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	<title>मुफ्त इलाज Archives - The CSR Journal</title>
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	<title>मुफ्त इलाज Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>वर्ल्ड कैंसर डे &#8211; ये हैं भारत के टॉप कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर जो हैं सस्ते </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Feb 2024 07:30:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कैंसर दूसरी सबसे घातक बीमारी है। कैंसर बीमारी का पता अगर जल्दी लग जाए तो इससे बचा जा सकता है। अर्ली स्टेज में कैंसर को मात दिया जा सकता है। कैंसर बीमारी इतनी घातक है कि इन बीमारी के नाम मात्र से ही इंसान टूट जाता है। सिर्फ अकेला कैंसर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कैंसर दूसरी सबसे घातक बीमारी है। कैंसर बीमारी का पता अगर जल्दी लग जाए तो इससे बचा जा सकता है। अर्ली स्टेज में कैंसर को मात दिया जा सकता है। कैंसर बीमारी इतनी घातक है कि इन बीमारी के नाम मात्र से ही इंसान टूट जाता है। सिर्फ अकेला कैंसर पीड़ित ही नही बल्कि पूरा परिवार पीड़ित के साथ दुख और तकलीफें सहता है। लोगों के बीच जानलेवा बीमारी कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए, 4 फरवरी को हर साल विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) के रूप में मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस के ख़ास अवसर पर आईये जान लेतें है भारत के टॉप कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर जो हैं सस्ते और किफायती। (<a href="https://thecsrjournal.in/top-cancer-treatment-centres-in-india/">Affordable Top Cancer Treatment Centres in India</a>)</h5>
<h2>भारत में कैंसर के आकड़े</h2>
<h5>कैंसर इंडिया के अनुसार, भारत में हर 8 मिनट में एक महिला की मौत सर्वाइकल कैंसर से होती है। स्तन कैंसर (Breast Cancer) से ग्रसित हर 2 महिलाओं में से, भारत में एक महिला की मृत्यु हो जाती है। भारत में प्रतिदिन 3500 व्यक्तियों की मौत तंबाकू के उपयोग के कारण होती है। हर साल भारत देश में 12 लाख लोग कैंसर से ग्रस्त होते हैं, जिनमें 8 लाख लोगों की इस भयावह बीमारी से मौत हो जाती है। कैंसर के बढ़ते प्रकोप से बचाने के लिए ही वैश्विक स्तर पर कैंसर के रोकथाम और जनजागरण के लिए विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है और आज इसी ख़ास मौके पर यानि विश्व कैंसर दिवस पर The CSR Journal आपको बता रहा है भारत के टॉप कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर जो सस्ती हैं।</h5>
<h2>भारत में सस्ते कैंसर के अस्पताल</h2>
<h5>अगर सही समय पर प्रभावी तरीके से निपटा जाए तो कैंसर के खिलाफ लड़ाई जीती जा सकती है। भारत में कई ऐसे टॉप कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर हैं। जो इस बीमारी के खिलाफ अपनी लड़ाई के प्रति प्रतिबद्ध है। ये कैंसर अस्पताल बहुत सस्ती कीमत पर या फिर मुफ्त में इलाज करते हैं। देश के ये नामी गिरामी हॉस्पिटल मरीजों को नई जिंदगी देता है।</h5>
<h2>टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई (<a href="https://tmc.gov.in">Tata Memorial Hospital</a>)</h2>
<h5>इन अस्पतालों में सबसे महत्वपूर्ण अस्पताल है टाटा मेमोरियल अस्पताल। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मौजूद है टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, देश के कोने कोने से कैंसर पेशेंट्स टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में अपना इलाज कराने के लिए आते हैं, यहां नई जिंदगी पाने के लिए आते हैं। टाटा मेमोरियल सेंटर दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े कैंसर अस्पतालों में से एक है। जिसमें 75 साल से अधिक के असाधारण पेशेंट केयर, हाई क्वॉलिटी ट्रेनिंग और अनुसंधान शामिल हैं। इन वर्षों में, यह आकार और कद और बड़ा हो गया है।</h5>
<h5>राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर कैंसर के इलाज और नियंत्रण प्रयासों में टाटा अस्पताल सबसे आगे है। मरीज की देखभाल, टाटा मेमोरियल सेंटर का प्रमुख फोकस रहा है। अस्पताल हर मरीज के लिए इष्टतम देखभाल प्रदान करता है। टाटा मेमोरियल अस्पताल में देश में गुणवत्तापूर्ण मेडिकल सेवाओं के साथ सबसे कम खर्चीला कैंसर उपचार है।</h5>
<h5>भारत इलाज के लिए एक अग्रणी स्थान बनता जा रहा है। दुनिया भर के मरीज यहां इलाज कराने के लिए आते हैं। भले ही भारत में प्राइवेट अस्पतालों को बेहतर माना जाता है लेकिन यहां पर कई ऐसे सरकारी अस्पताल भी हैं जो प्राइवेट अस्पतालों की ही तरह अपना बेस्ट बेहतर इलाज की सुविधा देतें है। उनमे से ये है अस्पताल।</h5>
<h5>अगर कोई मरीज पूर्वोत्तर के किसी राज्य में कैंसर से पीड़ित है। दक्षिण या फिर उत्तर भारत में कैंसर से पीड़ित है तो पहले इसका इलाज देश में बड़े शहरों में आकर ही करना पड़ता था। फिर दूसरा विकल्प रहता था मुंबई का टाटा मेमोरियल अस्पताल। लेकिन अब ये नहीं करना पड़ता है। टाटा की ही मदद से देश के कोने कोने में कैंसर कई अस्पताल है जहां इसी तरह सस्ता और किफायती इलाज संभव हो पाता है।</h5>
<h2>Advanced Centre for Treatment Research and Education in Cancer (ACTREC), नवी मुंबई</h2>
<h5>कैंसर में उपचार, अनुसंधान और शिक्षा के लिए उन्नत केंद्र (एसीटीआरईसी) टाटा मेमोरियल सेंटर के अनुसंधान एवं विकास विंग का अत्याधुनिक केंद्र है। यह नवी मुंबई के खारघर में स्थित है। ACTREC में कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRI), क्लिनिकल रिसर्च सेंटर (CRC) और सेंटर फॉर कैंसर एपिडेमियोलॉजी (CCE) शामिल हैं, एक ऐसा कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर जो भारत में अद्वितीय है और सभी को व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने की दृष्टि से निर्मित और विकसित की गई है। तीनों केंद्रों में विशिष्ट एजेंडा, फोकस और अद्वितीय क्षमताएं हैं। वे स्वतंत्र रूप से और एक सामान्य लक्ष्य के लिए सहयोग से काम करते हैं, यानी कैंसर के सभी पहलुओं पर अनुसंधान को आगे बढ़ाना, निदान में सुधार करना, कैंसर रोगियों के पूर्वानुमान और उपचार के परिणाम की भविष्यवाणी करना, उनके अस्तित्व को बढ़ाना और अंततः कैंसर का इलाज करना शामिल है।</h5>
<h2>होमी भाभा कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश (Cancer Hospital in Uttar Pradesh, UP)</h2>
<h5>यह अस्पताल भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) की इकाई के रूप में स्थापित किया गया और इसका मैनेजमेंट टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई द्वारा किया जाता है। इसका उद्देश्य वाराणसी और इसके पड़ोसी क्षेत्रों और भारत के राज्यों के मरीजों के लिए सस्ती लागत पर व्यापक और उच्च गुणवत्ता वाले कैंसर देखभाल करना है। ये अस्पताल मिशन सेवा, शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता के अपने आदर्श वाक्य के माध्यम से एक और सभी को व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करता है। होमी भाभा कैंसर अस्पताल, वाराणसी साल 2018 से अपनी सेवाएं दे रहा है, इस अस्पताल की 179 बेड की कैपेसिटी है।</h5>
