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	<title>इलेक्शन Archives - The CSR Journal</title>
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		<title>ढाई साल बाद हुई EVM की पुनर्गणना, चुनाव में हारे प्रत्याशी की भारी मतों से हुई जीत </title>
		<link>https://thecsrjournal.in/scorelines-reversed-after-first-ever-evm-recount-supreme-court-panipat-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anju Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Aug 2025 06:45:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Panipat Sarpanch Dispute Case: 2 नवंबर 2022 को पानीपत के बुआना लाखू ग्राम में हुए सरपंच चुनाव में हारे हुए अपीलकर्ता मोहित कुमार को ढाई साल बाद EVM की पुनर्गणना में 1,051 मत प्राप्त हुए, जबकि कुलदीप सिंह 1,000 मतों से पीछे रहे। रजिस्ट्रार ने इसकी रिपोर्ट दाखिल करते हुए ढाई साल पहले चुनाव हार [&#8230;]</p>
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<h5>Panipat Sarpanch Dispute Case: 2 नवंबर 2022 को पानीपत के बुआना लाखू ग्राम में हुए <a href="https://panchayat.gov.in/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82/">सरपंच चुनाव</a> में हारे हुए अपीलकर्ता मोहित कुमार को ढाई साल बाद EVM की पुनर्गणना में 1,051 मत प्राप्त हुए, जबकि कुलदीप सिंह 1,000 मतों से पीछे रहे। रजिस्ट्रार ने इसकी रिपोर्ट दाखिल करते हुए ढाई साल पहले चुनाव हार चुके प्रत्याशी मोहित कुमार को विजय घोषित कर दिया।</h5>
<h2>चुनाव के ढाई साल बाद बदला हार जीत का परिणाम</h2>
<h5>हरियाणा में हुए एक सरपंच चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में इस्तेमाल <a href="https://thecsrjournal.in/mobile-vans-provide-information-evms-vvpats-control-units-election-commission-launches-major-initiative-hindi/">इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) </a>और अन्य रिकॉर्ड तलब कर लिए और अपने रजिस्ट्रार की निगरानी में वोटों की पुनः गिनती कराई। इस दौरान दोनों पक्षों मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। फिर 11 अगस्त को इसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव परीणाम भी घोषित किया, जिसने उम्मीदवारों की तकदीर को उलट पलट कर दिया।</h5>
<h5>जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने ये फैसला किया। हरियाणा के पानीपत जिले के बुआना लाखू गांव की ग्राम पंचायत के सरपंच के चुनाव को लेकर उठे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ये कदम उठाया। पेश मामले के अनुसार बुआना लाखू गांव के सरपंच पद के लिए चुनाव 2 नवंबर, 2022 को हुए थे और कुलदीप सिंह को निर्वाचित घोषित किया गया था।</h5>
<h2>मोहित कुमार ने दी चुनाव परिणाम को चुनौती</h2>
<h5>चुनाव में हार का सामना करने वाले उम्मीदवार मोहित कुमार ने परिणामों को चुनौती देते हुए याचिका दायर की। पानीपत के अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी)-सह-चुनाव ट्रिब्यूनल ने 22 अप्रैल, 2025 के एक फैसले में बूथ संख्या 69 के मतों की पुनर्गणना का आदेश दिया। उपायुक्त-सह-चुनाव अधिकारी को 7 मई, 2025 को मतों की पुनर्गणना करने का निर्देश दिया गया। लेकिन चुनाव ट्रिब्यूनल के इस आदेश को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ अपील दायर की गई।</h5>
<h2>अदालत ने दिए सभी बूथों पर पुनर्गणना के आदेश</h2>
<h5>31 जुलाई को यह मामला सुप्रीम कोर्ट में आया, तो पीठ ने EVM और अन्य रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया। साथ ही, अदालत ने केवल एक बूथ के बजाय सभी बूथों के मतों की पुनर्गणना का भी आदेश दिया। अदालत ने 31 जुलाई के अपने आदेश में कहा कि इस मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, पानीपत, हरियाणा को निर्देश दिया जाता है कि वे सभी EVM इस न्यायालय के रजिस्ट्रार, जिन्हें सेकेट्री जनरल द्वारा नामित किया जाएगा, के समक्ष 06.08.2025 को प्रातः 10 बजे प्रस्तुत करें। नामित रजिस्ट्रार न केवल विवादित बूथ के, बल्कि सभी बूथों के मतों की पुनर्गणना करेंगे। पुनर्गणना की विधिवत वीडियोग्राफी की जाएगी।</h5>
<h2>हारे हुए अपीलकर्ता को 1051 वोट मिले</h2>
