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	<title>देवेंद्र फड़णवीस Archives - The CSR Journal</title>
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	<title>देवेंद्र फड़णवीस Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>Devendra Fadnavis vs Eknath Shinde: एकनाथ शिंदे को बड़ा झटका, फाइलें अब बिना मुख्यमंत्री की मंजूरी के नहीं होंगी पास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Jul 2025 11:25:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>अब सभी योजनाओं को मंजूरी से पहले लेनी होगी मुख्यमंत्री की स्वीकृति महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा झटका देते हुए नगर विकास विभाग (Urban Development Department) से जुड़ी सभी योजनाओं पर मुख्यमंत्री की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h2>अब सभी योजनाओं को मंजूरी से पहले लेनी होगी मुख्यमंत्री की स्वीकृति</h2>
<h5>महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा झटका देते हुए नगर विकास विभाग (Urban Development Department) से जुड़ी सभी योजनाओं पर मुख्यमंत्री की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब महानगरपालिका चुनाव नजदीक हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन में अंदरूनी खींचतान सामने आ रही है।</h5>
<h2>Devendra Fadnavis vs Eknath Shinde: नगर विकास विभाग पर सियासी खींचतान</h2>
<h5>उपमुख्यमंत्री शिंदे के पास नगर विकास विभाग (Nagari Vikas Vibhag) है, जो राज्य के शहरी इलाकों में विकास कार्यों के लिए बजट आवंटित करता है। हाल के महीनों में शिवसेना (शिंदे गुट) द्वारा अन्य दलों के पार्षदों को पार्टी में शामिल कर उन्हें बड़े पैमाने पर विकास निधि (Development Fund) देने की शिकायतें सामने आई थीं। बीजेपी और एनसीपी के कई विधायकों ने मुख्यमंत्री से आरोप लगाया कि उन महानगरपालिकाओं को फंड नहीं दिया जा रहा, जहां उनकी पकड़ है। इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए फडणवीस ने सीधे हस्तक्षेप किया।</h5>
<h2>Devendra Fadnavis vs Eknath Shinde: अब सीएम की अनुमति जरूरी</h2>
<h5>मुख्यमंत्री कार्यालय (CM Secretariat) की ओर से नगर विकास विभाग और नियोजन विभाग (Planning Department) को पत्र जारी कर साफ कर दिया गया है कि अब किसी भी योजना को मंजूरी देने से पहले मुख्यमंत्री की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यानी अब विकास योजनाओं की फाइल क्लीयरेंस (File Approval) बिना सीएम की सहमति के नहीं हो सकेगी।</h5>
<h2>शिंदे की &#8216;एकछत्र सत्ता&#8217; पर रोक?</h2>
<h5>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल &#8216;वित्तीय अनुशासन&#8217; का नहीं, बल्कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की एकतरफा निर्णय प्रक्रिया पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। पिछले साल शिंदे के नेतृत्व में कुछ महानगरपालिकाओं को करोड़ों रुपये की निधि दी गई थी, जिनमें कई जगहों पर उस फंड का उपयोग नहीं हुआ या फिजूलखर्ची हुई। अब मुख्यमंत्री की मंजूरी के बिना फंड आवंटन संभव नहीं होगा, जिससे उनके नियंत्रण को सीमित किया जा सकेगा। बीजेपी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि शहरी विकास फंड का उपयोग सिर्फ एक पार्टी विशेष के फायदे के लिए न हो, बल्कि गठबंधन के सभी घटकों को बराबर अवसर मिले।</h5>
<h2>विकास निधि पर रोक – केवल संतुलन या सियासी संदेश?</h2>
<h5>राज्य सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि तीनों सत्तारूढ़ दलों – बीजेपी, एनसीपी और शिवसेना (शिंदे गुट) को समान फंड मिले, इसलिए यह कदम उठाया गया है। लेकिन अंदरखाने यह माना जा रहा है कि यह शिंदे की स्वायत्तता पर सियासी ब्रेक है, ताकि वे अकेले कोई फंड नीति तय न कर सकें। इस निर्णय से महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी गठबंधन के भीतर गहराते मतभेद और शक्ति संतुलन की लड़ाई और स्पष्ट होती दिख रही है। जहां एकनाथ शिंदे अपनी पकड़ मजबूत करने में लगे हैं, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह दिखा दिया है कि अंतिम निर्णय की चाबी अब भी उनके ही हाथ में है।</h5>
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		<title>इलाज के लिए सीएम रिलीफ फंड से दो घंटे में मिली 1 लाख की मदद</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/medical-treatment-help-cm-relief-fund-two-hours-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 10:59:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के सिंदखेड राजा तालुका के एक छोटे से गांव में गन्ने का रस निकालने वाली मशीन में बाल फंसने से गंभीर रूप से घायल हुई 16 वर्षीय लड़की को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संवेदनशील पहल के कारण समय पर इलाज मिल सका। घटना के दो घंटे के भीतर मुख्यमंत्री सहायता निधि [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के सिंदखेड राजा तालुका के एक छोटे से गांव में गन्ने का रस निकालने वाली मशीन में बाल फंसने से गंभीर रूप से घायल हुई 16 वर्षीय लड़की को मुख्यमंत्री <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-dcm-devendra-fadnavis-helped-thalassemia-patient-hindi/">देवेंद्र फडणवीस</a> की संवेदनशील पहल के कारण समय पर इलाज मिल सका। घटना के दो घंटे के भीतर मुख्यमंत्री सहायता निधि से 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद मंजूर की गई, जिससे लड़की की जान बचाई जा सकी। मुख्यमंत्री सहायता निधि व धर्मादाय रुग्णालय मदद सेल के प्रमुख रामेश्वर नाईक ने बताया कि यह लड़की अपने गांव के बस स्टॉप पर रसवंती की गाड़ी चलाती थी। मशीन में बाल फंसने से उसके सिर पर गहरी चोट आई और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। गांव के सरपंच निवृत्ती कठोरे और अन्य ग्रामीणों ने उसे तुरंत जालना के कलावती अस्पताल में भर्ती कराया। Got 1 lakh rupees help from CM Relief Fund for treatment in two hours</h5>