<h2>महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर, वाराणसी</h2>
<h5>वाराणसी में दूसरे कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 फरवरी 2019 को किया। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर (MPMMCC) की बेड कैपेसिटी 350 है। कैंसर के इलाज के लिए टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (TMH), मुंबई में लगभग 25% कैंसर रोगी उत्तर प्रदेश के हैं। अनुमान है कि उत्तर प्रदेश में हर साल लगभग 1.5 लाख नए कैंसर के मामले होंगे। इस प्रकार यूपी के वाराणसी में अत्याधुनिक कैंसर केंद्रों की आवश्यकता थी। ये कैंसर केंद्र मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के आसपास के क्षेत्रों को भी पूरा करेंगे।</h5>
<h2>बिहार के मुजफ्फरपुर में भी टाटा का कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर</h2>
<h5>बिहार में लोगों को राहत देने के लिए टाटा कैंसर हॉस्पिटल बनाया गया है। श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) मुजफ्फरपुर परिसर में अब कैंसर अस्पताल शुरू हो गया है। इसको लेकर बिहार सरकार ने टाटा मेमोरियल सेंटर के साथ एक MOU साइन किया गया, जिसके तहत SKMCH परिसर में 15 एकड़ की जमीन पर एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल बना है। 300 करोड़ की लागत से कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर में 100 बेड का अस्पताल बना है जहां सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, रेडियोलॉजी पैथोलॉजी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव रसायन, निवारक ऑन्कोलॉजी और उपशामक चिकित्सा की सुविधा है।</h5>
<h2>डॉ भुवनेश्वर बोरूहा कैंसर संस्थान (BBCI), गुवाहाटी, असम (Cancer Hospital in Assam North East)</h2>
<h5>डॉ भुवनेश्वर बोरूहा कैंसर संस्थान (BBCI), गुवाहाटी, असम की स्थापना एक स्वैच्छिक संगठन ने की थी जिसका नाम &#8216;डॉ बी बोरूआ कैंसर सोसायटी ट्रस्ट था। डॉ भुवनेश्वर बोरूआ (4 सितंबर 1893 &#8211; 25 सितंबर 1956) असम के एक महान चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी और परोपकारी थे। 1958 में गुवाहाटी में एक जनसभा में, डॉ भुवनेश्वर बोरूहा की स्मृति में गुवाहाटी में एक कैंसर अस्पताल स्थापित करने का निर्णय लिया गया। अब ये अस्पताल किफायती और सस्ते दामों पर मेडिकल और कैंसर इलाज की सुविधाएं दे रहा है। जो नॉर्थ ईस्ट के लिए एक वरदान है।</h5>
<h2>Homi Bhabha Cancer Hospital, संगरूर, पंजाब (Cancer Hospital in Punjab)</h2>
<h5>होमी भाभा कैंसर अस्पताल, संगरूर, पंजाब टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई और पंजाब सरकार का एक संयुक्त उद्यम है। पंजाब का का ये कैंसर अस्पताल जनवरी &#8211; 2015 से सिविल अस्पताल परिसर, संगरूर के अंदर पंजाब और आस-पास के राज्यों के मरीजों को सस्ती कीमत पर सभी पहलुओं में देखभाल और कैंसर के इलाज की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस अस्पताल को नवंबर &#8211; 2018 के दौरान 100 बेडेड सुविधा के लिए अपग्रेड किया गया। अब तक, 15000 से अधिक मरीजों का पंजीकरण एचबीसीएच, संगरूर द्वारा किया गया है। एक साल में 1.5 लाख से अधिक जांच की जाती हैं।</h5>
<h2>होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश (Cancer Hospital in Andhra Pradesh)</h2>
<h5>होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, विशाखापट्टनम, टाटा मेमोरियल सेंटर, भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग की एक इकाई है जो अग्नमपुड़ी, विशाखापट्टनम में लगभग 70 एकड़ के विशाल परिसर में 5 वर्षों से अधिक से चल रही है।</h5>
<h2>किदवई मेमोरियल इंस्टिट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी, बैंगलोर (Oncology Centres)</h2>
<h5>किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी भारत में कैंसर के इलाज के लिए सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है। साथ ही ये अस्पताल बीमारी के प्रभावी उपचार के लिए अत्याधुनिक मशीनों और आधुनिक बुनियादी ढांचे से भी लैस है। यह भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को मुफ्त में इलाज मुहैया कराता है। मार्केट रेट की तुलना में, किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट में बेची जाने वाली कैंसर की दवाएं कम से कम 40 से 60 प्रतिशत सस्ती हैं। कर्नाटक की राज्य सरकार इस संस्थान के साथ मिलकर काम करती है ताकि ज़रूरतमंदों तक योजनाओं को पहुंचाया जा सके और उनके कैंसर के इलाज के लिए फाइनेंसियल मदद प्रदान की जा सके।</h5>
<h2>डॉ बी.आर.ए. संस्थान &#8211; रोटरी कैंसर अस्पताल, दिल्ली (Cancer Hospital in Delhi)</h2>
<h5>डॉ बी.आर.ए. संस्थान &#8211; रोटरी कैंसर अस्पताल एम्स नई दिल्ली के कैंसर के उपचार का एक विशेष केंद्र है। यह वर्तमान में 200 बेड की उपलब्धता के साथ देश के सबसे पुराने कैंसर उपचार केंद्रों में से एक है।इसमें एक वैक्यूम-असिस्टेड एडवांस्ड मैमोग्राफी यूनिट भी है, जो भारत में अपनी तरह का पहला केंद्र है। ये अस्पताल देश के कुछ केंद्रों में से एक है, जिसमें हेमटोपोइएटिक स्टेम सेल बोन मैरो ट्रांसप्लांट प्रोग्राम की स्थापना की गई है जहां 250 से अधिक प्रत्यारोपण किए गए हैं।</h5>
<h2>कैंसर केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया, मुंबई</h2>
<h5>कैंसर से इलाज के लिए मुंबई से CCFI यानी कैंसर केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया, मुंबई द्वारा मुफ्त उपचार प्रदान किया जाता है। कैंसर के इलाज के लिए यहां आहार और पोषण संबंधी कंसल्टेशन के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और गोमूत्र चिकित्सा के सिद्धांतों का उपयोग भी किया जाता है। इन चारों ने एलोपैथ उपचारों का मुकाबला करने में कई मदद की है और कैंसर के इलाज में बेहतर साबित हुए हैं। कैंसर केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के नासिक और बेंगलुरु में भी केंद्र है।</h5>
<h2>रीजनल कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर, तिरुवनंतपुरम</h2>
<h5>रीजनल कैंसर सेंटर, तिरुवनंतपुरम अस्पताल को क्लीनिकल रिसर्च के साथ साथ मुफ्त उपचार प्रदान करने के लिए जाना जाता है। यहां सीटी स्कैनिंग और कीमोथेरेपी जैसे अत्याधुनिक सुविधाएं भी मुफ्त में दी जाती है। यहां लगभग 60 फ़ीसदी रोगियों को मुफ्त कैंसर उपचार किया जाता है जबकि मध्यम आय वर्ग के 29 फीसदी रोगियों को सब्सिडी प्रदान की जाती है। सभी प्रकार के कैंसर वाले बच्चे और बच्चे अपने आय वर्ग की परवाह किए बिना मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकते हैं।</h5>
