<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Rahuldeo Sharma, Author at The CSR Journal</title>
	<atom:link href="https://thecsrjournal.in/author/rahuldeo-sharma/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://thecsrjournal.in/author/rahuldeo-sharma</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Tue, 22 Sep 2026 14:42:13 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	

<image>
	<url>https://thecsrjournal.in/wp-content/uploads/2025/03/cropped-thecsrjournal-favicon-32x32.png</url>
	<title>Rahuldeo Sharma, Author at The CSR Journal</title>
	<link>https://thecsrjournal.in/author/rahuldeo-sharma</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Project Rhino: प्रोजेक्ट चीता के बाद भारत में शुरू होगा प्रोजेक्ट राइनो</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/project-rhino-after-project-cheetah-launched-pm-modi-announced-on-world-rhino-day-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:42:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Hope for the Future of Rhinos]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=301301</guid>

					<description><![CDATA[<p>Project Rhino: आज, वर्ल्ड राइनो डे के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नई योजना की घोषणा की है, जिसे &#8216;प्रोजेक्ट राइनो&#8217; नाम दिया गया है। यह योजना एक सींग वाले गैंडों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बनाई गई है। गैंडों का यह प्रोजेक्ट, प्रोजेक्ट चीता की सफलता के बाद शुरू किया जा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/project-rhino-after-project-cheetah-launched-pm-modi-announced-on-world-rhino-day-hindi">Project Rhino: प्रोजेक्ट चीता के बाद भारत में शुरू होगा प्रोजेक्ट राइनो</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>Project Rhino: आज, वर्ल्ड राइनो डे के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नई योजना की घोषणा की है, जिसे &#8216;प्रोजेक्ट राइनो&#8217; नाम दिया गया है। यह योजना एक सींग वाले गैंडों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बनाई गई है। गैंडों का यह प्रोजेक्ट, प्रोजेक्ट चीता की सफलता के बाद शुरू किया जा रहा है।</h5>
<h2>गैंडों की सुरक्षा के लिए स्थायी योजना</h2>
<h5>सरकार का लक्ष्य गैंडों की संख्या में बढ़ोतरी करना और उनके रहने के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट राइनो के तहत, देशभर में ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा जहां गैंडों का संरक्षण और प्रबंधन किया जा सके।</h5>
<h2>प्राकृतिक आवास का संरक्षण</h2>
<h5>इस योजना के अंतर्गत गैंडों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा पर भी जोर दिया जाएगा। गैंडों की संख्या में कमी आने के पीछे मुख्य कारण उनके आवासों का क्षय है। इसके लिए विशेष पहल की जाएगी ताकि गैंडों को उचित स्थान मिल सके और उनका संरक्षण हो सके।</h5>
<h2>जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता</h2>
<h5>इस परियोजना के साथ, सरकार जागरूकता अभियानों का आयोजन भी करेगी। इसके तहत लोगों को गैंडों के महत्व और उनकी सुरक्षा के लिए जागरूक किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि यदि जनसाधारण इस दिशा में योगदान देते हैं, तो हम गैंडों की संख्या में वृद्धि कर सकते हैं।</h5>
<h2>अन्य जानवरों के लिए भी योजनाएँ</h2>
<h5>हालांकि टारगेट गैंडों पर है, लेकिन इसमें अन्य प्रकार के जानवरों के लिए भी पहल की योजनाएँ बनाने की बात की गई है। सरकार का इरादा है कि जंगली जीवन को बचाने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया जाए।</h5>
<h2>Project Rhino: लीडरशिप का महत्व</h2>
<h5>प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर सभी मंत्रालयों और विभागों के समन्वय पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल ठोस योजनाओं और प्रभावी कार्यान्वयन के ज़रिए ही हम अपने वन्य जीवन को सुरक्षित रख पाएंगे।</h5>
<h2>विभिन्न राज्य सरकारों की भूमिका</h2>
<h5>प्रोजेक्ट राइनो के सफल कार्यान्वयन के लिए विभिन्न राज्य सरकारों का सहयोग आवश्यक है। जिन राज्यों में गैंडों की जनसंख्या अधिक है, वहाँ विशेष प्रबंधन योजनाएँ बनाई जाएंगी।</h5>
<h2>अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सहयोग</h2>
<h5>प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी सहयोग का आह्वान किया है। गैंडों के संरक्षण की दिशा में वैश्विक स्तर पर सहयोग की आवश्यकता है, ताकि विश्व भर में गैंडों की विविधता निभाई जा सके।</h5>
<h2>समाज का सहयोग महत्वपूर्ण</h2>
<h5>प्रोजेक्ट राइनो की सफलता के लिए स्थानीय समुदायों का सहयोग भी महत्वपूर्ण होगा। गांवों में रहने वाले लोग इस प्रयास में आगे आकर गैंडों के संरक्षण में मदद कर सकते हैं।</h5>
<h2>गैंडों का संरक्षण: एक महत्वपूर्ण कदम</h2>
<h5>प्रोजेक्ट राइनो केवल एक संरक्षण योजना नहीं है, बल्कि यह एक पहल है जो हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि प्रकृति और मनुष्य के अंतर्संबंध को समझना कितना आवश्यक है। इससे अगले पीढ़ी के लिए एक स्वस्थ और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना संभव होगा।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/project-rhino-after-project-cheetah-launched-pm-modi-announced-on-world-rhino-day-hindi">Project Rhino: प्रोजेक्ट चीता के बाद भारत में शुरू होगा प्रोजेक्ट राइनो</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Maharashtra to get New Ambulance: महाराष्ट्र में जल्द दौड़ेंगी 1756 नई 108 एंबुलेंस, 256 में मिलेगी एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/maharashtra-to-get-new-ambulance-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:28:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra Ambulance]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra to get New Ambulance]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=301277</guid>