<h2>पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने वाली साहसी बेटी</h2>
<h5>इस घटना की जानकारी मिलते ही ‘समाजभान’ नामक सामाजिक संस्था ने इलाज के लिए दवाइयों का खर्च उठाया। वहीं मुख्यमंत्री सहायता निधि के माध्यम से दो घंटे के भीतर 1 लाख रुपये की मदद दी गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने भी बाकी इलाज का खर्च खुद उठाया। यह लड़की अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने वाली, मेहनती और साहसी थी। पिता के निधन के बाद उसने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार को सहारा देने के लिए रसवंती का व्यवसाय शुरू किया था। बड़ी बहन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है और छोटा भाई स्कूल में पढ़ रहा है। मां के साथ मिलकर यह लड़की पूरे परिवार की रीढ़ बन चुकी थी। Medical Help</h5>
<h2>आभार व्यक्त करते हुए मां हुई भावुक</h2>
<h5>पीड़ित लड़की की मां ने कहा, “अगर समय पर मदद न मिलती, तो मेरी बेटी आज हमारे साथ नहीं होती। मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हमेशा आभारी रहूंगी।” विधायक नारायण कुचे ने घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचकर घायल लड़की की हालचाल ली और उसके पूरे पढ़ाई के खर्च की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की। समय पर इलाज, सरकारी सहायता, सामाजिक संस्थाओं का सहयोग और डॉक्टरों की तत्परता की वजह से लड़की को नई जिंदगी मिली है। यह घटना दर्शाती है कि जब प्रशासन, समाज और आम लोग साथ आते हैं, तो किसी की जिंदगी बचाना संभव होता है। Hospital Treatment</h5>
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		<title>Nasik Kumbh: बनेगा मेला प्राधिकरण, तैयारियों में जुटी फडणवीस सरकार</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/fair-authority-nasik-kumbh-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 09:37:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>महाकुंभ के बाद अगला कुंभ महाराष्ट्र के नासिक में लगेगा। इसको लेकर अभी से महाराष्ट्र सरकार तैयारियों में लग गई है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नासिक-त्र्यंबकेश्वर का दौरा कर अधिकारियों एवं मंत्रियों के साथ बैठक की। कुंभ को देखते हुए राज्य सरकार ने मेला प्राधिकरण बनाने की तैयारी कर दी है। उत्तर प्रदेश [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div id=":2bc" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" contenteditable="true" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":2v7" aria-controls=":2v7" aria-expanded="false">
<h5>महाकुंभ के बाद अगला कुंभ महाराष्ट्र के नासिक में लगेगा। इसको लेकर अभी से महाराष्ट्र सरकार तैयारियों में लग गई है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नासिक-त्र्यंबकेश्वर का दौरा कर अधिकारियों एवं मंत्रियों के साथ बैठक की। कुंभ को देखते हुए राज्य सरकार ने मेला प्राधिकरण बनाने की तैयारी कर दी है। उत्तर प्रदेश में महाकुंभ के सफल आयोजन से सीख लेकर महाराष्ट्र सरकार भी 2027 के नासिक कुंभ को भव्य और दिव्य बना रही है।<a href="https://nashik.gov.in/">Nasik</a> Kumbh के सफल आयोजन के लिए Maharashtra के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नासिक-त्र्यंबकेश्वर का दौरा कर अधिकारियों एवं मंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने 2027 में नासिक-त्र्यंबकेश्वर में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला की तैयारियों पर विचार विमर्श किया।</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/nashik-team-observes-mahakumbh-management-nashik-kumbh-hindi/">Nasik Kumbh</a>: मेला प्राधिकरण के गठन की तैयारी</h2>
<h5>राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमने यह देखा है कि प्रयागराज के महाकुंभ में जितने लोगों के आने की उम्मीद थी, उससे ज्यादा लोग वहां पर आए। नासिक में भी उसी प्रकार अपेक्षा से अधिक लोगों के आने की उम्मीद की जा रही है। इसलिए, यहां भी हमने मेला प्राधिकरण के गठन की तैयारी शुरू कर दी है। ताकि कुंभ से संबंधित सभी निर्णय त्वरित गति से लिए जा सकें और उन पर समय रहते अमल भी किया जा सके।</h5>
<h2>Nasik Kumbh के लिए 1300 करोड़ का एसटीपी, 2270 करोड़ का रोड प्रोजेक्ट पास</h2>
<h5>बड़े पैमाने पर नासिक के विकास के लिए अभी से महाराष्ट्र सरकार तैयारी कर रही है जिससे Nasik Kumbh में लोगों को कोई परेशानी ना हो। नासिक में गोदावरी नदी का पानी स्वच्छ रखने के लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने बाकायदा 1300 करोड़ का बजट भी मंजूर कर दिया है। वहीं रोड डेवलपमेंट के लिए 2270 करोड़ का रोड प्रोजेक्ट भी पास किया गया है। इसके साथ ही साधु ग्राम के लिए भूखंड भी अधिग्रहित किए जा रहे हैं। पुल एवं सड़कों के निर्माण का काम भी शुरू हो गया है।</h5>
<h2>Nasik Kumbh: सिंहस्थ कुंभ दो जगहों पर होता है आयोजित</h2>
<h5>गौरतलब है कि नासिक का सिंहस्थ कुंभ नासिक और त्र्यंबकेश्वर दो स्थानों पर आयोजित होता है। नासिक में गोदावरी नदी के तटों पर सभी वैष्णव अखाड़े स्नान करते हैं। जबकि, त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड में सभी शैव अखाड़े स्नान करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार इस बार त्र्यंबकेश्वर के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने त्र्यंबकेश्वर के विकास के लिए 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि त्र्यंबकेश्वर में स्थित ज्योतिर्लिंग का विशेष महत्व है। त्र्यंबकेश्वर ही गोदावरी नदी का उद्गम स्थल भी है। इसलिए, यहां के भी नदी घाटों एवं अलग-अलग कुंडों के विकास की योजना बनाई जा रही है।</h5>