<h2>टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, कोलकाता भी है कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर</h2>
<h5>इस अस्पताल में भी कैंसर के इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध है। इतना ही नहीं यहां आपको बहुत सस्ते में कैंसर की दवाई मिल सकती हैं।</h5>
<h2>सीएसआर (CSR in Cancer) के कुछ ऐसे पहल जो कैंसर से लड़ने में हो रहे है कारगर</h2>
<h5>लोगों के जीवन को अच्छा बनाने के एलजी ने विश्व कैंसर दिवस पर इंडियन कैंसर सोसायटी के साथ मिलकर एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है। एलजी अपने सीएसआर पहल से उन लोगों की मदद करेगी जो कैंसर की जांच का खर्च नहीं उठा सकते। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली एनसीआर में लगभग 1,100 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग के लिए 10 स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करना और लक्ष्य बनाना है। इस पहल के तहत, एलजी ने 25 लाख रुपये दान करने की योजना बनाई है जो जागरूकता बढ़ाने और स्क्रीनिंग शिविर स्थापित करने में मदद करेगा।</h5>
<h5>वहीं भारत की प्रमुख बीमा कंपनियों में से एक एसबीआई जनरल ने कैनकिड्स, द नेशनल सोसाइटी फॉर चेंज फॉर चाइल्डहुड कैंसर इन इंडिया जो कि एक गैर सरकारी संगठन है, इनके साथ हाथ मिलाया है। ये संस्था बच्चों के के कैंसर देखभाल में मदद करेगी। इस साझेदारी से कैंसर से पीड़ित बच्चों को चिकित्सा सुविधाओं के साथ अन्य मदद भी मिलेगी। इंडियन कैंसर सोसायटी के अनुसार, भारत में हर साल 50 हज़ार से अधिक बच्चों को कैंसर होता है।</h5>
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		<title>अब सीएम की तर्ज पर डीसीएम मेडिकल हेल्प का होगा सेल </title>
		<link>https://thecsrjournal.in/dcm-devendra-fadnavis-medical-help-maharashtra-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jan 2024 10:30:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अगर आप बीमार है और आपकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है तो महाराष्ट्र सरकार आपकी आर्थिक मदद करती है। इसके लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बाकायदा CM Medical Relief Cell बनाया है। मुख्यमंत्री मेडिकल हेल्प सेल की तर्ज पर अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के समकालीन राज्य [&#8230;]</p>
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<div id=":2h9" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" contenteditable="true" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":2jn" aria-controls=":2jn" aria-expanded="false">
<h5>अगर आप बीमार है और आपकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है तो महाराष्ट्र सरकार आपकी आर्थिक मदद करती है। इसके लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बाकायदा CM Medical Relief Cell बनाया है। मुख्यमंत्री मेडिकल हेल्प सेल की तर्ज पर अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के समकालीन राज्य स्तरीय विशेष चिकित्सा मदद कक्ष शुरू करने का फैसला किया है। DCM Devendra Fadnavis के इस फैसले से मंत्रालय में एक विभाग को लेकर <a href="https://www.maharashtra.gov.in/">CM</a> EKnath Shinde and DCM Devendra Fadnavis आमने-सामने आने वाले हैं। How to get free tratment &#8211; <a href="https://thecsrjournal.in/funds-medical-health-emergency-free-treatment-hindi/">read here</a></h5>
<h2>देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट है डीसीएम मेडिकल हेल्प सेल</h2>
<h5>देवेंद्र फडणवीस का यह विशेष चिकित्सा मदद कक्ष मंत्रालय में पांचवी मंजिल पर बनाया जा रहा है। जिसका उद्घाटन बहुत जल्द खुद देवेंद्र फडणवीस करने वाले हैं। इस DCM Medical Relief Cell के जरिए राज्य भर के वह जरूरतमंद मरीज जिनकी सालाना आय 1 लाख 80 हजार से कम होगी, राज्य के 450 से ज्यादा अस्पतालों में मुफ्त में इलाज करवा सकेंगे। मुंबई के कोकिलाबेन, लीलावती, ब्रीच कैंडी और हिंदुजा जैसे बड़े नामी गिरामी अस्पताल इसमें शामिल हैं। इस विशेष कक्ष की कमान रामेश्वर नाईक के हाथों में होगी।</h5>
<h2>450 अस्पतालों में किसी भी अस्पताल में असीमित इलाज करा सकेंगे लोग</h2>
<h5>Devendra Fadnavis का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। उपमुख्यमंत्री फडणवीस के राज्य स्तरीय विशेष चिकित्सा मदद कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाईक ने The CSR Journal से खास बातचीत करते हुए बताया कि जिन लोगों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार तक होगी वे लोग राज्य में 450 अस्पतालों में से किसी भी अस्पताल में असीमित इलाज करा सकेंगे। इसके अलावा जिन लोगों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार से 3 लाख 60 हजार के बीच होगी तो फिर उन्हें इलाज में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। गौरतलब है कि मरीजों का इसके तहत सभी बीमारियों का इलाज हो सकेगा।</h5>
<h2>सीएम रहते हुए देवेंद्र फडणवीस ने शुरू किया था मेडिकल हेल्प</h2>
<h5>मरीजों को कागजी कार्रवाई में ज्यादा परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके लिए 25 लोगों की एक टीम भी बनाई गई है, जो 24 घंटे काम करेगी। देवेंद्र फडणवीस ने जब साल 2014 में मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली थी उसके कुछ महीनों बाद ही राज्य के मरीजों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा मदद कक्ष शुरू करने का फैसला किया गया था। उद्धव ठाकरे के सत्ता संभालने के बाद इस कक्ष को बंद कर दिया गया था। हालांकि एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद फिर से इस कक्ष को शुरू किया गया था। इस समय मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष की जिम्मेदारी मंगेश चिवटे के ऊपर है।</h5>
<h2>सीएम मेडिकल हेल्प के जरिये एकनाथ शिंदे ने किये 180 करोड़ की मदद</h2>
<h5>मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के जरिए पिछले डेढ़ साल में 21 हजार से ज्यादा गरीब मरीजों को 180 करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक मदद जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता मदद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। भले मेडिकल हेल्प सेल के जरिये सीएम डीसीएम आमने सामने हो लेकिन फायदा इसमें मदद पाने वाले मरीजों को होगा।</h5>
</div>
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		<title>टाटा हॉस्पिटल आयुर्वेद से करेगा कैंसर का इलाज!</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/tata-memorial-cancer-hospital-ayurvedic-centre-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Dec 2023 11:20:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