					<description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (Maharashtra Emergency Medical Services) को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। महाराष्ट्र शासन की आपातकालीन चिकित्सा सेवा परियोजना के तहत नई 108 एंबुलेंस जल्द ही सरकारी सेवा में शामिल की जाएंगी। इनमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे दुर्घटना या गंभीर बीमारी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-to-get-new-ambulance-hindi">Maharashtra to get New Ambulance: महाराष्ट्र में जल्द दौड़ेंगी 1756 नई 108 एंबुलेंस, 256 में मिलेगी एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id=":1f4" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" contenteditable="true" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":1hl" aria-controls=":1hl" aria-expanded="false">
<h5>महाराष्ट्र में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (Maharashtra Emergency Medical Services) को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। महाराष्ट्र शासन की आपातकालीन चिकित्सा सेवा परियोजना के तहत नई 108 एंबुलेंस जल्द ही सरकारी सेवा में शामिल की जाएंगी। इनमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही जरूरी इलाज मिल सकेगा।</h5>
<h2>Maharashtra to get New Ambulance: 1756 एंबुलेंस होंगी सरकारी सेवा में शामिल</h2>
<h5>महाराष्ट्र सरकार की योजना के तहत कुल 1756 नई एंबुलेंस सरकारी सेवा में शामिल की जाएंगी। इनमें से 256 एंबुलेंस एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा से लैस होंगी, जबकि बाकी 1200 एंबुलेंस सामान्य आपातकालीन सेवा के लिए इस्तेमाल की जाएंगी। इन एंबुलेंस को जल्द से जल्द नागरिकों की सेवा में उतारने की तैयारी की जा रही है। इसी सिलसिले में आज नई एंबुलेंस की जांच और निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जरूरी बदलाव और सुधार के सुझाव भी दिए गए।</h5>
<h2>एंबुलेंस में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं</h2>
<h5>सरकार के मुताबिक ये सभी एंबुलेंस पूरी तरह भारतीय निर्माण वाली हैं। इनमें मरीजों को अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाने के साथ आपात स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इन एंबुलेंस में ईसीजी, ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर, सक्शन पंप और ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। इसके अलावा एंबुलेंस से अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों से सीधे बातचीत करने की सुविधा भी होगी। इससे गंभीर मरीजों की स्थिति की जानकारी अस्पताल के डॉक्टरों तक तुरंत पहुंचाई जा सकेगी और मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही आगे के इलाज की तैयारी की जा सकेगी।</h5>
<h2>पीएम मोदी के जन्मदिन पर सेवा अभियान</h2>
<h5>देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत महाराष्ट्र में भी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार का प्रयास है कि नई एंबुलेंस में से 150 एंबुलेंस जल्द ही नागरिकों की सेवा में शामिल कर दी जाएं। इसी तैयारी को लेकर एंबुलेंस का निरीक्षण किया गया और जरूरी सुधारों के निर्देश दिए गए।</h5>
<h2>स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मजबूती</h2>
<h5>नई 108 एंबुलेंस के सेवा में आने से खासकर दुर्घटना, गंभीर बीमारी और अन्य आपात स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिलने की उम्मीद है। एडवांस लाइफ सपोर्ट वाली एंबुलेंस में गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, परिवार कल्याण आयुक्त एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के संचालक संजय काटकर, उपमुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव नवीन सोना, सुमित फैसिलिटीज के निदेशक सुमित सहित सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नई एंबुलेंस को चरणबद्ध तरीके से सरकारी स्वास्थ्य सेवा में शामिल किए जाने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य आपात स्थिति में मरीजों तक तेज और बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना है।</h5>
<h5><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h5>
<h5><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540&amp;source=gmail&amp;ust=1790142777105000&amp;usg=AOvVaw09TigMJG1_8mSoYLEXkt0Y">https://apps.apple.com/in/ app/newspin/id6746449540</a></em></h5>
<h5><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://play.google.com/store/apps/details?id%3Dcom.inventifweb.newspin%26pcampaignid%3Dweb_share&amp;source=gmail&amp;ust=1790142777105000&amp;usg=AOvVaw1zYdPn6za_j9h32hrqgQkd">https://play.google.com/<wbr />store/ apps/details?id=com. inventifweb.newspin&amp; pcampaignid=web_share</a></em></h5>
</div>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/maharashtra-to-get-new-ambulance-hindi">Maharashtra to get New Ambulance: महाराष्ट्र में जल्द दौड़ेंगी 1756 नई 108 एंबुलेंस, 256 में मिलेगी एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Police Social Media Guidelines: वर्दी में रील बनाई तो होगी कार्रवाई</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/mp-police-social-media-guidelines-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 12:47:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[MP Police]]></category>
		<category><![CDATA[MP Police Social Media Guidelines]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=301116</guid>

					<description><![CDATA[<p>MP Police Social Media Guidelines: मध्यप्रदेश पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर पुलिस मुख्यालय ने नई गाइडलाइन जारी की है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान और ड्यूटी के बाद सोशल मीडिया पर रील, फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप अपलोड करने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। खास तौर पर वर्दी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mp-police-social-media-guidelines-hindi">MP Police Social Media Guidelines: वर्दी में रील बनाई तो होगी कार्रवाई</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>MP Police Social Media Guidelines: मध्यप्रदेश पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर पुलिस मुख्यालय ने नई गाइडलाइन जारी की है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान और ड्यूटी के बाद सोशल मीडिया पर रील, फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप अपलोड करने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। खास तौर पर वर्दी में या अशोभनीय वेशभूषा में बनाए गए कंटेंट को लेकर सख्ती बरतने को कहा गया है।</h5>
<h2>MP Police Social Media Guidelines: वर्दी में रील-वीडियो पर रोक</h2>
