर्ज पर तैयार किया जा सकता है। यदि यह योजना लागू होती है तो स्थानीय निकायों को बिना ब्याज के वित्तीय सहायता मिल सकेगी, जिससे विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी और परियोजनाओं की लागत भी कम होगी।</h5>
<h2>निर्माण अनुमति प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल</h2>
<h5>सरकार निर्माण अनुमति (Construction Permission) प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए एक पारदर्शी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। इससे अनुमति प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी और निर्माण क्षेत्र में नियमों के पालन को मजबूत किया जा सकेगा। Digital Governance और Smart Administration को बढ़ावा देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</h5>
<h2>अवैध निर्माण पर सख्ती की तैयारी</h2>
<h5>सरकार ने संपत्ति मानचित्रण (Property Mapping) और अवैध निर्माणों पर नियंत्रण को भी प्राथमिकता दी है। नक्शा योजना (Naksha Yojana) के तहत संपत्तियों का बेहतर रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बढ़ते अवैध निर्माणों को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि सुनियोजित शहरी विकास के लिए यह कदम बेहद जरूरी है। CSR Cell in Maharashtra</h5>
<h2>स्थानीय विकास को मिलेगी नई दिशा</h2>
<h5>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि CSR फंड का उपयोग योजनाबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाता है तो महाराष्ट्र के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिल सकती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि CSR फंड को व्यवस्थित रूप से उपयोग में लाकर स्थानीय विकास को तेज किया जाएगा। आने वाले समय में यह पहल महाराष्ट्र के विकास मॉडल को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</h5>
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		<title>आईडीबीआई बैंक के सीएसआर से मीरा भाईंदर की 19 सरकारी स्कूलों को मिला स्मार्ट क्लासरूम</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/idbi-bank-csr-for-mira-bhayandar-government-school-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Jan 2025 10:57:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CSR of IDBI Bank]]></category>
		<category><![CDATA[Mira Bhayandar]]></category>
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		<category><![CDATA[मीरा भाईंदर]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आईडीबीआई बैंक के सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) की मदद से मीरा भाईंदर महानगरपालिका के 19 स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, वॉटर प्युरिफायर, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर संबंधी अन्य सुविधाओं का ई-उद्घाटन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से बैंक ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता और योगदान को और मजबूत किया है। MBMC [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>आईडीबीआई बैंक के सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) की मदद से मीरा भाईंदर महानगरपालिका के 19 स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, वॉटर प्युरिफायर, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर संबंधी अन्य सुविधाओं का ई-उद्घाटन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से बैंक ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता और योगदान को और मजबूत किया है।</h5>
<h2>MBMC कमिश्नर के सहयोग से मिला सरकारी स्कूलों को आईडीबीआई बैंक का सीएसआर</h2>
<h5>ई-उद्घाटन का आयोजन <a href="https://thecsrjournal.in/mira-bhayandar-municipal-corporation-csr-conclave-education-health-environment-sustainability/">मीरा भाईंदर</a> महानगरपालिका कमिश्नर संजय काटकर के हाथों से हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि IDBI Bank के सहयोग से स्कूलों में स्मार्ट क्लास और अन्य डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत छात्रों के समग्र विकास में मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी, जिससे उनका बौद्धिक और शारीरिक विकास संभव होगा।<a href="https://mbmc.gov.in/"> MBMC</a> CSR</h5>
<h2>एजुकेशन में इनोवेशन से होगा बच्चों का चौतरफा विकास</h2>
<h5>इन स्मार्ट क्लासों और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। वाटर प्यूरीफायर की सुविधा से बच्चों को शुद्ध और सुरक्षित पानी मिलेगा, जो उनके स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। महापालिका शालाओं के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी इस नई पहल को लेकर खुशी जताई। विद्यार्थियों ने कहा कि इस नई सुविधा से उनकी पढ़ाई में न केवल आसानी होगी, बल्कि वे तकनीकी तौर पर भी सशक्त होंगे। CSR of IDBI Bank का यह सीएसआर उपक्रम Mira Bhayandar के बच्चों के लिए अत्याधुनिक शिक्षा और सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।</h5>