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		<category><![CDATA[मुफ्त इलाज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=46434</guid>

					<description><![CDATA[<p>आने वाले दिनों में कैंसर का इलाज आयुर्वेद से होने की संभावना है। (Cancer Treatment with Ayurveda) कैंसर के मरीजों को कुछ वर्षों में उपचार का दूसरा विकल्प मिल सकता है। आयुर्वेद से कैंसर के ट्रीटमेंट को लेकर टाटा मेमोरियल अस्पताल (Tata Memorial Cancer Hospital) मुंबई से सटे खोपोली में रिसर्च सेंटर बना रहा है। [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>आने वाले दिनों में कैंसर का इलाज आयुर्वेद से होने की संभावना है। (Cancer Treatment with Ayurveda) कैंसर के मरीजों को कुछ वर्षों में उपचार का दूसरा विकल्प मिल सकता है। आयुर्वेद से कैंसर के ट्रीटमेंट को लेकर टाटा मेमोरियल अस्पताल (Tata Memorial Cancer Hospital) मुंबई से सटे खोपोली में रिसर्च सेंटर बना रहा है। यह देश का पहला अस्पताल होगा, जहां आयुर्वेद की मदद से कैंसर का उपचार किया जाएगा (India&#8217;s First Ayurvedic Cancer Hospital by Tata)। इस अस्पताल में कैंसर पर रिसर्च भी किया जायेगा। लगभग 21 एकड़ जमीन पर 100 बेड की क्षमता वाला अस्पताल साल 2026 तक तैयार हो जाएगा। खोपोली में बन रहे इस टाटा कैंसर रिसर्च सेंटर में कैंसर का कारगर इलाज करने वाली आयुर्वेदिक दवाइयों पर शोध किया जायेगा। यहां आयुर्वेद की मदद से रिसर्च और ट्रीटमेंट पर ही फोकस किया जायेगा।</h5>
<h2>टाटा में कैंसर के इलाज को असरदार बनाएगा आयुर्वेद!</h2>
<h5>फिलहाल टाटा मेमोरियल सेंटर में कैंसर मरीजों का उपचार एलोपैथिक से किया जा रहा है (Cancer Treatment in Mumbai)। मरीजों के पास इस गंभीर बीमारी के उपचार के लिए यही एक मात्र विकल्प है। ये एलोपैथी ट्रीटमेंट काफी खर्चीला होता है। जिसे हर कोई अफ़्फोर्ड नहीं कर पाता है, इसके साथ ही कई साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। कैंसर के इलाज में आयुर्वेदिक पद्धति से कैंसर का आज भी कोई कारगर उपचार संभव नहीं है। इसलिए मेडिसिनल और देसी आयुर्वेदिक दवाइयों पर इस सेंटर में रिसर्च किया जायेगा ताकि अलोपॅथी और आयुर्वेदिक पद्धति से मौजूदा इलाज को बेहतर बनाया जा सके और कैंसर रोगियों पर वह असरदार भी हो।</h5>
<h2>टाटा अस्पताल में कैंसर के इलाज के लिए कारगर हो सकती है देसी जड़ी बूटियां</h2>
<h5>जिस व्यक्ति को एक बार कैंसर हो जाता है और वह इलाज करवाता है तो उसे साइड इफ़ेक्ट भी सहना पड़ता है। इतना ही नहीं कैंसर के दोबारा होने की संभावना भी होती है। इसलिए ऐसी दवा को बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि ट्रीटमेंट खत्म होने के बाद भी मरीज की इम्यूनिटी को बढ़ा सके। टाटा अपने इस खोपोली सेंटर पर मेडिसिनल प्लांट्स व हर्ब्स की मदद से ऐसी दवाइयों की खोज करेंगे जो मरीजों का कारगर तरीके से इलाज करने में मदद कर सके।</h5>
<h2>टाटा बना रहा है भारत का पहला कैंसर अस्पताल, जो आयुर्वेद पद्धति से कैंसर पर शोध और उपचार करेगा</h2>
<h5>The CSR Journal से ख़ास बातचीत करते हुए Tata Memorial Centre के नवनियुक्त डायरेक्टर डॉ. सुदीप गुप्ता ने बताया कि Tata Cancer Hospital को महाराष्ट्र सरकार ने खोपोली में जमीन उपलब्ध कराई है जहां Tata Cancer Treatment Centre बनाया जा रहा है और इस सेंटर में बाकायदा पारम्परिक कैंसर ट्रीटमेंट के साथ साथ आयुर्वेद पद्धति पर भी रिसर्च किया जायेगा और ख़ास बात ये भी डॉ. सुदीप गुप्ता ने बताया कि हम इस सेंटर पर मेडिसिनल प्लांट को खुद उगाएंगे, उसका संरक्षण करेंगे और रिसर्च केंद्र में उस पर ट्रायल किया जाएगा। TMC Director Dr. Sudeep Gupta ने बताया कि कई बार हमने देखा है कि सोशल मीडिया जैसे वॉट्सऐप, फेसबुक, यू-ट्यूब पर कुछ मेडिसिनल प्लांट और हर्ब्स की मदद से कैंसर को ठीक करने का दावा किया जाता है, जो गलत होते हैं। हमारा रोल यही होगा कि उन आयुर्वेद दवाइयों पर रिसर्च करना और यह पता लगाना कि क्या वाकई में यह दवाइयां कैंसर के इलाज में मददगार हैं या नहीं।</h5>
<h2>पूरे पूरे भारत में कैंसर उपचार के लिए बने हब, फिलहाल देश को 30-40 Cancer Care Hub की जरुरत</h2>
<h5>भारत सरकार और परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत संचालित टाटा मेमोरियल सेंटर (<a href="https://tmc.gov.in/index.php/en/">टीएमसी</a>) के डायरेक्टर डॉ सुदीप गुप्ता ने बताया कि भारत के सात राज्यों में अपने 11 अस्पतालों में सालाना 1.25 लाख नए कैंसर मरीजों का पंजीकरण हुआ है जो कि ये एक चिंता का विषय है। इन अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंदों की या तो मुफ्त या फिर बहुत सस्ते दामों पर इलाज किया जाता है। (Free and Affordable Cancer Care in India) टीएमसी के हाल ही में नियुक्त निदेशक डॉ. सुदीप गुप्ता बताते हैं कि वर्तमान राष्ट्रीय कैंसर मामले सभी केंद्रों में 13,00,000 हैं, लेकिन अगले 10 से 15 वर्षों में इसके 24,00,000 तक बढ़ने की उम्मीद है। इस अलार्मिंग सिचुएशन को देखते हुए डॉ. गुप्ता ने भारत सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है जिसमे उन्होंने पूरे देश में कैंसर उपचार के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल के कार्यान्वयन की वकालत की है। इस प्रस्ताव में 30 से 40 देश भर में कैंसर के इलाज के लिए विशेष केंद्र स्थापित करने की बात कही गयी है। इस Cancer Hub in India की मदद से कैंसर के इन केंद्रों के रणनीतिक भौगोलिक वितरण से इलाज और अस्पताल की पहुंच आसानी से सुनिश्चित की जा सकेगी।</h5>
<h2>कॉरपोरेट कंपनियां खुप करती है टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में सीएसआर</h2>
<h5>The CSR Journal से ख़ास बातचीत करते हुए Tata Memorial Centre के नवनियुक्त डायरेक्टर डॉ. सुदीप गुप्ता ने बताया कि Tata Cancer Hospital को बड़े पैमाने पर देश की Corporates अपना CSR फंड देती है। CSR for Cancer की मदद से गरीब और जरूरतमंद मरीजों के कैंसर का इलाज संभव हो पा रहा है।सीएसआर की मदद से देश की कॉर्पोरेट कंपनियां बड़े पैमाने पर कैंसर जैसी घातक बिमारियों पर अपना सीएसआर फंड खर्च कर रही है और बड़े स्तर पर टाटा मेमोरियल अस्पताल में सीएसआर की एक्टिविटीज कर रही है। कैंसर से लड़ने के लिए देश की बड़ी सरकारी कंपनियों ने सीएसआर के तहत टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल और सेंटर को दान दिया है, पीएसयू की सीएसआर एक्टिविटीज की वजह से ही अस्पताल में बड़े पैमाने पर सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम हो रहा है, सीएसआर की मदद से ही अत्याधुनिक इक्विपमेंट और मशीनें अस्पताल में आ रही है, इन सुविधाओं का सीधा फायदा मरीज ही उठाता है।</h5>
<h2>मौत देता कैंसर, <a href="https://thecsrjournal.in/cancer-and-csr/">सीएसआर देती जिंदगी</a></h2>