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		<title>Maharashtra Budget: न लाडली बहनों को 2100 रुपए, न किसानों का कर्ज माफ</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharashtra-budget-2025-devendra-fadnavis-ajit-pawar-ladki-bahin-yojana-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 03:55:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Finance]]></category>
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		<category><![CDATA[महाराष्ट्र बजट]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Maharashtra Budget : महाराष्ट्र की Devendra Fadnavis सरकार ने 10 मार्च को अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री अजित पवार (Ajit Pawar Maharashtra Budget) का बजट भाषण लगभग 70 मिनट तक चला, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने वादा किया था कि सत्ता [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-budget-2025-devendra-fadnavis-ajit-pawar-ladki-bahin-yojana-hindi/">Maharashtra Budget: न लाडली बहनों को 2100 रुपए, न किसानों का कर्ज माफ</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>Maharashtra Budget : महाराष्ट्र की Devendra Fadnavis सरकार ने 10 मार्च को अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री अजित पवार (Ajit Pawar Maharashtra Budget) का बजट भाषण लगभग 70 मिनट तक चला, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने वादा किया था कि सत्ता में वापस आने पर लाडकी बहिन योजना के तहत मिलने वाली राशि 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये की जाएगी और किसानों को लोन के जाल से मुक्त कराया जाएगा। लेकिन राज्य के बजट में इस पर कोई घोषणा नहीं की गई है।</h5>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">आज के बजट में क्या-क्या रहा खास!<br />
विकसित भारत &#8211; विकसित महाराष्ट्र<br />
महाराष्ट्र अब रुकेगा नहीं, विकास अब थमेगा नहीं!<br />
• आदिवासी विभाग के लिए 21,495 करोड़ रुपये का बजट<br />
• 45 लाख कृषि पंपों को मुफ्त बिजली दी जाएगी<br />
• &#8220;लाडकी बहन&#8221; योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान <a href="https://t.co/bEDtpTsqxS">pic.twitter.com/bEDtpTsqxS</a></p>
<p>— महाराष्ट्र सूचना केंद्र (@MahaMicHindi) <a href="https://twitter.com/MahaMicHindi/status/1899147097770983695?ref_src=twsrc%5Etfw">March 10, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने बजट को बोगस करार दिया, विपक्ष का प्रदर्शन</h2>
<h5>बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “लाडली बहनों को 2100 रुपए नहीं दिए, किसानों का कर्ज माफ नहीं किया… दस सालों में ऐसा बोगस बजट नहीं देखा। चुनाव से पहले जो 10 घोषणाएं की गई थीं, उनमें से कितनी पूरी हुई हैं? इस बजट में ठेकेदारों के लिए बहुत कुछ है। मुंबई में 64 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। महाराष्ट्र बजट 2025-26 पेश होने के बाद महाविकास आघाडी (MVA) के नेताओं ने सदन की सीढ़ियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-malhar-certified-hindu-mutton-shops-hindi/">Maharashtra</a> Budget Highlights: 16 लाख लोगों को रोजगार, महाराष्ट्र को नंबर 1 बनाने का वादा</h2>
<h5>महाराष्ट्र की नयी औद्योगिक नीति 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख रोजगार पैदा करने पर केंद्रित होगी। वित्त मंत्री अजित पवार ने विधानसभा में कहा- “मैं वित्त वर्ष 2025/26 के लिए बजट पेश कर रहा हूं। प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करने में महाराष्ट्र नंबर वन होगा। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में महाराष्ट्र नंबर वन है। दावोस में महाराष्ट्र ने 56 कंपनियों के साथ 15.72 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिससे 16 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।</h5>
<h2>एमएमआरडीए को बनाया जाएगा महाराष्ट्र का विकास केंद्र</h2>
<h5>महाराष्ट्र के वित्त मंत्री अजित पवार ने कहा कि एमएमआरडीए (मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को महाराष्ट्र का विकास केंद्र बनाया जाएगा और इस उद्देश्य से हमने मुंबई महानगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सात व्यावसायिक केंद्र बनाने की योजना बनाई है।</h5>
<h2>लाड़ली बहना पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दिया जवाब</h2>
<h5>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हमने लाडली बहना के लिए पैसे कम नहीं किए हैं। सभी को उनका पैसा मिलेगा। हमने जरूरत के हिसाब से योजना के लिए पैसे रखे हैं। अगर योजना के लिए और अधिक पैसे की जरूरत होगी तो हम इसके लिए अतिरिक्त प्रावधान कर सकते हैं। हम अपनी बहनों को 2100 रुपये प्रति माह देने का अपना वादा पूरा करेंगे।” विपक्ष के आरोपों के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “हमने अपने घोषणापत्र में जो भी वादे किए है वह कोई प्रिंटिंग संबंधी गलती नहीं है, सभी घोषणाएं लागू की जाएंगी। घोषणाएं पांच साल के कार्यकाल के लिए थीं। इसलिए हम सभी घोषणाओं को उसी के अनुसार लागू करेंगे।”</h5>
<h2>Maharashtra Budget: लाडली बहना के लिए 36000 करोड़ का प्रावधान</h2>