<h5>याचिकाकर्ता के साथ-साथ प्रतिवादी संख्या 1 या उनके अधिकृत प्रतिनिधि पुनर्गणना के समय उपस्थित थे। 6 अगस्त को पार्टी प्रतिनिधियों और सहायक वकीलो की उपस्थिति में पुनर्गणना हुई। बूथ संख्या 65 से 70 की पुनर्गणना की गई और एक संशोधित परिणाम तैयार किया गया। इसमें अपीलकर्ता मोहित कुमार को 1,051 मत प्राप्त हुए, जबकि 2022 में चुनाव जीत चुके कुलदीप सिंह 1,000 मतों से पीछे रहे।</h5>
<h2>पीठ ने मोहित कुमार को सरपंच घोषित किया</h2>
<h5>11 अगस्त को सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि इस न्यायालय के OSD (रजिस्ट्रार) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर प्रथम दृष्टया संदेह करने का कोई कारण नहीं है। खासकर जब पूरी पुनर्गणना की विधिवत वीडियोग्राफी की गई हो और उसके परिणाम पर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। पीठ ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और मोहित कुमार को सरपंच निर्वाचित होने का पात्र घोषित किया।</h5>
<h2>अदालत ने दिया चुनाव ट्रिब्यूनल को अंतिम फैसला</h2>
<h5> अदालत ने उपायुक्त सह- निर्वाचन अधिकारी, पानीपत को ये आदेश दिया कि वो दो दिनों के भीतर इस संबंध में एक अधिसूचना जारी करें, जिसमें अपीलकर्ता मोहित कुमार को उपर्युक्त ग्राम पंचायत का निर्वाचित सरपंच घोषित किया जाए। अपीलकर्ता तत्काल उक्त पद ग्रहण करने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का हकदार होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि पक्षकार अब भी चुनाव ट्रिब्यूनल के समक्ष कोई भी शेष मुद्दा उठा सकते हैं, लेकिन जहां तक पुनर्गणना के परिणाम का संबंध है, चुनाव ट्रिब्यूनल सुप्रीम कोर्ट के OSD (रजिस्ट्रार) की रिपोर्ट को अंतिम और निर्णायक रिपोर्ट के रूप में स्वीकार करेगा। पीठ ने आगे आदेश दिया कि पुनः सीलबंद रिपोर्ट और EVM को रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने के लिए चुनाव ट्रिब्यूनल को भेजा जाए।</h5>
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		<title>चुनाव प्रचार में नदारद रहा वो मुद्दा जो मुंबई के लिए जरूरी है</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/mumbai-issue-which-was-important-missing-election-campaign-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 20 Nov 2024 11:41:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[jago maharashtra jago]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra Assembly Elections 2024]]></category>
		<category><![CDATA[इलेक्शन]]></category>
		<category><![CDATA[जागो महाराष्ट्र जागो]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आज पूरा महाराष्ट्र अपने सरकार के लिए वोट कर रहा है। अच्छी सरकार आये इसलिए जनता सुबह से ही अपने कर्तव्य निर्वहन के पथ पर डटा हुआ है। हर एक मुंबईकर इसी उम्मीद के साथ वोट कर रहा है कि आने वाली सरकार जनता की भलाई के लिए काम करेगी। अपनी सिटीजन सोशल रिस्पांसिबिलिटी (Citizen [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h5>आज पूरा महाराष्ट्र अपने सरकार के लिए वोट कर रहा है। अच्छी सरकार आये इसलिए जनता सुबह से ही अपने कर्तव्य निर्वहन के पथ पर डटा हुआ है। हर एक मुंबईकर इसी उम्मीद के साथ वोट कर रहा है कि आने वाली सरकार जनता की भलाई के लिए काम करेगी। अपनी सिटीजन सोशल रिस्पांसिबिलिटी (Citizen Social Responsibility) निभाते हुए जनता अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। लेकिन नेताओं और पार्टियों ने क्या अपनी Citizen Social Responsibility निभाई क्या? ये सबसे बड़ा सवाल है। महाराष्ट्र में देश के हर कोने से राजनीतिक दल और नेता मुंबई में प्रचार करने आये।</h5>
<h2>मुंबई के चुनाव में इन मुद्दों पर नेताओं ने कुछ नहीं बोला</h2>
<h5>पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर सरपंच तक सब ने कई मुद्दों पर बात किया लेकिन चुनाव प्रचार में वो मुद्दे नदारद रहे जो वाकई में मुंबई के लिए बेहद जरुरी है। महाराष्ट्र विधानसभा <a href="https://www.eci.gov.in/">चुनाव</a> के दौरान बटेंगे तो कटेंगे, संविधान खतरे में है और एक है तो सेफ है जैसे नारे तो खूब लगे लेकिन जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर सभी उम्मीदवारों ने चुप्पी साध ली। किसी रैली या चुनावी सभा में आम जनता से सरोकार मुद्दों को जगह ही नहीं मिल पाई। ऐसे में आइये जानते हैं इन मुद्दों को जिनपर नेताओं ने कुछ नहीं बोला।</h5>
