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	<title>गंगा Archives - The CSR Journal</title>
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	<title>गंगा Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>Maha Kumbh &#8211; पीने और नहाने लायक हो गंगा का पानी, NGT का आदेश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jan 2025 09:48:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Clean Ganga]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कुंभ के दौरान गंगा और यमुना के पानी की शुद्धता को बरकरार रखने के साथ ही पानी को पीने और नहाने योग्य बनाने के लिए एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी (National Green Tribunal) ने एक आदेश जारी किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट की तरफ से हुई सुनवाई में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>कुंभ के दौरान गंगा और यमुना के पानी की शुद्धता को बरकरार रखने के साथ ही पानी को पीने और नहाने योग्य बनाने के लिए एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी (National Green Tribunal) ने एक आदेश जारी किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट की तरफ से हुई सुनवाई में कोर्ट ने 8 बिंदुओं पर कहा कि कुंभ के दौरान गंगा और यमुना का पानी साफ सुथरा पीने और नहाने योग्य होना चाहिए। इसके लिए जो बिंदु निर्धारित किए गए हैं। उस पर सरकार को तत्काल एक्शन लेने और कुंभ के दौरान इसका पालन करने का आदेश भी कोर्ट ने दिया है।</h5>
<h2>प्रयागराज में 12 जनवरी से 26 फरवरी तक यह महाकुंभ चलेगा</h2>
<h5>एनजीटी (NGT) चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर ए सैंथिलवेल की अदालत कुंभ के दौरान गंगा और यमुना की स्थिति पर सुनवाई करते हुए अपना आदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर 8 पॉइंट पर अपना आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 12 जनवरी से 26 फरवरी तक यह महाकुंभ चलेगा। 6 विशेष शाही स्नान पड़ रहे हैं। इसलिए अगर कोई भी तीर्थ यात्री यहां पहुंचे तो उसका स्वास्थ्य किसी तरह से प्रभावित न हो यह आदेश कोर्ट ने सरकार को दिया है। यहां जीरो डिस्चार्ज होना चाहिए, कहीं से भी कहीं भी गंगा और यमुना में सीधे सीवर डिस्चार्ज नहीं होना चाहिए।</h5>
<h2>गंगा और यमुना का पानी बिलकुल गंदा नहीं हो &#8211; एनजीटी</h2>
<h5>यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को ऑर्डर दिया गया है, कि कम से कम हफ्ते में दो बार आप सैंपल अलग-अलग जगह से वाटर कलेक्शन करेंगे और डुप्लीकेसी को अवॉइड करेंगे। सैम्पलिंग के लिए कहा गया, कि की जो अलग-अलग पॉइंट है उनको बढ़ाते रहेंगे। साथ ही साथ पाक्षिक रिपोर्ट एनजीटी को भी भेजनी होगी। रिपोर्ट पर एनजीटी यह निर्धारित करेगा, कि महाकुंभ के दौरान गंगा की स्थिति क्या है, ताकि एनालिसिस करके यह देखा जा सके की गंगा जल की शुद्धता की स्थिति क्या है? अगर जरा सा भी एनजीटी को लगेगा की स्थिति सही नहीं है, तो वह अपने स्तर पर इस पर कार्रवाई और एक्शन लेगा।</h5>
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		<title>मूंज की इको फ्रेंडली डलियों में गंगा जल की पैकिंग, सीएसआर से पहल, महाकुंभ के लिए स्टार्ट अप</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/csr-shg-women-distribute-ganga-jal-mahakumbh-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Nov 2024 10:30:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Clean Ganga]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विश्व का सबसे बड़ा Human Gathering अगर कहीं होता है तो वो Kumbh Mela में होता है। इस बार प्रयागराज महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान उत्तर प्रदेश सरकार ने लगाया है। Prayagraj के त्रिवेणी के तट पर आने आने वाले हर श्रद्धालु की ख्वाहिश होती है कि वह यहां [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>विश्व का सबसे बड़ा Human Gathering अगर कहीं होता है तो वो Kumbh Mela में होता है। इस बार <a href="https://prayagraj.nic.in/">प्रयागराज</a> महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान उत्तर प्रदेश सरकार ने लगाया है। Prayagraj के त्रिवेणी के तट पर आने आने वाले हर श्रद्धालु की ख्वाहिश होती है कि वह यहां के त्रिवेणी का पावन जल लेकर वापस घर जाएं। महाकुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की इस ख्वाहिश को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी  सरकार अब रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन में ही त्रिवेणी का जल उपलब्ध कराएगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की इसकी जिम्मेदारी दी गई है।</h5>
<h2>रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में मिलेगा त्रिवेणी का बोतल बंद पावन जल</h2>
<h5>पुण्य भूमि प्रयागराज की पहचान है यहां का तीन पावन नदियों का वह संगम जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन होता है। इसी वजह से यहां के इस पवित्र जल का विशिष्ट महत्व है। माघ मेला, कुंभ और महाकुंभ में यहां लोग स्नान करने आते हैं और अपने साथ संगम का जल ले जाते हैं। महाकुंभ में अधिक भीड़ होने के चलते बड़ी संख्या में लोगों को त्रिवेणी का पावन जल नहीं मिल पाता है। लेकिन इस बार महाकुंभ में श्रद्धालुओं को इसके लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। शहर के सभी बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर बोतल बंद और कलश में त्रिवेणी का जल उपलब्ध होगा। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस जिम्मेदारी को निभाएंगी।</h5>
<h2>इको फ्रेंडली मूंज से बनी डलियों में होगी Ganga Jal की पैकिंग</h2>
<h5>त्रिवेणी का जल धातु से बने कलश और बोतलों में होगा जिसे खूबसूरत और सुरक्षित आधार प्रदान करने के लिए मूंज की डिजाइनर डलियां तैयार की गई हैं। प्रयागराज के एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) मूंज को इसके लिए खास तौर पर चुना गया है। नैनी के महेवा गांव मूंज के उत्पाद बनाने वाली महिलाओं ने इसके लिए डिजाइनर डलियां बनाई हैं। यह त्रिवेणी का जल एक लीटर,आधा लीटर और 250 मिली के पैकिंग में होंगी। इससे जिले के ओडीओपी की ब्रांडिंग भी होगी।</h5>
<h2>सीएसआर के तहत बनी Self Help Group की महिलाएं उठाएंगी जिम्मेदारी</h2>
<h5><a href="https://thecsrjournal.in/plastic-free-mahakumbh-with-csr-fund-prayagraj-hindi/">महाकुंभ</a> से पहले प्रयागराज में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व धार्मिक स्थानों पर गंगाजल उपलब्ध कराएंगी। सीएसआर (CSR &#8211; Corporate Social Responsibility) की मदद से बने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह स्टार्टअप शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन एक हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन महिलाओं को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व अन्य धार्मिक स्थानों पर गंगाजल की बिक्री का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगर इन महिलाओं का काम अच्छा रहा तो इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर भी बनेंगी।</h5>
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