<h5>मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना (Majhi Ladki Bahin Yojana) जारी रहेगी और योजना के तहत लगभग ढाई करोड़ लाभार्थी महिलाओं को जुलाई 2024 से मिल रही आर्थिक सहायता आगे भी जारी रहेगी। अजित पवार ने आज बजट पेश करते हुए बताया कि लाडली बहना योजना (लाडकी बहीण योजना) पर अब तक 33,232 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के तहत कुल 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। हालांकि 2100 रुपये करने को लेकर अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-budget-2025-devendra-fadnavis-ajit-pawar-ladki-bahin-yojana-hindi/">Maharashtra Budget: न लाडली बहनों को 2100 रुपए, न किसानों का कर्ज माफ</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<title>महाराष्ट्र: आदिवासी विकास के लिए खर्च होगा सीएसआर</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/csr-maharashtra-tribal-area-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Feb 2025 08:17:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[maharashtra news]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CSR for tribal welfare]]></category>
		<category><![CDATA[DEVENDRA FADNAVIS]]></category>
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		<category><![CDATA[देवेंद्र फड़णवीस]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से विभिन्न विकास परियोजनाओं को लागू करने के उद्देश्य से आदिवासी विकास विभाग और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने एक सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में देशभर की 71 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आदिवासी क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और नए अवसर पैदा करने के [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<div id=":22n" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" contenteditable="true" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":2gn" aria-controls=":2gn" aria-expanded="false">
<h5>कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से विभिन्न विकास परियोजनाओं को लागू करने के उद्देश्य से आदिवासी विकास विभाग और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने एक सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में देशभर की 71 कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आदिवासी क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से ‘सीएसआर फॉर चेंज’ पहल के तहत महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया गया। इस सम्मेलन का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। इस अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके, आदिवासी विकास विभाग के सचिव विजय वाघमारे, उद्योग विभाग के सचिव पी. अनबलगन, आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के आयुक्त डॉ. राजेंद्र भारूड और आयुक्त लीना बनसोड भी उपस्थित थे। CSR Maharashtra Tribal Area</h5>
<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560">
<p dir="ltr" lang="mr">विकासाची बेटे न होऊ देता &#8216;पॅन महाराष्ट्र ॲप्रोच&#8217;मार्फत समग्र विकासाचे लक्ष्य&#8230;<br />
असंतुलित विकास के बजाय &#8216;पॅन&#8217; महाराष्ट्र एप्रोच द्वारा समग्र विकास का लक्ष्य&#8230;</p>
<p>(सीएसआर फॉर चेंज | मुंबई | 25-2-2025)<a href="https://twitter.com/hashtag/Maharashtra?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Maharashtra</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/TribalDevelopment?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#TribalDevelopment</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Mumbai?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Mumbai</a> <a href="https://t.co/Ti6P00W8xE">pic.twitter.com/Ti6P00W8xE</a></p>
<p>— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) <a href="https://twitter.com/Dev_Fadnavis/status/1894341435492860325?ref_src=twsrc%5Etfw">February 25, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-development-tribal-areas-csr-funds-chief-minister-devendra-fadnavis/">महाराष्ट्र</a>: सीएसआर से मिलेंगे आदिवासी जीवन स्तर सुधारने के अवसर</h2>
<h5>पहले सत्र में ‘आदिवासी क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने के अवसर’ विषय पर चर्चा हुई। इस सत्र में आदिवासी विकास आयुक्त लीना बनसोड, टाटा ट्रस्ट के अमितांशु चौधरी, बजाज इलेक्ट्रिकल्स की मधुरा तलेगांवकर, एनएसई फाउंडेशन की रेमा मोहन और लुपिन की तुषारा शंकर ने हिस्सा लिया। सत्र का संचालन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की कार्यक्रम प्रमुख श्रीतमा गुप्ता ने किया। दूसरे सत्र में ‘शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से आदिवासी युवाओं का उज्ज्वल भविष्य’ विषय पर चर्चा हुई। इसमें आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के आयुक्त राजेंद्र भारूड, टीसीएस के चंद्रशेखर नटराजन, डीएक्ससी की गौरी भुरे और एचसीएल के पीयूष वानखेडे ने भाग लिया। इस सत्र का संचालन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के क्षेत्रीय प्रमुख जेयाचंद्रन ने किया।</h5>
<h2>CSR के माध्यम से आदिवासी विकास की प्रतिबद्धता</h2>