<h2>मुंबई में है बेस्ट बसों की कमी</h2>
<h5>मुंबई की बेस्ट की बसें दूसरी लाइफ लाइन कही जाती है। हर दिन मुंबई में अकेले मुंबई की बेस्ट बसों में 30 लाख से ज्यादा यात्री यात्रा करते है लेकिन उनकी यात्रा को सुगम नहीं बनाया जा रहा है। बेस्ट बसों की घटती संख्या पर कोई नेता बात नहीं किया। बेस्ट बसों की हालत इन दिनों काफी खराब है। पुरानी बसों की घटती संख्या और नई बसों की खरीददारी में देरी से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को बहुत देर तक बसों का इंतज़ार करना पड़ता है। <a href="https://thecsrjournal.in/low-voter-turnout-maharashtra-elections-2024-celebs-urge-citizens-vote-mumbai/">Mumbai Election</a></h5>
<h2>मुंबई के ज्यादातर सरकारी अस्पताल खुद है बीमार, ये नहीं है चुनाव का मुद्दा</h2>
<h5>मुंबई में कई सरकारी अस्पताल है लेकिन ये सरकारी अस्पताल मरीजों का इलाज करने के बजाय खुद ही बीमार है। दवाईयों की कमी, संसाधनों की कमी, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से इन अस्पतालों ने भीड़ बहुत ज्यादा होती है। अगर एक मरीज इन सरकारी अस्पतालों में चला जाए तो सुबह का शाम हो जाता है वो घर नहीं पहुंचता। कई अस्पताल सालों से बना रहे है लेकिन अभी पूरे नहीं हुए। सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर इन चुनाव में कोई खास चर्चा नहीं हुई।</h5>
<h2>फुटपाथ पर अतिक्रमण, लोगों को होती है परेशानी</h2>
<h5>मुंबई की जनसंख्या लगभग 2 करोड़ है, भारी भीड़भाड़ और दौड़ती भागती जिंदगी में यहां चलना मुश्किल होता है क्योंकि यहां फुटपाथ पर अतिक्रमण होता है। अवैध फेरी वालों और अवैध निर्माण के चलते फुटपाथ पर अतिक्रमण हो चुका है। इन समस्याओं के उपाय के लिए कोई बड़ा रोड मैप किसी पार्टी ने पेश नहीं किया। फुटपाथ पर अतिक्रमण और फेरीवालों को लेकर मुंबई में कई बार राजनीति हुई है लेकिन जब बात इलेक्शन की आयी तो धर्म और जाति के मुद्दे यहां हावी रहे।</h5>
<h2>ओपन स्पेस की मुंबई में है बड़ी समस्या, खेलने के लिए मैदान नहीं</h2>
<h5>मुंबई में ओपन स्पेस की एक बड़ी समस्या है। यहां बच्चों के खेलने के लिए मैदान नहीं बचे है। तमाम प्लांट पर अतिक्रमण के चलते ओपन स्पेस को डेवलप नहीं किया जा सकता है। डेवलपमेंट प्लान में आरक्षण होने के बावजूद कई प्लांट विकसित नहीं हो पा सके। जो ओपन स्पेस विकसित भी किए गए उन पर भी सुविधाओं का अभाव है।</h5>
<h2>स्लम फ्री मुंबई का सपना अधूरा, ये भी चुनाव से नदारद</h2>
<h5>मुंबई को स्लम फ्री बनाने का सपना यहां की सरकार पिछले 27 सालों से देख रही है। जिसके लिए एसआरए अथॉरिटी बना। स्लम फ्री मुंबई को लेकर वादे बहुत किया जाता है। लेकिन यह केवल नारा ही बना हुआ है। आलम ये है कि मुंबई में स्लम घटने की बजाय बढ़ गए हैं। झोपडपट्टी मुक्त मुंबई के लिए भी कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है।</h5>
<h2>ट्रैफिक की समस्या है भारी, मनमाना किराया वसूलते है चालक</h2>
<h5>ऑटो टैक्सी स्टैंड की कमी से मनमाना किराया वसूलते है चालक। तमाम रेलवे स्टेशनों के बाहर से ऑटो टैक्सी पाना हर यात्री के लिए मुश्किल होता जा रहा है। कई जगह पर तो ऑटो वाले मनमाना किराया लेते हैं। इन स्टैंड्स की कभी भी चुनाव में कोई जगह नहीं बना सकी। ट्रैफिक का भी हाल बेहाल होता जा रहा है। बढ़ती गाड़ियों की संख्या के चलते मुंबई में ट्रैफिक का हाल बुरा होता जा रहा है। गाड़ियों की संख्या पर नियंत्रण पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने का भी मुद्दा भी चुनाव में जगह नहीं पाया।</h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mumbai-issue-which-was-important-missing-election-campaign-hindi/">चुनाव प्रचार में नदारद रहा वो मुद्दा जो मुंबई के लिए जरूरी है</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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		<title>सीएसआर से सज्ज इलेक्शन बूथ, उठाये लाभ, कीजिये वोट</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/loksabha-election-facilities-at-voting-booth-with-csr-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Apr 2024 05:30:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[इलेक्शन]]></category>