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		<title>एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ में ₹113.53 करोड़ के सीएसआर प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/nmdc-approves-113-crore-csr-projects-in-chhattisgarh-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Nov 2024 08:33:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>देश की नवरत्न कंपनियों में से एक एनएमडीसी लिमिटेड ने सीएसआर को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ में ₹113.53 करोड़ के सीएसआर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। NMDC के इस फैसले से CSR के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सतत विकास को मजबूती मिलने वाली है। हम आपको बता दें कि NMDC [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>देश की नवरत्न कंपनियों में से एक एनएमडीसी लिमिटेड ने सीएसआर को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ में ₹113.53 करोड़ के सीएसआर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। NMDC के इस फैसले से CSR के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सतत विकास को मजबूती मिलने वाली है। हम आपको बता दें कि NMDC भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के तहत एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है और देश में लोहे का सबसे बड़ा उत्पादक है। NMDC ने छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण Corporate Social Responsibility यानी सीएसआर परियोजनाओं को मंजूरी देकर समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। हाल ही में हुई निदेशक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिससे राज्य में सतत और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के प्रति एनएमडीसी की प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई।</h5>
<h2>छत्तीसगढ़ में ₹113.53 करोड़ के 148 सीएसआर प्रोजेक्ट्स</h2>
<h5>एनएमडीसी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में दीर्घकालिक सीएसआर प्रोजेक्ट्स के तहत 148 पहलों के लिए ₹113.53 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इसमें से ₹108.92 करोड़ के प्रोजेक्ट्स राज्य सरकार के साथ मिलकर करने का प्रस्तावित हैं, जो स्थानीय विकास के लिए एक सहयोगी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। ₹82.80 करोड़ के सीएसआर के काम एनएमडीसी द्वारा सीधे तौर पर किया जायेगा वहीं ₹26.12 करोड़ के काम Chhattisgarh Government के साथ साझेदारी में पूरे किए जाएंगे। The CSR Journal से ख़ास बातचीत करते हुए एनएमडीसी के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी एनएमडीसी के मूल में है और इसकी स्थापना से ही हम इसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभा रहे हैं। स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, पेयजल, बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगारपरक कौशल विकास से लेकर शिक्षा तक, हम छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों और प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।&#8221;</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/corporate-social-responsibility-csr-news-csr-news-nmdc-approves-%e2%82%b9113-53-crore-csr-projects-in-chhattisgarh-reinforcing-commitment-to-sustainable-development/">एनएमडीसी</a> करेगी इन प्रमुख सीएसआर क्षेत्रों पर फोकस</h2>
<h5>एनएमडीसी की सीएसआर पहलों को छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और पिछड़े समुदायों की समृद्धि के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। ये पहल मुख्य रूप से इन मुद्दों पर केंद्रित रहने वाले हैं। शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में आस्था गुरुकुल, सक्षम और छू लो आसमान जैसी शैक्षिक पहलों को मजबूती प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। ये संस्थान एनएमडीसी द्वारा स्थापित शैक्षिक केंद्र का हिस्सा हैं और बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के अवसर प्रदान करते हैं। सुदूर क्षेत्रों में लाइब्रेरी स्थापना, साक्षरता को बढ़ावा देना और शैक्षिक संस्थानों के बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।</h5>
<h2>स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और पोषण एवं बाल कल्याण पर भी जोर</h2>
<h5>एनएमडीसी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई पहल कर रहा है, जिसमें स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, सौर ऊर्जा से संचालित प्रणालियों की स्थापना, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना शामिल है। बच्चों और महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों और उनकी बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए पोषण संबंधी कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और जीवन स्तर में सुधार होगा।</h5>
<h2><a href="https://www.nmdc.co.in/">एनएमडीसी</a> का सीएसआर सतत और समावेशी विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम है</h2>
<h5>एनएमडीसी की ये परियोजनाएं न केवल लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेंगी बल्कि राज्य और देश के विकास लक्ष्यों में योगदान देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। एनएमडीसी ने एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई है और यह पहल इसके सतर्क कॉर्पोरेट प्रशासन का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और पिछड़े समुदायों के उत्थान के लिए एनएमडीसी का यह योगदान सतत और समावेशी विकास की दिशा में एक और कदम है।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/nmdc-approves-113-crore-csr-projects-in-chhattisgarh-hindi/">एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ में ₹113.53 करोड़ के सीएसआर प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<title>झारखंड दिवस &#8211; सीएसआर से हो रहा है राज्य का विकास,  शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर विशेष ध्यान</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/jharkhand-day-csr-report-of-state-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Nov 2024 11:29:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CSR in Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Hemant Soren]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[सीएसआर]]></category>