<h5>डॉ. सुदीप गुप्ता ने कुछ कॉरपोरेट्स का नाम गिनवाते हुए उनका शुक्रिया अदा किया और बताया कि इनफ़ोसिस ने अपने CSR Funds से टाटा अस्पताल को आशा निवास बना कर दिया है जिसमे 300 रूम है। मुंबई और महाराष्ट्र के बाहर से आने वाले मरीजों को यहां ठहरने की उत्तम व्यवस्था है जिनके लिए ये आशा निवास बहुत कारगर सिद्द हो रही है। वही बच्चों के लिए भी सीएसआर से रहने के लिए घर प्रोवाइड किये जाते है। बच्चों के इलाज के लिए 6 महीने लग जाते है ऐसे में पीड़ित बच्चे और उनके माता पिता के लिए सेंट जूड इंडिया चाइल्ड केयर सेंटर चलाया जाता है, ये भी सीएसआर से चलाया जाता है। इनके आलावा अन्य मेडिकल उपकरण जो बहुत महंगे होते है वो भी PSU In India और कॉरपोरेट्स द्वारा दिए जाते है। बहरहाल सीएसआर एक ऐसा माध्यम बनता जा रहा है जिससे ना सिर्फ लोगों की जिंदगियों में बदलाव आ रहा है बल्कि कैंसर जैसे घातक बीमारी को भी सीएसआर मात दे रहा है।</h5>
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		<title>सीएसआर से कैंसर मरीजों की सेवा करने वाले बालको मेडिकल सेंटर को मिला अवॉर्ड</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/balco-medical-centre-csr-won-awards-for-cancer-treatment-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Dec 2023 11:04:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[balco medical centre]]></category>
		<category><![CDATA[Cancer Treatment]]></category>
		<category><![CDATA[free cancer treatment]]></category>
		<category><![CDATA[free treatment]]></category>
		<category><![CDATA[tata cancer hospital]]></category>
		<category><![CDATA[कैंसर]]></category>
		<category><![CDATA[बालको मेडिकल सेंटर]]></category>
		<category><![CDATA[मुफ्त इलाज]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अपने सीएसआर से मरीजों की सेवा करने के लिए बालको मेडिकल सेंटर को देश का सबसे प्रतिष्ठित सीएसआर अवॉर्ड्स दी सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2023 (The CSR Journal Excellence Awards 2023) मिला है। 9 दिसंबर को सम्पन्न हुए दी सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2023 में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>अपने सीएसआर से मरीजों की सेवा करने के लिए बालको मेडिकल सेंटर को देश का सबसे प्रतिष्ठित सीएसआर अवॉर्ड्स दी सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2023 (The CSR Journal Excellence Awards 2023) मिला है। 9 दिसंबर को सम्पन्न हुए दी सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2023 में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दी सीएसआर जर्नल (The CSR Journal) द्वारा आयोजित सीएसआर पुरस्कार समारोह में कुल 6 कैटेगरीज में हेल्थ एंड सैनिटेशन में बालको मेडिकल सेंटर, (वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन) ने (Balko Medical Centre won The CSR Journal Excellence Awards 2023) ने बाजी मारी। तो वहीं Tata Capital Financial Services Limited दूसरे पायदान पर रहा और ICICI Lombard General Insurance Limited तीसरे नंबर पर रहा।</h5>
<h2>क्या है बालको मेडिकल सेंटर का सीएसआर प्रोजेक्ट</h2>
<h5>Health and Sanitation Category में दी सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवार्ड 2023 में Balco Medical Centre Vedanta Medical Research Foundation को भारत में स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से उनके सीएसआर प्रोजेक्ट Excellence in Patient Service Delivery के लिए प्रदान किया गया है। अगर आप कैंसर से पीड़ित है और आप एक बेहतर और अत्याधुनिक इलाज चाहते हैं तो आपको अब टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई नहीं आना पड़ेगा, आपका अच्छे से अच्छा इलाज छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी संभव है। बालको मेडिकल सेंटर (Balco Medical Centre) अपने CSR Project Excellence in Patient Service Delivery भारत में सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में सक्रिय रूप से योगदान देता है। Balco Medical Centre कैंसर डिटेक्शन, कैंसर होने के बाद इलाज और देखभाल, जीवन के अंत तक मरीजों की केयरिंग, पौष्टिक भोजन, आवास, सभी उम्र के लिए ट्रांसपोटेशन के कारण अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करता है।</h5>
<h2>अब सीएसआर से छत्तीसगढ़ के रायपुर में <a href="https://thecsrjournal.in/world-cancer-day-affordable-cancer-treatment-centres-hindi/">कैंसर</a> का इलाज संभव</h2>
<h5>मरीजों को केंद्र में रखते हुए उनकी भलाई, आराम और संतुष्टि को BMC प्राथमिकता देती है। अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से, बालको गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल को सभी के लिए सुलभ बनाने का प्रयास कर रही है। बालको गरीबी रेखा से नीचे आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए पोषण और परिवहन जैसी चुनौतियों का समाधान करते हुए अपने सीएसआर के तहत मरीजों के शारीरिक, पोषण और भावनात्मक कल्याण को शामिल करता हो। इसलिए Balco ने इन जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी सीएसआर प्रोजेक्ट Excellence in Patient Service Delivery शुरू की। इस Corporate Social Responsibility परियोजना को तीन पहलों में विभाजित किया है &#8211; सुख सराय &#8211; मरीजों और तीमारदारों के लिए रियायती आवास, सभी मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए निःशुल्क पिक अप और ड्रॉप, सभी डे-केयर रोगियों के लिए प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार की निःशुल्क उच्च प्रोटीन का खाना बालको द्वारा दिया जाता है।</h5>
<h2>वेदांता ग्रुप का फ्लैगशिप सीएसआर प्रोग्राम है बालको मेडिकल सेंटर</h2>
<h5>वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (Vedanta Medical Research Foundation) का बालको मेडिकल सेंटर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जहां ना सिर्फ रायपुर छत्तीसगढ़ के जरूरतमंद लोगों को एक विश्वस्तरीय और किफायती Cancer Treatment मिल रहा है। बल्कि मध्य भारत का श्रेष्ठ कैंसर उपचार केंद्र के तौर पर बालको स्थापित हो रहा है। Balco Medical Centre की मेडिकल डायरेक्टर डॉ भावना सिरोही ने The CSR Journal से ख़ास बातचीत करते हुए बताया कि “बालको मेडिकल सेंटर वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (Vedanta Medical Research Foundation) का पहला फ्लैगशिप CSR Initiatives है जहां पर सीएसआर की मदद से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा रहा है। सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि ओड़िसा, मध्य प्रदेश, झारखंड जैसे राज्यों से मरीज अपना इलाज कराने सेंटर आते है। Corporate Social Responsibility की मदद से दूर दराज से आये मरीजों को रहने के लिए सुख सराय नामक जगह की स्थापना भी की गयी है। ग्रामीण और रिमोट इलाकों में Cancer Screening Van भी बालको मुहैया कराती है”।</h5>