<h5>मध्यप्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया गाइडलाइन-2026 में कहा गया है कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान अथवा ड्यूटी के बाद वर्दी में ऐसे रील, फोटो, वीडियो या ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर अपलोड न करें, जो पुलिस की छवि के अनुरूप न हों। गाइडलाइन में अशोभनीय वेशभूषा में बनाए गए कंटेंट को भी अनुचित माना गया है। पुलिसकर्मियों को ऐसे किसी भी कंटेंट को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं।</h5>
<h2>MP Police Social Media Guidelines: पुराना कंटेंट भी हटाना होगा</h2>
<h5>नई गाइडलाइन की खास बात यह है कि सिर्फ आगे से ऐसी सामग्री पोस्ट नहीं करने की बात नहीं कही गई है। पुलिसकर्मियों से सोशल मीडिया पर पहले से मौजूद अनुचित कंटेंट को तत्काल हटाने के लिए भी कहा गया है। यानी अब पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया खातों पर पहले से अपलोड सामग्री भी निगरानी के दायरे में आ सकती है। इसका मकसद पुलिस की वर्दी, पद और विभाग की गरिमा के अनुरूप सोशल मीडिया व्यवहार सुनिश्चित करना है।</h5>
<h2>सोशल मीडिया पर पुलिस की छवि बनी रहेगी मर्यादित</h2>
<h5>सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पुलिसकर्मियों की निजी और सार्वजनिक डिजिटल गतिविधियां भी चर्चा का विषय बनती रही हैं। रील और छोटे वीडियो के बढ़ते चलन के बीच पुलिसकर्मियों का वर्दी में बनाया गया कंटेंट तेजी से लोगों तक पहुंच सकता है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर आचार और मर्यादा से जुड़े निर्देश जारी किए हैं। इसका सीधा असर पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर पड़ेगा।</h5>
<h2>DGP कैलाश मकवाणा का स्पष्ट संदेश</h2>
<h5>डीजीपी कैलाश मकवाणा ने गाइडलाइन के जरिए पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करने का संदेश दिया है। निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि वर्दी पुलिस की पहचान और जिम्मेदारी का प्रतीक है, इसलिए वर्दी से जुड़े किसी भी कंटेंट को सार्वजनिक करने से पहले उसकी मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। मध्यप्रदेश पुलिस की यह गाइडलाइन ऐसे समय में आई है, जब सोशल मीडिया पुलिस और प्रशासन के लिए जनसंपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। पुलिसकर्मी विभागीय उपलब्धियों और जनहित से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत लोकप्रियता के लिए अनुचित कंटेंट पोस्ट करने पर अब विभाग की नजर रहेगी।</h5>
<h2>MP Police Social Media Guidelines: पुलिसकर्मियों के लिए क्या बदलेगा?</h2>
<h5>नई गाइडलाइन के बाद पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करते समय ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। खासकर वर्दी, ड्यूटी और विभाग की पहचान से जुड़े वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर डालने से पहले निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। साफ है कि मध्यप्रदेश पुलिस अब सोशल मीडिया को सिर्फ निजी अभिव्यक्ति का मंच मानने के बजाय पुलिस की छवि और विभागीय अनुशासन से जोड़कर देख रही है। गाइडलाइन का पालन नहीं करने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की स्थिति भी बन सकती है।</h5>
<h5><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h5>
<h5><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540&amp;source=gmail&amp;ust=1790142777105000&amp;usg=AOvVaw09TigMJG1_8mSoYLEXkt0Y">https://apps.apple.com/in/ app/newspin/id6746449540</a></em></h5>
<h5><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://play.google.com/store/apps/details?id%3Dcom.inventifweb.newspin%26pcampaignid%3Dweb_share&amp;source=gmail&amp;ust=1790142777105000&amp;usg=AOvVaw1zYdPn6za_j9h32hrqgQkd">https://play.google.com/<wbr />store/ apps/details?id=com. inventifweb.newspin&amp; pcampaignid=web_share</a></em></h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mp-police-social-media-guidelines-hindi">MP Police Social Media Guidelines: वर्दी में रील बनाई तो होगी कार्रवाई</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>BIS के बिना नहीं बिकेगा Mobile Tempered Glass, 1 अप्रैल 2027 से Screen Guard पर नया नियम</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/bis-mobile-tempered-glass-screen-guard-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 12:30:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Mobile Tempered Glass]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=301083</guid>

					<description><![CDATA[<p>अगर आप स्मार्टफोन के लिए सस्ता स्क्रीन गार्ड या टेम्पर्ड ग्लास खरीदते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। सरकार ने मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता को लेकर नए अनिवार्य मानक तय किए हैं। अब बिना BIS रजिस्ट्रेशन वाले मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी है। नए नियम देशभर में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/bis-mobile-tempered-glass-screen-guard-hindi">BIS के बिना नहीं बिकेगा Mobile Tempered Glass, 1 अप्रैल 2027 से Screen Guard पर नया नियम</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>अगर आप स्मार्टफोन के लिए सस्ता स्क्रीन गार्ड या टेम्पर्ड ग्लास खरीदते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। सरकार ने मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता को लेकर नए अनिवार्य मानक तय किए हैं। अब बिना BIS रजिस्ट्रेशन वाले मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी है। नए नियम देशभर में 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।</h5>
<h2>Mobile Tempered Glass के लिए तय हुआ नया मानक</h2>
<h5>सरकार ने स्मार्टफोन के ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए IS 19348:2025 (Glass Screen Protector — Specification) को नया गुणवत्ता मानक बनाया है। इसके तहत बाजार में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच तय मानकों के आधार पर की जाएगी। यह कदम मोबाइल फोन के साथ इस्तेमाल होने वाले स्क्रीन गार्ड और टेम्पर्ड ग्लास की गुणवत्ता में एकरूपता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।</h5>
<h2>BIS रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी</h2>