		<category><![CDATA[सीएसआर रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[हेमंत सोरेन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आज झारखंड का स्थापना दिवस है। झारखंड (Jharkhand Foundation Day) का स्थापना दिवस हर साल 15 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन राज्य के गठन की एनिवर्सरी के रूप में मनाया जाता है। झारखंड का गठन 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य के रूप में किया गया। यह दिन [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/jharkhand-day-csr-report-of-state-hindi/">झारखंड दिवस &#8211; सीएसआर से हो रहा है राज्य का विकास,  शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर विशेष ध्यान</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div id=":1wf" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" contenteditable="true" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":24m" aria-controls=":24m" aria-expanded="false">
<h5>आज झारखंड का स्थापना दिवस है। झारखंड (Jharkhand Foundation Day) का स्थापना दिवस हर साल 15 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन राज्य के गठन की एनिवर्सरी के रूप में मनाया जाता है। झारखंड का गठन 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य के रूप में किया गया। यह दिन महान आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के साथ भी जुड़ा हुआ है। बिरसा मुंडा ने आदिवासियों के अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था। झारखंड स्थापना दिवस राज्य की सांस्कृतिक विरासत, आदिवासी परंपराओं, और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को दर्शाने वाला दिन है। ऐसे में आज के इस विशेष मौके पर आइये जानते है कि झारखंड के विकास में सीएसआर का रोल कितना महत्वपूर्ण है। (How CSR play a vital role in Jharkhand Development)</h5>
<h2>झारखंड के विकास में सीएसआर की भूमिका अहम</h2>
<h5>झारखंड अपने खनिज संपदाओं के लिए जाना जाता है। अपने प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ भारत के सबसे युवा राज्यों में से एक है। राज्य सरकार की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) नीति का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और संसाधनों के समुचित उपयोग से समुदायों और पर्यावरण पर सकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव डालना है। इसका उद्देश्य केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं के दोहराव से बचना और विशेष रूप से आदिवासी और पिछड़े इलाकों में स्थायी विकास करना है। <a href="https://thecsrjournal.in/top-csr-projects-jharkhand-corporate-social-responsibility/">(Read this report in English here)</a></h5>
<h2>फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में झारखंड में सीएसआर खर्च का ये है ब्यौरा</h2>
<h5>नेशनल सीएसआर पोर्टल के मुताबिक फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में झारखंड में सीएसआर के तहत कुल 388.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें से सबसे अधिक राशि तीन जिलों में खर्च हुई, पूर्वी सिंहभूम (99.43 करोड़ रुपये), रांची (67.25 करोड़ रुपये), और गोड्डा (18.89 करोड़ रुपये)। इन जिलों में एजुकेशन, हेल्थ, और एनवायरनमेंट पर मुख्य रूप से ध्यान दिया गया है। एचडीएफसी बैंक (86.41 करोड़ रुपये), टाटा स्टील (67.66 करोड़ रुपये), और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (34.72 करोड़ रुपये) ने झारखंड में सबसे अधिक सीएसआर फंडिंग की।</h5>
<h2>झारखंड का पूर्वी सिंहभूम जिला शीर्ष सीएसआर फंड हासिल करने वाला जिला है</h2>
<h5>पूर्वी सिंहभूम, जिसे जमशेदपुर जिले के रूप में भी जाना जाता है। झारखंड के सबसे विकसित जिलों में से एक है और यहां कई इंडस्ट्रीज हैं। जिले में खनिजों की भरमार है, जिनमें लोहे, तांबे, सोने और क्यानाइट का खजाना शामिल है। यहां की सीएसआर परियोजनाओं में ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, और पोषण के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। विशेष रूप से आदिवासी और पिछड़े समुदायों के लिए बैंक पीओ परीक्षा की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग जैसी पहलें भी शामिल हैं।</h5>
<h2>सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की पहल: खेल और पशु स्वास्थ्य सेवाएं</h2>
<h5>सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने झारखंड राज्य खेल प्रोत्साहन समिति की स्थापना की है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मुफ्त खेल प्रशिक्षण, आवास और स्कॉलरशिप प्रदान करती है। इस संस्था में ज्यादातर आदिवासी (Tribal Community in Jharkhand) और अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चे शामिल हैं, जो दूरदराज के इलाकों से आते हैं। इसके अलावा, मई 2023 में सीसीएल ने &#8220;हॉस्पिटल ऑन व्हील्स&#8221; नामक एक अनोखी पहल शुरू की, जो आवारा जानवरों के लिए एक मोबाइल पशु चिकित्सा सुविधा है। यह वाहन अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित है और इसमें पशु चिकित्सकों की एक समर्पित टीम है। यह पहल रांची और अन्य जिलों में जानवरों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए बनाई गई है।</h5>
<h2>झारखंड में है एचडीएफसी बैंक का सीएसआर</h2>
<h5>एचडीएफसी बैंक ने झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में &#8220;होलिस्टिक रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम&#8221; (एचआरडीपी) के तहत कृषि, जल संरक्षण, रोजगार संवर्धन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में पहल की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करना है ताकि वे गांवों में ही रोजगार मिल सके और पलायन को रोका जा सके। बैंक ने कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों को भी मदद दी और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने का भी प्रयास किया।</h5>