<h2>मध्य भारत में बालको मेडिकल सेंटर है कैंसर मरीजों के लिए उपयोगी</h2>
<h5>कैंसर के बढ़ते मामले और खतरों को देखते हुए देश के दूसरे छोटे शहरों में गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार सुविधाओं की कमी को देखते हुए वेदांता ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बालको मेडिकल सेंटर की स्थापना की है। <a href="https://www.balcomedicalcentre.com/">Balco Medical Centre</a> (Cancer Hospital in Raipur Chhattisgarh) के जरिए समुदाय के हर तबके के जरूरतमंद लोगों को उच्चस्तरीय उपचार सुविधा दी जा रही है। Balco Medical Centre (BMC) की शुरुआत मार्च 2018 में हुई है। कैंसर के सभी रोगों का इलाज इस बालको मेडिकल सेंटर में किया जाता है। छतीसगढ़ का रायपुर शहर मध्य भारत का महत्वपूर्ण स्थान है जहां देश के कोने कोने से लोग एक ही छत के नीचे कैंसर के इलाज के लिए अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता हासिल कर सकते है। Balco Medical Centre 170 बिस्तरों वाला कैंसर ट्रीटमेंट अस्पताल है और अबतक यहां 13500 मरीजों को कैंसर से मुक्त किया गया है।</h5>
<h2>इलाज की कमी, पैसों का अभाव और वेटिंग से परेशान कैंसर मरीज बीच में ही छोड़ देते है ट्रीटमेंट</h2>
<h5>सीएसआर की मदद से बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) की संकल्पना मध्य भारत में कैंसर के इलाज के लिए की गई थी। मध्य भारत में कैंसर के मामलों और मृत्यु की बढ़ती संख्या ने एक आपातकालीन स्थिति पैदा कर दी है। प्रत्येक वर्ष, दस लाख से अधिक भारतीय कैंसर से पीड़ित हो रहे है। गांवों और छोटे शहरों के मरीजों को कैंसर की देखभाल और इलाज के लिए मुंबई दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। जिससे मेट्रो शहरों में मौजूदा कैंसर हॉस्पिटल पर दबाव पड़ता है और अंततः वेटिंग की अवधि बढ़ जाती है जिससे इलाज में देरी होती है। इसके अलावा, चुनौतियाँ केवल निदान से परे हैं। मरीज़ और उनके तीमारदार जो अपने इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों या फिर महानगरों में जाते है, वहां उन्हें रहने की व्यवस्था करने, भाषा को समझने, आर्थिक अस्थिरता से निपटने, प्रियजनों को पीछे छोड़ने और बीमारी के भावनात्मक तनाव से निपटने की कठिन चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। इन बाधाओं के परिणामस्वरूप अक्सर मरीज़ अपना इलाज बंद कर देते हैं जिससे उनकी जान भी चली जाती है। ऐसे में बालको जैसे कैंसर सेंटर मरीजों के लिए वरदान साबित होते है।</h5>
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		<item>
		<title>बीमारियों से ग्रसित है? तो आईये इस आरोग्य मेले में जहां होता है बड़ी से बड़ी बीमारियों का इलाज</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/health-arogya-mela-to-expand-as-ayushman-mela-all-over-india-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Jul 2023 10:25:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[free treatment]]></category>
		<category><![CDATA[Health News]]></category>
		<category><![CDATA[मुफ्त इलाज]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अगर आप बीमारियों से ग्रसित है और आपको समझ में नहीं आ रहा है कि कहां, किस अस्पताल में और कैसे बीमारी का इलाज करवाएं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। अब एक छत के नीचे आपके सभी सवालों का जवाब मिलेगा। बस आपको आरोग्य मेले में आना होगा जहां आपके हर जिज्ञासा [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>अगर आप बीमारियों से ग्रसित है और आपको समझ में नहीं आ रहा है कि कहां, किस अस्पताल में और कैसे बीमारी का इलाज करवाएं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। अब एक छत के नीचे आपके सभी सवालों का जवाब मिलेगा। बस आपको आरोग्य मेले में आना होगा जहां आपके हर जिज्ञासा का समाधान होगा। दरअसल मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में एक ही स्थान पर जनता को ट्रिपल डी यानी डॉक्टर, ड्रग्स और डायग्नोस्टिक की मुफ्त सुविधा उपलब्ध होती है, जिसमें मरीजों को एक ही जगह पर हर बीमारियों के एक्सपर्ट डॉक्टर से कंसल्टिंग, जांच व दवाओं की मुफ्त सुविधा मिलती है।</h5>
<h2>योगी सरकार के अभियान को मॉडल के रूप में लेगी केंद्र सरकार, पूरे देश में लगेगा <a href="https://thecsrjournal.in/free-treatment-maharashtra-5-lakhs-in-all-hospitals-under-mjpjay-hindi/">आयुष्मान</a> मेला</h2>
<h5>समाज के अंतिम पायदान के लोगों को Medical Help सुलभ कराने के लिए दो अप्रैल 2020 को Uttar Pradesh में Mukhyamantri Jan Arogya Mela मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला की शुरुआत की गई थी। एक ही स्थान पर डॉक्टरी इलाज, जांच व दवाओं की निशुल्क सुविधा होने से यह मेला जनसामान्य में बेहद लोकप्रिय हुआ। इस सफलता को देखते हुए अब पूरे देश में यूपी जैसे जन आरोग्य मेले लगेंगे। योगी सरकार के इस अभियान को केंद्र सरकार मॉडल के रूप में लेकर पूरे देश में आयुष्मान मेला (<a href="https://abha.abdm.gov.in/">Ayushman</a> Mela for Health) लगाएगी।</h5>
<h2>तत्काल मिलता है इलाज, गंभीर रोगी होते हैं बड़े अस्पतालों में रेफर, 12 करोड़ से अधिक लोगों को हुआ है लाभ</h2>
<h5>Uttar Pradesh में Mukhyamantri Jan Arogya Mela में आए मरीजों को तत्काल इलाज मिलता है और गंभीर रोगी बड़े अस्पतालों में रेफर किए जाते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा था कि स्वास्थ्य क्षेत्र में समृद्ध-स्वस्थ यूपी का सफल मॉडल अब पूरा देश लागू करेगा। प्रत्येक रविवार को लगने वाले इस मेले में अब तक पूरे प्रदेश के 12 करोड़ से अधिक मरीज लाभान्वित हुए। इसका लाभ जन-जन को मिला है। स्वास्थ्य सुविधाओं, जांच-उपचार, गोल्डन कार्ड के वितरण के साथ ही स्वास्थ्य योजनाओं की उपलब्धता के कारण यह मेला आमजन के हित में रहा। इसे मरीजों ने काफी सराहा भी। इस मेले की सफलता को देखते हुए अब केंद्र सरकार भी पूरे देश में आयुष्मान मेला लगाने की तैयारी कर रही है।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/health-arogya-mela-to-expand-as-ayushman-mela-all-over-india-hindi/">बीमारियों से ग्रसित है? तो आईये इस आरोग्य मेले में जहां होता है बड़ी से बड़ी बीमारियों का इलाज</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<item>
		<title>मुंबई &#8211; सरकारी अस्पताल में बढ़ेंगे बेड, पहली बार सुपर स्पेशलिटी सेवा</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/mumbai-bmc-govt-hopitals-upgrading-to-serve-mumbaikars-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 May 2023 10:29:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC)]]></category>
		<category><![CDATA[free treatment]]></category>
		<category><![CDATA[government hospital]]></category>