<h5>नए नियमों के तहत मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनिवार्य गुणवत्ता ढांचे के तहत लाया गया है। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सामान के अनिवार्य पंजीकरण से जुड़े 2021 के आदेश में संशोधन किया गया है। सरकार द्वारा तय समयसीमा के मुताबिक नए प्रावधान 1 अप्रैल 2027 से पूरे देश में प्रभावी होंगे। इसके बाद निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर कार्रवाई की जा सकेगी।</h5>
<h2>टेम्पर्ड ग्लास में इन चीजों की होगी जांच</h2>
<h5>नए मानक में स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता जांच के लिए कई महत्वपूर्ण मापदंड तय किए गए हैं। इनमें ग्लास की मजबूती, मोटाई और निर्धारित आयाम शामिल हैं। इसके अलावा स्क्रीन प्रोटेक्टर में इस्तेमाल होने वाली एंटी-शटर फिल्म और ओलेओफोबिक कोटिंग जैसे फीचर्स की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाएगा। ओलेओफोबिक कोटिंग का इस्तेमाल स्क्रीन पर उंगलियों के निशान और तेल को कम करने के लिए किया जाता है।</h5>
<h2>ग्राहकों को क्या फायदा होगा?</h2>
<h5>बाजार में अलग-अलग कीमत और गुणवत्ता वाले स्क्रीन गार्ड उपलब्ध हैं। नए मानकों के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पाद मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि 1 अप्रैल 2027 के बाद मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदते समय ग्राहक BIS मानक और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी पर भी ध्यान दे सकेंगे। इससे घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।</h5>
<h2>कंपनियों और विक्रेताओं के लिए भी अहम बदलाव</h2>
<h5>नए नियमों का असर स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों, आयातकों और बाजार में इसकी बिक्री करने वाले कारोबारियों पर भी पड़ेगा। उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने और लागू BIS आवश्यकताओं का पालन करना होगा। यानी आने वाले समय में स्मार्टफोन का छोटा-सा टेम्पर्ड ग्लास भी तय गुणवत्ता मानकों के दायरे में होगा। नए नियम लागू होने के बाद बिना जरूरी अनुपालन वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर रोक प्रभावी हो जाएगी।</h5>
<h5><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h5>
<h5><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540&amp;source=gmail&amp;ust=1790142777105000&amp;usg=AOvVaw09TigMJG1_8mSoYLEXkt0Y">https://apps.apple.com/in/ app/newspin/id6746449540</a></em></h5>
<h5><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://play.google.com/store/apps/details?id%3Dcom.inventifweb.newspin%26pcampaignid%3Dweb_share&amp;source=gmail&amp;ust=1790142777105000&amp;usg=AOvVaw1zYdPn6za_j9h32hrqgQkd">https://play.google.com/<wbr />store/ apps/details?id=com. inventifweb.newspin&amp; pcampaignid=web_share</a></em></h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/bis-mobile-tempered-glass-screen-guard-hindi">BIS के बिना नहीं बिकेगा Mobile Tempered Glass, 1 अप्रैल 2027 से Screen Guard पर नया नियम</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Electricity Surplus: 32 हजार मेगावॉट हुई उत्पादन क्षमता; CM Mohan Yadav बोले- अब हम अपने रिकॉर्ड खुद तोड़ रहे</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/mp-electricity-surplus-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 12:19:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Header News]]></category>
		<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[CM Mohan Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[MP Electricity Surplus]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=301071</guid>

					<description><![CDATA[<p>MP Electricity Surplus: मध्यप्रदेश अब बिजली की कमी वाले राज्य से बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश ने पावर कट का लंबा दौर देखा है, लेकिन आज राज्य नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की कुल बिजली उत्पादन [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mp-electricity-surplus-hindi">MP Electricity Surplus: 32 हजार मेगावॉट हुई उत्पादन क्षमता; CM Mohan Yadav बोले- अब हम अपने रिकॉर्ड खुद तोड़ रहे</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>MP Electricity Surplus: मध्यप्रदेश अब बिजली की कमी वाले राज्य से बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश ने पावर कट का लंबा दौर देखा है, लेकिन आज राज्य नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 32 हजार मेगावॉट हो गई है, जिसमें करीब 30 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन एनर्जी का है।</h5>
<h2>MP Electricity Surplus: भोपाल में ऊर्जा क्षेत्र पर हुआ मंथन</h2>
<h5>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को भोपाल में ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित &#8216;नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण की किफायती विद्युत खरीद&#8217; कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और एसोसिएशन की पुस्तक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए सरकार उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ बिजली के संधारण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी काम कर रही है।</h5>
<h2>MP Electricity Surplus: 5 हजार से 32 हजार मेगावॉट हुई क्षमता</h2>
<h5>डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के गठन से लेकर वर्ष 2002-03 तक प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 5 हजार मेगावॉट थी। आज यह बढ़कर 32 हजार मेगावॉट हो चुकी है। इसमें लगभग 30 प्रतिशत योगदान नवीकरणीय ऊर्जा का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब विंड, सोलर और पंप स्टोरेज जैसी तकनीकों के जरिए बिजली उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना था कि प्रदेश में पानी से ही नहीं, बल्कि पानी के ऊपर भी बिजली उत्पादन की दिशा में काम हो रहा है।</h5>
<h2>नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावॉट का बड़ा प्रोजेक्ट</h2>
<h5>मुख्यमंत्री ने नीमच-मंदसौर में स्थापित किए जा रहे 2000 मेगावॉट क्षमता के ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी परियोजनाओं को आमतौर पर पूरा होने में चार से छह साल लगते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में इसे करीब दो से ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आ रही चुनौतियों के समाधान के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है और इस तरह की कार्यशालाएं बिजली कंपनियों के लिए उपयोगी साबित होंगी।</h5>