<h2>ईएसएल स्टील लिमिटेड की सीएसआर परियोजनाएं</h2>
<h5>ईएसएल स्टील लिमिटेड, जो वेदांता समूह (Vedanta Group) की कंपनी है, अपने सीएसआर कार्यक्रमों के तहत स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण पर कार्य कर रही है। &#8220;प्रोजेक्ट आरोग्य&#8221; के तहत कंपनी ने स्वास्थ्य सेवाएं, ब्लड डोनेशन कैंप, नेत्र परीक्षण और मुफ्त दवाईयां प्रदान की हैं। इसके साथ ही &#8220;स्वजल&#8221; परियोजना के तहत स्वच्छ पेयजल की सुविधा प्रदान की गई है। कंपनी &#8220;वेदांता ईएसएल आर्चरी अकादमी&#8221; के माध्यम से राज्य के युवा तीरंदाजों को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रही है और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।</h5>
<h2>टाटा स्टील का &#8220;ग्रीन स्कूल&#8221; प्रोजेक्ट: पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता</h2>
<h5>टाटा स्टील फाउंडेशन और ऊर्जा अनुसंधान संस्थान (टेरी) के सहयोग से &#8220;ग्रीन स्कूल&#8221; प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्कूली छात्रों को जल, ऊर्जा, जैव विविधता और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना है। यह परियोजना 2017 में शुरू की गई थी और वर्तमान में झारखंड और ओडिशा के कई स्कूलों में इसे लागू किया गया है।</h5>
<h2><a href="https://cm.jharkhand.gov.in/">झारखंड</a> में अन्य कंपनियों की सीएसआर</h2>
<h5>एनटीपीसी ने कोयला खनन क्षेत्रों में युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाया है, जिसमें 6 महीने के इंजेक्शन मोल्डिंग और प्लास्टिक प्रोसेसिंग पाठ्यक्रम शामिल हैं। डेल टेक्नोलॉजीज ने &#8220;मोबाइल सोलर कम्युनिटी हब&#8221; नामक परियोजना के तहत डिजिटल साक्षरता, वित्तीय प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा के लिए पहल की है, जिसका उद्देश्य डिजिटल असमानता को कम करना है। इन सभी सीएसआर पहलों (CSR Activities inJharkhand) ने झारखंड में सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और राज्य के समग्र विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</h5>
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<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/jharkhand-day-csr-report-of-state-hindi/">झारखंड दिवस &#8211; सीएसआर से हो रहा है राज्य का विकास,  शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर विशेष ध्यान</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<title>महाराष्ट्र में सिर्फ बनती है कमेटी, नहीं होता है सीएसआर</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/how-successful-will-csr-committee-various-department-maharashtra-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Aug 2024 10:30:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
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		<category><![CDATA[CSR in Maharashtra]]></category>
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		<category><![CDATA[एकनाथ शिंदे]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[सीएसआर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र एकमात्र राज्य है जहां सबसे ज्यादा सीएसआर खर्च किया जाता है। सरकारी आकड़ों की मानें तो साल 2022-2023 में अकेले महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सीएसआर खर्च किया गया। 5809 Corporates ने 5497.3 Cr. का सीएसआर दान दिया। लेकिन अगर महाराष्ट्र सरकार से पूछे तो सरकार और सरकार के मुखिया एकनाथ शिंदे के दफ्तर को [&#8230;]</p>
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<h5>महाराष्ट्र एकमात्र राज्य है जहां सबसे ज्यादा सीएसआर खर्च किया जाता है। सरकारी आकड़ों की मानें तो साल 2022-2023 में अकेले महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सीएसआर खर्च किया गया। 5809 Corporates ने 5497.3 Cr. का सीएसआर दान दिया। लेकिन अगर महाराष्ट्र सरकार से पूछे तो सरकार और सरकार के मुखिया एकनाथ शिंदे के दफ्तर को इसकी जानकारी नहीं होगी कि सरकार के साथ समन्वय बिठाकर कौन से कॉरपोरेट ने क्या और कितना सीएसआर खर्च किया है। क्योंकि महाराष्ट्र सरकार के पास कोई सीएसआर का सेंट्रलाइज्ड चैनल नहीं है। जिसकी वजह से कॉरपोरेट को बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/loksabha-election-report-card-maharashtra-hindi/">महाराष्ट्र</a> सरकार के पास नहीं है सीएसआर का कोई सेंट्रलाइज्ड चैनल</h2>
<h5>महाराष्ट्र सरकार की हमेशा मांग होती है कि सरकार के लिए कॉरपोरेट्स अपना सीएसआर फंड खर्च करें जिसके लिए कई कोशिश भी करती है लेकिन हमेशा Maharashtra Government को असफलता ही मिली है। दरअसल सीएसआर का सेंट्रलाइज्ड चैनल नहीं होने की वजह से महाराष्ट्र सरकार के अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी नीतियां बनाये हुए हैं लेकिन वो किसी काम के इसलिए नहीं होते क्योंकि उन नीतियों की वजह से ना Corporates आते है और ना ही CSR Fund आता है। ऐसे ही एक सीएसआर की कमेटी महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने बनाया है। 13 अगस्त 2024 को बाकायदा हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक जीआर निकाला है। जिसमे हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए सीएसआर खर्च करने की अपील की गयी है।</h5>
<h2>स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया जीआर, बनाई CSR कमेटी</h2>