<h5>इन चर्चासत्रों में आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और उद्योग नीति पर विचार-विमर्श किया गया। बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों ने अपनी सीएसआर पहल के माध्यम से आदिवासी विकास के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया। ‘सीएसआर फॉर चेंज’ पहल के जरिए आदिवासी समाज के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए नए अवसरों का निर्माण करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल आदिवासी समुदायों के समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी।</h5>
</div>
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		<title>क्या समांतर सरकार चला रहें हैं Eknath Shinde, Devendra Fadnavis से बढ़ती दूरी?</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/parallel-government-eknath-shinde-absent-cm-devendra-fadnavis-meeting-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Feb 2025 07:05:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[DEVENDRA FADNAVIS]]></category>
		<category><![CDATA[Eknath Shinde]]></category>
		<category><![CDATA[एकनाथ शिंदे]]></category>
		<category><![CDATA[देवेंद्र फड़णवीस]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच बढ़ती दूरी की अटकलें तेज हो गई हैं। हाल ही में नासिक में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी आमंत्रित किया [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच बढ़ती दूरी की अटकलें तेज हो गई हैं। हाल ही में नासिक में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बजाय, उन्होंने मलंगगढ़ में एक कार्यक्रम में भाग लेना उचित समझा। दो दिन बाद, एकनाथ शिंदे खुद नासिक जाकर कुंभ मेले की तैयारियों का जायजा लेने वाले हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित बैठक में शामिल होने की बजाय खुद वहां बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया और इसके साथ ही मेला प्रभारी मंत्री जो बीजेपी से आते हैं, गिरीश महाजन उनको बुलाया ही नहीं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या महायुति सरकार के दो शीर्ष नेताओं के बीच समन्वय की कमी है? क्या दोनों के बीच दूरियां लगातार बढ़ रही हैं? क्या समांतर सरकार चला रहे हैं एकनाथ शिंदे। Parallel Government by <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-cm-eknath-shinde-loknath-social-initiatives-hindi/">Eknath Shinde Devendra Fadnavis Government </a></h5>
<h2>क्या समांतर सरकार चलाने की हो रही है कोशिश?</h2>
<h5>महाराष्ट्र में फिलहाल महायुति सरकार सत्ता में है, लेकिन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच मतभेदों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। नगर विकास मंत्री होने के नाते, एकनाथ शिंदे का कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा बैठक में रहना स्वाभाविक था, क्योंकि इसमें नगर निगम के अधिकारी भी शामिल थे। बावजूद इसके, वे बैठक में नहीं पहुंचे। अब जब वे खुद नासिक जाकर तैयारियों का जायजा लेने वाले हैं, तो इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। Eknath Shinde Devendra Fadnavis News</h5>
<h2>Eknath Shinde Devendra Fadnavis में जिला प्रभारी मंत्री पद को लेकर भी विवाद जारी</h2>
<h5>नासिक और रायगढ़ जिलों के पालकमंत्री पद को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। शिवसेना और भाजपा, दोनों ही इन पदों के लिए अपने-अपने नेताओं को नियुक्त करने पर अड़ी हुई हैं। ऐसे में, मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक से एकनाथ शिंदे की दूरी और खुद जाकर बैठक करने के फैसले को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले 100 दिनों में मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई कई महत्वपूर्ण बैठकों में भी एकनाथ शिंदे गैरहाजिर रहे हैं। ऐसे में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या वे सरकार से किसी बात को लेकर नाराज हैं? उनकी अनुपस्थिति को लेकर भाजपा के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में <a href="http://www.maharashtra.gov.in/">महाराष्ट्र</a> की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर और हलचल देखने को मिल सकती है।</h5>
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		<item>
		<title>महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लगायी संगम में डुबकी, बोले दिव्य अनुभूति</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/devendra-fadnavis-prayagraj-sacred-dip-sangam-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Feb 2025 03:58:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[DEVENDRA FADNAVIS]]></category>
		<category><![CDATA[Mahakumbh 2025]]></category>
		<category><![CDATA[देवेंद्र फड़णवीस]]></category>
		<category><![CDATA[प्रयागराज महाकुंभ]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शुक्रवार को अपने परिवार के साथ पावन तीर्थराज प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। महाकुम्भ के दिव्य एवं भव्य आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। Devendra Fadnavis ने कहा कि इस [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शुक्रवार को अपने परिवार के साथ पावन तीर्थराज प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। महाकुम्भ के दिव्य एवं भव्य आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। Devendra Fadnavis ने कहा कि इस महान आयोजन को दुनिया के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने योगी सरकार को सफल व्यवस्थाओं के लिए बधाई दी और श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं के लिए किए गए इंतजामों की प्रशंसा की।</h5>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">महाकुंभ 2025 &#8211; सनातन संस्कृति के दिव्य उत्सव की कुछ और झलकियां 🚩<a href="https://twitter.com/hashtag/Prayagraj?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Prayagraj</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/MahaKumbh2025?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#MahaKumbh2025</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/MahaKumbh?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#MahaKumbh</a> <a href="https://t.co/f9T6Cnc4qM">pic.twitter.com/f9T6Cnc4qM</a></p>