<h2>2.70 रुपये यूनिट में मिलेगी सस्ती बिजली</h2>
<h5>मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के मुरैना में स्थापित सोलर इलेक्ट्रिसिटी स्टोरेज परियोजना से 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग योजनाओं को तेज गति से लागू कर प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जुटा है। वहीं, प्रदेश में अब तक करीब 42 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य चौबीसों घंटे अक्षय ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ना है।</h5>
<h2>बिजली कंपनियों को घाटा कम करने की सलाह</h2>
<h5>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों से अपना घाटा कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग के साथ उत्पादन और वितरण व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है। वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि कार्यशाला में बिजली वितरण कंपनियों को अधिक सक्षम और मजबूत बनाने के लिए उपयोगी निष्कर्ष सामने आएंगे। मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा का बढ़ता हिस्सा अब राज्य की ऊर्जा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में सामने आ रहा है। सरकार का जोर उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ सस्ती और लगातार बिजली उपलब्ध कराने पर है।</h5>
<h5><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h5>
<h5><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540&amp;source=gmail&amp;ust=1790142777105000&amp;usg=AOvVaw09TigMJG1_8mSoYLEXkt0Y">https://apps.apple.com/in/ app/newspin/id6746449540</a></em></h5>
<h5><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share" target="_blank" rel="noopener" data-saferedirecturl="https://www.google.com/url?q=https://play.google.com/store/apps/details?id%3Dcom.inventifweb.newspin%26pcampaignid%3Dweb_share&amp;source=gmail&amp;ust=1790142777105000&amp;usg=AOvVaw1zYdPn6za_j9h32hrqgQkd">https://play.google.com/<wbr />store/ apps/details?id=com. inventifweb.newspin&amp; pcampaignid=web_share</a></em></h5>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/mp-electricity-surplus-hindi">MP Electricity Surplus: 32 हजार मेगावॉट हुई उत्पादन क्षमता; CM Mohan Yadav बोले- अब हम अपने रिकॉर्ड खुद तोड़ रहे</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अभिषेक शर्मा ने टी20 क्रिकेट में एक साल में 10 बार डक होने का रिकॉर्ड बनाया</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/unwanted-cricket-records-5-batsman-most-ducks-in-t20-calendar-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 11:30:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Cricket]]></category>
		<category><![CDATA[क्रिकेट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=301021</guid>

					<description><![CDATA[<p>क्रिकेट के मैदान पर जब भी हम किसी धमाकेदार बल्लेबाज की बात करते हैं, तो उनके चौके-छक्कों की धूम सुनाई देती है। लेकिन क्रिकेट के इस खेल में कभी-कभी ऐसे रिकॉर्ड बनते हैं, जो किसी के लिए गर्व का विषय नहीं होते। ऐसा ही एक अनचाहा रिकॉर्ड अब भारत के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/unwanted-cricket-records-5-batsman-most-ducks-in-t20-calendar-hindi">अभिषेक शर्मा ने टी20 क्रिकेट में एक साल में 10 बार डक होने का रिकॉर्ड बनाया</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>क्रिकेट के मैदान पर जब भी हम किसी धमाकेदार बल्लेबाज की बात करते हैं, तो उनके चौके-छक्कों की धूम सुनाई देती है। लेकिन क्रिकेट के इस खेल में कभी-कभी ऐसे रिकॉर्ड बनते हैं, जो किसी के लिए गर्व का विषय नहीं होते। ऐसा ही एक अनचाहा रिकॉर्ड अब भारत के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज हो गया है।</h5>
<h2>एक अनइंटेंटेड आउटिंग</h2>
<h5>अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) की उम्मीदें सभी की नजरों पर थीं जब वे जापान के खिलाफ खेलने उतरे। हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार शतक लगाने के बाद फैंस को उनसे एक और जोरदार पारी की उम्मीद थी। लेकिन क्रिकेट की अनिश्चितता ने उन्हें पहले ही ओवर में गोल्डन डक पर आउट कर दिया।</h5>
<h2>10वें डक का दर्द</h2>
<h5>जापान के खिलाफ आउट होते ही अभिषेक ने टी20 इतिहास में एक नया कीर्तिमान बनाया। 2026 में इस युवा बल्लेबाज का यह 10वां डक (शून्य) बन गया। इससे वह एक कैलेंडर वर्ष में टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं।</h5>
<h2>राशिद खान का टूटा 7 साल पुराना रिकॉर्ड</h2>
<h5>क्रिकेट के इतिहास में पहले कोई भी खिलाड़ी एक साल के भीतर 10 बार डक पर आउट नहीं हुआ था। अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के राशिद खान का 7 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राशिद खान ने 2019 में 9 बार बिना खाता खोले आउट होकर यह कीर्तिमान स्थापित किया था।</h5>
<h2>अधिकांश डक के साथ टॉप पर</h2>
<h5>2026 में अभिषेक का नाम टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाजों की सूची में पहले स्थान पर है। उन्होंने 42 मैच खेलकर 1306 रन बनाए और 10 बार शून्य पर लौटे। इसके बाद राशिद खान और शादाब खान का नाम आता है, जिन्होंने अपने-अपने वर्षों में 9-9 बार डक का सामना किया है।</h5>
<h2>दिग्गजों का भी नाम</h2>
<h5>इस सूची में कुछ दिग्गज खिलाड़ियों का भी नाम है, जैसे कि दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स और वेस्टइंडीज के सुनील नरेन, जिन्होंने अपने-अपने वर्षों में 8-8 बार शून्य पर आउट होने का सामना किया। राशिद खान इस सूची में कई बार नजर आते हैं, which shows their struggle in maintaining consistency.</h5>
<h2>अंतरराष्ट्रीय टी20 में भी परेशानी</h2>
<h5>अंतरराष्ट्रीय टी20 (T20I) में भी अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। 2026 में उन्होंने भारत के लिए 27 मैच खेले और इनमें 7 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। अभिषेक शर्मा अकेले इस अनचाहे रिकॉर्ड के धारक नहीं हैं। उन्होंने रवांडा के दो खिलाड़ियों और पाकिस्तान के सैम अय्यूब के साथ इस रिकॉर्ड को साझा किया है, जिन्होंने अपने देशों के लिए खेलते हुए एक कैलेंडर वर्ष में 7 बार शून्य का सामना किया है।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/unwanted-cricket-records-5-batsman-most-ducks-in-t20-calendar-hindi">अभिषेक शर्मा ने टी20 क्रिकेट में एक साल में 10 बार डक होने का रिकॉर्ड बनाया</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिना सीमेंट-लोहे के टिके हैं पुल : कैसे मॉडर्न इंजीनियरिंग को मात दे रहे मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज?</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/no-cement-no-steel-bars-bridges-made-from-roots-story-of-meghalaya-centuries-old-living-engineering-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 11:09:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[meghalaya]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=301014</guid>