<h5>राज्य सरकार ने सीएसआर फंड के आवंटन के संबंध में व्यापक नीति को मंजूरी दे दी है और इसके अनुसार स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए कंपनियों से सीएसआर के तहत एक लाख से 10 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता के प्रस्ताव को कैसे मंजूरी दी जाएगी और कौन जिम्मेदार होगा, इसकी नीति तय की गई है। साथ ही यह भी निर्धारित किया गया है कि राज्य में यदि कोई कंपनी सीएसआर के तहत प्रस्ताव लेकर आती है तो समन्वय समिति दो दिनों के अंदर जवाब देने के लिए बाध्य होगी।</h5>
<h2>इसके पहले भी बने है सरकारी सीएसआर कमेटी लेकिन सब फेल</h2>
<h5>बहरहाल इसके पहले भी इस तरह के <a href="https://arogya.maharashtra.gov.in/">CSR Committee</a> बनायी जा चुकी है लेकिन इसका कोई असर देखने को नहीं मिला है। हम आपको बता दें कि 20 मई 2015 को महाराष्ट्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी ऐसा ही सीएसआर कमेटी बनायीं थी इसके साथ ही एक पेमेंट गेटवे बनाया था ताकि कॉरपोरेट्स सीधे पेमेंट गेटवे से पेमेंट कर सकें लेकिन आजतक एक रुपया नहीं आया। इसके साथ ही आदिवासी विभाग ने भी ऐसे ही जीआर निकालकर सीएसआर कमेटी बनायीं थी लेकिन कुछ भी सीएसआर नहीं हुआ। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या महज खानापूर्ति के लिए सरकार सिर्फ सीएसआर सेल बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है?</h5>
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		<title>सीएसआर में गड़बड़ी, करें शिकायत, राजस्थान सरकार की पहल</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/complaint-about-csr-register-here-rajasthan-government-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Jun 2024 10:42:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[bhajanlal sharma]]></category>
		<category><![CDATA[csr corruption]]></category>
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		<category><![CDATA[भजनलाल शर्मा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>करप्शन की जड़े सीएसआर तक पहुंच गयी है। सीएसआर में करप्शन या फिर गड़बड़ी हो तो इसे कैसे जवाबदेही बनाया जाय इसको लेकर राजस्थान सरकार लगातार काम कर रही थी। सीएसआर में करप्शन या फिर गड़बड़ी पर शिकायत करने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा एक अनूठा पहल किया गया है। अगर अपने क्षेत्र में सीएसआर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>करप्शन की जड़े सीएसआर तक पहुंच गयी है। सीएसआर में करप्शन या फिर गड़बड़ी हो तो इसे कैसे जवाबदेही बनाया जाय इसको लेकर राजस्थान सरकार लगातार काम कर रही थी। सीएसआर में करप्शन या फिर गड़बड़ी पर शिकायत करने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा एक अनूठा पहल किया गया है। अगर अपने क्षेत्र में सीएसआर (CSR In Rajasthan) संबंधी समस्याएं आ रही है तो इसके समाधान के लिए राजस्थान संपर्क के माध्यम से आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए राजस्थान सरकार ने बकायदा शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन जारी किया है। अब आम लोग कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी की शिकायतों के लिए 181 पर कॉल कर सकते हैं।</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/top-csr-rajasthan-corporate-social-responsibility-india/">राजस्थान</a> में सीएसआर की शिकायत के लिए सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर</h2>
<h5>इसके पहले यदि आपकी बिजली, पानी, अतिक्रमण, मिलावट, कर्मचारियों के समय पर दफ्तर नहीं आने सहित कोई भी समस्या होती थी तो आप टोल फ्री नम्बर 181 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते थे लेकिन इसमें अब Corporate Social Responsibility भी जोड़ दिया गया है। हेल्पलाइन नंबर (<a href="https://sampark.rajasthan.gov.in/">CSR Help Line</a>) पर शिकायत दर्ज होने पर संबंधित अधिकारी को इसका निर्धारित समय सीमा में निस्तारण करना होगा। ऐसे में लोगों को समस्या समाधान के लिए किसी अधिकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। समस्या समाधान करने के बाद संबंधित व्यक्ति को सूचना भी दी जाएगी। लोगों की समस्याओं के समाधान के सिलसिले में शुरू की गई राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 नंबर पर घर बैठे ही लोग मोबाइल सीएसआर समेत बिजली, पानी, सड़क, राशन आदि सभी महकमों के साथ सरकार के कामकाज में देरी की शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।</h5>
<h2>CSR में भी बड़े पैमाने पर होती है गड़बड़ियां, राजस्थान सरकार लगाएगी अंकुश</h2>
<h5>हम आपको बता दें कि CSR में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां होती है। कभी Corporates तो कभी NGO इन गड़बड़ियों में शामिल होते है। यहां तक कि ऐसे भी होते है कि Corporates किसी को फेवर करने के लिए जहां सीएसआर की जरुरत नहीं वहां सीएसआर फंड ख़र्च किया जाता है जो महज पैसे का वेस्ट ही होता है। ऐसे भी होते है कि सीएसआर में विकास के काम होते है लेकिन वो काम पैसे बचाने के लिए कम दर्जेदार होते है ऐसे में जल्द ही वो खराब या फिर टूट जाते है। अगर आप भी ऐसे ही सीएसआर से विकास के काम में गड़बड़ी पाते है तो आप भी शिकायत कर सकते है। बहरहाल राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ये अनोखी पहल सराहनीय है जिससे लोगों को बहुत फायदा होने वाला है।</h5>