<p>— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) <a href="https://twitter.com/Dev_Fadnavis/status/1890453196017119332?ref_src=twsrc%5Etfw">February 14, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>इतिहास में याद रखा जाएगा महाकुंभ, योगी सरकार बधाई की पात्र &#8211; <a href="https://thecsrjournal.in/cm-takes-charge-distributed-cm-relief-fund-cheque/">देवेंद्र फडणवीस</a></h2>
<h5>देवेन्द्र फडणवीस ने अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर किया। वहीं मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण में अपने परिवार के साथ यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 144 वर्षों बाद यह अवसर आया है और मैं स्वयं को भाग्यशाली मानता हूं कि इस पुण्य पर्व का हिस्सा बन सका। जिस तरह से योगी सरकार ने इस महा आयोजन की व्यवस्थाएं की हैं, उसकी पूरी दुनिया में सराहना हो रही है। (Devendra Fadnavis at Mahakumbh)</h5>
<h2>महाकुम्भ है योगी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि &#8211; CM</h2>
<h5>फडणवीस ने कहा कि श्रद्धालुओं ने जिस प्रकार यहां डुबकी लगाकर गंगा मइया की आराधना की है, वह देखकर दुनिया अचंभित है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां कैसे आए और उनकी व्यवस्था कैसे संभाली गई। यही हमारी संस्कृति की महानता है कि लोग इसमें सहज रूप से खिंचे चले आते हैं। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का जीता-जागता प्रमाण है। हर सनातनी की यह आकांक्षा होती है कि वह गंगा दर्शन कर संगम में स्नान करे। मैं भी इसी भाव से यहां आया हूँ। इस आयोजन को पूरी दुनिया याद रखेगी। बता दें कि महाकुंभ 2025 के इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने और इसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं।</h5>
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		<item>
		<title>महाराष्ट्र में जल संरक्षण के लिए आगे आये नाना पाटेकर</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharashtra-naam-foundation-nana-patekar-water-conservation-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Feb 2025 10:30:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[DEVENDRA FADNAVIS]]></category>
		<category><![CDATA[naam foundation]]></category>
		<category><![CDATA[nana patekar]]></category>
		<category><![CDATA[Tata Motors CSR]]></category>
		<category><![CDATA[देवेंद्र फड़णवीस]]></category>
		<category><![CDATA[नाना पाटेकर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने जल संरक्षण और मृदा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में सोमवार को मंत्रालय, मुंबई में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते राज्य में जलयुक्त शिवार योजना को प्रभावी रूप से लागू करने में मददगार होंगे। ये समझौते [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>महाराष्ट्र सरकार ने जल संरक्षण और मृदा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में सोमवार को मंत्रालय, मुंबई में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते राज्य में जलयुक्त शिवार योजना को प्रभावी रूप से लागू करने में मददगार होंगे। ये समझौते नाम फाउंडेशन, टाटा मोटर्स, भारतीय जैन संगठन MRSAC के साथ किया गया। हम आपको बता दें कि जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे की स्वयंसेवी संस्था है &#8216;नाम फाउंडेशन&#8217; जो महाराष्ट्र के सूखा पीड़ितों की मदद के लिए काम करती है।  मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra CM Devendra Fadnavis) ने जल संरक्षण के क्षेत्र में नाम फाउंडेशन, टाटा मोटर्स और भारतीय जैन संगठन के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के सहयोग से राज्य में जल संरक्षण के प्रयासों को नई गति मिलेगी। (Nana Patekar News)</h5>
<h2>महाराष्ट्र में जल संरक्षण के लिए नियुक्त होंगे ‘वॉटर फेलो’, नाना पाटेकर करेंगे मदद</h2>
<h5>महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार बनाते ही उन्होंने सूखे को लेकर काम करना शुरू कर दिया है। इसी पहल के तहत महाराष्ट्र में Water Conservation के लिए जलयुक्त शिवार चलाया जा रहा है। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य के 23 जिलों में 1000 से अधिक जलाशयों, चेक डैम, सार्वजनिक तालाबों और नदियों की जलधारण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य के लिए Nana Patekar की <a href="https://naammh.org/about-us/">Naam Foundation</a> आगे आया है। नाम फाउंडेशन (Nana Patekar Naam Foundation) इस परियोजना का क्रियान्वयन करेगा, जबकि टाटा मोटर्स इसके संपूर्ण प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगा। प्रत्येक जिले में एक ‘वॉटर फेलो’ नियुक्त किया जाएगा, जो परियोजना के सुचारू संचालन में मदद करेगा। Maharashtra <a href="https://thecsrjournal.in/world-water-day-dry-wash-initiative-cars-water-conservation/">Water Conservation</a></h5>
<h2>महाराष्ट्र के जल संरक्षण संरचनाओं का होगा डिजिटल मैपिंग</h2>