					<description><![CDATA[<p>मेघालय की पहाड़ियों में रबर फिग के पेड़ों की जड़ों से बने ‘लिविंग रूट ब्रिज’ आज भी इंसान और प्रकृति के अद्भुत संबंध को दर्शाते हैं. यह तकनीक भले ही आधुनिक निर्माण के मानकों से मेल न खाती हो, लेकिन इसमें प्रकृति के साथ सामंजस्य की एक खास समझ झलकती है, जो पर्यावरणीय संरक्षण के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/no-cement-no-steel-bars-bridges-made-from-roots-story-of-meghalaya-centuries-old-living-engineering-hindi">बिना सीमेंट-लोहे के टिके हैं पुल : कैसे मॉडर्न इंजीनियरिंग को मात दे रहे मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज?</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>मेघालय की पहाड़ियों में रबर फिग के पेड़ों की जड़ों से बने ‘लिविंग रूट ब्रिज’ आज भी इंसान और प्रकृति के अद्भुत संबंध को दर्शाते हैं. यह तकनीक भले ही आधुनिक निर्माण के मानकों से मेल न खाती हो, लेकिन इसमें प्रकृति के साथ सामंजस्य की एक खास समझ झलकती है, जो पर्यावरणीय संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. इसी अनोखी परंपरा और स्थानीय ज्ञान को समझने के लिए उत्तर प्रदेश का मीडिया प्रतिनिधिमंडल यहां आया है.</h5>
<h2>एक अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत</h2>
<h5>‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी खासी हिल्स के सीज गांव में पर्यावरणविद् हैली वार से संवाद किया. हैली वार ने बताया कि मेघालय के खासी समुदाय के लिए यह जीवित जड़ पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि प्रकृति को समझने और उसकी रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है. स्थानीय लोग रबर फिग की जड़ों को विशेष दिशा में बढ़ाते हैं, उन्हें सहारा देते हैं और देखभाल करते हैं.</h5>
<h2>धैर्य और समर्पण का परिणाम</h2>
<h5>वर्षों के इस प्रयास के बाद जड़ें एक मजबूत पुल का रूप ले लेती हैं. लिविंग रूट ब्रिज की खासियत यह है कि इसकी जीवंत संरचना मौसम और समय के प्रभाव से नहीं बिगड़ती, बल्कि जड़ें लगातार बढ़ती रहती हैं. पुलों की देखभाल और मरम्मत की प्रक्रिया भी इसी प्राकृतिक व्यवस्था के अनुसार होती है. यही वजह है कि एक पुल को तैयार करने में कई वर्षों का समय लग सकता है, कभी-कभी यह प्रक्रिया दशकों तक चलती है.</h5>
<h2>पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण</h2>
<h5>हैली वार ने यह भी बताया कि इस जीवित जड़ पुलों की परंपरा खासी समुदाय के पारंपरिक ज्ञान का अहम हिस्सा है. क्षेत्रीय भौगोलिक परिस्थितियों और भारी बारिश ने इस तकनीक को विकसित करने में मदद की है. यहां प्रकृति को हटाने के बजाय उसके साथ मिलकर काम किया गया है, जिससे ‘जिंगकिएंग जरी’ एक अद्वितीय वास्तुकला बन गई है.</h5>
<h2>समुदाय का योगदान</h2>
<h5>पूर्वी खासी हिल्स के सीज गांव के निवासियों का जड़ पुलों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान है. इन्हीं प्रयासों के लिए हैली वार को 2026 में पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया. उनका काम न केवल समाज के लिए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय है.</h5>
<h2>पर्यटन से अधिक महत्व</h2>
<h5>चेरापूंजी, नोंग्रियात और खासी पहाड़ियों में स्थित जीवित जड़ पुल अब देश-विदेश के पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं. हालांकि, इनका महत्व केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है. ये पुल स्थानीय समुदायों के मेहनत, पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति के साथ उनके संबंध को दर्शाते हैं.</h5>
<h2>विकास और प्रकृति का सामंजस्य</h2>
<h5>हैली वार से संवाद में यह महत्वपूर्ण संदेश सामने आया कि विकास को हमेशा प्रकृति के साथ आमने-सामने खड़ा करने की जरूरत नहीं है. मेघालय के ये जीवित जड़ पुल इसी सोच का एक जीता जागता उदाहरण हैं. ये पुल न केवल एक किनारे को दूसरे से जोड़ते हैं, बल्कि इंसान, प्रकृति, परंपरा और आधुनिकता को भी जोड़ने का कार्य करते हैं.</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/no-cement-no-steel-bars-bridges-made-from-roots-story-of-meghalaya-centuries-old-living-engineering-hindi">बिना सीमेंट-लोहे के टिके हैं पुल : कैसे मॉडर्न इंजीनियरिंग को मात दे रहे मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज?</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या 5 ओवर के क्रिकेट मुकाबले को अंतरराष्ट्रीय मैच माना जाता है? भारत Vs जापान T20 में ICC के नियम क्या?</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/is-5-over-cricket-match-considered-international-match-know-icc-rules-india-vs-japan-match</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 10:52:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Cricket]]></category>
		<category><![CDATA[क्रिकेट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=300988</guid>

					<description><![CDATA[<p>भारत और जापान के बीच खेला गया T20 क्रिकेट मैच टेलीविजन स्क्रीन पर अचानक चर्चाओं का विषय बन गया। खासकर तब जब सिर्फ पांच ओवर का मुकाबला देखने को मिला। भारतीय टीम, जो कि हमेशा से मजबूत मानी जाती है, ने जापान जैसी नई टीम के खिलाफ वापसी करते हुए अपने विकेट उतनी आसानी से [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/is-5-over-cricket-match-considered-international-match-know-icc-rules-india-vs-japan-match">क्या 5 ओवर के क्रिकेट मुकाबले को अंतरराष्ट्रीय मैच माना जाता है? भारत Vs जापान T20 में ICC के नियम क्या?</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>भारत और जापान के बीच खेला गया T20 क्रिकेट मैच टेलीविजन स्क्रीन पर अचानक चर्चाओं का विषय बन गया। खासकर तब जब सिर्फ पांच ओवर का मुकाबला देखने को मिला। भारतीय टीम, जो कि हमेशा से मजबूत मानी जाती है, ने जापान जैसी नई टीम के खिलाफ वापसी करते हुए अपने विकेट उतनी आसानी से गंवा दिए, जिससे दर्शक दंग रह गए। रोमांच इस हद तक बढ़ गया कि मैच का फैसला अंतिम बॉल पर आया। भारत ने केवल 2 रनों से जीत हासिल की। इस मैच ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया: क्या 5-5 ओवर का मैच आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैच माना जाता है? इसके नियम क्या हैं?</h5>