		<category><![CDATA[health]]></category>
		<category><![CDATA[healthcare]]></category>
		<category><![CDATA[mumbai csr]]></category>
		<category><![CDATA[मुफ्त इलाज]]></category>
		<category><![CDATA[सरकारी अस्पताल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मुंबई में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी लगातार काम कर रही है। बीएमसी के अधीन आने वाले मुंबई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं परिवर्तन के दौर से गुजर रही हैं। मुंबई के इन बीएमसी अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है। मुंबई सबर्बन के कुल 16 अस्पतालों में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mumbai-bmc-govt-hopitals-upgrading-to-serve-mumbaikars-hindi/">मुंबई &#8211; सरकारी अस्पताल में बढ़ेंगे बेड, पहली बार सुपर स्पेशलिटी सेवा</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>मुंबई में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी लगातार काम कर रही है। बीएमसी के अधीन आने वाले मुंबई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं परिवर्तन के दौर से गुजर रही हैं। मुंबई के इन बीएमसी अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है। मुंबई सबर्बन के कुल 16 अस्पतालों में से आधे यानी 8 अस्पतालों का तेजी से पुनर्विकास और विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही दो नए अत्याधुनिक अस्पताल भी बन रहे हैं।</h5>
<h2>मुंबई के सरकारी अस्पताल में पहली बार सुपर स्पेशलिटी सेवा</h2>
<h5><a href="https://www.mcgm.gov.in/">बीएमसी</a> की इस पहल से ना सिर्फ मेडिकल स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा बल्कि बिस्तरों की संख्या में भी वृद्धि होगी। ये हॉस्पिटल सुपर स्पेशलिटी सेवाएं भी देंगी जिसके लिए 1099 बिस्तर सीधे उपलब्ध होंगे। Mumbai Medical Infrastructure का कोरोना काल में क्या हाल रहा ये किसी से छुपा नहीं है। Hospital और Free Treatment की कमी से शासन प्रशासन की बहुत किरकिरी हुई थी जिसके बाद सबक लेते हुए BMC प्रशासन ने स्वास्थ्य देखभाल पर बहुत ध्यान केंद्रित किया। जिसका परिणाम है कि मुंबई की स्वास्थ्य सेवाओं (Health Services in Mumbai) को हर स्तर पर सुदृढ़ किया जा रहा है।</h5>
<h2>मुंबई के इस सरकारी अस्पताल को किया जा रहा है रेनोवेट</h2>
<h5>इसमें पश्चिमी उपनगर में के बी भाभा हॉस्पिटल (बांद्रा), सिद्धार्थ अस्पताल (गोरेगांव), भगवती अस्पताल (बोरीवली), क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले अस्पताल (बोरीवली, पूर्व), भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर म्यूनिसिपल जनरल हॉस्पिटल (कांदिवली) में 5 अस्पताल हैं। साथ ही, पंडित मदनमोहन मालवीय शताब्दी हॉस्पिटल (गोवंडी), क्रांतिवीर महात्मा ज्योतिबा फुले अस्पताल (विक्रोली), एम टी अग्रवाल अस्पताल (मुलुंड) में तीन अस्पतालों का पुनर्विकास और विस्तार किया जा रहा है। भांडुप मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल (नाहुर) और संघर्ष नगर अस्पताल (चांदीवली) नामक दो नए अस्पताल का भी निर्माण तेजी से हो रहा है। इन दस अस्पतालों का काम पूरा होने के बाद इनकी वर्तमान बिस्तर क्षमता 1 हजार 405 से बढ़कर कुल 3 हजार 964 हो जाएगी। यानी नए 2 हजार 559 अस्पताल के बिस्तर जोड़े जाएंगे।</h5>
<h2>स्वास्थ्य सेवा में एक बड़ी छलांग, मुंबई के अस्पतालों की ये हो जाएगी क्षमता</h2>
<h5>सभी 16 उपनगरीय अस्पतालों की कुल बेड क्षमता मौजूदा 3 हजार 584 से बढ़ाकर 2 हजार 559 बेड की जाएगी, यानी सभी उपनगरीय अस्पतालों की कुल बेड क्षमता 6 हजार 143 हो जाएगी। मुंबई के इन अस्पतालों का पुनर्विकास, विस्तार परियोजना Eastern और Western Suburb में अस्पतालों को कुशल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाएगी। इन प्रोजेक्ट से न्यूमेरिकल और क्वालिटेटिव एडिशन होगा। अगर आकड़ों की बात करें तो फिलहाल में मुंबई के उपनगरीय अस्पतालों की क्षमता 3 हजार 584 है। दो नए अस्पतालों और कुल 2,559 बिस्तरों के साथ, यह संख्या 18 उपनगरीय अस्पतालों और 6,143 बिस्तरों की हो जाएगी। उपनगरीय अस्पताल में अभी 6 हजार 790 कर्मचारी कार्यरत हैं। करीब 5 हजार 500 नए कर्मचारियों को जोड़ने पर यह संख्या 12 हजार 990 हो जाएगी।</h5>
<h2>बढ़ेंगे आईसीयू, एनआईसीयू, आईपीसीयू बेड</h2>
<h5>मुंबई के इन अस्पतालों में आईसीयू, एनआईसीयू और आईपीसीयू बेड की संख्या वर्तमान में 249 है। इन अस्पतालों में 456 के जुड़ने से यह संख्या 705 हो जाएगी। हालांकि उपनगरीय अस्पतालों में विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाएं हैं, वर्तमान में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं प्रदान नहीं की जाती हैं। लेकिन अब यह कमी दूर हो जाएगी और आने वाले समय में 1 हजार 099 सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में बिस्तर उपलब्ध हो जाएंगे।</h5>
<h2>अपने <a href="https://thecsrjournal.in/free-treatment-maharashtra-5-lakhs-in-all-hospitals-under-mjpjay-hindi/">मुफ्त</a> एवं अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं के लिए मशहूर है बीएमसी के अस्पताल</h2>
<h5>अपने मुफ्त एवं अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं (Free Super Specialty Hospital in Mumbai) के लिए मुंबई के बीएमसी के अस्पताल मशहूर है। Mumbai BMC द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता की देश में प्रशंसा की जाती है। यहां के प्रमुख अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से आने वाली मेडिकल पीढ़ियां न केवल देश में बल्कि दुनिया भर में मरीजों की सेवा कर रही हैं। बीएमसी की ये पहल स्वास्थ्य सेवा में एक बड़ी छलांग है।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mumbai-bmc-govt-hopitals-upgrading-to-serve-mumbaikars-hindi/">मुंबई &#8211; सरकारी अस्पताल में बढ़ेंगे बेड, पहली बार सुपर स्पेशलिटी सेवा</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<title>महाराष्ट्र &#8211; अब डेढ़ नहीं बल्कि 5 लाख तक पाएं मुफ्त इलाज</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/free-treatment-maharashtra-5-lakhs-in-all-hospitals-under-mjpjay-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Mar 2023 10:17:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[free medical help]]></category>
		<category><![CDATA[free treatment]]></category>
		<category><![CDATA[एकनाथ शिंदे]]></category>