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		<title>सीएसआर से टाटा संस कराएगी मंदिर संग्रहालय का निर्माण</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/tata-sons-to-spend-750cr-csr-to-build-temple-museum-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Jun 2024 08:49:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CSR in Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[CSR of Tata Sons]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सीएसआर की मदद से उत्तर प्रदेश के अयोध्या में Temple Museum बनाया जायेगा। राम नगरी अयोध्या में ये मंदिर संग्रहालय विश्व स्तर का होगा। इस भारतीय मंदिर म्यूजियम के निर्माण के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हरी झंडी दे दी। इसके लिये पर्यटन विभाग 90 साल के लिये लीज पर जमीन देगा। [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>सीएसआर की मदद से उत्तर प्रदेश के अयोध्या में Temple Museum बनाया जायेगा। राम नगरी अयोध्या में ये मंदिर संग्रहालय विश्व स्तर का होगा। इस भारतीय मंदिर म्यूजियम के निर्माण के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हरी झंडी दे दी। इसके लिये पर्यटन विभाग 90 साल के लिये लीज पर जमीन देगा। उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इसका ऐलान किया।</h5>
<h2>टाटा संस देगी 750 करोड़ का सीएसआर, यूपी में बनेगा मंदिर संग्रहालय</h2>
<h5>The CSR Journal से ख़ास बातचीत में उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने बताया कि टाटा संस कंपनी (<a href="https://thecsrjournal.in/jamsetji-tata-biggest-philanthropist-century-hurun/">Tata Sons</a> CSR) ने केंद्र सरकार के जरिये एक प्रस्ताव राज्य को दिया था जिसमें कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR- Corporate Social Responsibility) यानी सीएसआर फंड से 650 करोड़ रुपए की लागत से अयोध्या में एक विश्व स्तरीय भारतीय मंदिर संग्रहालय के निर्माण की पेशकश की गई थी। इस म्यूजियम के अलावा अन्य विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव भी किया गया था। इन दोनों प्रस्तावों को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में स्वीकृति दे दी।</h5>
<h2>अपने सीएसआर से आगे आया टाटा संस तो सरकार देगी एक रुपये में जमीन</h2>
<h5>इस मंदिर संग्रहालय के निर्माण के लिये जमीन पर्यटन विभाग एक रुपये की लीज पर 90 साल के लिए उपलब्ध कराएगी। मंत्रिमंडल की बैठक में Helicopter Services in <a href="https://up.gov.in/en">Uttar Pradesh</a> पर भी एक फैसला लिया गया। पर्यटन मंत्री ने बताया कि Uttar Pradesh News में विमान संपर्क बढ़ाने के मद्देनजर लखनऊ, प्रयागराज और कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर) में निजी सार्वजनिक भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत हेलीपैड बनाकर हेलीकॉप्टर सेवाएं चालू करने के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है।</h5>
<h2>यूपी में बढ़ेगा टूरिज्म, पीपीपी मॉडल से विकसित होने धरोहर</h2>
<h5>मंत्रिमंडल ने पूरे उत्तर प्रदेश में धरोहर इमारतों को पीपीपी मॉडल पर पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय लिया है जिससे पर्यटन (Tourism in Uttar Pradesh) क्षेत्र के सेवा प्रदाताओं और आम लोगों को लाभ मिलेगा। इनमें से ऐसी तीन इमारतों– कोठी रोशनुद्दौला लखनऊ, बरसाना जल महल मथुरा और शुक्ला तालाब कानपुर को चुना गया है।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/tata-sons-to-spend-750cr-csr-to-build-temple-museum-hindi/">सीएसआर से टाटा संस कराएगी मंदिर संग्रहालय का निर्माण</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<item>
		<title>नागपुर में सीएसआर फंड जुटाने की चर्चा सिर्फ कागजों पर</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/nagpur-zilla-parishad-lags-behind-raising-csr-funds-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Jun 2024 09:04:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CSR of CEAT]]></category>
		<category><![CDATA[NAGPUR]]></category>
		<category><![CDATA[नागपुर]]></category>
		<category><![CDATA[सीएसआर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आज़ाद भारत में व्यवस्था की एक प्रणाली तय की गयी है। स्वास्थ्य हो या शिक्षा, स्थानीय स्तर पर सुविधा प्रदान करना जिला परिषद की अहम जिम्मेदारी होती है। अगर हम महाराष्ट्र के नागपुर की बात करें तो नागपुर जिला परिषद का कार्यक्षेत्र बड़ा है। Nagpur के ग्रामीण क्षेत्र में Education और Health सुविधा प्रदान करना [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>आज़ाद भारत में व्यवस्था की एक प्रणाली तय की गयी है। स्वास्थ्य हो या शिक्षा, स्थानीय स्तर पर सुविधा प्रदान करना जिला परिषद की अहम जिम्मेदारी होती है। अगर हम महाराष्ट्र के नागपुर की बात करें तो नागपुर जिला परिषद का कार्यक्षेत्र बड़ा है। Nagpur के ग्रामीण क्षेत्र में Education और Health सुविधा प्रदान करना जिला परिषद की अहम Responsibilities है जिसे निभाने के लिए भी जिला परिषद के पास पर्याप्त निधि नहीं है। अब सरकारी फंड का जहां अभाव होता है वहां सरकारी अमला इस कमी को पूरा करने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड का सहारा लेता है। दो साल पहले Corporate Companies से सीएसआर फंड (<a href="https://thecsrjournal.in/how-individual-get-csr-funds-india-hindi/">How to get CSR Fund</a>) जुटाने के लिए जिला परिषद प्रशासन ने Corporates के साथ बैठक कर चर्चा की थी। लेकिन बात वहीं तक सीमित रह गई। उसे अमलीजामा पहनाने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई।</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/nagpur-zero-mile-beautification-indian-oil-csr-hindi/">नागपुर</a> में सीएसआर फंड जुटाने की चर्चा सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गई</h2>