<h2>क्या 5 ओवर का मैच अंतरराष्ट्रीय है?</h2>
<h5>इसका सीधा जवाब है हां। 5 ओवर के क्रिकेट मैच को ऑफिसियली अंतरराष्ट्रीय मैच माना जाता है, खासकर T-20 इंटरनेशनल के तहत। यह तभी संभव है जब मुकाबला इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के सदस्य देशों के बीच खेला जाए। आधिकारिक मैच के लिए जरूरी है कि दोनों पारियों में कम से कम 5 ओवर फेंके जाएं। भारत और जापान दोनों ही ICC के सदस्य हैं।</h5>
<h2>मैच को अंतरराष्ट्रीय स्टेटस मिलने के नियम</h2>
<h5>ICC के T20 प्लेइंग कंडीशंस के अनुसार, ग्रुप मैच और सामान्य सीमित ओवरों के मुकाबलों में एक आधिकारिक और फुल मैच घोषित होने के लिए दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम के खिलाफ कम से कम 5 ओवर फेंके जाने आवश्यक हैं। दोनों टीमों को हर पारी में कम से कम 5 ओवर मिलने चाहिए। हालांकि कुछ अपवाद हो सकते हैं, जैसे बारिश या अन्य बाधाओं की वजह से मैच छोटा हो जाता है, तो ऐसे मैच को &#8216;No Result&#8217; यानी कोई नतीजा नहीं घोषित किया जाता है।</h5>
<h2>टूर्नामेंट के नियम</h2>
<h5>अगर टूर्नामेंट की बात करें तो ध्यान देने वाली बात है कि प्रमुख ICC टूर्नामेंटों में नॉकआउट मैच जैसे सेमीफाइनल या फाइनल के लिए, 5 ओवर की जगह, दोनों पारियों में कम से कम 10 ओवर होने चाहिए।</h5>
<h2>5 ओवर के अंतरराष्ट्रीय मैचों के सामान्य नियम</h2>
<h5>बॉलर्स की सीमा: 5 ओवर की पारी में कोई भी गेंदबाज कुल ओवरों के एक-पांचवें हिस्से से ज्यादा गेंदबाजी नहीं कर सकता है। इसका मतलब यह है कि हर गेंदबाज अधिकतम 1 ओवर ही फेंक सकता है। हालांकि, अगर कोई बदलाव या कंडीशन बनती है, तो प्रपोर्शनल नियम लागू होते हैं।</h5>
<h5>पावरप्ले के नियम: फील्डिंग पाबंदियों की संख्या, जैसे 30-यार्ड के घेरे के बाहर खड़े होने वाले फील्डर्स की संख्या, ओवरों की कुल संख्या के आधार पर प्रपोर्शन के तौर पर कम की जाती है।</h5>
<h5>DLS नियम: यदि दूसरी पारी के दौरान बारिश या किसी अन्य वजह से खेल बाधित होता है और मैच छोटा करना पड़ता है, तो संशोधित टार्गेट तय करने के लिए डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम का इस्तेमाल किया जाता है।</h5>
<h2>ये नियम कब से लागू हुए?</h2>
<h5>टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में बारिश या अन्य कारणों से मैच छोटा होने पर मिनिमम 5 ओवर का नियम 2005 से लागू है। तब से इसे ICC ने आधिकारिक मानक बना दिया है। शुरूआती दौर में कई टी20 मैचों में न्यूनतम ओवरों की संख्या के लिए अलग-अलग घरेलू नियम चलाए जाते थे, लेकिन अब यह स्पष्ट है कि आधिकारिक नतीजा निकलने के लिए दूसरी पारी में कम से कम 5 ओवर फेंके जाने जरूरी हैं।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/is-5-over-cricket-match-considered-international-match-know-icc-rules-india-vs-japan-match">क्या 5 ओवर के क्रिकेट मुकाबले को अंतरराष्ट्रीय मैच माना जाता है? भारत Vs जापान T20 में ICC के नियम क्या?</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिलजीत दोसांझ ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, 90,000 लोगों से भरा वेम्बली स्टेडियम</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/bollywood-diljit-dosanjh-world-tour-2026-marks-record-wembley-stadium-90000-people-houseful-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 10:02:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[World]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Diljit Dosanjh]]></category>
		<category><![CDATA[दिलजीत दोसांझ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=300919</guid>

					<description><![CDATA[<p>धुरंधर कलाकार दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में अपने शो के जरिए एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने महज 48 घंटे में लंदन के वेम्बली स्टेडियम की टिकटें बेचकर रिकॉर्ड बना दिया। यह वही स्टेडियम है जहां पहले भी कई बड़े कलाकारों ने परफॉर्म किया है, लेकिन दिलजीत का यह कारनामा इसे खास बनाता [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/bollywood-diljit-dosanjh-world-tour-2026-marks-record-wembley-stadium-90000-people-houseful-hindi">दिलजीत दोसांझ ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, 90,000 लोगों से भरा वेम्बली स्टेडियम</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>धुरंधर कलाकार दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में अपने शो के जरिए एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने महज 48 घंटे में लंदन के वेम्बली स्टेडियम की टिकटें बेचकर रिकॉर्ड बना दिया। यह वही स्टेडियम है जहां पहले भी कई बड़े कलाकारों ने परफॉर्म किया है, लेकिन दिलजीत का यह कारनामा इसे खास बनाता है। 90,000 लोग उनके संगीत पर झूमते नजर आए।</h5>
<h2>बॉक्स ऑफिस से ज्यादा महत्वपूर्ण</h2>
<h5>जब बड़ी फिल्मों की ओपनिंग की बात आती है, तो अक्सर हम केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर ध्यान देते हैं। लेकिन एक सिंगर के लिए ऐसे बड़े आंकड़े हासिल करना कितना महत्वपूर्ण है, यह अक्सर अनदेखा रह जाता है। दिलजीत ने यह साबित कर दिया कि कला की भी अपनी एक पहचान होती है। उनके शो द्वारा करोड़ों की स्पंडिंग से ज्यादा, यह कला और संस्कृति का एक महोत्सव था।</h5>
<h2>दर्शकों की भरी तादाद</h2>
<h5>दिलजीत दोसांझ का वेम्बली शो पूरी तरह से हाउसफुल रहा। 90,000 की क्षमता वाला यह स्टेडियम दर्शकों से भरा हुआ था, जो पंजाबी संगीत के प्रति अपने प्रेम को दर्शा रहा था। रणवीर अल्लाहबादिया ने बताया कि यह दिलजीत के लिए एक महत्त्वपूर्ण माइलस्टोन है, क्योंकि उन्होंने पहली बार किसी पंजाबी आर्टिस्ट के रूप में इस बड़े मंच पर परफॉर्म किया।</h5>
<h2>भव्यता जिसके सब दीवाने</h2>
<h5>जब कोई बड़ी फिल्म 100 करोड़ की कमाई करती है, तो उसका शोर मचता है। परंतु दिलजीत का यह शो केवल एक शो नहीं था, बल्कि एक ऐतिहासिक पल था। दर्शकों ने एक साथ पंजाबी गाने गाए और इस प्रकार इस संगीत महोत्सव को सफल बनाया।</h5>
<h2>दिलजीत की प्रतिक्रिया</h2>