<h5>दूसरे समझौते में भारतीय जैन संगठन के सहयोग से जल संरक्षण की जागरूकता और परियोजना को गांवों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। संगठन ग्राम पंचायतों से योजना की मांग एकत्र कर उसे सरकार तक पहुंचाएगा। जल संरक्षण को लेकर ये जनजागृति अभियान भी चलाएगा। तीसरे समझौते के तहत राज्य में पिछले 20-25 वर्षों में निर्मित जल संरक्षण संरचनाओं का डिजिटल मैपिंग (Digital Mapping) किया जाएगा। सैटेलाइट डेटा और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर संरचनाओं को चिन्हित किया जाएगा। एक वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से जल संरक्षण परियोजनाओं की निगरानी की जाएगी। पांच वर्षों तक इस डेटा के आधार पर रखरखाव और सुधार कार्यों की योजना बनाई जाएगी।</h5>
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			</item>
		<item>
		<title>निवेश के मामले में महाराष्ट्र ने रचा इतिहास, दावोस में 15.70 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट समझौता</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharashtra-history-investment-15-lakh-crore-in-davos-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jan 2025 10:20:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[davos]]></category>
		<category><![CDATA[Devendra Fadanavis]]></category>
		<category><![CDATA[investment in Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[दावोस]]></category>
		<category><![CDATA[देवेंद्र फड़णवीस]]></category>
		<category><![CDATA[निवेश]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र सीएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में महाराष्ट्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य ने दूसरे दिन 15.70 लाख करोड़ रुपये के कुल 54 निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों से राज्य में लगभग 15.95 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id=":2cl" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" contenteditable="true" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":2f0" aria-controls=":2f0" aria-expanded="false">
<h5>स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में महाराष्ट्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य ने दूसरे दिन 15.70 लाख करोड़ रुपये के कुल 54 निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों से राज्य में लगभग 15.95 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। इन ऐतिहासिक समझौतों के दौरान महाराष्ट्र के इंडस्ट्री मिनिस्टर उदय सामंत, इंडस्ट्री सेक्रेटरी Dr. P. Anbalagan, सीएम की प्रिंसिपल सेक्रेटरी अश्विनी भिड़े, एमएमआरडीए कमिश्नर Dr. Sanjay Mukherjee, <a href="https://www.midcindia.org/">एमआईडीसी</a> के सीईओ P Velrasu, सिडको के चीफ विजय सिंघल, डेवलपमेंट कमिश्नर Deependra Singh Kushwah समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहें।</h5>
<h2>रिलायंस (Reliance Industries) का सबसे बड़ा निवेश</h2>
<h5><a href="https://thecsrjournal.in/top-companies-corporate-social-responsibility-csr-sustainability-2024/">World Economic Forum</a> में किए गए समझौतों में सबसे बड़ा निवेश रिलायंस समूह का है। जिसने 3,05,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है। यह निवेश पेट्रोकेमिकल्स, पॉलिएस्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, बायो एनर्जी, ग्रीन हायड्रोजन, ग्रीन केमिकल्स, औद्योगिक क्षेत्र विकास, रिटेल, डेटा सेंटर्स, टेलिकम्युनिकेशन्स और रियल एस्टेट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा। इस निवेश से लगभग 3 लाख नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नवभारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा। रिलायंस समूह के अनंत अंबानी ने इस मौके पर कहा कि हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का है, और हम इस दिशा में यह निवेश करेंगे। (Investment in Davos)</h5>
<h2>महाराष्ट्र में Amazon का भी होगा बड़ा निवेश, हुई साझेदारी</h2>
<h5>दूसरी सबसे बड़ी निवेश घोषणा Amazon द्वारा की गई है, जिसमें कंपनी 71,795 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस निवेश का अधिकांश हिस्सा एमएमआर (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन) क्षेत्र में डेटा सेंटर्स के निर्माण में होगा। इस निवेश से 83,100 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इन समझौतों से राज्य के सभी हिस्सों में निवेश होगा और इसके माध्यम से समग्र विकास सुनिश्चित होगा।</h5>
<h2>ये हैं अन्य प्रमुख निवेश के समझौते, महाराष्ट्र है निवेश का सबसे फेवरेट डेस्टिनेशन</h2>
<h5>इसके अलावा, उद्योग विभाग (Industry Department Maharashtra) ने 11,710 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। एमएमआरडीए (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने 3.44 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए हैं, जबकि सिडको (सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ महाराष्ट्र) ने 55,200 करोड़ रुपये के समझौते किए हैं। इन सभी समझौतों का उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवेश लाकर समग्र विकास को बढ़ावा देना है।</h5>
<h2>ये कंपनियां करेंगी महाराष्ट्र में इन्वेस्टमेंट</h2>