<h5>प्रशासन को उद्योजकों से संपर्क करने की सूचना दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने भी मौन रहने से जिला परिषद सीएसआर फंड जुटाने में फिसड्डी रही। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में हजारों उद्योग हैं। उद्योग के आस-पास के क्षेत्र में सीएसआर फंड से विकास करना संबंधित उद्योग समूह का सामाजिक दायित्व Social Responsibility of Corporates बनता है। लेकिन कॉरपोरेट्स अपने CSR से अपनी सामाजिक दायित्व निभाने की मानसिकता में नहीं है। गौरतलब है कि नागपुर जिला परिषद (Nagpur Zilla Parishad) की आमसभा में दो साल पहले विपक्ष ने उद्योजकों से संपर्क कर सीएसआर फंड का जिले के विकास (How to do development of district) के लिए उपयोग करने की मांग की थी, लेकिन उस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए। Corporates के साथ बैठक कर सीएसआर फंड जुटाने की चर्चा कागजों में सिमटकर रह गई।</h5>
<h2>नागपुर जिला परिषद को नहीं मिला CSR और ना ही रिस्पॉन्स</h2>
<h5>दो साल में कॉरपोरेट्स के साथ Corporate Social Responsibility विषय पर एक बैठक तक नहीं हुई। बैठक में मुद्दा उठने पर चर्चा की औपचारिकता निभाई गई। दो साल में किसी उद्योग समूह को एक लेटर तक नहीं भेजा गया। <a href="https://www.nagpurzp.com/">नागपुर जिला परिषद</a> में सत्ता पक्ष और प्रशासन ने सीएसआर फंड जुटाने की दिशा में कदम आगे नहीं बढ़ाने पर विपक्ष ने अपने स्तर पर प्रयास किए। बात करें बुटीबोरी एमआईडीसी की तो यहां 150 से अधिक उद्योग चालू स्थिति में है। क्षेत्र के बड़े उद्योग समूह इंडोरामा, सीएट (Ceat Tyre CSR), केईसी आदि कंपनियों को नेता प्रतिपक्ष ने कई बार पत्र देकर इलाके के स्कूलों में सीएसआर फंड से बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। लेकिन कंपनियों ने उन्हें ना CSR Funds दिया और ना कोई रिस्पॉन्स।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/nagpur-zilla-parishad-lags-behind-raising-csr-funds-hindi/">नागपुर में सीएसआर फंड जुटाने की चर्चा सिर्फ कागजों पर</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<item>
		<title>World Heart Day &#8211; सुधीर मुनगंटीवार के सीएसआर पहल से बच्चों को मिली नयी जिंदगी</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/sudhir-mungantiwar-fortis-csr-initiatives-world-heart-day-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Sep 2022 05:30:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Fortis Healthcare]]></category>
		<category><![CDATA[Sudhir Mungantiwar]]></category>
		<category><![CDATA[सीएसआर]]></category>
		<category><![CDATA[सुधीर मुनगंटीवार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>तस्वीरों में दिख रहे ये बच्चे महाराष्ट्र के दूरदराज इलाकों से आये है। कोई चंद्रपुर तो कोई नागपुर से है। कोई नक्सल प्रभावित इलाके से है तो कोई आदिवासी इलाके से। संस्कार, जीत, हिमांशु, आरव ये बच्चे दिल की बीमारी से जूझ रहे है। किसी के दिल में छेद है तो किसी को ओपन हार्ट [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/sudhir-mungantiwar-fortis-csr-initiatives-world-heart-day-hindi/">World Heart Day &#8211; सुधीर मुनगंटीवार के सीएसआर पहल से बच्चों को मिली नयी जिंदगी</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>तस्वीरों में दिख रहे ये बच्चे महाराष्ट्र के दूरदराज इलाकों से आये है। कोई चंद्रपुर तो कोई नागपुर से है। कोई नक्सल प्रभावित इलाके से है तो कोई आदिवासी इलाके से। संस्कार, जीत, हिमांशु, आरव ये बच्चे दिल की बीमारी से जूझ रहे है। किसी के दिल में छेद है तो किसी को ओपन हार्ट सर्जरी की तुरंत जरूरत है। इनके अभिभावकों की माली हालत भी ठीक नहीं है। दर-दर ठोकर खाने के बाद ये मुंबई के फोर्टिस अस्पताल पहुंचे है। महाराष्ट्र के वन, संस्कृति और मत्स्य <a href="https://mahaforest.gov.in/">मंत्री</a> सुधीर मुनगंटीवार और फोर्टिस अस्पताल के सीएसआर पहल से अब इन जैसे तमाम बच्चों को एक नयी जिंदगी मिलने वाली है। इन बच्चों का अब निःशुल्क इलाज होने वाला है।</h5>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/3eqhSPbH-6M" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<h2>सुधीर मुनगंटीवार और फोर्टिस अस्पताल के सीएसआर पहल से बच्चों का हो रहा है निःशुल्क इलाज</h2>
<h5>सुधीर मुनगंटीवार के सीएसआर पहल से चंद्रपुर में 6 महीने से लेकर 15 साल के बच्चों का मेडिकल कैंप लगाया गया जहां 170 बच्चों के दिल की जांच हुई। जांच के बाद फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने 59 ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जिनका सर्जरी करना ही विकल्प था। इन्हे चंद्रपुर से मुंबई लाकर अब इनका इलाज जारी है। सीएसआर की मदद से अब इनके बच्चों का ना सिर्फ निशुल्क इलाज हो रहा है बल्कि इन्हे नयी दूसरी जिंदगी मिल रही है। बच्चों को नयी जिंदगी मिलता देख अभिभावक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार (Sudhir Mungantiwar Social Initiative) का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहे हैं।</h5>
<h2>समाज की भलाई में सीएसआर का योगदान सराहनीय है &#8211; मंत्री सुधीर मुनगंटीवार</h2>
<h5>The CSR Journal से ख़ास बातचीत करते हुए महाराष्ट्र के वन, संस्कृति और मत्स्य मंत्री सुधीर मुनगंटीवार (<a href="https://thecsrjournal.in/sudhir-mungantiwar-chandrapur-district-india-maharashtra/">Sudhir Mungantiwar</a>) ने बताया कि &#8220;सीएसआर की मदद से इन बच्चों का इलाज संभव हो पा रहा है, महाराष्ट्र के दूरदराज इलाकों में अत्याधुनिक और दर्जेदार स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच अब Corporate Social Responsibility से संभव हो पा रहा है। ऐसे ही और भी कॉरपोरेट्स सीएसआर के तहत आगे आना चाहिए और समाज की भलाई में अपना योगदान देना चाहिए&#8221;। वहीं Fortis Hospital, Mulund के Pediatric, Cardiothoracic सर्जन डॉ धनंजय मालंकर ने बताया कि &#8220;सही वक़्त पर और जल्द निदान होने पर दिल की बीमारी का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है, समय रहते हुए अगर जल्द सर्जरी होती है तो बच्चा सामान्य जिंदगी जी सकता है।&#8221;</h5>