<h5>दिलजीत ने अपनी इस सफलता का जश्न मनाते हुए कहा कि यह उनके लिए एक बहुत बड़ा पल है। उन्होंने कहा, &#8220;मैं अभी भी शब्दों में नहीं बयां कर पा रहा हूं कि मैं कैसे महसूस कर रहा हूं। यह सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक मौका है। मैं सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं।&#8221; यह वास्तव में उनके करियर का एक महत्वपूर्ण क्षण है।</h5>
<h2>पंजाबी संगीत का जलवा</h2>
<h5>दिलजीत दोसांझ का यह शो &#8216;ऑरा वर्ल्ड टूर&#8217; के तहत हुआ था। उन्होंने अपने संगीत द्वारा केवल भारतीयों को ही नहीं, बल्कि सभी संगीत प्रेमियों को एकजुट किया। ऐसा लग रहा था जैसे हर कोई एक ही लय में थिरक रहा है, और इसी के साथ दिलजीत ने दिखा दिया कि भारतीय कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिलनी चाहिए।</h5>
<h2>इसे लेकर चर्चा जारी</h2>
<h5>दिलजीत के इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल उनके फैंस को खुश किया है, बल्कि यह चर्चा का विषय भी बना हुआ है। साथ ही, यह साबित करता है कि जब कला की बात आती है, तो भारतीय कलाकार भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी से कम नहीं हैं। आज दिलजीत ने जो किया, वो हमें एक नई सोच के साथ जोड़ता है और यह बौक्स ऑफिस की दुनिया से पार है।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/bollywood-diljit-dosanjh-world-tour-2026-marks-record-wembley-stadium-90000-people-houseful-hindi">दिलजीत दोसांझ ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, 90,000 लोगों से भरा वेम्बली स्टेडियम</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तरंग शक्ति-2026: भारत में जुटेंगे दुनिया के कई देशों के फाइटर जेट, चीन से लेकर पाकिस्तान तक में हड़कंप</title>
		<link>https://thecsrjournal.in/defence-air-force-tarang-shakti-2026-rafale-f35-eurofighter-defence-exercise-hindi</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rahuldeo Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 09:51:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National News]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दी मंच]]></category>
		<category><![CDATA[Defence]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://thecsrjournal.in/?p=300882</guid>

					<description><![CDATA[<p>भारतीय वायुसेना का प्रमुख बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ एक बार फिर से दुनिया की वायुसेनाओं को एकजुट करने के लिए तैयार है। यह अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन में होगा। इस दौरान भारत के साथ कई देशों की वायुसेनाएं शामिल होंगी और युद्धाभ्यास के जरिए अपनी परिचालन [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/defence-air-force-tarang-shakti-2026-rafale-f35-eurofighter-defence-exercise-hindi">तरंग शक्ति-2026: भारत में जुटेंगे दुनिया के कई देशों के फाइटर जेट, चीन से लेकर पाकिस्तान तक में हड़कंप</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>भारतीय वायुसेना का प्रमुख बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ एक बार फिर से दुनिया की वायुसेनाओं को एकजुट करने के लिए तैयार है। यह अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन में होगा। इस दौरान भारत के साथ कई देशों की वायुसेनाएं शामिल होंगी और युद्धाभ्यास के जरिए अपनी परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी।</h5>
<h2>अभ्यास की व्यापक तैयारी</h2>
<h5>भारतीय वायुसेना ने ‘तरंग शक्ति-2026’ के आयोजन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की हैं। इस अभ्यास में यूरोप, एशिया और अन्य देशों की वायुसेनाएं एकत्रित होंगी। विभिन्न देशों के फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर जटिल हवाई अभियानों का अनुभव साझा करेंगे। यह अभ्यास विभिन्न देशों के मध्य परिचालन सहयोग और आपसी समन्वय को बढ़ावा देगा।</h5>
<h2>संयुक्त प्रशिक्षण का महत्व</h2>
<h5>इस अभ्यास का उद्देश्य वायुसेनाओं के बीच सामरिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। अभ्यास में शामिल वायुसेनाएं एक-दूसरे के अनुभवों को समझने का अवसर प्राप्त करेंगी। संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान हवाई अभियानों को अलग-अलग परिस्थितियों में अंजाम देने की क्षमता की परीक्षा होगी। एक विशेष आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस 10 अक्टूबर को आयोजित होगा, जहां मीडिया को वायुसेना की गतिविधियों को करीब से देखने का मौका मिलेगा।</h5>
<h2>सुरक्षा में तत्परता</h2>
<h5>28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक चलने वाला ‘तरंग शक्ति-2026’ न केवल वायुसेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि आपात स्थिति में तत्परता का भी प्रदर्शन करेगा। हाल ही में माउंट आबू वायुसेना स्टेशन पर एक बड़ी आग से खतरा टल गया। वायुसेना की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, जिससे बड़ी क्षति से बचा जा सका।</h5>
<h2>संकट में साहस का परिचय</h2>
<h5>वायुसेना की एयर कमांड के अनुसार, आग से पहले एक गैस सिलेंडर फट चुका था। इसके बावजूद, अन्य गैस सिलेंडरों के होने से स्थिति गंभीर बनी हुई थी। वायुसेना के जवानों ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने के साथ ही अन्य गैस सिलेंडरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस अद्वितीय सांद्रता से एक बड़ा हादसा टल गया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखा गया।</h5>
<h2>अभ्यास की तैयारियां पूरी</h2>
<h5>‘तरंग शक्ति-2026’ अभ्यास दुनिया की वायुसेनाओं को एकजुट करने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा। इस दौरान भारतीय वायुसेना के साथ कई देशों की क्षमताओं का मिलान और साझा किए गए अनुभवों का लाभ लिया जाएगा। यह अभ्यास भविष्य में अधिक प्रभावी आपात प्रतिक्रियाओं की तैयारी में योगदान देगा।</h5>
<h4><em>Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!</em></h4>
<h4><em>App Store –  <a href="https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540">https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540</a> </em></h4>
<h4><em>Google Play Store – <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&amp;pcampaignid=web_share</a></em></h4>
<p>The post <a href="https://thecsrjournal.in/defence-air-force-tarang-shakti-2026-rafale-f35-eurofighter-defence-exercise-hindi">तरंग शक्ति-2026: भारत में जुटेंगे दुनिया के कई देशों के फाइटर जेट, चीन से लेकर पाकिस्तान तक में हड़कंप</a> appeared first on <a href="https://thecsrjournal.in">The CSR Journal</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