<h5>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा जारी की गई सूची में कई प्रमुख कंपनियों के निवेश प्रस्तावों का उल्लेख किया गया है। इनमें रिलायंस, अमेज़न, सिएट, वीआयटी सेमिकॉन्स, टाटा समूह, पॉवरिन ऊर्जा, युनायटेड फॉस्परस, ओपन ओरिजिन इंडिया और अन्य कंपनियों के निवेश शामिल हैं। इन सभी निवेशों से राज्य में लाखों नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। (Employment in Maharashtra)</h5>
<h2> महाराष्ट्र में इन बड़े निवेशों से 15.95 लाख रोजगार सृजन का अनुमान है</h2>
<h5>22 जनवरी तक किए गए सभी समझौतों में कुल 15.70 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, और इससे लगभग 15.95 लाख नए रोजगार सृजित होंगे। यह निवेश और रोजगार सृजन महाराष्ट्र के विकास को एक नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा और राज्य को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल और उनकी कड़ी मेहनत ने दावोस में महाराष्ट्र को एक नई पहचान दिलाई है। यह निवेश और रोजगार सृजन का दौर राज्य की अर्थव्यवस्था को न केवल मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि महाराष्ट्र को देश के सबसे अग्रणी आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।</h5>
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		<title>महाराष्ट्र के किसानों से बांस खरीदेगी NTPC, कोयले की जगह बांबू का होगा इस्तेमाल  </title>
		<link>https://thecsrjournal.in/ntpc-buy-bamboo-maharashtra-farmers-power-generation-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jan 2025 10:56:13 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के किसानों के लिए खुशखबरी है। ये खुशखबरी सिर्फ किसानों के लिए नहीं बल्कि हमारे पर्यावरण के लिए भी है। दरअसल एनटीपीसी अब बिजली बनाने के लिए कोयले के साथ बांस से बने बायोमास का उपयोग करेगी। इसके लिए एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) महाराष्ट्र में किसानों से बांस खरीदेगी। यह कदम पर्यावरण संरक्षण [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>महाराष्ट्र के किसानों के लिए खुशखबरी है। ये खुशखबरी सिर्फ किसानों के लिए नहीं बल्कि हमारे पर्यावरण के लिए भी है। दरअसल एनटीपीसी अब बिजली बनाने के लिए कोयले के साथ बांस से बने बायोमास का उपयोग करेगी। इसके लिए एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) महाराष्ट्र में किसानों से बांस खरीदेगी। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और शाश्वत ऊर्जा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। हम आपको बता दें कि महाराष्ट्र के सोलापुर में एनटीपीसी का प्लांट है इस Solapur NTPC Plant प्रोजेक्ट को सालाना 40 लाख टन कोयले की जरुरत होती है। शुरुआती चरण में, 10 फीसदी बांस बायोमास मिलाने से 4 लाख टन बायोमास की जरूरत होगी। भविष्य में बांस की उपलब्धता बढ़ने पर इसे 20-30 फीसदी तक बढ़ाया जाएगा।</h5>
<h2><a href="https://thecsrjournal.in/ntpc-csr-report-psu-india/">NTPC</a> महाराष्ट्र के किसानों से खरीदेगी बांस, किसानों को मिलेगा सीधा फायदा</h2>
<h5>एनटीपीसी किसानों से बांस खरीदने के लिए 50 साल का दीर्घकालीन करार करेगा। इससे सोलापुर, लातूर और धाराशिव जिलों के किसानों को सीधा फायदा होगा। यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री पर्यावरण एवं शाश्वत विकास टास्क फोर्स (Chief Minister’s Environment and Sustainable Development Task Force) के कार्यकारी अध्यक्ष पाशा पटेल (Pasha Patel) की सिफारिश पर लिया गया। सोलापुर में आयोजित इस बैठक में एनटीपीसी के अध्यक्ष गुरदीप सिंह, एमआईटीआरए (महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन) के सीईओ प्रवीण सिंह परदेशी, पाशा पटेल और एनटीपीसी सोलापुर परियोजना प्रमुख तपन कुमार बंडोपाध्याय शामिल हुए।</h5>
<h2>बांस की खेती को महाराष्ट्र सरकार कर रही है प्रोत्साहित (NTPC News)</h2>
<h5>महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (Maharashtra Institution for Transformation &#8211; MITRA) के सीईओ प्रवीण सिंह परदेशी ने किसानों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एमआईटीआरए बांस बायोमास की प्रोसेसिंग के लिए मशीनरी उपलब्ध कराने और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार है। पाशा पटेल ने मनरेगा और एशियन डेवलपमेंट बैंक की योजनाओं का लाभ उठाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत प्रति हेक्टेयर ₹7.04 लाख का अनुदान मिलता है, जिससे किसान बांस की खेती कर सकते हैं। किसानों और उनकी उत्पादक कंपनियों ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले बांस की बिक्री को लेकर अनिश्चितता थी, लेकिन एनटीपीसी के 50 साल के करार से यह समस्या खत्म हो जाएगी।</h5>
<h2>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस फैसले से होगा किसान और पर्यावरण को फायदा</h2>
<h5>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (<a href="http://Maharashtra.gov.in">Maharashtra</a> CM Devendra Fadnavis) ने हरित महाराष्ट्र के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट को बढ़ावा दिया है। उनके नेतृत्व और एमआईटीआरए के सहयोग से महाराष्ट्र में शाश्वत ऊर्जा का नया अध्याय शुरू हो रहा है। हम आपको बता दें कि सीएम एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट टास्क फोर्स पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और राज्य में शाश्वत विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसके कार्यकारी अध्यक्ष पाशा पटेल के नेतृत्व में यह संस्था नीतियां बनाने और शाश्वत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा रही है। एनटीपीसी की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने और महाराष्ट्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी।</h5>
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