<h2>हेल्थ सेक्टर में सीएसआर की भूमिका है अहम, जरूरतमंदों का हो रहा है सीएसआर से इलाज</h2>
<h5>29 सितंबर को समूचे विश्व में हार्ट डे मनाया जाता है। दुनियाभर के लोगों में कार्डियोवस्कुलर डिजीज यानी दिल की बीमारियों (Heart Disease) और स्ट्रोक्स के बारे में जानकारी फैलाने के उद्देश्य से World Heart Day मनाया जा रहा है। दिल से जुड़ी ये बीमारियां विश्व में मौत का सबसे बड़ा कारण हैं। दुनियाभर में हर साल 1.86 करोड़ लोगों की मौत दिल से जुड़ी बीमारियों की वजह से हो रही है। इन घातक बीमारियों से लड़ने के लिए सीएसआर एक अहम भूमिका निभा रही है।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/sudhir-mungantiwar-fortis-csr-initiatives-world-heart-day-hindi/">World Heart Day &#8211; सुधीर मुनगंटीवार के सीएसआर पहल से बच्चों को मिली नयी जिंदगी</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<title>सीएसआर से यूपी का पहला कार्बन फ्री मंदिर होगा काशी विश्वनाथ</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/csr-uttar-pradesh-shri-kashi-vishwanath-dham-carbon-free-temple-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jun 2022 10:30:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CSR in Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
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		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[सीएसआर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विश्व प्रसिद्ध बनारस के श्री काशी विश्वनाथ धाम में भक्त जल्द ही शुद्ध हवा में सांस ले सकेंगे। ये पहली बार होगा जब उत्तर प्रदेश का कोई मंदिर कार्बन फ्री मंदिर होगा। ये संभव हो पायेगा सीएसआर (Corporate Social Responsibility) की वजह से। बाबा विश्वनाथ धाम में एयर प्यूरीफायर लगाया जाएगा। विश्वनाथ धाम में अलग-अलग [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>विश्व प्रसिद्ध बनारस के श्री काशी विश्वनाथ धाम में भक्त जल्द ही शुद्ध हवा में सांस ले सकेंगे। ये पहली बार होगा जब उत्तर प्रदेश का कोई मंदिर कार्बन फ्री मंदिर होगा। ये संभव हो पायेगा सीएसआर (Corporate Social Responsibility) की वजह से। <a href="https://www.shrikashivishwanath.org/">बाबा विश्वनाथ धाम</a> में एयर प्यूरीफायर लगाया जाएगा। विश्वनाथ धाम में अलग-अलग 12 जगहों पर ये एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे। एयर प्यूरीफायर लगाने को लेकर सर्वे का काम भी शुरू हो गया है। विश्वनाथ धाम में एयर प्यूरीफायर लगाने के बाद यूपी का ये पहला मंदिर होगा जो पूरी तरह से कार्बन फ्री जोन बन जायेगा।</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/uttar-pradesh-invest-in-up-ground-breaking-ceremony-yogi-modi-hindi/">यूपी</a> &#8211; 15 लाख के सीएसआर फंड से लगेगा एयर प्यूरीफायर सिस्टम</h2>
<h5>विश्वनाथ धाम में इस एयर प्यूरीफायर सिस्टम को सीएसआर फंड (CSR in Varanasi) से लगवाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक इस एयर प्यूरीफायर की कीमत करीब 15 लाख रुपये है। जल्द ही ट्रायल के लिए विश्वनाथ धाम में मणिकर्णिका घाट के करीब इसे लगाया जाएगा। ट्रायल सफल रहा तो धाम के दूसरे 11 स्थानों पर भी ये प्यूरीफायर सिस्टम लगेगा, जिसके बाद पूरा जोन कार्बन फ्री हो जाएगा। प्रदूषण की वजह से श्रद्धालुओं को बहुत दिक्कत होती है। बाबा विश्वनाथ धाम का गंगद्वार महाश्मशान मणिकर्णिका घाट से सटा हुआ है। इसी महाश्मशान घाट पर हर दिन सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार होता है। शवों के अंतिम संस्कार के कारण प्रदूषण और गंध से धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी।</h5>
<h5>धुएं और राख के बहुत से कण धाम तक पहुंचते है जिसके कारण मंदिर प्रशासन भी चिंतित था और अब इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एयर प्यूरीफायर सिस्टम को यहां लगाया जाएगा। मणिकर्णिका घाट पर दहकती चिताओं के कारण श्री काशी विश्वनाथ धाम पीएम 2.5 और पीएम 10 के साथ ही कार्बन की मात्रा में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं निर्माण कार्य के कारण आसपास के क्षेत्र से पेड़-पौधों में भी कमी आई है। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने धाम क्षेत्र को कार्बन व प्रदूषण से मुक्त करने के लिए एयर प्यूरीफायर लगाने का निर्णय लिया है।</h5>
<h2>सीएसआर से संवरेगी यूपी की श्री काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्था</h2>
<h5>श्री काशी विश्वनाथ धाम सीएसआर फंड से सफाई व्यवस्था को सुधारा जाएगा। सीएसआर फंड से अत्याधुनिक मशीनें भी लगाई जाएंगी। इसके अलावा मंदिर क्षेत्र के भवनों में भी सीएसआर फंड के तहत फर्नीचर भी मंगाए जा रहे हैं। The CSR Journal से बात करते हुए वाराणसी के मंडल कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि निजी कंपनी के सीएसआर फंड से इस प्यूरीफायर सिस्टम को लगाया जाएगा।</h5>
<h2>यूपी में स्वास्थ्य, पोषण और कृषि में सहयोग करेगा बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन</h2>
<h5>उत्तर प्रदेश में निवेश और सीएसआर के तहत विकास को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सीईओ से मुलाकात की और राज्य सरकार के साथ स्वास्थ्य, पोषण और कृषि के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को और अधिक बढ़ाने पर चर्चा की। इस मौके पर बीएमजीएफ के सीईओ मार्क्स सुजमैन ने कहा कि वह कई देशों में कार्य करते हैं और सभी का कोविड प्रबंधन देखा है, लेकिन यह कहना उचित होगा कि भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, का कोविड प्रबंधन अमेरिका के कोविड प्रबंधन से कहीं बेहतर रहा।</h5>
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