		<category><![CDATA[इलेक्शन रिपोर्ट कार्ड]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Lok Sabha Election 2024 Voting Updates &#8211; लोकसभा चुनाव 2024 का रण शुरू हो चुका है। शुक्रवार सुबह 7 बजे से पहले चरण का मतदान हो रहा है, जिसमें देश की 102 सीटें दांव पर हैं। जैसे ही सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिए। आम जनता [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/loksabha-election-facilities-at-voting-booth-with-csr-hindi/">सीएसआर से सज्ज इलेक्शन बूथ, उठाये लाभ, कीजिये वोट</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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<div id=":1dc" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" contenteditable="true" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":1fq" aria-controls=":1fq" aria-expanded="false">
<h5><a href="https://thecsrjournal.in/election-report-card-india-worlds-third-largest-economy-bjp-manifesto-achievements-failures-limitations/">Lok Sabha Election</a> 2024 Voting Updates &#8211; लोकसभा चुनाव 2024 का रण शुरू हो चुका है। शुक्रवार सुबह 7 बजे से पहले चरण का मतदान हो रहा है, जिसमें देश की 102 सीटें दांव पर हैं। जैसे ही सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिए। आम जनता में Voting को लेकर जबरदस्त उत्साह है। Election Commission ने भी Voters को Voting Booth पर लाने के लिए बहुत ख़ास तैयारी की है। वोटर्स को इलेक्शन बूथ पर कोई परेशानी ना हो इसके लिए <a href="https://www.eci.gov.in/">ECI</a> ने बूथ पर सुविधाओं का इंतज़ाम किया है। Corporate Social Responsibility यानी CSR की मदद से पोलिंग बूथ पर कई विशेष इंतज़ाम किये गए है।</h5>
<h2>इलेक्शन बूथ पर सीएसआर से मिलती है ये सुविधाएं</h2>
<h5>सीएसआर फंड की मदद से मतदान केंद्रों को ना सिर्फ सजाया गया है बल्कि आम जनता को जो भी सुविधाएं मिल रही है वो भी CSR Fund से ही किया जा रहा है। इलेक्शन कमीशन वोटिंग परसेंटेज बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करती है। अब इस प्रयास में देश की निजी और सरकारी Corporates Companies आगे आयी है। कई ऐसे मामलों में लालफीताशाही की वजह से वोटर्स को जिला निर्वाचन अधिकारी सुविधाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं मुहैया नहीं करा पाते ऐसे में जिला निर्वाचन अधिकारी सुविधाओं के लिए CSR Fund की डिमांड करते है और फ़ौरन ही ये डिमांड पूरी कर सीएसआर की मदद से वोटिंग केंद्र पर टॉयलेट्स, जनरेटर, बुजुर्गों के आने और उन्हें ले जाने के लिए गाडी, पीने का पानी जैसी बेसिक सुविधाएं दी जाती है।</h5>
<h2>सीएसआर से मिले इलेक्शन बूथ पर इन सुविधाओं का लाभ उठायें, वोट जरूर करें</h2>
<h5>Lok Sabha Election 2024 में सीएसआर से मिले इलेक्शन बूथ पर इन सुविधाओं का आप लाभ उठायें और वोट जरूर करें। यदि किसी मतदाता के पास चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो भी वह अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल कर सकता है। अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) नहीं है तो भी इन 12 अन्य पहचान पत्रों की लिस्ट देख लें। जिसका उपयोग कर आप अपना वोट डाल सकते हैं।</h5>
<h2>वोट करने के लिए ये हैं वैकल्पिक ID Card</h2>
<h5>-आधार कार्ड<br />
-मनरेगा जाब कार्ड<br />
-बैंकों,डाकघरों द्वारा जारी किए गए फोटो युक्त पासबुक<br />
-श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड<br />
-ड्राइविंग लाइसेंस<br />
&#8211; पैन कार्ड<br />
&#8211; एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड</h5>
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<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/loksabha-election-facilities-at-voting-booth-with-csr-hindi/">सीएसआर से सज्ज इलेक्शन बूथ, उठाये लाभ, कीजिये वोट</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
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