		<category><![CDATA[फ्री ट्रीटमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[मुफ्त इलाज]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) अपने संवेदनशीलता के लिए जानें जाते हैं। मुख्यमंत्री की कमान संभालने के बाद महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार ने अपने पहले बजट में आम नागरिकों के लिए अपना पिटारा खोल दिया है। वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के गरीब नागरिकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण घोषणा [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-cm-eknath-shinde-loknath-social-initiatives-hindi/">एकनाथ शिंदे</a> (CM Eknath Shinde) अपने संवेदनशीलता के लिए जानें जाते हैं। मुख्यमंत्री की कमान संभालने के बाद महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार ने अपने पहले बजट में आम नागरिकों के लिए अपना पिटारा खोल दिया है। वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के गरीब नागरिकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण घोषणा की। अब महाराष्ट्र के सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना (Mahatma Jyotiba Phule Jan Arogya Yojana) का दायरा बढ़ाया गया है।</h5>
<h5>अभी तक महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत नागरिकों को डेढ़ लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज, सर्जरी, थेरेपी आदि की सुविधा मिलती थी। इस सीमा को अब बढ़ाकर 5 लाखरुपये कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस फैसले से गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के नागरिकों को बहुत लाभ होगा, जो इलाज के लिए पूरी तरह से सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं। ऐसे में अब महाराष्ट्र के नागरिकों को महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष में अस्पताल में पांच लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा।</h5>
<h2>महाराष्ट्र में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होगा मुफ्त इलाज</h2>
<h5>खास बात यह भी है कि महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना ना सिर्फ सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है बल्कि प्राइवेट अस्पतालों में भी जरूरतमंद अपना मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इस बार 200 नए अस्पतालों को भी शामिल किया गया है। इससे आम नागरिकों को इलाज के लिए अस्पताल के कई नए विकल्प मिल रहे है। साथ ही सरकार ने किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख कर दिया है। मुंबईकरों को घर के पास इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए शुरू की गई &#8216;हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना&#8217; योजना को अब पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। पूरे महाराष्ट्र में 700 बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना यानी मुफ्त क्लिनिक शुरू करने की घोषणा की गई है।</h5>
<h2>महाराष्ट्र में इतने लोगों ने उठाया है मुफ्त इलाज का लाभ</h2>
<h5>एमजेपीजेएवाय और प्रधानमंत्री आयुष्मान जन आरोग्य योजना के तहत 2021-22 में 8 लाख, 47 हजार लोगों का ऑपरेशन या इलाज किया गया, जबकि दिसंबर 2022-23 के अंत तक 6 लाख, 25 हजार लोगों का ऑपरेशन और इलाज किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में राज्य सरकार ने माता सुरक्षित तो बाल सुरक्षित अभियान पर जोर दिया है। इस अभियान के तहत राज्यभर में 4 करोड़ महिलाओं की स्क्रीनिंग सहित इलाज करने की घोषणा की गई है। इससे राज्य में होने वाली नवजात मृत्यु, माता मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी घोषणा बजट में की गई है।</h5>
<h2>राज्य में बनेंगे 14 सरकारी मेडिकल कॉलेज</h2>
<h5>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट भाषण में घोषणा की है कि राज्य में 14 जगहों पर सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। ये मेडिकल कॉलेज सातारा, अलीबाग, सिंधुदुर्ग, धाराशिव, परभणी, अमरावती, भंडारा, जलगांव, रत्नागिरी, गडचिरोली, वर्धा, बुलढाणा, पालघर और अंबरनाथ में बनाए जाएंगे। इसके अलावा मानसिक परेशानी और नशाखोरी की बढ़ती समस्या के मद्देनजर जालना, भिवंडी, पुणे और नागपुर में नए नशा मुक्ति केंद्र खोले जाएंगे।</h5>
<h5>जिनके पास इलाज के पर्याप्त पैसे नहीं होते है, सरकारी योजनाओं से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Maharashtra CM Eknath Shinde) और सांसद श्रीकांत शिंदे (MP Shrikant Shinde) गरीब और जरूरतमंद मरीजों की आर्थिक मदद करते रहते है। सीएम एकनाथ शिंदे द्वारा मदद और इंसानियत का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के माध्यम से मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से जरूरतमंदों की मदद में लगातार इजाफा हो रहा है।</h5>
<h2>अक्षम को सक्षम करती है मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधी</h2>
<h5>जो मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आर्थिक तौर पर सक्षम नहीं है। कभी-कभी इन मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा होता है और मरीज के परिजनों का पैसा खत्म हो जाता है ऐसे में मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधी ऐसे मरीजों और परिजनों के लिए बहुत मददगार साबित होता है। पूरे राज्य भर में जरूरतमंद और गरीब मरीजों इलाज के लिए एकनाथ सरकार मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधी के अंतर्गत तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करती है।</h5>
<h2><a href="https://www.jeevandayee.gov.in/">मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधी</a> कैसे प्राप्त करें?</h2>
<h5>मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधी टोल फ्री नं. : 8650567567</h5>
<h5>ईमेल आईडी &#8211; aao.cmrf-mh@gov.in</h5>
<h5>मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज</h5>
<h5>1. आवेदन (निर्धारित प्रारूप में)<br />
2. निदान और उपचार के लिए किए गए मेडिकल खर्च का प्रमाण पत्र आवश्यक है। (निजी अस्पताल के मामले में सिविल सर्जन से प्रमाणीकरण आवश्यक है।)<br />
3. तहसीलदार कार्यालय से आय प्रमाण पत्र। (1.60 लाख रुपये से कम होना चाहिए।)<br />
4. रोगी का आधार कार्ड (महाराष्ट्र राज्य) शिशु (बाल रोगियों) के लिए माता का आधार कार्ड आवश्यक है।<br />
5. रोगी का राशन कार्ड (महाराष्ट्र राज्य का होना जरुरी है)<br />
6. संबंधित बीमारी की रिपोर्ट आवश्यक है।<br />
7. दुर्घटना के मरीजों के लिए रिपोर्ट जरूरी है।<br />
8. ट्रांसप्लांट रोगियों के लिए एनडीएयू/सरकारी समिति की स्वीकृति आवश्यक है।<br />
9. यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पताल का रिकॉर्ड मुख्यमंत्री सहायता कोष कार्यालय के कंप्यूटर सिस्टम पर हो।</h5>
<h5>● यदि ई-मेल के माध्यम से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आवेदन के साथ सभी दस्तावेज पीडीएफ प्रारूप में भेजे जाने चाहिए। एवं उसकी मूल प्रति तत्काल मुख्यमंत्री सहायता कोष में डाक द्वारा भिजवाई जाए।</h5>
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